
सरिता साहनी
10 दिसंबर 2025 ,नई दिल्ली
भाजपा के अपने पार्षद ने खोली भ्रष्टाचार की परतें
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में भ्रष्टाचार के बड़े आरोप तब सामने आए जब भाजपा के वरिष्ठ पार्षद राजपाल ने ही स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में अपनीही सरकार पर गंभीर सवाल उठा दिए। इस मुद्दे को आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने प्रेस वार्ता कर खुलकर रखा औरभाजपा पर तीखा हमला बोला।
भाजपा पार्षद के खुलासे ने खड़ा किया बड़ा सवाल
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि भाजपा पार्षद राजपाल ने खुलासा किया है कि एमसीडी में कूड़े के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी हो रही है। निजी कंपनियांट्रकों में बिल्डिंग का मलबा लैंडफिल साइट पर ले जाकर कूड़े के तौर पर तौलवा देती हैं और भारी-भरकम पेमेंट ले लेती हैं। इससे यह साफ है किअसली कूड़ा तो कई जगह उठ ही नहीं रहा, लेकिन बिल्डिंग माफिया और ठेकेदार करोड़ों कमा रहे हैं।
कूड़ा सड़कों पर, लेकिन कंपनियों को लगातार भुगतान
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली के कई इलाकों में कूड़ा सड़ रहा है, घरों से कूड़ा उठ नहीं रहा, फिर भी ठेकेदारों को 2250 से 2750 रुपये प्रति टनभुगतान जारी है। भाजपा पार्षद के मुताबिक, ठेकेदार कूड़ा उठाने की बजाय निर्माण कार्य का मलबा तौलवाते हैं, जो ज्यादा भारी होता है, और उसीआधार पर मोटा पैसा बनाया जा रहा है।
एमसीडी में लगाए गए बाहर के अधिकारी, कोई जवाबदेही नहीं
एक बड़ा खुलासा यह भी हुआ कि एमसीडी के 12 जोन में एक भी डिप्टी कमिश्नर अपने ही कैडर का नहीं है। कोई सांख्यिकी सेवा से आया है, कोईरेलवे सेवा से, और प्रतिनियुक्ति के नाम पर इन्हें डीसी बनाकर बैठा दिया गया है। सौरभ भारद्वाज का कहना है कि यही अधिकारी एमसीडी में खुलीलूट का हिस्सा हैं और पांच साल में इतना कमा लेते हैं कि उनकी कई पीढ़ियों को काम करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
डीसी बादल कुमार पर बिल्डिंग माफिया से साठगांठ का आरोप
भाजपा पार्षद पंकज लूथरा ने शाहदरा जोन के डीसी बादल कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि वह बिल्डिंग माफिया से पैसा लेते हैं। इसके बावजूदएमसीडी कमिश्नर ने उन्हें उनके मूल विभाग में नहीं भेजा। बल्कि उल्टा कमिश्नर ने पार्षद पर ही आरोप लगा दिया। यह स्थिति बताती है कि व्यवस्थामें ऊपर से नीचे तक गहरी गड़बड़ है।
गृह मंत्रालय पर उठे सवाल
सौरभ भारद्वाज ने सवाल किया कि आखिर केंद्रीय गृह मंत्रालय लगातार दूसरे विभागों से अधिकारियों को एमसीडी में क्यों भेज रहा है? जब भ्रष्टाचारके आरोप लग रहे हैं, सदन प्रस्ताव पारित कर चुका है, तब भी इन्हें वापस क्यों नहीं भेजा जा रहा? यह साफ संकेत है कि एमसीडी में बाहर से आएअधिकारी बिना किसी निगरानी के लूट मचा रहे हैं।
लैंडफिल साइट पर मलबे को कूड़ा बताकर करोड़ों की पेमेंट
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि भाजपा पार्षदों के मुताबिक, लैंडफिल साइट पर कूड़े की जगह निर्माण का मलबा फेंका जा रहा है। उसे कूड़ा दिखाकरठेकेदार करोड़ों रुपये का बिल पास करवा रहे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का यह दावा कि हर 15 दिन मंत्री कूड़े के पहाड़ का निरीक्षण करते हैं, भाजपाके ही पार्षदों के खुलासों से सवालों के घेरे में आ गया है।
एफआईआर क्यों नहीं? कमिश्नर की चुप्पी संदिग्ध
स्टैंडिंग कमेटी में पार्षदों ने बार-बार मांग की कि एफआईआर दर्ज की जाए, क्योंकि जांच शुरू होते ही आधा कूड़ा दरअसल निर्माण मलबा निकलेगा।लेकिन कमिश्नर ने आज तक एफआईआर नहीं कराई। इससे साफ है कि ऊपर बैठे अधिकारी और भाजपा नेताओं की मिलीभगत के बिना ऐसा संभवनहीं।
क्या एमसीडी में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई होगी?
सौरभ भारद्वाज का आरोप है कि भाजपा शासित एमसीडी में कूड़े के नाम पर बड़े स्तर पर लूट चल रही है। पार्षदों के खुलासों के बावजूद कोई कार्रवाईन होना कई सवाल खड़े करता है। अब यह गृह मंत्रालय और भाजपा नेतृत्व पर निर्भर है कि वे भ्रष्टाचार के इस मामले पर कार्रवाई करते हैं या इसेअनदेखा कर देते हैं।