दिल्ली विधानसभा चुनावों के मद्देनजर आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने आज अपना नामांकनदाखिल नहीं किया है, जबकि इससे पहले ऐसी खबरें आई थीं कि वह आज नामांकन पत्र भर सकते हैं। दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी के संयोजकऔर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया और इस मौके पर एक पदयात्रा भीनिकाली, जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका साथ दिया। केजरीवाल ने इस यात्रा के दौरान दिल्लीवासियों से अपनी पार्टी को वोट देने की अपील कीऔर इसे ‘काम के आधार पर’ वोट देने का संदेश दिया।
मनीष सिसोदिया का नामांकन ना दाखिल करना
विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने नई दिल्ली सीट से मनीष सिसोदिया को अपना प्रत्याशी बनाया है। मनीष सिसोदिया ने पहले पटपड़गंजविधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक बनने का रिकॉर्ड बनाया था, लेकिन इस बार वह नई दिल्ली सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। सिसोदिया की2020 विधानसभा चुनाव में जीत का अंतर काफी कम था और उसके बाद उन्हें शराब घोटाले के मामले में जेल भी जाना पड़ा था। हालांकि, इसचुनाव में वह नामांकन दाखिल नहीं कर पाए। इससे पहले ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि मनीष सिसोदिया भी आज अपने नामांकन पत्र दाखिलकरेंगे, लेकिन अब यह स्पष्ट हो गया कि वह आज ऐसा नहीं करेंगे।
केजरीवाल की पदयात्रा और नामांकन दाखिल
अरविंद केजरीवाल ने अपना नामांकन पत्र दाखिल करने से पहले सुबह अपनी पत्नी सुनीता के साथ पूजा-अर्चना की। उन्होंने हनुमान मंदिर औरवाल्मीकि मंदिर में पूजा की और फिर पार्टी कार्यालय से दिल्ली के नई दिल्ली जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय तक पदयात्रा शुरू की। इस पदयात्रा में आमआदमी पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता भी शामिल हुए, जो हाथ में पार्टी का झंडा लिए हुए थे। इस यात्रा के दौरान केजरीवाल ने दिल्लीवासियों से अपीलकी कि वे अपने वोट का इस्तेमाल काम के आधार पर करें, न कि किसी अन्य आधार पर। उन्होंने खासतौर पर बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा किवह बिना किसी दृष्टिकोण के चुनाव लड़ रहे हैं और पार्टी के पास कोई स्पष्ट दिशा नहीं है।
बीजेपी पर हमला करते हुए केजरीवाल का बयान
केजरीवाल ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा, “बीजेपी के पास कोई मुख्यमंत्री पद का चेहरा नहीं है और न ही कोई मुद्दा है। वे जनता को यह बतानेमें सक्षम नहीं हैं कि अगले पांच साल में वे क्या काम करेंगे। दिल्लीवासी समझ रहे हैं कि बीजेपी क्या कर रही है।” केजरीवाल ने यह भी कहा किबीजेपी के पास कोई स्पष्ट विजन नहीं है और इसलिए आम आदमी पार्टी ही दिल्ली की सच्ची विकल्प है।
“जाको राखे साइयां, मार सके न कोय” – केजरीवाल का विश्वास
हाल ही में खालिस्तानी समर्थक एक संगठन से अपनी जान को खतरा होने की खबरों के बाद, केजरीवाल ने कहा कि उन्हें इस बारे में चिंता करने कीकोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर भगवान पर पूरा भरोसा जताया। केजरीवाल ने हनुमान मंदिर में पूजा के बाद कहा, “जाकोराखे साइयां मार सके न कोय” (जिसे भगवान बचाए उसे कोई नहीं मार सकता)। उनके अनुसार, भगवान हमेशा उनके साथ हैं और जब तक जीवन कीसंजीवनी शक्ति जीवित रहती है, तब तक कोई खतरा नहीं हो सकता।
सुनीता केजरीवाल का बयान
केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने भी मीडिया से बात करते हुए कहा कि दिल्ली के लोग समझते हैं कि कौन बेहतर शासन प्रदान कर सकताहै। उन्होंने कहा, “लोग जानते हैं कि कौन अच्छा नेतृत्व प्रदान कर सकता है, और वे ही निर्णय लेंगे।” उनका विश्वास है कि दिल्ली के लोग उनकी पार्टीको समर्थन देंगे, क्योंकि आम आदमी पार्टी ही उनकी उम्मीदों पर खरी उतरी है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में मुकाबला
अरविंद केजरीवाल का मुकाबला इस बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता परवेश वर्मा और कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित से है। इस बार दिल्ली की70 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव के लिए मतदान 5 फरवरी को होगा और मतगणना 8 फरवरी को की जाएगी। दिल्ली की राजनीति में यह चुनावबेहद अहम है, क्योंकि पिछले चुनावों में आम आदमी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया था और वह सत्ता में आई थी। इस बार भी केजरीवाल और उनकीपार्टी का लक्ष्य सत्ता में वापस लौटना है।
आम आदमी पार्टी का भविष्य
अरविंद केजरीवाल का मानना है कि उनकी पार्टी दिल्ली में एक बार फिर बहुमत हासिल करेगी और उनकी सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली मेंआम आदमी पार्टी की सरकार बनाने के लिए जनता का विश्वास और समर्थन जरूरी है। केजरीवाल का कहना है कि उनका और उनकी पार्टी का उद्देश्यदिल्ली के विकास के लिए काम करना है, और वे इस चुनाव में दिल्लीवासियों से काम के आधार पर वोट देने की अपील कर रहे हैं।
चुनाव प्रचार में नए मुद्दे
आम आदमी पार्टी ने इस चुनाव में शिक्षा, स्वास्थ्य, और पानी-बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपने वादे दोहराए हैं। साथ ही, वह दिल्लीकी जनता को यह विश्वास दिलाने की कोशिश कर रहे हैं कि उनकी सरकार पिछले पांच वर्षों में किए गए कार्यों के आधार पर फिर से चुनी जाएगी।वहीं बीजेपी और कांग्रेस के उम्मीदवार अपने-अपने मुद्दों को लेकर दिल्लीवासियों के बीच प्रचार कर रहे हैं, लेकिन केजरीवाल का कहना है कि वहचुनावी प्रचार के बजाय असल मुद्दों पर ध्यान दे रहे हैं, जो जनता के लिए महत्वपूर्ण हैं।