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भारतीय पहलवान व ओलंपियन विनेश फोगाट की दो साल बाद मैट पर वापसी अधर में लटक गई है। भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने उन्हें रविवार से गोंडा में शुरू होने वाले राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से रोक दिया है। 2024 में हुए पेरिस ओलंपिक में संन्यास लेने के बाद यह वही टूर्नामेंट है जिसके जरिए विनेश कुश्ती में वापसी करने वाली थी। अब टूर्नामेंट से एक दिन पहले डब्ल्यूएफआई ने विनेश पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें 15 पन्नों का कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसमें अनुशासनहीनता, एंटी-डोपिंग व कुश्ती महासंघ के नियमों के उल्लंघन व भारतीय कुश्ती की छवि खराब करने जैसे आरोप लगाए हैं। विनेश के 26 जून, 2026 तक घरेलू से लेकर किसी भी प्रतिस्पर्धी टूर्नामेंट में हिस्सा लेने पर भी रोक लगा दी गई।

आरोपों पर 14 दिन में जवाब देना होगा
उनसे पूछा गया है कि उन्होंने 2024 पेरिस ओलंपिक में अयोग्य घोषित किए जाने से पहले वजन की सही जानकारी क्यों नहीं दी? इसके अलावा ओलंपिक ट्रायल के दौरान दो वजन भार वर्गों में हिस्सा लेकर नियम तोड़े। और ट्रायल को बाधित करने का प्रयास भी किया। साथ ही वह डोपिंग टेस्ट देने के लिए उपलब्ध नहीं हुई। सभी आरोपों पर 14 दिन में जवाब देना होगा। महासंघ ने साफ कहा है कि एंटी डोपिंग नियमों के अनुच्छेद 5.7 के तहत संन्यास से वापसी करने वाले खिलाड़ी को कम से कम छह महीने पहले यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) को सूचित करना होता है और इस अवधि में डोप परीक्षण करवाना होता है। विनेश ने यह शर्त पूरी नहीं की। वाडा (विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी) के नियम मानने व पात्रता साबित करने की जिम्मेदारी विनेश पर ही थी।

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