रोमानिया में राष्ट्रपति चुनाव के पहले चरण में कट्टरपंथी राष्ट्रवादी नेता जॉर्ज सिमियन को रविवार को निर्णायक जीत मिली. एलायंस फॉर द यूनिटीऑफ रोमानिया के प्रमुख 38 वर्षीय सिमियन को 40.5% वोट मिले हैं. वहीं सिमियन से काफी पीछे दूसरे स्थान पर बुखारेस्ट के मेयर निकुसोर डैनको 20.89% वोट मिले. जबकि तीसरे नंबर पर सत्तारूढ़ गठबंधन के संयुक्त उम्मीदवार क्रिन एंटोनेस्कु रहे. जिन्हें 20.34% वोट मिले। वहीं एंटोनेस्कुने हार स्वीकार कर ली है और कहा कि यह नतीजा अब बदलना मुश्किल है. बता दें कि चुनाव इसलिए दोबारा कराए गए क्योंकि पहले के नतीजों कोरद्द कर दिया गया था. जिससे यूरोपीय संघ और नाटो सदस्य देश रोमानिया में दशकों की सबसे बड़ी राजनीतिक संकट खड़ी हो गई थी. चुनाव आयोगकी माने तो अभी 99% वोटों की गिनती पूरी हो चुकी है.रोमानिया में हुए इस चुनाव में राष्ट्रपति पद के लिए कुल 11 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था. जहां अब 18 मई को शीर्ष दो प्रत्याशियों सिमियन और डैन के बीच फाइनल मुकाबला होगा.
यूरोपीय यूनियन के समर्थन में चलाया कैंपेन
दरअसल चुनाव में कुल 53.2% वोटिंग हुई, यानी करीब 95.7 लाख मतदाताओं ने वोट डाले. इनमें से 9.73 लाख वोट विदेशों में बने मतदान केंद्रोंपर पड़े.देखा जाए तो रोमानिया में हुए इस चुनाव कई बात साफ हो गई और चुनाव में जनता का मूड साफ दिखा. मीडिया रिपोर्ट के माने तो लोग अबपारंपरिक राजनीतिक पार्टियों से ऊब चुके हैं और बदलाव की मांग कर रहे हैं. देश में तेजी से राजनीतिक माहौल बदल रहा है और इसका सबसे बड़ासंकेत है नए चेहरों की बढ़ती लोकप्रियता.55 साल के गणितज्ञ और पूर्व भ्रष्टाचार विरोधी कार्यकर्ता डैन ने 2016 में सेव रोमानिया यूनियन(यूएसआर) नाम की पार्टी बनाई थी. उन्होंने ऑनेस्ट रोमानिया नाम से चुनाव लड़ा और यूरोपीय यूनियन के समर्थन में कैंपेन चलाया. हालांकि वोटिंगके बाद डैन ने कहा कि यह रोमानियाई जनता और हमारे लोकतंत्र में विश्वास की बात है यह एक नई शुरुआत है जिसे हमें सही तरीके से आगे बढ़ानाहै.इसके साथ ही वहीं 65 वर्षीय सेंट्रिस्ट नेता एंटोनेस्कु ने देश को एकजुट और मजबूत बनाने की बात की. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र एक विचारों कीलड़ाई है लेकिन हम सब एक ही देश के नागरिक हैं और हमें मिलकर आगे बढ़ना है. वहीं पुराने प्रधानमंत्री विक्टर पोंटा जो 2012 से 2015 तक इसपद पर रहे ने रोमानिया फर्स्ट के नारे के साथ ट्रंप प्रशासन से करीबी रिश्तों की बात कही. उन्हें केवल 14.3% वोट मिले और वो चौथे स्थान पर रहे.