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भाजपा, मोदी सरकार के मंत्रियों, उसके आर्थिक सलाहकार, आईटी सेल प्रमुख, आरएसएस-भाजपा इको सिस्टम और भाजपा के अनुकूल मीडिया केएक हिस्से द्वारा फैलाई गई पूरी ‘USAID फंड की 21 मिलियन डॉलर की कहानी’ भारत में कांग्रेस सरकारों को अस्थिर करने के लिए विदेशी फंड काइस्तेमाल करने के अपने पापों से ध्यान हटाने के लिए बनाई गई थी. दरअसल‘USAID फंड की 21 मिलियन डॉलर की राशि’ भारत को नहीं, बल्किबांग्लादेश को दी गई थी. आधिकारिक दस्तावेज इस बात को साबित करते हैं. मोदी जी के सबसे अच्छे दोस्त ट्रम्प ने शायद जानबूझकर या अनजानेमें DOGE के माध्यम से एक गलती की थी. आरएसएस-भाजपा इको सिस्टम तंत्र ने तथ्यों की जांच किए बिना बेशर्मी से इस पर कब्जा कर लिया. भारत के लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने में अपने स्वयं के कमीशन के कृत्यों को छिपाना चाहते थे. कैसे कुछ शासन-अनुकूल पत्रकारों को यादृच्छिकफ्लोचार्ट के साथ आधिकारिक हैंडआउट दिए जा रहे हैं ताकि उस फर्जीवाड़े को आगे बढ़ाया जा सके. लेकिन सच्चाई के अपने पैर होते हैं.

आपातकाल के दौरान सीआईए से ली थी सहायता
श्रीमती इंदिरा गांधी सही थीं जब उन्होंने भाजपा के वैचारिक पूर्वजों और जनता पार्टी के ‘विदेशी हाथ’ की ओर इशारा किया था. यह कोई रहस्य नहींहै कि आपातकाल के दौरान और उसके पहले आरएसएस ने सीआईए की सहायता ली थी. पीएन धर की पुस्तक ‘इंदिरा गांधी, आपातकाल औरभारतीय लोकतंत्र’ में स्पष्ट रूप से बताया गया है. कैसे “अमेरिका ने जेपी और 1974 में इंदिरा गांधी सरकार से लड़ने में उनकी भूमिका की प्रशंसा की. निक्सन प्रशासन 1971 में अमेरिका के प्रति उनकी अवज्ञा और बाद में भारत के पहले परमाणु परीक्षण करने के लिए उन्हें दंडित करना चाहताथा.आरएसएस-बीजेपी का भारत की चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने हमारे लोकतंत्र में दखल देने और हमारे संविधान को अपवित्र करने का घिनौनारिकॉर्ड है. अतीत और हाल के कई उदाहरण स्पष्ट रूप से इसी बात की ओर इशारा करते हैं.उन्होनें इस पर विशेष सवालों को पूछा जिसमें उन्होनें पहलेके अतीत का जिक्र किया है.भाजपा के आधिकारिक प्रचार चैनल मोदी आर्काइव में कहा गया है. यह यात्रा जो 10 जुलाई से 23 जुलाई के बीच हुईइसमें अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा राजनीतिक नेताओं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों अमेरिकी नीति निर्माताओं और व्यापार उद्योग के प्रतिनिधियों केसाथ कई बैठकें शामिल थीं.

वैश्विक भागीदारी विकास एजेंसियो नहीं मानते बेईमान
नरेंद्र मोदी ने प्रमुख कांग्रेसियों सीनेटरों राज्यपालों और महापौरों के साथ अमेरिकी राजनीति विदेश नीति और अन्य मामलों पर चर्चा के माध्यम सेव्यापक जानकारी प्राप्त की.भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पहले ही भारत में यूएसएआईडी फंडिंग पर श्वेत पत्र की मांग की है. यह स्पष्ट कर दें कि हमवैश्विक भागीदारी विकास एजेंसियों यूएसएआईडी जैसी सहायता तंत्रों को बेईमान नहीं मानते हैं. यह भाजपा ही है जिसने सबसे पहले डीप स्टेट नैरेटिवशुरू किया और यूएसएआईडी को बदनाम करना शुरू किया. हालांकि हमारे पास पर्याप्त सबूत हैं कि आरएसएस-भाजपा भारतीय लोकतंत्र को अस्थिरकरने और हमारे संविधान को ध्वस्त करने के लिए विदेशी एजेंसियों से गुप्त सहायता ले रही है.

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