
लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने भारतीय रुपये की गिरती स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि एक तरफ़ सरकार विश्वपटल पर भारत को “विश्व गुरु” बताने में लगी है, जबकि दूसरी तरफ़ अर्थव्यवस्था लगातार गिरावट की ओर बढ़ रही है। चौधरी सुनील सिंह ने कहा किरुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुँच चुका है और वर्तमान स्थिति ऐसी है जैसे भारतीय रुपया “डॉलर के सामने भीख माँगता” दिखाई देता है। उनकेअनुसार, सरकार का ध्यान केवल प्रचार, इवेंट और शो-ऑफ़ पर केंद्रित है, जबकि आर्थिक चुनौतियों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।
महंगाई बढ़ती है
उन्होंने कहा जब रुपया कमजोर होता है तो महंगाई बढ़ती है, आयात महंगा होता है और उसका सीधा असर आम जनता, किसान, व्यवसायी औरनौजवान पर पड़ता है। लेकिन सरकार इस पर मौन है। हर मुद्दे पर फ़ोटोशूट और भाषण होते हैं, मगर आर्थिक बदहाली पर कोई जवाब नहीं। लोकदलअध्यक्ष के इन बयानों ने मौजूदा आर्थिक स्थिति पर सरकार की नीतियों को लेकर नए सिरे से बहस छेड़ दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकारसमय रहते कदम नहीं उठाती, तो आने वाले दिनों में ये स्थिति आम लोगों के लिए और भी मुश्किलें बढ़ा सकती है।