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सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते कलकत्ता हाई कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा था. जिसमें पश्चिम बंगाल के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में25,000 से अधिक शिक्षण और गैर-शिक्षण नौकरियों की नियुक्ति को रद्द कर दिया गया था. इसके बाद पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बीतेदिन एक याचिका दायर कर आदेश में संशोधन की मांग की थी.सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल कैबिनेट की ओर से अतिरिक्त पदों के सृजन के फैसले कीसीबीआई जांच के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के एक हिस्से को खारिज कर दिया. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पश्चिम बंगाल में 25,753 शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति के अन्य पहलुओं के संबंध में सीबीआई जांच जारी रहेगी.दरअसल कलकत्ता उच्च न्यायालय के फैसले के उसहिस्से को खारिज किया गया है. जिसमें राज्य सरकार की ओर से संचालित और सहायता प्राप्त स्कूलों में अतिरिक्त पदों के सृजन के पश्चिम बंगालकैबिनेट के फैसले की सीबीआई जांच का आदेश दिया गया था.

सीबीआई जांच रहेगी जारी
हालांकि शीर्ष कोर्ट ने साफ किया कि 25,753 शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति से जुड़े अन्य पहलुओं की सीबीआई जांच जारी रहेगी.अतिरिक्तपद से मतलब ऐसे अस्थायी पद से है जो किसी ऐसे कर्मचारी को समायोजित करने के लिए सृजित किया गया हो.जो किसी ऐसे नियमित पद काहकदार हो जिसका वर्तमान में कोई वजूद नहीं है.अधिवक्ता विकास रंजन भट्टाचार्य ने कहा आज सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कैबिनेट के खिलाफसीबीआई जांच के लिए हाईकोर्ट का निर्देश अनावश्यक था. इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश के उस हिस्से को रद्द कर दिया है. अब सीबीआई कैबिनेटके फैसले के लिए कैबिनेट सदस्यों के खिलाफ जांच नहीं कर सकती है. यह अन्य चीजों के लिए नहीं है सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सीबीआईजांच के निर्देश को छोड़कर अन्य सभी अदालती आदेश लागू रहेंगे.इससे पहले मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने 3 अप्रैल को 25,753 शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति को अमान्य करार देते हुए पूरी चयन प्रक्रिया को भ्रष्ट और दागदार करार दिया था.

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