
नई दिल्ली, 09 अगस्त 2026।
आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने चावल घोटाले को लेकर दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के उस बयान पर पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने आम आदमी पार्टी के नेताओं के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करने की बात कही थी। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मंत्री को मानहानि की धमकी देने के बजाय दिल्ली की जनता के सामने पूरे मामले का सच रखना चाहिए। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अगर आम आदमी पार्टी द्वारा लगाए गए आरोप गलत हैं, तो मंत्री को एक-एक आरोप का जवाब तथ्यों और दस्तावेजों के साथ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि गरीबों के लिए भेजे जाने वाले चावल का आखिर क्या हुआ और इस पूरे मामले में जिम्मेदार कौन है।
मानहानि की धमकी नहीं, सवालों का जवाब दें सिरसा
सौरभ भारद्वाज ने मनजिंदर सिंह सिरसा से सीधे कई सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि क्या नेरामैक कॉर्पोरेशन का सब्सिडी वाला चावल भेजने का अनुरोध उनके विभाग में फॉरवर्ड नहीं किया गया था? क्या भारतीय खाद्य निगम यानी एफसीआई से मिला चावल दिल्ली के गरीब लोगों में बांटा गया था? क्या यह चावल कथित तौर पर हरियाणा की किसी निजी कंपनी को नहीं बेचा गया? उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या इस मामले में अरुण कुमार झा को निलंबित या उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई? सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अगर उनके द्वारा कही गई कोई बात गलत है तो मंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि कौन-सी बात गलत है।
“बताइए, हमारी कौन-सी बात झूठ है”
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मनजिंदर सिंह सिरसा केवल मानहानि के मुकदमे की धमकी दे रहे हैं, लेकिन यह नहीं बता रहे कि आम आदमी पार्टी द्वारा उठाए गए सवालों में गलत क्या है। उन्होंने कहा कि यदि उनके द्वारा बताए गए किसी तथ्य में गलती है तो वह उसे वापस लेने पर विचार करने के लिए तैयार हैं। लेकिन केवल धमकी देने से सवाल खत्म नहीं हो जाते। दिल्ली की जनता को यह जानने का अधिकार है कि गरीबों के लिए निर्धारित चावल कहां गया और उसे किसे दिया गया।
पत्र और उस पर लिखी तारीख को लेकर भी सवाल
सौरभ भारद्वाज ने एक कथित पत्र का हवाला देते हुए कहा कि इस पत्र में विभाग के स्तर पर चावल उपलब्ध कराने के अनुरोध को नियमों और प्रावधानों के अनुसार सकारात्मक रूप से देखने की बात कही गई थी। उन्होंने दावा किया कि इस पत्र पर 8 अप्रैल 2026 की तारीख है और मंत्री की ओर से लिखे गए निर्देश का उल्लेख है। सौरभ भारद्वाज ने सवाल किया कि क्या यह पत्र झूठा है? क्या उस पर लिखी गई बात गलत है? उन्होंने कहा कि यदि यह पत्र ही गलत या फर्जी है तो मंत्री को सामने आकर स्पष्ट करना चाहिए। अगर आरोपों का आधार बना दस्तावेज गलत साबित होता है, तो आम आदमी पार्टी अपनी बात पर पुनर्विचार करेगी।
31 हजार मीट्रिक टन चावल को लेकर बड़ा सवाल
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि इसके बाद विभाग के अतिरिक्त आयुक्त अरुण कुमार झा की ओर से भारतीय खाद्य निगम को पत्र भेजा गया था। इसमें दिल्ली के गरीबों के लिए निर्धारित करीब 31 हजार मीट्रिक टन चावल कॉरपोरेशन को देने की बात कही गई थी। उन्होंने सवाल किया कि क्या ऐसा पत्र वास्तव में नहीं भेजा गया था? यदि पत्र भेजा गया था तो फिर गरीबों के लिए निर्धारित चावल के वितरण की प्रक्रिया क्या थी और चावल आखिर कहां पहुंचा? सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह पूरा मामला केवल राजनीतिक बयानबाजी का विषय नहीं है, बल्कि गरीबों के हक से जुड़ा गंभीर सवाल है। इसलिए सरकार को दस्तावेजों के आधार पर जनता के सामने पूरी जानकारी रखनी चाहिए।
चावल गलत तरीके से देने और बेचने का आरोप
सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि अरुण कुमार झा को दिए गए कारण बताओ नोटिस में इस बात का उल्लेख था कि गरीबों के लिए निर्धारित चावल गलत तरीके से एक कॉरपोरेशन को दिया गया और बाद में उस कॉरपोरेशन द्वारा इसे हरियाणा की एक निजी कंपनी को बेच दिया गया। उन्होंने मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा से पूछा कि क्या कारण बताओ नोटिस जारी नहीं हुआ था? अगर हुआ था तो उसमें लगाए गए आरोपों की सच्चाई क्या है? सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सरकार को इन सवालों का स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
“गलती हुई है तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए”
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यदि चावल के वितरण में किसी तरह की गड़बड़ी हुई है तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मंत्री को आम आदमी पार्टी पर नाराज होने के बजाय उस पूरी प्रक्रिया की जांच पर ध्यान देना चाहिए, जिसमें गरीबों के लिए निर्धारित चावल के गलत इस्तेमाल का आरोप सामने आया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी कॉरपोरेशन या अधिकारी की गलती सामने आती है तो सरकार को उसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। केवल विपक्ष के सवाल उठाने पर मानहानि की धमकी देना समस्या का समाधान नहीं है।
“सरकार को खुद इस मामले की जानकारी जनता को देनी चाहिए थी” सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यदि सरकार गरीबों को हर सप्ताह बड़ी मात्रा में चावल बांटने की योजना बना रही थी तो इसकी जानकारी जनता को भी दी जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि सरकार को बताना चाहिए था कि कितना चावल आया, कहां रखा गया, किस क्षेत्र में भेजा गया और कितने गरीब परिवारों को इसका लाभ मिला। उन्होंने सवाल किया कि अगर सरकार के पास गरीबों को चावल बांटने की इतनी बड़ी योजना थी तो इसके बारे में सार्वजनिक रूप से जानकारी क्यों नहीं दी गई?
“विजिलेंस ने मामला पकड़ा, सरकार को जवाब देना चाहिए”
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि इस मामले की जानकारी सरकार को खुद नहीं मिली, बल्कि केंद्र सरकार के विजिलेंस विभाग की कार्रवाई के बाद मामला सामने आया। उन्होंने कहा कि यदि किसी जांच एजेंसी या विजिलेंस व्यवस्था ने गड़बड़ी की ओर ध्यान दिलाया है तो सरकार को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता को यह पता चलना चाहिए कि चावल की पूरी सप्लाई चेन में क्या हुआ और गरीबों के लिए निर्धारित खाद्यान्न का लाभ वास्तव में गरीबों तक पहुंचा या नहीं।
“नए मंत्री हैं, लेकिन जवाबदेही से बच नहीं सकते”
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मनजिंदर सिंह सिरसा दिल्ली सरकार में नए-नए मंत्री बने हैं, लेकिन मंत्री पद के साथ जवाबदेही भी आती है। उन्होंने कहा कि जब भी किसी विभाग से जुड़ी कोई गंभीर शिकायत या गड़बड़ी सामने आएगी, विपक्ष सवाल उठाएगा और जनता के सामने मुद्दा रखेगा। उन्होंने कहा कि यदि मंत्री को आम आदमी पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर आपत्ति है तो उन्हें भी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके तथ्यों के साथ जवाब देना चाहिए। लोकतंत्र में सवालों का जवाब धमकी से नहीं बल्कि तथ्यों और दस्तावेजों से दिया जाना चाहिए।
“मानहानि का मुकदमा करना है तो करें, लेकिन सवालों के जवाब भी दें”
अंत में सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यदि मनजिंदर सिंह सिरसा मानहानि का नोटिस भेजना चाहते हैं या मुकदमा करना चाहते हैं तो वे ऐसा कर सकते हैं। लेकिन उससे पहले उन्हें यह बताना चाहिए कि आम आदमी पार्टी द्वारा उठाए गए सवालों में से कौन-सा सवाल गलत है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता को चावल से जुड़े पूरे मामले की सच्चाई जानने का अधिकार है। सरकार को आरोपों से बचने के बजाय सामने आकर पूरे मामले की जानकारी देनी चाहिए और यदि कहीं गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आम आदमी पार्टी गरीबों के हक से जुड़े ऐसे मामलों को लगातार जनता के सामने उठाती रहेगी और सरकार से हर सवाल का जवाब मांगती रहेगी।