
जल बोर्ड कार्यालय स्थानांतरण से बढ़ी जनता की परेशानी
रोहिणी के विधायक और दिल्ली विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने दिल्ली जल बोर्ड के रेवेन्यू ज़ोन कार्यालय को रोहिणी सेक्टर-6 से नरेलास्थानांतरित किए जाने का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय स्थानीय नागरिकों के लिए बेहद असुविधाजनक है। पहले यह कार्यालय सभीके लिए पास में था, लेकिन अब इसे लगभग 20 किलोमीटर दूर भेज देने से बुजुर्गों, महिलाओं और कामकाजी लोगों को दिक्कत हो रही है।
नागरिकों की शिकायत पर विजेंद्र गुप्ता ने लिया संज्ञान
रोहिणी क्षेत्र के कई नागरिकों ने विजेंद्र गुप्ता से मुलाकात कर जल बोर्ड कार्यालय के स्थानांतरण से जुड़ी अपनी समस्याएं बताईं। उन्होंने कहा किबिल जमा करने, पानी की सप्लाई या सीवर संबंधी शिकायतों के लिए अब उन्हें नरेला तक जाना पड़ रहा है। जनता की यह तकलीफ सुनने के बादविजेंद्र गुप्ता ने तुरंत इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया और इसे जनसुविधा से जुड़ा बड़ा फैसला बताया।
विजेंद्र गुप्ता ने जल बोर्ड को लिखा पत्र
24 अक्तूबर 2025 को विजेंद्र गुप्ता ने दिल्ली जल बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को पत्र लिखकर रोहिणी स्थित पुराने कार्यालय कोवापस बहाल करने की मांग की। उन्होंने पत्र में लिखा कि यह कार्यालय पिछले 40 सालों से क्षेत्र के लोगों की सेवा कर रहा था और इसका अचानकनरेला स्थानांतरण अनुचित है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक निर्णय हमेशा जनता की सुविधा को ध्यान में रखकर लिए जाने चाहिए, न कि उन्हें परेशानकरने के लिए।
जल बोर्ड ने शुरू की कार्रवाई
विजेंद्र गुप्ता की पहल पर दिल्ली जल बोर्ड ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। 28 अक्तूबर 2025 को जल बोर्ड के सदस्य (वित्त) ने निदेशक (राजस्व) को निर्देश दिया कि इस मामले की जांच कर सात दिनों में रिपोर्ट (एक्शन टेकन रिपोर्ट – ATR) तैयार की जाए। यह रिपोर्ट विजेंद्र गुप्ता और मुख्यकार्यकारी अधिकारी दोनों को भेजी जाएगी। जल बोर्ड ने भरोसा दिलाया कि नागरिकों की परेशानी को दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
विजेंद्र गुप्ता बोले — जनता की सुविधा सर्वोच्च
गुप्ता ने कहा शासन का असली उद्देश्य जनता की सुविधा सुनिश्चित करना है। अगर किसी प्रशासनिक निर्णय से लोगों को दिक्कत हो रही है, तो उसेतुरंत बदलना चाहिए।उन्होंने कहा कि जनता की पहुँच, सुविधा और संतुष्टि को ही सरकार की सफलता का पैमाना माना जाना चाहिए।
जनता के हित में दृढ़ हैं विजेंद्र गुप्ता
रोहिणी के विधायक विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि वे तब तक प्रयास करते रहेंगे जब तक यह कार्यालय दोबारा रोहिणी में स्थापित नहीं हो जाता। उन्होंनेकहा लोकतंत्र में जनता की आवाज़ सबसे ऊपर होती है। मैं जनता के हित में हर मंच पर आवाज उठाता रहूंगा। गुप्ता ने बताया कि यह सिर्फ एककार्यालय का मुद्दा नहीं, बल्कि जनसुविधा और सुशासन से जुड़ा मामला है।
जनसेवा और सुशासन का उदाहरण
विजेंद्र गुप्ता का यह कदम एक बार फिर दिखाता है कि वे जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील नेता हैं। उनकी तत्परता से न केवल जल बोर्डहरकत में आया, बल्कि रोहिणी के लोगों में भी यह उम्मीद जगी कि उनकी आवाज़ सुनी जा रही है। अब लोगों की निगाहें इस बात पर हैं कि दिल्लीजल बोर्ड कितनी जल्दी यह कार्यालय फिर से रोहिणी में बहाल करता है।