
लालकिला मैदान में हर साल होने वाली प्रसिद्ध लव कुश रामलीला इस वर्ष एक बड़े बदलाव के साथ होने जा रही है। इस बार अभिनेत्री पूनम पांडेकी जगह मेजर शालू वर्मा मंदोदरी की भूमिका निभाएंगी। यह निर्णय रामलीला समिति ने सभी विवादों और विचार-विमर्श के बाद लिया है। समिति केअध्यक्ष अर्जुन कुमार और महासचिव सुभाष गोयल ने बताया कि पूनम पांडे ने शुरू में मंदोदरी की भूमिका निभाने के लिए सहमति दी थी। लेकिन उनकेनाम की घोषणा के बाद कई सामाजिक संगठन और विभिन्न वर्गों के लोग आपत्तियां करने लगे। समिति ने महसूस किया कि यह आपत्ति रामलीला केमुख्य उद्देश्य—प्रभु श्रीराम का संदेश समाज तक पहुँचाना—में बाधा डाल सकती है।
सर्वसम्मति से लिया गया निर्णय
समिति ने सभी सदस्यों की सहमति से निर्णय लिया कि इस बार मंदोदरी की भूमिका मेजर शालू वर्मा को दी जाएगी। अर्जुन कुमार ने बताया कि इसवर्ष की रामलीला का विषय ‘ऑपरेशन सिंदूर’ है। इसी कारण समिति ने मुख्य भूमिकाओं के लिए सेना से जुड़े कलाकारों को प्राथमिकता देने कानिर्णय लिया। मेजर शालू वर्मा मंदोदरी का किरदार निभाएंगी। इसके अलावा चार-पाँच और सेना के लोग रामलीला के अन्य महत्वपूर्ण पात्रों में नजरआएंगे। इस तरह रामलीला में पहली बार सेना के अधिकारी इतने बड़े पैमाने पर भाग लेंगे।
सेना के कलाकारों की भागीदारी से बढ़ा उत्साह
समिति और दर्शकों में इस निर्णय को लेकर खासा उत्साह है। पहली बार रामलीला में सेना के अधिकारी इतने बड़े स्तर पर हिस्सा ले रहे हैं। इससे नकेवल मंचन और प्रभावशाली बनेगा, बल्कि बच्चों और युवाओं में देशभक्ति और अनुशासन की भावना भी बढ़ेगी।
रामलीला का उद्देश्य और संदेश
समिति का मानना है कि इस बदलाव से रामलीला का मूल संदेश—धर्म, न्याय और समाज में अच्छाई फैलाना—और स्पष्ट रूप से समाज तकपहुंचेगा। मंदोदरी के चरित्र के माध्यम से वीरता, मातृत्व और त्याग का संदेश सभी दर्शकों तक पहुँचाया जाएगा।
दर्शकों और समाज की प्रतिक्रिया
समिति ने बताया कि दर्शक इस निर्णय को सकारात्मक रूप में स्वीकार कर रहे हैं। पहली बार सेना के अधिकारी रामलीला में इतने बड़े स्तर पर शामिलहो रहे हैं। मंचन के सभी सुरक्षा और व्यवस्थागत इंतजाम पूरे किए गए हैं ताकि दर्शक सुरक्षित रूप से इसका आनंद ले सकें।
बच्चों और युवाओं के लिए संदेश
रामलीला के इस मंचन से बच्चों और युवाओं को संस्कार, अनुशासन और देशभक्ति की सीख मिलेगी। मेजर शालू वर्मा के अभिनय से मंदोदरी का पात्रऔर प्रभावशाली और प्रेरक नजर आएगा। बच्चों को रामलीला के माध्यम से न केवल धार्मिक कथा समझने का मौका मिलेगा बल्कि जीवन में सहीऔर गलत के मूल्य भी सीखने को मिलेंगे।