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राजनीति का गलियारा कहे जाने वाले मेरठ में चुनावी बिसात पर मोहरे सजाए जाने लगे हैं। सपा के भीतर इस बार सातों विधानसभा सीटों पर टिकट के दावेदारों की लंबी फेहरिस्त है। एक-एक सीट पर पुराने दिग्गजों से लेकर युवा चेहरे तक ताल ठोक रहे हैं। 2022 के नतीजों ने सपा की उम्मीदें बढ़ा दी हैं क्योंकि पार्टी ने गठबंधन के साथ न सिर्फ चार सीटें जीती थीं बल्कि दो सीटों पर भाजपा को कड़ी टक्कर भी दी थी। शहर विधानसभा पर सपा के मौजूदा विधायक रफीक अंसारी का दावा इस बार भी मजबूत है। वह इस सीट से लगातार दो बार जीत चुके हैं। इस बार हैट्रिक लगाने की तैयारी में हैं। यहां से नोमान मुर्तजा भी टिकट के दावेदार हैं। नोमान के पिता आकिल मुर्तजा पार्टी के राष्ट्रीय सचिव हैं।

दिनेश खटीक से शिकस्त मिली
ऐसे में रफीक का टिकट काटकर उन्हें उम्मीदवार बनाया जाएगा, ऐसी उम्मीद न के बराबर है। इसी तरह मेरठ दक्षिण विधानसभा से हाजी आदिल चौधरी भाजपा के सोमेंद्र तोमर से बहुत ही मामूली अंतर से हार गए थे। इस बार भी आदिल का दावा मजबूत है लेकिन यहां से डॉ. किशन पाल गुर्जर, मुखिया गुर्जर, विधायक अतुल प्रधान की पत्नी सीमा प्रधान और शाहिद मंजूर के बेटे नवाजिश मंजूर के नाम भी दावेदारों में हैं। चर्चित सरधना सीट से सपा के अतुल प्रधान विधायक हैं। उन्होंने दो बार के पूर्व विधायक भाजपा के संगीत सोम को हराया था। उनका टिकट भी पक्का माना जा रहा है। हस्तिनापुर सीट से पूर्व विधायक योगेश वर्मा दावा ठोक रहे हैं। हालांकि उन्हें पिछली बार भाजपा के दिनेश खटीक से शिकस्त मिली थी।

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