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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री धनंजय मुंडे का इस्तीफा ले लिया है। परली से एनसीपी विधायकधनंजय मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मीक कराड पर बीड जिले के एक सरपंच की हत्या का मास्टरमाइंड होने का आरोप है। सीआईडी जांच में इसमामले का खुलासा हुआ, जिसके बाद राज्य में राजनीतिक माहौल गरमा गया।

सरपंच की बर्बर हत्या: सीआईडी चार्जशीट के खुलासे
सीआईडी द्वारा दाखिल चार्जशीट के अनुसार, 9 दिसंबर को बीड जिले के संतोष देशमुख नामक सरपंच का अपहरण किया गया। उन्हें घंटों तकअत्याचार और मारपीट का शिकार बनाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, लोहे की रॉड से बेरहमी से पीटने के अलावा, उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप सेप्रताड़ित किया गया।

जब अपहरणकर्ताओं को लगा कि सरपंच की मौत हो चुकी है, तो उन्होंने उन्हें मृत समझकर फेंक दिया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने इसअपराध के 15 वीडियो और 8 तस्वीरें खींचीं और वीडियो कॉल के जरिए घटना को लाइव भी किया। बाद में, जब यह फुटेज सोशल मीडिया परवायरल हुए, तो यह उनके खिलाफ सबसे बड़ा सबूत बन गया।

जबरन वसूली रोकने के प्रयास बने मौत की वजह
जांच में खुलासा हुआ कि संतोष देशमुख अपने क्षेत्र में जबरन वसूली के खिलाफ थे। वह एक पवनचक्की ऊर्जा कंपनी अवाडा से जबरन वसूली केप्रयासों को रोकने की कोशिश कर रहे थे। उन्हें डर था कि अगर धमकियां और रंगदारी जारी रही तो अवाडा और अन्य कंपनियां अपना काम बंद करदेंगी, जिससे स्थानीय लोगों की आजीविका प्रभावित होगी।

अवाडा दफ्तर में हमला
चार्जशीट के अनुसार, हत्या से तीन दिन पहले, 6 दिसंबर को, कराड और उसके गुर्गों ने अवाडा के स्थानीय कार्यालय में कर्मचारियों पर हमला कियाथा। जब सरपंच देशमुख और अन्य लोग वहां पहुंचे तो उन्होंने इस हमले को रोकने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को लगा किदेशमुख उनकी जबरन वसूली योजनाओं के लिए बाधा बन रहे हैं, इसलिए उनकी हत्या की साजिश रची गई।

लगातार दी जा रही थी धमकियां
सरपंच संतोष देशमुख को कई बार धमकियां दी गई थीं, लेकिन उन्होंने झुकने से इनकार कर दिया। आखिरकार, 9 दिसंबर को उनका अपहरण करलिया गया और उनकी निर्मम हत्या कर दी गई।

गिरफ्तारियां और कानूनी कार्रवाई

इस मामले में अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है। 27 फरवरी को सीआईडी ने बीड जिलान्यायालय में 1200 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। इस चार्जशीट में सरपंच की हत्या, अवाडा कंपनी से जबरन वसूली और कंपनी के सुरक्षा गार्ड परहमले के तीन अलग-अलग मामले शामिल हैं।

आरोपियों पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत भी केस दर्ज किया गया है। इस घटना के कारण राज्य में राजनीतिकभूचाल आ गया, जिससे धनंजय मुंडे को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा।

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