शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था किभारत की असली स्वतंत्रता की प्रतिष्ठा राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दिन हुई। राउत ने इस पर स्पष्ट किया कि भागवत सम्माननीय व्यक्ति हैं, लेकिनवह संविधान के निर्माता नहीं हैं और न ही वह देश के कानूनों में बदलाव कर सकते हैं।
राउत ने कहा कि राम मंदिर के निर्माण में सभी ने अपना बलिदान दिया और यह देश के लिए गौरव की बात है, लेकिन यह दावा करना कि देश तभीस्वतंत्र हुआ जब रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई, सही नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि रामलला इस देश में सदियों से हैं और उनके लिए आंदोलनों कासिलसिला लगातार चलता रहेगा। राउत ने स्पष्ट किया कि रामलला के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, तभी देश को सही मायने में स्वतंत्रतामिलेगी।
वहीं, विपक्षी गठबंधन ‘I.N.D.I.A.’ के बीच मतभेदों पर राउत ने कहा कि इंडिया अलायंस अगर खत्म होता है तो विपक्ष भी कमजोर हो जाएगा।उन्होंने यह भी कहा कि यह गठबंधन लोकसभा चुनाव के लिए ही बनाया गया था, लेकिन इसका अस्तित्व देश की लोकतांत्रिक मजबूती के लिएजरूरी है।