
दिल्ली के स्थापना दिवस पर आज लाल क़िले का नज़ारा बेहद खास रहा। दिल्ली सरकार के शिक्षा एवं खेल विभाग और पर्यटन विभाग (DTTDC) के संयुक्त तत्वावधान में मेरी दिल्ली मेरा देश एकता में विविधता नाम से एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन ने दिल्ली कीसंस्कृति, खानपान, इतिहास और एकता की भावना को एक ही मंच पर प्रस्तुत कर दिया। इस अवसर पर उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना, मुख्यमंत्री रेखागुप्ता, शिक्षा मंत्री आशीष सूद और पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।
दिल्ली की आत्मा एकता में विविधता
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि मेरी दिल्ली, मेरा देश केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि दिल्ली की आत्मा को महसूस करने का माध्यम है। उन्होंनेबताया कि दिल्ली केवल एक महानगर नहीं, बल्कि भारत की विविधता और एकता का प्रतीक विचार है। यह पहल दिल्ली के नागरिकों, विद्यार्थियों, कलाकारों और स्वयंसेवकों को यह संदेश देती है कि दिल्ली सिर्फ दिल्लीवासियों की नहीं, बल्कि पूरे भारत की राजधानी है।
इतिहास और भावना से जुड़ा लाल क़िला
कार्यक्रम के दौरान आशीष सूद ने कहा कि 1947 में जब लाखों लोग पंजाब से दिल्ली आए थे, तब लाल क़िले ने उनके आँसू भी देखे और सरदारपटेल की दृढ़ता भी। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने तब लोगों को यह भरोसा दिया था कि दिल्ली आपकी भी है। सूद ने कहा कि दिल्ली की रौनक, उसकी ऊर्जा और उसका संघर्ष, सबमें उस पंजाबी हिम्मत और देशभक्ति की झलक है, जिसे पटेल ने सुरक्षा और सम्मान दिया था। दिल्ली ने हमेशासंघर्ष को गले लगाया है और उसे ताक़त में बदला है यही दिल्ली की आत्मा है।
दिल्ली में हर दिन एक नया उत्सव
सूद ने कहा कि आज भले ही हम 8 राज्यों का स्थापना दिवस मना रहे हैं, लेकिन सच तो यह है कि दिल्ली में हर दिन कोई न कोई राज्य अपना उत्सवमनाता है। कभी पंजाब, कभी उत्तराखंड, तो कभी महाराष्ट्र या उड़ीसा हर राज्य की संस्कृति दिल्ली की ज़िंदगी में रच-बस गई है। यही विविधता मेंएकता दिल्ली की असली पहचान है।
फूड फेस्टिवल और हेरिटेज वॉक बने आकर्षण का केंद्र
इस आयोजन में दिल्ली फूड फेस्टिवल और हेरिटेज वॉक का भी आयोजन किया गया, जिसमें दिल्ली की समृद्ध पाक-परंपराओं और ऐतिहासिकधरोहरों को प्रदर्शित किया गया। सूद ने बताया कि इस फूड फेस्टिवल में शिक्षा निदेशालय (DOE) के विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए व्यंजन भीप्रदर्शित किए गए। बहु-व्यंजन फूड कोर्ट में दिल्ली के पारंपरिक खान-पान के स्टॉल लोगों के लिए खास आकर्षण रहे। उन्होंने कहा कि इस पहल काउद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति की भावना को बढ़ावा देना है, ताकि नई पीढ़ी न केवल शिक्षा बल्कि संस्कृति से भी जुड़ीरहे।
दिल्ली के प्रतिष्ठित नागरिकों को किया गया सम्मानित
आशीष सूद ने बताया कि दिल्ली सरकार ने इस अवसर पर उन प्रतिष्ठित नागरिकों को सम्मानित किया जिन्होंने दिल्ली के विकास, समाजसेवा औरसंस्कृति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह सम्मान दिल्ली की विविधता और जन-भागीदारी की भावना को दर्शाता है।
दिल्ली की यात्रा पर शानदार नाट्य प्रस्तुति
कार्यक्रम में दिल्ली की यात्रा शाहजहानाबाद से स्मार्ट सिटी तक शीर्षक से एक नाट्य प्रस्तुति भी हुई, जिसमें दिल्ली की ऐतिहासिक और आधुनिकयात्रा को बड़े ही खूबसूरत ढंग से दिखाया गया। इस प्रस्तुति में मुगल काल से लेकर आज की विकसित, स्मार्ट और आधुनिक दिल्ली तक के सफर कासार दिखाया गया कैसे एक शहर ने इतिहास, संस्कृति और आधुनिकता को साथ लेकर प्रगति की राह बनाई।
लाल क़िले की दीवारों पर जीवंत हुआ इतिहास
इस कार्यक्रम में पहली बार लाल क़िले की ऐतिहासिक दीवारों पर प्रोजेक्शन मैपिंग शो आयोजित किया गया। इस शो में रोशनी और ध्वनि के माध्यमसे दिल्ली के गौरवशाली इतिहास, सभ्यता और विकास को दर्शाया गया। इस शानदार प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
बी प्राक के देशभक्ति सुरों ने बढ़ाई शाम की रौनक
कार्यक्रम का समापन प्रसिद्ध गायक बी प्राक के लाइव म्यूज़िकल कॉन्सर्ट से हुआ। उन्होंने देशभक्ति और एकता के सुरों से लाल क़िले की शाम कोअविस्मरणीय बना दिया।
25 साल बाद ऐसा भव्य आयोजन
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में किसी भी सरकार ने दिल्ली स्थापना दिवस पर इतना भव्य कार्यक्रम नहीं किया था। उन्होंनेकहा, यह आयोजन हमारी सरकार की सोच और दिल्ली के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। हमने परंपरा को तोड़कर पहली बार लाल क़िले केऐतिहासिक परिसर में दिल्ली की संस्कृति, एकता और गौरव का उत्सव मनाया। इस कार्यक्रम की सराहना न केवल दिल्लीवासियों ने, बल्कि पूरे देशने की है।