
पदयात्रा में शामिल होकर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का आह्वान
नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने आज दिल्ली में ऐतिहासिक एक कदम गांधी के साथ पदयात्रामें शामिल होकर संविधान, एकता और सामाजिक सद्भाव की रक्षा का मजबूत संदेश दिया। यह पदयात्रा वाराणसी से शुरू होकर 1,000 किलोमीटरकी यात्रा तय करती हुई राजघाट पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। यात्रा की शुरुआत 2 अक्टूबर को सर्व सेवा संघ, वाराणसी से हुई थी और इसकाउद्देश्य था बढ़ती नफ़रत, ध्रुवीकरण और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर बढ़ते हमलों के खिलाफ देश की जनता को जागरूक करना।
सरकार पर ऐतिहासिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप
पदयात्रियों को संबोधित करते हुए वरुण चौधरी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार महात्मा गांधी, जवाहरलालनेहरू और स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा स्थापित संस्थाओं को व्यवस्थित रूप से कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं पर बुलडोज़र चलाकर, उन्हें निजी हाथों में सौंपकर सरकार देश की आत्मा पर प्रहार कर रही है। चौधरी के अनुसार, यह सिर्फ संस्थाओं पर हमला नहीं, बल्कि भारत केलोकतांत्रिक चरित्र को कमजोर करने की कोशिश है।
दिल्ली–एनसीआर में प्रदूषण संकट पर गहरी चिंता
वरुण चौधरी ने भाषण के दौरान राजधानी दिल्ली और एनसीआर में फैले खतरनाक प्रदूषण स्तर पर भी कड़ी चिंता प्रकट की। उन्होंने कहा कि AQI 800–900 पहुंचना किसी आपदा से कम नहीं है और इससे लाखों लोगों की जान पर सीधा खतरा है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह इसगंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट पर मौन है, कोई ठोस योजना नहीं है, और लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। उन्होंने मांग की कि तत्कालआपातकालीन कदम उठाए जाएँ और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
संविधान दिवस की पूर्व संध्या पर प्रस्तावना का वाचन
संविधान दिवस (26 नवंबर) के एक दिन पूर्व, वरुण चौधरी ने पदयात्रा में शामिल सैकड़ों नागरिकों के साथ भारतीय संविधान की प्रस्तावना कासामूहिक वाचन किया। उन्होंने कहा कि देश के हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे संवैधानिक मूल्यों की रक्षाकरे। इस मौके पर उन्होंने एकता, शांति और सामाजिक सद्भाव के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।
राजघाट पर यात्रा का समापन प्रेम, शांति और लोकतंत्र का संदेश
पदयात्रा विभिन्न राज्यों से होती हुई जब राजघाट पहुंची तो वहां लोगों ने स्वतंत्रता संग्राम की भावना को याद किया। यात्रा के समापन पर संदेश साफथा देश को नफ़रत नहीं, मोहब्बत की ज़रूरत है। लोकतंत्र की रक्षा, संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने के लिएहर नागरिक को एकजुट होकर खड़ा होना पड़ेगा।
यात्रा बनी जनजागरण का प्रतीक
एक कदम गांधी के साथ यात्रा ने साबित किया कि देश का युवा, छात्र, नागरिक समाज और आम लोग आज भी गांधीवादी मूल्यों और लोकतांत्रिकआदर्शों को सबसे मजबूत हथियार मानते हैं। वरुण चौधरी की इस यात्रा में सहभागिता ने न सिर्फ आंदोलन को नई ऊर्जा दी, बल्कि संविधान दिवसकी पूर्व संध्या पर पूरे देश को याद दिलाया कि लोकतंत्र नागरिकों की जागरूकता और सक्रियता से ही जीवित रहता है।