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डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा- जांच के नाम पर हो रही लीपापोती, बड़े आरोपियों पर कार्रवाई क्यों नहीं?

नई दिल्ली, 11 जुलाई।

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में कांग्रेस के कानून, मानवाधिकार एवं आरटीआई विभाग के राष्ट्रीय चेयरमैन डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने अयोध्या स्थित भगवान श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को लेकर केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं की जा रही है, बल्कि जांच के नाम पर केवल लीपापोती की जा रही है। उनके अनुसार, इस मामले के बड़े आरोपी आज भी खुलेआम घूम रहे हैं और उन पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। प्रेस वार्ता के दौरान दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव और प्रदेश संगठन महासचिव अनिल भारद्वाज भी मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह मामला केवल चोरी का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है।

डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि भाजपा सरकार के शासन में न तो सरकारी संस्थाएं सुरक्षित हैं और न ही धार्मिक संस्थान। उन्होंने कहा कि उज्जैन में महाकाल मंदिर से जुड़े जमीन घोटाले के बाद अब अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी सामने आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं द्वारा भगवान श्रीराम को अर्पित किए गए चढ़ावे की सुरक्षा में गंभीर लापरवाही हुई है और इस पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल कुछ कर्मचारियों की गलती नहीं हो सकती, बल्कि इस मामले में बड़े स्तर पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उनका कहना था कि यदि इतनी बड़ी चोरी हुई है तो इसके लिए केवल छोटे कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस पूरे मामले पर सामने आकर देश को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं और यदि उनके मंदिर में चढ़ावे की चोरी हुई है तो यह अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को स्वयं प्रेस वार्ता कर इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि जब मामला इतना बड़ा है तो देश की जनता को पूरी सच्चाई जानने का अधिकार है।

एसआईटी रिपोर्ट का हवाला देकर उठाए कई सवाल
डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट में केवल 40 दिनों के भीतर चोरी के लगभग 70 प्रमाणित मामलों का उल्लेख किया गया है। उन्होंने दावा किया कि यह केवल सामने आए मामलों की संख्या है, जबकि वास्तविक चोरी इससे कहीं अधिक बड़ी हो सकती है। उन्होंने कहा कि यदि लगातार कई दिनों तक चोरी होती रही तो यह किसी एक व्यक्ति की गलती नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित व्यवस्था की विफलता का संकेत है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की भूमिका पर उठाए प्रश्न
डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने आरोप लगाया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की भूमिका भी जांच के दायरे में आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के कई प्रमुख सदस्यों के नाम चर्चा में आए हैं, लेकिन न तो उनका नाम एफआईआर में शामिल किया गया और न ही उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की गई। उन्होंने सवाल किया कि जब स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और ट्रस्ट के बीच चढ़ावे की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाई गई थी, तब इतनी बड़ी चोरी आखिर कैसे हो गई। उन्होंने कहा कि यदि नियमों के अनुसार दानपात्र केवल अधिकृत अधिकारियों की मौजूदगी में खोले जाने थे, बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य थी और सुरक्षा जांच की व्यवस्था थी, तो फिर चोरी होना गंभीर सवाल खड़े करता है।

छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई, बड़े लोगों पर क्यों नहीं?
डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि इस पूरे मामले में छोटे कर्मचारियों, चालकों और चपरासियों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि बड़े जिम्मेदार लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि असली जिम्मेदारी उन लोगों की तय होनी चाहिए जो पूरे सिस्टम की निगरानी कर रहे थे उन्होंने यह भी कहा कि सामान्य आपराधिक मामलों में पहले एफआईआर दर्ज होती है और उसके बाद जांच शुरू होती है, लेकिन इस मामले में पहले एसआईटी का गठन किया गया और बाद में एफआईआर दर्ज हुई। कांग्रेस ने इसे असामान्य प्रक्रिया बताते हुए सवाल उठाए।

मंदिर से जुड़े खर्चों पर भी कांग्रेस ने मांगा जवाब
डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि केवल चढ़ावे की चोरी ही नहीं, बल्कि मंदिर से जुड़े विभिन्न आयोजनों और खर्चों की भी पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चंदे और चढ़ावे का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार का संदेह न रहे।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें
प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि इस पूरे मामले में जिम्मेदार सभी बड़े लोगों की जवाबदेही तय की जाए और उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इस विषय पर देश के सामने आकर जवाब दें। इसके साथ ही कांग्रेस ने मांग की मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पुनर्गठन किया जाए, ट्रस्ट में निष्पक्ष और पारदर्शी छवि वाले लोगों को शामिल किया जाए तथा ट्रस्ट की स्थापना से लेकर अब तक प्राप्त सभी चंदे और चढ़ावे का विस्तृत फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए।

आस्था और पारदर्शिता दोनों जरूरी – कांग्रेस
डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की श्रद्धा के केंद्र हैं और उनके मंदिर से जुड़ा हर विषय पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले में निष्पक्ष जांच, जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग करती है ताकि देश के लोगों का विश्वास कायम रह सके।

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