
शहीदी दिवस पर गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान को नमन
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर आयोजित पवित्र और भव्य हिंद की चादर ध्वज यात्रा कोगुरुद्वारा सीसगंज साहिब से रवाना किया। यह ध्वज यात्रा दिल्ली से प्रारंभ होकर पंजाब के ऐतिहासिक गुरुद्वारा आनंदपुर साहिब तक पहुंचेगी। यात्रामें शामिल श्रद्धालु गुरु जी की शिक्षाओं और उनके असाधारण बलिदान को याद करते हुए आगे बढ़ेंगे।
गुरु तेग बहादुर जी के आदर्शों को जन-जन तक ले जाने का संकल्प
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ध्वज यात्रा को रवाना करते समय कहा कि यह कार्यक्रम गुरु जी के अद्वितीय साहस और सत्य के प्रति उनकी निष्ठा का प्रतीकहै। उन्होंने कहा कि हिंद की चादर गुरु तेग बहादुर जी ने धार्मिक स्वतंत्रता एवं मानवता की रक्षा के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया, और उनकाबलिदान हमेशा देश को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने उपस्थित संगत को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु जी की शिक्षाएँ समानता, शांति, धर्म संरक्षणऔर मानवता आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी तीन सदियों पहले थीं। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं का आशीर्वाद लिया और यात्रा की सफल वसुरक्षित पूर्णता की कामना की।
धर्म, शांति और भाईचारे का संदेश ले कर आगे बढ़ी यात्रा
यात्रा के प्रारंभ से पूर्व मुख्यमंत्री ने गुरु साहब को नमन किया और सभी यात्रियों को शुभकामनाएँ दीं। यात्रा के दौरान श्रद्धालु गुरु जी के आदर्शों कोअपनाने, समाज में एकता और सद्भाव बनाए रखने का संदेश फैलाएँगे। मुख्यमंत्री ने अपील की कि समाज में बढ़ती कटुता और विभाजन के समय गुरुतेग बहादुर जी के संदेश समानता, साहस और भाईचारे को जीवन में अपनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गुरु जी की कृपा से हर जीवन सुख, समृद्धिऔर शांति से भरा रहे।
गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान को समर्पित भावपूर्ण श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह के जयकारों के बीच यात्रा को आगे बढ़ाया। यह यात्रा सिर्फधार्मिक परंपरा ही नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ताके नेतृत्व में आयोजित इस ऐतिहासिक ध्वज यात्रा ने दिल्ली से पंजाब तक गुरु जी के अमर संदेशों को फिर से जीवित कर दिया है।