
राहुल गांधी ने विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा – कृष्णा अल्लावरु जी, इमाम अली चिंटू जी, अंजार नईमी जी, रफीक खान जी, हमारेकैंडिडेट्स प्रोफेसर आलम जी, कमरूल होदा जी, मास्टर मुजाहिद जी, स्टेज पर महागठबंधन के नेता, हमारे प्यारे कार्यकर्ता, भाइयों और बहनों, प्रेस केहमारे मित्रों, आप सबका यहां बहुत-बहुत स्वागत, नमस्कार। आपका मूड कैसा है? भाई बिहार आए हैं, थोड़ा दम लगाकर बोलो ना… मूड कैसा हैहिंदुस्तान में दो विचारधाराओं की लड़ाई है… एक तरफ आरएसएस, जो देश को खांचों में बांटना चाहती है… जाति का खांचा, धर्म का खांचा, प्रदेशका खांचा, भाषा का खांचा, स्त्री-पुरुष का खांचा और दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी, हम सब, महागठबंधन… जो देश को जोड़ना चाहता है, हर धर्म को, हर जाति को एक साथ लाकर आगे ले जाना चाहता है। हमने, मैंने 4,000 कि.मी. भारत जोड़ो यात्रा की, उसमें एक ही मैसेज था… नफरत के बाजारमें मोहब्बत की दुकान खोलनी है। उनकी यात्रा होती है और वो कहते हैं कि हमें नफरत फैलानी है, नफरत का बाजार खोलना है और मोहब्बत कीदुकानों को बंद करना है। और हम कहते हैं – हमें नफरत को मिटाना है, नफरत के बाजार को बंद करना है और मोहब्बत की दुकान खोलनी है… यहीराजनीति चल रही है। देखिए, नरेंद्र मोदी में, उनकी सोच में नफरत है… वह बांटना चाहते हैं, नफरत फैलाना चाहते हैं। दूसरी तरफ मेरे खून में मोहब्बतहै, भाईचारा है और हिंदुस्तान को मैं जोड़ना चाहता हूं… यह फर्क है, यह लड़ाई है… बीजेपी, आरएसएस एक तरफ, नरेंद्र मोदी, अमित शाह एकतरफ, कांग्रेस पार्टी दूसरी तरफ, राहुल गांधी दूसरी तरफ, खरगे जी दूसरी तरफ, तेजस्वी जी दूसरी तरफ… यही बात चल रही है। नफरत से इनको क्यामिलता है? मैं आपको बताता हूं। नफरत से इनको देश का धन मिलता है, नफरत से ये जनता के ध्यान को इधर-उधर भटका सकते हैं, नफरत से येजनता को डरा सकते हैं और जब जनता डरती है, तो जनता सही सवाल नहीं पूछती। बिहार में, हिंदुस्तान में तीन-चार राजनीतिक सवाल हैं… सबसेपहला और सबसे जरूरी राजनीतिक सवाल- इस देश के युवा को और बिहार के युवा को रोजगार क्यों नहीं मिल रहा है? यह सबसे पहला सवाल है।दूसरा सवाल – अगर युवाओं को रोजगार देना है तो बिना शिक्षा, बिना कॉलेज, बिना यूनिवर्सिटी, बिना स्कूल ये नहीं किया जा सकता है। तो दूसरासवाल बिहार में यूनिवर्सिटीज, कॉलेजेस सारे के सारे या बेचे जा रहे हैं या बंद हो रहे हैं और अगर बिहार के युवा को रोजगार चाहिए, तो उसे दूसरेप्रदेशों में जाकर मजदूरी करनी पड़ती है। मैं आपसे पूछना चाहता हूं – आप अलग-अलग प्रदेशों में गए हो। बिहार के लोग आपको अरुणाचल प्रदेश मेंमिलेंगे, दिल्ली में मिलेंगे, पंजाब में मिलेंगे, कर्नाटका में मिलेंगे, बैंगलोर में मिलेंगे, हैदराबाद में मिलेंगे, दुबई तक बिहार के लोग आपको मिलेंगे, मगरजहां भी आप जाओगे, बिहार के लोग मेहनत करते हैं, खून-पसीना देते हैं, ये बड़ी-बड़ी इमारतें बनाते हैं, सड़कें बनाते हैं, हाईवे बनाते हैं, पुल बनाते हैं, इंफ्रास्ट्रक्चर बनाते हैं, कॉलेज-यूनिवर्सिटियां बनाते हैं, अस्पताल बनाते हैं… मगर सारे के सारे बिहार के लोग बाकी प्रदेशों में मजदूरी करते हैं। क्याआप खुश हो कि बिहार की जनता देश में मजदूरी करती है? क्या आप चाहते हो कि बिहार के युवा का भविष्य देश के बाकी प्रदेशों में मजदूरी करनेका हो? चाहते हो? (जनसभा ने कहा – नहीं) अगर नहीं चाहते हो तो फिर आपको मालूम है आपको, किसको वोट देना है। नीतीश जी ने बिहार में औरमोदी जी ने देश में रोजगार खत्म करने का काम किया है।
मखाना पानी में से निकालते
भाइयों और बहनों, जेब में आपके मोबाइल फोन है… उस मोबाइल फोन को निकालिए, उसके पीछे देखिए क्या लिखा है। उसके पीछे लिखा है – मेडइन चाइना… लिखा है, नहीं लिखा है? लिखा है… शर्ट के पीछे देखिए मेड इन चाइना, मेड इन वियतनाम, मेड इन बांग्लादेश। जो भी यहां मालबिकता है, या चाइना में बनता है या जापान में या कोरिया में या वियतनाम में बनता है। हम चाहते हैं कि फोन के पीछे ‘मेड इन चाइना’ ना लिखा हो, ‘मेड इन बिहार’ लिखा हो। यहां पर आप पाइनएप्पल उगाते हो, मक्का उगाते हो, बिहार में मखाना उगाया जाता है, मक्का, मछली, अलग-अलगफल, आम, पाइनएप्पल… मैं आपसे पूछना चाहता हूं पिछले 20 साल में नीतीश जी ने कितने फूड प्रोसेसिंग प्लांट चालू किए? (जनसभा ने कहा – एक भी नहीं) कितने फूड प्रोसेसिंग यूनिट… पाइनएप्पल को प्रोसेस करने वाले, आम को प्रोसेस करने वाले, मछली को प्रिजर्व करने वाले, मखानाबनाने वाले कितने यूनिट नीतीश जी ने यहां स्थापित किए? (जनसभा ने कहा – एक भी नहीं)…एक भी नहीं। अमित शाह यहां आते हैं और कहते हैं – बिहार में उद्योग लगाने के लिए जमीन नहीं है… सीधा स्टेज से आपको झूठ बोलते हैं। जमीन की बिहार में कोई कमी नहीं है। अडानी के लिए जितनीभी जमीन चाहिए, नीतीश जी और नरेंद्र मोदी की सरकार देने को तैयार है। बिहार में एक एकड़ 1 रुपए के दाम में अडानी को दिया गया है। मगर फूडप्रोसेसिंग प्लांट नहीं लगेगा, पाइनएप्पल प्रोसेसिंग प्लांट नहीं लगेगा। जो मखाना पानी में से निकालते हैं, मेहनत करते हैं, उस मखाने का फायदाउनको बिहार में नहीं मिल सकता है। अमेरिका में हजारों रुपए में मखाना बिकता है, मगर बिहार में जो मेहनत करता है, उस बिक्री से उसको कोईफायदा नहीं मिलता। या बिचौलियों को मिलता है या फिर बड़ी-बड़ी कंपनियों को मिलता है या फिर अमेरिका की कंपनियों को मिलता है… फायदाबिहार की जनता को, बिहार के युवाओं को नहीं होता।
अपने दोस्त को आपने रील भेजी
एक समय होता था, जब बिहार में दुनिया की सबसे बेहतरीन यूनिवर्सिटी थी। नाम आपने सुना होगा… सुना है, नालंदा यूनिवर्सिटी? सुना है? पूरीदुनिया से लोग आते थे, कोने-कोने से आते थे… चीन से, जापान से, जर्मनी, फ्रांस, इंग्लैंड से, वियतनाम से बिहार आते थे। क्यों आते थे? नालंदायूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने आते थे, नालंदा यूनिवर्सिटी में शिक्षा लेने आते थे। मैं चाहता हूं कि फिर से इस बिहार में दुनिया की सबसे अच्छी… हाईक्वालिटी की यूनिवर्सिटी बने। मैं चाहता हूं कि दुनिया के सबसे अच्छे स्कूल, इंग्लिश मीडियम स्कूल, सबसे अच्छी यूनिवर्सिटी, सबसे अच्छे कॉलेजइस बिहार में बनें। मैं आपको बताना चाहता हूं… महागठबंधन यहां चुनाव जीतेगा, शिक्षा का काम हम करेंगे, यूनिवर्सिटी-कॉलेजेस खोलेंगे। सरकारीयूनिवर्सिटी, सरकारी कॉलेजेस, सरकारी स्कूल, इंग्लिश मीडियम स्कूल हम खोलेंगे। मगर राहुल गांधी भी आपको एक वायदा करना चाहता है, जैसे हीइंडिया गठबंधन की हमारी सरकार बनेगी, दुनिया की सबसे बेहतरीन यूनिवर्सिटी बिहार में हम आपके लिए खोलकर देंगे। कोने-कोने से लोग आएंगे… अमेरिका से, जापान से, कोरिया से, चीन से बिहार की यूनिवर्सिटी में आकर पढ़ाई करेंगे और फिर वापस जाकर कहेंगे- दुनिया में सबसे बेहतरीन शिक्षाबिहार में मिलती है, यह हमारा वायदा है आपसे। भाइयों और बहनों, नरेंद्र मोदी यहां आए, भाषण में कहते हैं कि हमने डाटा का दाम इतना कम करदिया है कि बिहार का युवा रील बना सकता है, वीडियो बना सकता है, Facebook देख सकता है, Instagram देख सकता है, Twitter देखसकता है। सबसे पहले नरेंद्र मोदी जी का झूठ सुनिए, वह कहते हैं कि उन्होंने दाम कम किए। मगर वह आपको यह नहीं बताते हैं कि जब आप रीलदेखते हो, जब आप वीडियो देखते हो, जब आप मैसेज भेजते हो, तो पैसा किसकी जेब में जाता है। भाइयों और बहनों, जैसे ही आपने अपना फोनचालू किया, आपने रील देखी और अपने दोस्त को आपने रील भेजी, उसका पैसा सीधा Jio और मुकेश अंबानी की जेब में जाता है।