लखनऊ: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री श्री अजय राय ने प्रदेश के मनरेगा मजदूरों की परेशानियों को उजागर किया। उन्होंने आरोपलगाया कि राज्य सरकार ने 26 नवम्बर 2024 के बाद से मनरेगा जॉब कार्ड धारकों को उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं किया है। राय ने कहा कि इसदेरी के कारण प्रदेश के लाखों मजदूरों को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
मनरेगा योजना का उद्देश्य
मनरेगा योजना, जो कांग्रेस सरकार के तहत 2009 में लागू हुई थी, ग्रामीण इलाकों में रोजगार प्रदान करने के लिए बनाई गई थी। इसके अंतर्गतसड़कों, नहरों, तालाबों और जल संचयन जैसी परियोजनाओं पर काम कराकर ग्रामीणों को रोजगार मिलता है। यह योजना खासतौर पर भूमिहीनमजदूरों के लिए वरदान साबित हुई थी। हालांकि, राय के अनुसार, भाजपा सरकार ने इस योजना को कमजोर करने का काम किया है। उन्होंने कहा किन तो उत्तर प्रदेश में मजदूरों को पर्याप्त काम मिलता है, और न ही समय पर उनकी मजदूरी का भुगतान किया जाता है।
मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा I
अजय राय ने बताया कि मनरेगा अधिनियम के अनुसार, मजदूरों को उनकी मेहनत की मजदूरी 15 दिन के भीतर उनके खाते में डाल दी जानी चाहिए।यदि भुगतान में देर होती है, तो ब्याज के साथ उन्हें रकम देनी होती है। लेकिन उत्तर प्रदेश में ये नियम अक्सर नजरअंदाज किए जाते हैं, और मजदूरों कोन समय पर पैसा मिलता है, न ही ब्याज दिया जाता है।
मजदूरी का भुगतान न मिलने से भूखमरी की स्थिति
राय ने कहा कि जब प्रयागराज में महाकुंभ महोत्सव हो रहा है, और देश-विदेश से श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए आ रहे हैं, वहीं प्रदेश का गरीब मजदूरअपनी मजदूरी न मिलने की वजह से इस पावन अवसर का लाभ नहीं उठा पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरी में देरी के कारण प्रदेश केकरोड़ों लोग भुखमरी की कगार पर पहुंच चुके हैं, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई है।
मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जल्द समाधान की मांग
इस गंभीर समस्या पर ध्यान दिलाते हुए राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने मांग की है कि मनरेगा मजदूरों और कर्मियोंके खाते में उनका बकाया भुगतान ब्याज सहित किया जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर संघर्ष जारी रखेगी और मजदूरों केअधिकारों की रक्षा करेगी।