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नई दिल्ली, 15 जुलाई 2026।

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने महादेव सट्टेबाजी ऐप से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में हुई कार्रवाई भाजपा के नेताओं और उनसे जुड़े लोगों पर सवाल खड़े करती है। देवेंद्र यादव ने दावा किया कि यदि मामले की निष्पक्ष और बिना किसी दबाव के जांच हो, तो इस कथित 1200 करोड़ रुपये के घोटाले में कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

महादेव ऐप मामले में विकास गर्ग की गिरफ्तारी पर उठाए सवाल
देवेंद्र यादव ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दिल्ली भाजपा के आर्थिक प्रकोष्ठ के संयोजक और पूर्व विधायक नंद किशोर गर्ग के बेटे विकास गर्ग की गिरफ्तारी भाजपा के लिए गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि विकास गर्ग अग्रसेन कॉलेज के ट्रस्टी भी हैं और उनके तथा उनके परिवार से जुड़ी कंपनियों की लगभग 940.77 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई है। कांग्रेस का कहना है कि जांच एजेंसियों के अनुसार यह मामला करीब 1200 करोड़ रुपये के कथित अवैध लेन-देन से जुड़ा है।

देवेंद्र यादव बोले- निष्पक्ष जांच हुई तो कई बड़े नाम सामने आएंगे
देवेंद्र यादव ने कहा कि महादेव ऐप के जरिए करोड़ों रुपये के कथित अवैध लेन-देन में विकास गर्ग की भूमिका सामने आने के बाद अब यह जरूरी है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से हो। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि जांच एजेंसियों पर किसी प्रकार का दबाव नहीं डाला गया, तो इस मामले में भाजपा के कई अन्य नेताओं के नाम भी सामने आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा इस पूरे मामले से दूरी बनाकर इसे केवल व्यापारिक मामला बताने की कोशिश कर रही है, जबकि यह मामला कहीं अधिक गंभीर दिखाई देता है।

पहले भी पूछताछ का सामना कर चुके हैं विकास गर्ग
कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि यह पहला अवसर नहीं है जब विकास गर्ग का नाम किसी जांच में आया हो। उन्होंने दावा किया कि नवंबर 2025 में भी कथित सीमा शुल्क धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े लगभग 190 करोड़ रुपये के मामले में उनसे पूछताछ की गई थी। उन्होंने कहा कि उस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भी प्राथमिकी दर्ज की थी। उनके अनुसार लगातार सामने आ रहे मामलों से कई सवाल खड़े होते हैं, जिनका जवाब भाजपा को देना चाहिए।

भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप
देवेंद्र यादव ने कहा कि आम आदमी पार्टी के शासनकाल में भ्रष्टाचार को लेकर जिस तरह के आरोप लगे थे, अब भाजपा सरकार बनने के बाद भी भ्रष्टाचार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने के महज डेढ़ वर्ष के भीतर इतने विवाद और घोटालों के आरोप अपने नाम कर लिए हैं कि ऐसा लगता है जैसे वह पिछले 27 वर्षों की भरपाई केवल पांच वर्षों में ही करना चाहती है।

अस्पतालों में दवाइयों और उपकरणों की खरीद को लेकर भी उठाए सवाल
देवेंद्र यादव ने दिल्ली सरकार के अस्पतालों में दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में कथित अनियमितताओं का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पतालों में लगभग 650 करोड़ रुपये के घोटाले की बातें सामने आई हैं। इसके अलावा जीबी पंत अस्पताल में दवाइयों की खरीद-बिक्री में लगभग 15 करोड़ रुपये की कथित अनियमितताओं की जांच भी चल रही है। उन्होंने कहा कि इन मामलों की जांच से यह स्पष्ट होता है कि स्वास्थ्य व्यवस्था में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं।

सीबीआई जांच की मांग दोहराई
देवेंद्र यादव ने कहा कि यदि इन सभी मामलों की जांच केवल सीमित स्तर पर होगी, तो सच्चाई सामने नहीं आ पाएगी। उन्होंने मांग की कि महादेव ऐप मामले के साथ-साथ अस्पतालों में कथित भ्रष्टाचार के मामलों की भी सीबीआई से निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच से यह स्पष्ट हो जाएगा कि किन लोगों की भूमिका रही और यदि कोई दोषी है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

कांग्रेस ने पारदर्शी जांच की मांग की
देवेंद्र यादव ने कहा कि कांग्रेस किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ है और जनता के पैसे के दुरुपयोग को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि महादेव ऐप मामले, अस्पतालों में कथित घोटालों और अन्य वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए ताकि सच सामने आए और दोषियों पर कानून के अनुसार कार्रवाई हो सके। कांग्रेस का कहना है कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि इन मामलों में आखिर जिम्मेदार कौन है और भ्रष्टाचार के आरोपों की सच्चाई क्या है।

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