मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हाल ही में दिल्ली का दौरा शुरू किया है। इस यात्रा के दौरान वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर सकतेहैं। यह दौरा विशेष रूप से पंजाब में हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बसों पर हुए हमलों और उनसे जुड़े विवाद के मद्देनजर हो रहा है।इन घटनाओं के बाद मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से बातचीत करने का निर्णय लिया है।
केंद्रीय वित्त मंत्री से मुलाकात
इससे पहले, 20 मार्च 2025 को मुख्यमंत्री सुक्खू ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की थी। इस बैठक में राज्य के वित्तीय मुद्दों परचर्चा की गई थी। मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश की आर्थिक नीतियों को मजबूत करने, वित्तीय सहायता बढ़ाने और विकास परियोजनाओं की गति कोतेज करने पर जोर दिया था।
वित्तीय सहायता पर जोर
मुख्यमंत्री सुक्खू का मानना है कि बंदिशों के चलते राज्य की वित्तीय स्थिति प्रभावित हो रही है और कई विकास परियोजनाएं रुक गई हैं। अमित शाहसे मुलाकात के दौरान वह राज्य के लिए वित्तीय सहायता का मुद्दा भी उठा सकते हैं। हिमाचल प्रदेश सरकार का कहना है कि राज्य को केंद्र से आर्थिकसहयोग की आवश्यकता है ताकि रुकी हुई परियोजनाओं को पुनः शुरू किया जा सके।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री भी होंगे शामिल
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री भी आज शाम दिल्ली के लिए रवाना होंगे। वे केंद्रीय मंत्रियों से मिलकर राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगेऔर आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध करेंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री का आश्वासन
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि बैठक के दौरान उन्होंने पोस्ट डिजास्टर नीड असेसमेंट (PDNA) के तहत केंद्रीय टीम द्वारा बनाए गए अनुमानों पर चर्चाकी। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि एक वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक प्रदेश को निर्धारित सहायता राशि प्राप्त नहीं हुई है।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आश्वासन दिया कि जल्द ही एक बैठक आयोजित कर समाधान निकाला जाएगा।
विकास कार्यों में तेजी लाने का प्रयास
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने अपने संसाधनों का उपयोग कर राहत और पुनर्वास कार्य किए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री ने प्रदेश को हर संभवसहायता प्रदान करने का वादा किया है। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) ओंकार चंद शर्मा भी उपस्थित थे।
उम्मीदें और चुनौतियाँ
हिमाचल प्रदेश सरकार को केंद्र से मदद की उम्मीद है ताकि राज्य की आर्थिक स्थिति को बेहतर किया जा सके और रुकी हुई विकास परियोजनाओंको गति दी जा सके। दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री दोनों ही राज्य हित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्र सरकार से चर्चा करेंगे।