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दिल्ली विधानसभा ने आधुनिक भारत के डिजिटल युग में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए केवल 100 दिनों के भीतर नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन(NeVA) लागू कर देश की 18वीं पेपरलेस विधानसभा बनने का गौरव हासिल किया है। इस उपलब्धि की सराहना केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेनरिजिजू ने संसद भवन में आयोजित तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन में की। उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा का यह कदम न केवल प्रशासनिक दक्षता काप्रतीक है, बल्कि यह लोकतंत्र को डिजिटल रूप में सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल है।

100 दिनों में रिकॉर्ड उपलब्धि
दिल्ली विधानसभा ने मार्च 2025 में संसदीय कार्य मंत्रालय और दिल्ली सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। यह परियोजना तबशुरू हुई जब दिल्ली इस योजना में शामिल होने वाला 28वां राज्य बना। लेकिन केवल 100 दिनों में ही विधानसभा ने तकनीकी रूप से खुद को पूरीतरह पेपरलेस बना लिया। 4 अगस्त 2025 को दिल्ली विधानसभा ने अपना पहला पेपरलेस सत्र आयोजित किया और देश की 18वीं गो-लाइवविधानसभा बन गई। इस गति और समर्पण ने दिल्ली विधानसभा को अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा का केंद्र बना दिया है।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने की प्रशंसा
संसद भवन में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में किरेन रिजिजू ने कहा कि दिल्ली विधानसभा ने केवल 100 दिनों में जो उपलब्धि हासिल की है, वह पूरेदेश के लिए एक मानक है। उन्होंने इसे पारदर्शिता और कार्यकुशलता का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि इस परियोजना से विधायी कार्यप्रणाली में तकनीकी नवाचार और पर्यावरण संरक्षण दोनों को बढ़ावा मिलेगा। रिजिजू ने कहा कि दिल्ली विधानसभा का यह प्रयास यह दिखाता हैकि अगर इच्छाशक्ति और नेतृत्व मजबूत हो तो किसी भी सुधार को बहुत तेजी से लागू किया जा सकता है।

विजेंद्र गुप्ता ने मांगा सहयोगरखा नया प्रस्ताव
सम्मेलन में उपस्थित विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का धन्यवाद करते हुए कहा कि दिल्ली विधानसभा का यह कदमडिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में एक मजबूत आधार बनेगा। उन्होंने मंत्रालय से नेशनल लेजिस्लेटिव इंडेक्स स्थापित करने मेंसहयोग मांगा। विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह सूचकांक सभी राज्यों की विधानसभाओं के विधायी प्रदर्शन का आंकड़ा-आधारित मूल्यांकन करेगा। इससेराज्यों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और सुशासन को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने इसे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण उपकरण बताया।

नेवा लागू करने में विजेंद्र गुप्ता का नेतृत्व
दिल्ली विधानसभा में नेवा लागू करने की यात्रा 22 मार्च 2025 को शुरू हुई थी। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इस दिशा में बहुआयामीरणनीति अपनाई। उन्होंने अन्य राज्यों की विधानसभाओं का अध्ययन करवाया, विधायकों और कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किएऔर मंत्रालयों के बीच सतत समन्वय बनाए रखा। उनके नेतृत्व में विधानसभा सचिवालय ने रिकॉर्ड समय में तकनीकी ढांचे, सॉफ्टवेयर सिस्टम औरप्रशिक्षण को पूरा किया। नतीजतन, 4 अगस्त 2025 को दिल्ली विधानसभा का पहला सत्र पूरी तरह पेपरलेस तरीके से संपन्न हुआ।

डिजिटल इंडिया की दिशा में बड़ा कदम
दिल्ली विधानसभा का यह कदम डिजिटल इंडिया मिशन की दिशा में एक मील का पत्थर है। अब विधानसभा की सभी कार्यवाही डिजिटल प्लेटफॉर्मपर संचालित होती है, जिससे कागज की बचत के साथ पारदर्शिता और दक्षता में वृद्धि हुई है। इससे पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिली है और शासनकी गति तेज़ हुई है। विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि दिल्ली विधानसभा की यह उपलब्धि केवल तकनीकी बदलाव नहीं है, बल्कि लोकतंत्र को और अधिकपारदर्शी, जिम्मेदार और आधुनिक बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।

राष्ट्रीय स्तर पर उदाहरण बनी दिल्ली विधानसभा
दिल्ली विधानसभा की इस उपलब्धि की चर्चा न केवल राष्ट्रीय सम्मेलन में बल्कि अन्य राज्यों की विधानसभाओं में भी हो रही है। कई राज्यों ने अबनेवा को लागू करने के लिए दिल्ली के अनुभव से सीखने की इच्छा जताई है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि दिल्ली का यह मॉडल अन्य राज्योंके लिए प्रेरणास्रोत है और उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में देश की सभी विधानसभाएँ इस दिशा में आगे बढ़ेंगी।

विजेंद्र गुप्ता ने कहा यह टीम वर्क की जीत है
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह सफलता केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरी टीम की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहाकि विधानसभा के अधिकारियों, कर्मचारियों और विधायकों ने इस परियोजना को साकार करने में अभूतपूर्व योगदान दिया है। विजेंद्र गुप्ता ने कहा, हमारा लक्ष्य है कि दिल्ली विधानसभा देश की सबसे पारदर्शी, डिजिटल और आधुनिक विधान संस्था बने। यह सफलता उसी दिशा में हमारा पहलाबड़ा कदम है।


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