यूपी विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने महाकुंभके सफल आयोजन को रेखांकित करते हुए कहा कि यह एक चमत्कारिक आयोजन था, जिसमें 66 करोड़ श्रद्धालु शामिल हुए और बिना किसीअपराध की घटना के सुरक्षित घर लौटे। सीएम योगी ने कहा कि महाकुंभ की गूंज न सिर्फ भारत, बल्कि पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है और इससे देशकी अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।
संभल के धार्मिक स्थलों को पुनः खोजने का दावा
अपने संबोधन के दौरान सीएम योगी ने संभल जिले का जिक्र करते हुए कहा कि एक साजिश के तहत वहां के 68 तीर्थ स्थलों और 19 कूपों (प्राचीनजलस्रोतों) की पहचान मिटाने की कोशिश की गई थी। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने इन 68 तीर्थों में से 54 को फिर से खोज निकाला और19 कूपों की भी पहचान की।
सांप्रदायिकता के आरोपों का दिया जवाब
सीएम योगी ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि सरकार को सांप्रदायिक कहने वालों को महाकुंभ की ओर देखना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमाराआदर्श ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे संतु निरामया’ है, जो महाकुंभ में पूरी तरह परिलक्षित हुआ। इस आयोजन में किसी भी व्यक्ति के साथ जाति, क्षेत्र, मत या धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं हुआ।”
महाकुंभ से जुड़ी एक नाविक परिवार की सफलता की कहानी
सीएम योगी ने महाकुंभ के दौरान एक नाविक परिवार की सफलता का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि इस परिवार के पास 130 नौकाएं थीं, जिससे उन्होंने 45 दिनों में 23 लाख रुपये की कमाई की। प्रतिदिन उनकी आय 50 से 52 हजार रुपये तक पहुंच गई थी। इस दौरान मुख्यमंत्री नेसमाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल यादव पर तंज कसते हुए कहा कि वे महाकुंभ जाना चाहते थे, लेकिन चूक गए।
सनातन धर्म और अर्थव्यवस्था को बताया महाकुंभ से लाभान्वित
योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ को भारत की विरासत और विकास का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह आयोजन सनातन धर्म के लिए गौरव की बात है।उन्होंने बताया कि महाकुंभ केवल आध्यात्मिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी करीब 3.5 लाख करोड़ रुपये का लाभ होनेकी उम्मीद है।
महाकुंभ में महिलाओं की सुरक्षा पर जोर
सीएम योगी ने कहा कि महाकुंभ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद थी। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में 33 करोड़ महिलाएं शामिल हुईं, लेकिन छेड़खानी या अपराध की एक भी घटना नहीं घटी। साथ ही, उन्होंने कहा कि यह महाकुंभ उनके लिए अग्निपरीक्षा के समान था, जिसमें उनकीसरकार ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।
संभल के धार्मिक स्थलों को पुन स्थापित करने की प्रतिबद्धता
संभल के धार्मिक स्थलों को पुनः स्थापित करने के सरकार के प्रयासों पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने बस वही मांगा जो हमारा था। 56 वर्षोंमें संभल के शिव मंदिर में जलाभिषेक नहीं हुआ था, लेकिन अब वहां यह संभव हो रहा है। हम अपनी विरासत को पुनर्जीवित करने का कार्य कर रहेहैं।”