
राजधानी लखनऊ में रविवार को सीएम योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने पत्रकार वार्ता की। इस दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा की और विपक्ष को घेरा। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि सपा तुष्टिकरण की राजनीति करती है। मुस्लिम बहनों के लिए आरक्षण की मांग करते हैं, जबकि हमारा संविधान किसी को भी धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं देता है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के दिन विपक्ष ने महिलाओं की अपेक्षाओं में पानी फेरा है। उस दिन को उन्होंने काला दिन बना दिया। इसके विरोध में महिलाएं लगातार प्रदर्शन कर रही हैं। आने वाले समय में वोट की ताकत से भी महिलाएं विपक्ष को सबक सिखाएंगी।
सरकार विशेष अधिवेशन भी लेकर आई
इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी ने कहा था देश में चार ही जाति है। नारी, युवा, गरीब और किसान। भारत को कमजोर करने की नीयत से जिन्होंने जातिवाद के नाम पर देश को लूटा है उनके लिए ये एक चुनौती थी। इसीलिए, उन्होंने ऐसे प्रोग्रेसिव कदम का कांग्रेस और उनके पार्टनर ने विरोध किया है। आधी आबादी के मन में विपक्ष के इस नारी विरोधी आचरण को लेकर भारी आक्रोश है। कांग्रेस, सपा, आरजेडी, तृणमूल, डीएमके जैसे जो दल इस पाप में भागी थे, उनसे आधी आबादी आक्रोशित है। ये लोग सुधारवादी कदमों के बैरियर के रूप में आगे जाकर षडयंत्र करता है। उन्होंने कहा कि महिला संगठनों ने महिला आरक्षण बिल को 2023 के बजाय 2029 में लागू करने की मांग की। सरकार विशेष अधिवेशन भी लेकर आई। कुछ राज्यों ने उनके हक को कम करने की चिंता जताई थी। प्रधानमंत्री के तय किया था, किसी का हक न मारा जाए, इसलिए आरक्षण की सीटें बढ़ाने का तय किया था। 2011 की जनगणना के मुताबिक उत्तर और दक्षिण के राज्यों में सीटें बढ़नी थीं। इससे नारी को उसका स्वाभाविक अधिकार मिलता। लोगों ने न जाने क्या क्या बात कही। सपा ने मुस्लिम आरक्षण की बात कही।