
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने युवाओं से लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी का किया आह्वान
नई दिल्ली, 25 अगस्त 2026।
दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने युवाओं से लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़ने और देश के भविष्य के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मजबूत और सफल लोकतंत्र के लिए युवाओं की भागीदारी बहुत जरूरी है। जब युवा देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, संस्थाओं और कार्यप्रणाली को समझते हैं, तब वे एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक के रूप में देश के विकास में योगदान दे सकते हैं। दिल्ली विधानसभा सचिवालय की ओर से युवाओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था से जोड़ने के लिए एक विशेष युवा संपर्क पहल आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में किरोड़ी मल कॉलेज और रामजस कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस दौरान विद्यार्थियों को दिल्ली विधानसभा की ऐतिहासिक विरासत, कार्यप्रणाली और विधायी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
युवाओं को लोकतंत्र से जोड़ना है मुख्य उद्देश्य
दिल्ली विधानसभा सचिवालय की इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं के बीच की दूरी को कम करना है। आज के युवा तेजी से बदलती दुनिया और डिजिटल माध्यमों से जुड़े हुए हैं। उनमें नई सोच, नई ऊर्जा और समाज के प्रति जागरूकता है। ऐसे में युवाओं को लोकतांत्रिक संस्थाओं की वास्तविक कार्यप्रणाली से जोड़ना बहुत महत्वपूर्ण है। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें नागरिकों की लगातार भागीदारी, जिम्मेदारी और जागरूकता भी जरूरी है।
विजेंद्र गुप्ता ने युवाओं को किया प्रेरित
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि एक मजबूत लोकतंत्र का निर्माण तभी संभव है, जब युवा नागरिक उसकी संस्थाओं और प्रक्रियाओं से सक्रिय रूप से जुड़ें। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझें, सवाल पूछें, अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों को जानें तथा समाज और देश के विकास में अपनी भूमिका निभाएं विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि युवा केवल देश का भविष्य नहीं हैं, बल्कि वे वर्तमान में भी देश के विकास और लोकतांत्रिक व्यवस्था के महत्वपूर्ण भागीदार हैं। उनकी ऊर्जा, सोच और प्रतिभा का सही दिशा में उपयोग देश को और मजबूत बना सकता है।
विद्यार्थियों ने देखी दिल्ली विधानसभा की ऐतिहासिक विरासत
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को दिल्ली विधानसभा भवन की ऐतिहासिक विरासत के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि यह ऐतिहासिक भवन वर्ष 1912 में बनाया गया था। यह भवन भारतीय लोकतांत्रिक और विधायी इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। यहां पूर्व में केंद्रीय विधान सभा की कार्यवाही भी हुई थी। इस भवन का संबंध महान नेता श्री विट्ठलभाई पटेल जैसी ऐतिहासिक विभूतियों की विरासत से भी जुड़ा हुआ है। विद्यार्थियों को इस भवन के इतिहास के साथ-साथ दिल्ली विधानसभा की लोकतांत्रिक यात्रा के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि वर्ष 1993 में दिल्ली विधानसभा के पुनर्गठन के बाद दिल्ली की लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था में विधानसभा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
विद्यार्थियों को समझाई गई कानून बनाने की प्रक्रिया
कार्यक्रम में विद्यार्थियों के लिए विधायी प्रक्रिया पर एक विशेष परिचयात्मक सत्र भी आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को आसान भाषा में बताया गया कि कानून कैसे बनाए जाते हैं। विद्यार्थियों को समझाया गया कि किसी कानून का विचार सामने आने के बाद उस पर किस प्रकार चर्चा होती है। विधानसभा में विधेयकों पर विचार-विमर्श किया जाता है और विभिन्न विषयों पर सदस्यों की राय सुनी जाती है। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विधेयक को आगे बढ़ाया जाता है। इस सत्र के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि लोकतंत्र में चर्चा, विचार-विमर्श और जनहित कितना महत्वपूर्ण होता है।
विद्यार्थियों ने देखी विधानसभा की डॉक्यूमेंट्री
कार्यक्रम के दौरान दिल्ली विधानसभा की संस्थागत यात्रा और विकास पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री भी विद्यार्थियों को दिखाई गई। इस डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से विद्यार्थियों को विधानसभा के इतिहास और उसकी कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिला। इस डॉक्यूमेंट्री में पद्म भूषण से सम्मानित अनुपम खेर ने अपनी आवाज दी है। डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से विद्यार्थियों को विधानसभा की लंबे समय की लोकतांत्रिक यात्रा के बारे में रोचक और सरल तरीके से जानकारी मिली।
विद्यार्थियों को दी गई ‘एक शताब्दी यात्रा’ पुस्तक
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को दिल्ली विधानसभा की विधायी यात्रा से जुड़ा कॉफी टेबल प्रकाशन ‘एक शताब्दी यात्रा’ भी भेंट किया गया। इस प्रकाशन में विधानसभा की एक लंबी ऐतिहासिक और विधायी यात्रा को संकलित किया गया है। विद्यार्थियों के लिए यह पुस्तक दिल्ली की लोकतांत्रिक और विधायी विरासत को समझने का एक उपयोगी माध्यम बनी।
विद्यार्थियों ने विधानसभा सदन का किया भ्रमण
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने दिल्ली विधानसभा सदन का निर्देशित भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने विधानसभा के विभिन्न महत्वपूर्ण हिस्सों को देखा और उसके कामकाज को करीब से समझा।
विद्यार्थियों के लिए यह अनुभव विशेष रहा, क्योंकि उन्होंने लोकतांत्रिक संस्थाओं के बारे में केवल किताबों में पढ़ने के बजाय विधानसभा को प्रत्यक्ष रूप से देखा।
लोकतंत्र में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण
आज भारत दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्रों में से एक है। लोकतंत्र को मजबूत बनाने में युवा पीढ़ी की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। युवा यदि अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझेंगे, तो वे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। दिल्ली विधानसभा की इस युवा संपर्क पहल का उद्देश्य भी युवाओं में लोकतंत्र के प्रति समझ और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है। इससे विद्यार्थियों को यह समझने में मदद मिलती है कि लोकतांत्रिक संस्थाएं किस प्रकार काम करती हैं और नागरिकों की इसमें क्या भूमिका होती है।
जागरूक युवा ही बनाएंगे मजबूत भारत
विजेंद्र गुप्ता ने युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक समाज की सफलता एक जागरूक, जिम्मेदार और सक्रिय युवा पीढ़ी पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि जब युवा लोकतांत्रिक संस्थाओं को करीब से देखते और समझते हैं, तो उनमें समाज और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना और मजबूत होती है। युवा अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और विचारों को जनसेवा तथा राष्ट्र निर्माण की दिशा में लगा सकते हैं।
युवाओं को देश के भविष्य का सह-निर्माता बनाने की पहल
दिल्ली विधानसभा की यह पहल केवल विद्यार्थियों को विधानसभा का भ्रमण कराने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य युवाओं को लोकतंत्र की वास्तविक प्रक्रिया से जोड़ना और उन्हें देश के भविष्य का सक्रिय सह-निर्माता बनाना है। किरोड़ी मल कॉलेज और रामजस कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए आयोजित यह कार्यक्रम उनके लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा। इस पहल के माध्यम से युवाओं को भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था की ऐतिहासिक विरासत, विधानसभा की कार्यप्रणाली और कानून बनाने की प्रक्रिया को करीब से समझने का अवसर मिला। अंततः यह कहा जा सकता है कि दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के नेतृत्व में युवाओं को लोकतांत्रिक संस्थाओं से जोड़ने की यह पहल नई पीढ़ी में जागरूकता, जिम्मेदारी और नागरिक भागीदारी की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जागरूक और सक्रिय युवा ही मजबूत लोकतंत्र तथा विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।