दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों ने देश की पहली महिला शिक्षिका माता सावित्रीबाई फुले का चित्र लगाने की माँगकी। यह माँग राखी बिरला और कुलदीप कुमार ने विधानसभा की कमेटी मीटिंग में रखी थी। लेकिन आश्चर्य की बात है कि इस माँग को स्वीकार करनेके बजाय उन्हें नोटिस जारी कर दिया गया।
राखी बिरला ने प्रेस वार्ता में बताया कि भारतीय जनता पार्टी का चेहरा एक बार फिर महिला और दलित विरोधी मानसिकता को दिखाता है। उन्होंनेकहा:
क्या एक दलित महिला, जिन्होंने भारत में महिलाओं की शिक्षा की शुरुआत की, उनका चित्र विधानसभा में नहीं लग सकता? क्या यह माँग करनाअपराध है?”
कुलदीप कुमार ने कहा कि सावित्रीबाई फुले केवल एक शिक्षिका नहीं थीं, बल्कि उन्होंने 1848 में महिलाओं के लिए पहला स्कूल खोलकरसामाजिक क्रांति की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा:
आज भारत में प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, इंजीनियर, डॉक्टर, लड़ाकू पायलट – हर क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। यह सब सावित्रीबाई फुले जैसे समाजसुधारकों की वजह से संभव हो पाया है।
दोनों विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता से माँग की है कि वे इस फैसले पर पुनर्विचार करें और जल्द से जल्द सावित्रीबाई फुले का चित्रविधानसभा परिसर में लगवाएं।