केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में गृह मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा के दौरान अपने विचार रखे। इस मौके पर उन्होंने आतंकवाद औरनक्सलवाद पर सरकार की सख्त नीति का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ”जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई है।
तीन मुख्य चुनौतियां: आतंकवाद, नक्सलवाद और पूर्वोत्तर उग्रवाद
अमित शाह ने कहा कि जब 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार सत्ता में आई, तो उसे कई विरासत में मिली चुनौतियों का सामना करना पड़ा। देश की सुरक्षाऔर विकास के लिए तीन बड़ी बाधाएं थीं – आतंकवाद, नक्सलवाद और पूर्वोत्तर में उग्रवाद। उन्होंने बताया कि इन समस्याओं के कारण देश के92,000 नागरिकों ने अपनी जान गंवाई।
आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति
अमित शाह ने जोर देकर कहा कि मोदी सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति को अपनाया है। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर मेंआतंकवादी घटनाओं में 70 प्रतिशत की कमी आई है। उरी और पुलवामा हमलों के बाद 10 दिनों के भीतर सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक करकेपाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया गया।
नक्सलवाद का खात्मा: 2026 तक का लक्ष्य
गृह मंत्री ने नक्सलवाद पर भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सरकार ने नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने विश्वासव्यक्त किया कि 21 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
आंतरिक सुरक्षा में सुधार
गृह मंत्री ने कहा कि गृह मंत्रालय ने सीमावर्ती और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए कई सुधार किए हैं। उन्होंने पुलिस और केंद्रीय बलों केजवानों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कड़ी मेहनत और बलिदान से देश सुरक्षित है।
धारा 370 का उन्मूलन और कश्मीर में विकास
अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर में निवेश और विकास के नए द्वार खुले हैं। अमित शाह ने बताया कि आकर्षक औद्योगिक नीति के तहत12,000 करोड़ रुपये का निवेश हुआ और 1.1 लाख करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए।
राष्ट्रीय सुरक्षा में ऐतिहासिक बदलाव
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गृह मंत्रालय में कई ऐतिहासिक बदलाव किए गए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देशकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में विश्वस्तरीय मानकों को अपनाया गया है।
आपराधिक गतिविधियों पर सख्ती
अमित शाह ने कहा कि अब अपराध राज्य की सीमाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैल चुके हैं। इसलिए गृहमंत्रालय में व्यापक सुधारों की आवश्यकता है, ताकि साइबर अपराध, नारकोटिक्स और संगठित अपराध जैसे मुद्दों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
गृह मंत्री अमित शाह ने अपने भाषण के दौरान स्पष्ट किया कि मोदी सरकार ने न सिर्फ सुरक्षा के मोर्चे पर बल्कि विकास के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कदमउठाए हैं। उनका कहना था कि देश में अब एक ही संविधान, एक ही ध्वज और एक ही प्रधानमंत्री का सपना साकार हो चुका है।