अजमेर (राजस्थान): केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को अजमेर शरीफ दरगाह पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भेजी गई चादर चढ़ाई। इस अवसर पर रिजिजू ने दरगाह पर आने को अपने लिए “सौभाग्य” बताया और प्रधानमंत्री मोदी का भाईचारे का संदेश दिया।
“हमारे लिए यह सौभाग्य की बात है”
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “हम अजमेर शरीफ दरगाह पर आए और यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है। आज हम प्रधानमंत्री मोदी की ओर से भेजी गई चादर लेकर आए हैं। प्रधानमंत्री का संदेश है कि हम सभी को भाईचारे की भावना से काम करना चाहिए ताकि समाज, देश और दुनिया में शांति कायम हो। हम यहां दुआ के लिए आए हैं।”
रिजिजू ने निजामुद्दीन औलिया दरगाह पर भी मांगी दुआ
इससे पहले शुक्रवार को, रिजिजू ने दिल्ली के निजामुद्दीन औलिया दरगाह पर जाकर भी दुआ मांगी। उनके साथ भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी भी थे। वहीं, उन्होंने कहा कि वे पीएम मोदी के संदेश – भाईचारा और देश में शांति को फैलाने – के साथ हैं।
मोदी की ओर से भेजी गई चादर
गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू को एक चादर सौंपा, जो 13वीं सदी के सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के उर्स के मौके पर अजमेर शरीफ दरगाह पर चढ़ाई गई। यह परंपरा हर साल होती है, और मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद से अब तक दरगाह पर 10 बार चादर भेजी है। इस बार यह उनकी 11वीं बार थी जब उन्होंने इस धार्मिक परंपरा का हिस्सा लिया।
पीएम मोदी का 11वीं बार दरगाह पर चादर चढ़ाना
प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल 812वें उर्स के दौरान दरगाह पर चादर भेजी थी, जिसे तत्कालीन केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और जमाल सिद्दीकी सहित मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधिमंडल ने चढ़ाया। मोदी ने यह परंपरा तब से शुरू की थी जब उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी।
मुस्लिम समुदाय और भाईचारे की भावना को बढ़ावा
प्रधानमंत्री मोदी की ओर से अजमेर शरीफ दरगाह पर चादर चढ़ाना केवल एक धार्मिक कृत्य नहीं बल्कि हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे का प्रतीक भी बन चुका है। इस दौरान उनके संदेश ने इस भावना को और भी प्रबल किया है कि हर समुदाय के बीच आपसी सौहार्द्र और शांति बनी रहे।