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नई दिल्ली, 03 जून 2026

सीबीएसई पुनर्मूल्यांकन पोर्टल में देरी और तकनीकी समस्याओं को लेकर आतिशी ने केंद्र सरकार को घेरा
दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता आतिशी ने सीबीएसई पुनर्मूल्यांकन पोर्टल में सामने आई समस्याओं को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। आतिशी ने कहा कि पहले तो सीबीएसई ने पुनर्मूल्यांकन के लिए पोर्टल समय पर शुरू नहीं किया और जब पोर्टल खोला गया तो छात्र एवं अभिभावक लॉगिन और भुगतान जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करते दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि यह स्थिति छात्रों के भविष्य के साथ गंभीर लापरवाही को दर्शाती है।

छात्र और अभिभावक आवेदन करने के लिए परेशान हो रहे हैं
आतिशी ने कहा कि देशभर के कई छात्र और अभिभावक लगातार शिकायत कर रहे हैं कि वे पुनर्मूल्यांकन के लिए पोर्टल पर लॉगिन नहीं कर पा रहे हैं। कई लोगों को तकनीकी खामियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा परिणाम छात्रों के भविष्य से जुड़े होते हैं और ऐसे समय में इस तरह की अव्यवस्था बेहद चिंताजनक है। आतिशी ने कहा कि जिन छात्रों को अपने अंकों के पुनर्मूल्यांकन की उम्मीद है, उनके सामने समय सीमा के भीतर आवेदन करने की चुनौती खड़ी हो गई है। इससे छात्रों और उनके परिवारों में अनिश्चितता और चिंता का माहौल पैदा हो गया है।

भुगतान व्यवस्था को लेकर भी आतिशी ने उठाए गंभीर सवाल
आतिशी ने कहा कि पुनर्मूल्यांकन के लिए भुगतान करने में भी छात्रों और अभिभावकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भुगतान केवल कुछ चुनिंदा बैंकों के गेटवे के माध्यम से ही किया जा रहा है। ऐसे में जिन छात्रों या अभिभावकों के खाते उन बैंकों में नहीं हैं, उन्हें आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में परेशानी हो रही है। आतिशी ने कहा कि आज के डिजिटल युग में जब ऑनलाइन भुगतान के अनेक विकल्प उपलब्ध हैं, तब इतनी सीमित व्यवस्था रखना प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इससे हजारों छात्रों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कुप्रबंधन को नए स्तर पर ले गई है मोदी सरकार
आतिशी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी कैबिनेट ने कुप्रबंधन को एक नए और खतरनाक स्तर पर पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में भी लगातार लापरवाही और खराब प्रबंधन देखने को मिल रहा है। आतिशी ने कहा कि देश के छात्र बेहतर और पारदर्शी व्यवस्था की उम्मीद करते हैं, लेकिन बार-बार सामने आने वाली ऐसी समस्याएं सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को सुविधा देने के बजाय उन्हें परेशानियों के बीच छोड़ दिया गया है।

धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग पर अड़ीं आतिशी
आतिशी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस पूरे मामले के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि शिक्षा मंत्रालय की लगातार विफलताओं की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब बार-बार ऐसी समस्याएं सामने आ रही हैं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए। आतिशी ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर इतनी लगातार अव्यवस्थाओं और कुप्रबंधन के बाद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कब तक बचाते रहेंगे। उन्होंने मांग की कि छात्रों के हित में जवाबदेही तय करते हुए उचित कार्रवाई की जाए।

छात्रों के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की जरूरत
आतिशी ने कहा कि किसी भी सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी छात्रों के भविष्य को सुरक्षित और बेहतर बनाना होती है। उन्होंने केंद्र सरकार और सीबीएसई से मांग की कि पोर्टल की सभी तकनीकी समस्याओं को तत्काल दूर किया जाए और छात्रों को बिना किसी बाधा के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने का अवसर दिया जाए। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़ी प्रक्रियाओं में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती और सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत समाधान निकालना चाहिए।

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