अब्दुल्ला की अध्यक्षता में बुधवार को श्रीनगर में कैबिनेट की अहम बैठक हुई. इसमें आरक्षण से जुड़ी कैविनेट उप समिति की रिपोर्ट पर विस्तार सेचर्चा की गई. कैबिनेट ने कानूनी पहलुओं की जांच के लिए रिपोर्ट विधि विभाग को भेज दी. हालांकि बैठक में लिए गए फैसले को सार्वजनिक नहींकिया गया. कैबिनेट उप समिति के तीन सदस्यों मंत्री सकीना इट्टू, जावेद राणा और सतीश शर्मा ने आरक्षण पर अपनी सिफारिशों के बारे में कैबिनेटको जानकारी दी. सूत्रों के मुताबिक, उप समिति ने छह माह तक हितधारकों से लंबे विचार-विमर्श के बाद 10 जून को अपनी रिपोर्ट सौंपी. उमरसरकार आरक्षण विवाद को लेकर दबाव में है और रिपोर्ट पर लिए जाने वाले निर्णय पर सभी वर्गों की नजर लगी हुई है.
बीते 15 मार्च को जम्मू-कश्मीर रिजर्वेशन रूल्स 2005 में संशोधन किया गया था. इसमें सरकारी पदों की भर्ती के साथ ही मेडिकल की प्रतियोगीपरीक्षाओं में रक्षा कर्मियों और पुलिसकर्मियों के बच्चों को भी आरक्षण की व्यवस्था की गई थी. ओपन मेरिट यानी जनरल कैटेगरी के युवाओं ने इसफैसले का विरोध किया था.
कैबिनेट उपसमिति का किया गया गठन
आरक्षण को लेकर प्रदेश सरकार ने 10 दिसंबर 2024 को कैबिनेट उपसमिति का गठन किया था. उपसमिति को छह माह में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुतकरनी थी 10 जून को समय सीमा खत्म होने के आखिरी दिन शिक्षा मंत्री सकीना इट्टू ने रिपोर्ट का ड्राफ्ट तैयार हो जाने की जानकारी देते हुए इसेकैबिनेट में रखे जाने की बात कही थी. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी कहा था कि आगामी कैबिनेट बैठक में रिपोर्ट पर चर्चा की जाएगी. राजस्वविभाग में नायब तहसीलदार के 75 पदों के लिए जेकेएसएसवी ने भर्ती निकाली थी. ओपन कैटेगरी के लिए केवल 30 पद रखे गए थे। सबसे ज्यादाएसटी को आरक्षण दिया गया था। इसके अलावा उर्दू को कामकाज के लिए जरूरी बनाया गया. नाराज युवाओं ने विरोध किया और इसे जम्मू केयुवाओं के साथ धोखा बताया था. उप समिति की रिपोर्ट पर विस्तृत चर्चा हुई हालांकि इस पर अंतिम निर्णय लेने के बजाय इसे आगे की समीक्षा केलिए विधि विभाग को भेज दिया गया. विधि विभाग से रिपोर्ट वापस करने के लिए कैबिनेट ने कोई समय सीमा तय नहीं की है. इससे पता चलता हैकि इस प्रक्रिया में कुछ समय लग सकता है.
कैबिनेट के समक्ष फिर आएगी वापसी
कानूनी जांच के बाद ही रिपोर्ट अंतिम निर्णय के लिए कैबिनेट के समक्ष फिर वापस आएगी. पर्यटन को पुनर्जीवित करने के उपायों पर भी चर्चा बैठकमें पहलगाम आतंकी हमले के बाद बेपटरी हुए पर्यटन उद्योग को पटरी पर लाने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर भी चर्चा की गई. तीन जुलाई सेशुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा के लिए रसद व स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी विचार-विमर्श हुआ. मंत्री ने बताया कि बैठक करीब एक घंटे चली.