उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट सत्र के दौरान विधान परिषद को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने महाकुंभ के आयोजन कीसफलता को रेखांकित करते हुए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह ऐसा आयोजन था, जिसे लंबे समय तक दुनिया याद रखेगी।हालांकि, कुछ राजनीतिक दलों ने महाकुंभ को लेकर गलत खबरें फैलाने की कोशिश की, लेकिन जनता की आस्था अडिग रही। देश-विदेश से आएश्रद्धालुओं ने इस आयोजन की खूब प्रशंसा की।
महाकुंभ की भव्यता और सुरक्षा पर जोर
सीएम योगी ने महाकुंभ को लेकर कहा कि 45 दिनों तक चले इस भव्य आयोजन में पूरी दुनिया ने उत्तर प्रदेश की व्यवस्था की सराहना की। उन्होंनेदावा किया कि इस दौरान एक भी लूट या अपहरण की घटना नहीं हुई। यह सनातन संस्कृति के अनुशासन का प्रमाण है, जहां जातिवाद और क्षेत्रवादकी कोई जगह नहीं है।
विपक्ष पर तीखा हमला
अपने संबोधन के दौरान सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि सपा औरंगजेब को अपना आदर्श मानती है, जिसने भारतीयों पर जजिया कर लगाया था। उन्होंने सपा विधायक अबू आजमी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि “अगर उन्हें यूपी भेज दिया जाए, तोउनका इलाज कर देंगे, क्योंकि यहां बड़े-बड़े बदमाशों को ठीक कर दिया गया है।”
प्रदेश में कानून-व्यवस्था में सुधार
सीएम योगी ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में माफिया हावी थे और पुलिस को उनसे डरकर काम करना पड़ता था, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। अबप्रदेश कानून-व्यवस्था के मामले में एक नई पहचान बना रहा है। देश और दुनिया आज उत्तर प्रदेश को एक अनुशासित और सम्मानजनक राज्य के रूपमें देख रही है।
औरंगजेब विवाद और अबू आजमी का निलंबन
महाराष्ट्र विधानसभा में सपा विधायक अबू आजमी द्वारा औरंगजेब को “कुशल प्रशासक” बताए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया। इस टिप्पणी केचलते उन्हें मौजूदा बजट सत्र से निलंबित कर दिया गया है।
अबू आजमी ने मांगी माफी
अपने बयान को लेकर विवाद बढ़ता देख अबू आजमी ने सफाई देते हुए कहा कि अगर उनकी बात से किसी को ठेस पहुंची है, तो वह अपना बयानवापस लेते हैं। उन्होंने आगे कहा कि उनकी बातों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया और ऐसा माहौल बनाया गया जैसे कोई बड़ा विवाद खड़ा हो गयाहो। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉ. भीमराव अंबेडकर और ज्योतिराव फुले का सम्मान करने की बात भी कही।