भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने पाकिस्तानी सेना के प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर पर तीखा हमला बोला और उन्हें धार्मिक कट्टरपंथीबता दिया. उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमला उस कट्टरपंथी सोच का ही नतीजा है. नीदरलैंड के एक समाचार पत्र के साथ बातचीत में डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी किए गए आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाया. पहलगाम आतंकी हमले पर डॉ. जयशंकर नेकहा कि ‘भारतीय क्षेत्र जम्मू कश्मीर में बर्बर आतंकी हमला किया गया, जहां 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या कर दी गई. यह हमला कश्मीर कीअर्थव्यवस्था पर किया गया था क्योंकि कश्मीर की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर ही आधारित है. हमले के द्वारा धार्मिक भेदभाव को बढ़ाने की कोशिश कीगई और लोगों को धर्म पूछकर मारा गया. पाकिस्तान की सेना के जो प्रमुख हैं, वो खुद धार्मिक कट्टरपंथी हैं पहलगाम में हुआ आतंकी हमला उसीकट्टरपंथी सोच का नतीजा है.
टीआरएफ पर थी प्रतिबंध लगाने की मांग
विदेश मंत्री ने कहा कि पहलगाम हमले के पीछे टीआरएफ और लश्कर ए तैयबा जैसे आतंकी संगठन हैं और टीआरएफ ने हमले की जिम्मेदारी भी लीहै. उन्होंने कहा कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को 2023, 2024 में टीआरएफ पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी. जयशंकर ने कहा कि हमनेपहलगाम आतंकी हमला करने वाले लोगों की पहचान की और ये कोई छिपी हुई बात नहीं है और उसके बाद उन्हें निशाना बनाया. साथ ही किसीसैन्य या नागरिक ठिकानों को निशाना नहीं बनाया, लेकिन पाकिस्तान की सेना ने आतंकियों के समर्थन में भारत पर हमला किया. भारतीय विदेश मंत्रीने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष विराम में किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से इनकार किया. उन्होंने कहा कि भारत औऱपाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम द्विपक्षीय तौर पर हुआ. भारत ने जब 10 मई को पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की तो पाकिस्तानी सेना नेस्वीकार किया था कि हमें संघर्षविराम करना चाहिए.