बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी प्रगति यात्रा के दौरान सोमवार को वैशाली जिले के हाजीपुर में कई महत्वपूर्ण योजनाओं का शिलान्यास किया। इस दौरान, उन्होंने विभिन्न प्रगति परियोजनाओं की घोषणा की और क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ बैठक भी की। हालांकि, इस यात्रा के दौरान कुछ विवादास्पद घटनाएं भी सामने आईं, जिनमें काफिले के सामने नारेबाजी और जाम की स्थिति प्रमुख रही।
मुख्यमंत्री का हाजीपुर दौरा और घोषणाएं
नीतीश कुमार ने हाजीपुर में अपनी यात्रा के दौरान जिले के विभिन्न स्थानों पर योजनाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने खासतौर पर घोरावल प्रखंड के नगमा गांव और महनार प्रखंड के बिशनपुर में अपने दौरे के बाद, जिले के पुलिस सुधारात्मक केंद्र में अधिकारियों और विधायकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों और योजनाओं पर चर्चा की, जिनसे वैशाली जिले में विकास को नया मोड़ मिलेगा।
यातायात पर असर: हाजीपुर-मुजफ्फरपुर हाईवे पर जाम
मुख्यमंत्री की बैठक के दौरान अधिकारियों ने हाजीपुर-मुजफ्फरपुर नेशनल हाईवे को तीन घंटे के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यातायात का संचालन बाधित होने से लोग काफी देर तक जाम में फंसे रहे और उनका गुस्सा भी नजर आया। जाम की स्थिति को लेकर लोगों ने नाराजगी जाहिर की, और कई लोग अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच पाए।
काफिले के सामने नारेबाजी
नीतीश कुमार के काफिले के दौरान भी माहौल तनावपूर्ण हो गया। जब मुख्यमंत्री अपनी बैठक के बाद काफिले के साथ निकल रहे थे, तब कुछ लोग उनके खिलाफ नारेबाजी करने लगे। लोग ‘नीतीश कुमार मुर्दाबाद’ के नारे लगा रहे थे, जिससे माहौल गरम हो गया। यह नारेबाजी उस समय की थी जब मुख्यमंत्री का काफिला लगभग तीन घंटे बाद अपनी बैठक से निकल रहा था।
पुलिस की कार्रवाई और हंगामा
जैसे ही काफिले के सामने नारेबाजी और हंगामा बढ़ने लगा, मौके पर तैनात पुलिस अधिकारियों और जवानों ने स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए लाठी का सहारा लिया। पुलिस ने उन लोगों को भागने के लिए मजबूर किया, जो सड़कों पर नारेबाजी कर रहे थे और काफिले की गति को धीमा कर रहे थे। इस कार्रवाई से कुछ समय के लिए स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई, लेकिन पुलिस ने जल्दी ही हंगामे को शांत किया।