
दिल्ली नगर निगम (MCD) में भ्रष्टाचार के खिलाफ एकv बार फिर बड़ा खुलासा हुआ है। खुद भाजपा की ही एक वरिष्ठ पार्षद ने पार्टी के अंदरव्याप्त भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ कर दिया है। उन्होंने एक पत्र के माध्यम से सनसनीखेज आरोप लगाया है कि जोन चेयरमैन बनने के लिए एक पार्षद नेभाजपा को 70 लाख रुपये की घूस दी है। यह पत्र केवल पार्टी तक सीमित नहीं रहा — इसकी प्रतिलिपि अब पत्रकारों के पास भी मौजूद है और यहसोशल मीडिया तथा राजनीतिक गलियारों में आग की तरह फैल रहा है।
70 लाख में जोन चेयरमैन पद – जनता का पैसा जाएगा कहां? आप सोचिए-जब कोई व्यक्ति सिर्फ एक कुर्सी पाने के लिए 70 लाख रुपये खर्चकरता है, तो वह यह पैसा कहां से वसूल करेगा?
जवाब साफ है-ठेकेदारों से कमीशन
बिल पास कराने में दलाली, दुकानों, रेहड़ी वालों और निगम स्टाफ से वसूली, अवैध निर्माण पर नजरें फेरने की कीमत यानी जो जनता की सेवा करनेआए हैं, वे MCD को एक व्यापार बना बैठे हैं।
तोड़फोड़ कर चेयरमैन बनाने का असली मकसद अब साफ है.
AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा: क्या यही वजह है कि भाजपा ने MCD में जबरन पार्षदों कोतोड़-फोड़ कर जोन चेयरमैन बनवाए? क्या इसीलिए भाजपा को MCD चाहिए – ताकि भ्रष्टाचार का बाजार फिर से खोला जा सके? भाजपा नेलगातार 15 सालों तक MCD को बर्बाद किया।
सड़कों की हालत, सफाई व्यवस्था, पार्कों की दुर्दशा, स्कूलों का गिरता स्तर – हर क्षेत्र में पतन दिखा। इसके बावजूद अब जब AAP ने व्यवस्था मेंसुधार शुरू किया, तो भाजपा फिर से MCD में सेंधमारी करने में जुट गई।
जनता के नाम सीधा सवाल
यदि जोन चेयरमैन बनने की कीमत 70 लाख है,तो क्या जनता को मुफ्त सेवाएं मिलेंगी या फिर उससे वसूली होगी?
AAP का स्पष्ट संदेश: भ्रष्टाचार के दलदल में फंसी भाजपा अब MCD को भी व्यापार बना चुकी है।
जनता को तय करना है-सेवा चाहिए या सौदेबाज़ी?”