
केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने सोमवार को कहा कि अगर राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कोप्रमुखता मिलती है, तो राज्य अपनी विशिष्ट पहचान खो देगा। कन्नूर में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक नए कार्यालय भवन का उद्घाटनकरते हुए विजयन ने लोगों को संघ परिवार की विचारधारा के बढ़ते प्रभाव के प्रति सतर्क रहने की अपील की। विजयन का यह रूख चौंकाने वालाइसलिए भी है क्योंकि बीते सप्ताह ही राज्य सरकार ने PM SHRI योजना में शामिल होने का फैसला लिया है। विजयन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमितशाह के हालिया बयान का हवाला दिया, जिसमें शाह ने कोच्चि में दावा किया था कि भाजपा आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में 25 प्रतिशत वोटऔर उसके बाद होने वाले विधानसभा चुनावों में बहुमत हासिल करेगी। विजयन ने कहा, “अगर आरएसएस की विचारधारा यहां मजबूत होती है, तोकेरल वैसा नहीं रहेगा जैसा आज है। आज हमारे पास खाने-पीने, पहनने और पूजा करने की आजादी है। लेकिन जिन राज्यों में आरएसएस का प्रभावहै, वहां लोगों पर उनके पहनावे या भोजन को लेकर हमले होते हैं और यहां तक कि हत्या भी की जाती है।”
स्पष्ट रुख अपनाना होगा
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि संघ परिवार सबरीमाला सहित धार्मिक परंपराओं में हस्तक्षेप कर केरल की संस्कृति और सांप्रदायिक सौहार्द कोबिगाड़ने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा, “भगवान अयप्पा के साथ वावर का भी सबरीमला परंपरा में स्थान है, लेकिन संघ परिवार यह बर्दाश्तनहीं कर सकता कि एक मुस्लिम की ऐसी भूमिका हो। इसलिए वे वावर की पहचान को गलत ढंग से पेश करने की कोशिश करते हैं।”
कहानियों के अनुसार, वावर भगवान अयप्पा के मुस्लिम साथी थे और श्रद्धालु एरुमेली स्थित वावर की मस्जिद होते हुए सबरीमाला पहुंचते हैं। विजयनने चेतावनी दी कि अगर ऐसी ताकतें प्रभाव में आईं तो सबरीमाला की समावेशी परंपरा नष्ट हो जाएगी। उन्होंने कहा कि केरल के पुनर्जागरण आंदोलनोंने जाति-आधारित समाज को एक प्रगतिशील समाज में बदला था, लेकिन अब उन उपलब्धियों को पलटने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, “भाजपा को दिया गया हर वोट केरल की असली पहचान को नुकसान पहुंचाएगा। लोगों को इसे समझना होगा और स्पष्ट रुख अपनाना होगा।”
कमजोर कर विकास को रोक दिया था
विजयन ने पूर्ववर्ती यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) सरकार (2011–16) पर भी हमला करते हुए कहा कि उसने राज्य की वित्तीय स्थिति कोकमजोर कर विकास को रोक दिया था, जबकि 2016 से सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार ने सभी क्षेत्रों में प्रगति को पुनर्जीवितकिया है।
केरल के इस नाटकीय राजनीतिक घटनाक्रम पर कांग्रेस ने भी प्रतिक्रिया दी। एक तरफ जहां सीएम ने आरएसएस की विचारधारा मजबूत होने कोलेकर सतर्क रहने वाला बयान दिया तो दूसरी तरफ केरल सरकार ने PM SHRI योजना में शामिल होने का फैसला भी लिया है। अब कांग्रेस ने इसेसीपीएम और भाजपा के बीच ‘गुप्त गठजोड़’ बताया। केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) प्रमुख सनी जोसेफ ने कहा कि वामपंथी दल का छिपासंबंध अब खुलकर सामने आ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने कैबिनेट में चर्चा किए बिना ही राज्य के इस योजना मेंशामिल होने की घोषणा कर दी। हालांकि, सत्ताधारी खेमे से एलडीएफ संयोजक टी. पी. रामकृष्णन ने सरकार के फैसले का बचाव किया। उन्होंनेकहा कि राज्य को केंद्र से अधिकतम फंड मिले ये सुनिश्चित करना सरकार का काम है। जोसेफ ने सीपीआई से पूछा कि क्या वह अपने विरोधी रुख परकायम रहेगी? कांग्रेस नेता ने कहा, अगर सीपीआई विरोध करती है तो कांग्रेस भी उसका समर्थन करेगी। उन्होंने सीपीएम पर बीजेपी से राजनीतिकलाभ लेने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से स्पष्टीकरण मांगते हुए जोसेफ ने पूछा कि क्या यह मुद्दा कैबिनेट में चर्चा के लिए लायाजाएगा।