
सौरभ भारद्वाज बोले- चुनाव में हर महिला को ₹2500 देने का वादा किया था, अब शर्तों का जाल बिछा दिया गया
नई दिल्ली, 29 जुलाई 2026।
आम आदमी पार्टी ने दिल्ली सरकार की प्रस्तावित दिल्ली लक्ष्मी योजना को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर बड़ा हमला बोला है। पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत भाजपा के सभी नेताओं ने दिल्ली की हर महिला को हर महीने ₹2500 देने का वादा किया था, लेकिन अब योजना में इतनी अधिक शर्तें जोड़ दी गई हैं कि बड़ी संख्या में महिलाएं इसका लाभ नहीं ले पाएंगी। सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सरकार ने योजना को आसान बनाने के बजाय इतनी पात्रता शर्तें रख दी हैं कि अधिकांश महिलाएं शुरुआत में ही बाहर हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय किसी प्रकार की शर्तों का जिक्र नहीं किया गया था, लेकिन अब नियमों के जरिए महिलाओं को योजना से दूर किया जा रहा है।
अरविंद केजरीवाल ने मोहन भागवत और रेखा गुप्ता के बयानों को लेकर उठाया सवाल
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक तरफ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत अधिक बच्चे पैदा करने की बात करते हैं, जबकि दूसरी तरफ दिल्ली सरकार की लक्ष्मी योजना में तीन से अधिक बच्चे होने पर लाभ नहीं देने की शर्त रखी गई है। केजरीवाल ने कहा कि इससे लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर लोगों को किस बात का पालन करना चाहिए।
सौरभ भारद्वाज ने कहा- उम्र की शर्त से बड़ी संख्या में महिलाएं होंगी बाहर
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि योजना के अनुसार केवल 21 से 60 वर्ष की महिलाओं को ही पात्र माना गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि 18 वर्ष की उम्र से मतदान करने वाली महिलाओं को योजना में शामिल क्यों नहीं किया गया। वहीं 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को भी योजना से बाहर रखने पर उन्होंने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय हर महिला से वोट मांगे जाते हैं, लेकिन योजना बनाते समय उम्र के आधार पर बड़ी संख्या में महिलाओं को बाहर कर दिया गया।
सौरभ भारद्वाज बोले- एक परिवार में सिर्फ एक महिला को लाभ देने का फैसला उचित नहीं
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सरकार ने यह भी तय किया है कि एक परिवार में केवल एक महिला को ही योजना का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि परिवार में कई पात्र महिलाएं हो सकती हैं, लेकिन फिर भी केवल एक को लाभ देना महिलाओं के साथ न्याय नहीं है। उनका कहना था कि यदि चुनाव के समय सभी महिलाओं का समर्थन मांगा गया था तो योजना का लाभ भी सभी पात्र महिलाओं को मिलना चाहिए।
सौरभ भारद्वाज ने 10 साल के निवास प्रमाण पर भी उठाए सवाल
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि योजना में दिल्ली में कम से कम 10 वर्ष तक रहने का प्रमाण देना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि गरीब और सामान्य परिवारों के लिए इतने पुराने दस्तावेज जुटाना आसान नहीं होता। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई महिला कई वर्षों से दिल्ली में रह रही है लेकिन उसके पास आवश्यक दस्तावेज नहीं हैं तो क्या उसे केवल इसी वजह से योजना से वंचित कर दिया जाएगा।
सौरभ भारद्वाज ने पुलिस केस की शर्त को बताया कठिन
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि योजना में यह भी शर्त रखी गई है कि आवेदक या उसके परिवार के खिलाफ कोई पुलिस मामला नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई बार छोटे विवादों, धरना-प्रदर्शन या स्थानीय झगड़ों में भी लोगों पर पुलिस केस दर्ज हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में पूरे परिवार की महिलाओं को योजना से बाहर करना उचित नहीं माना जा सकता।
सौरभ भारद्वाज ने तीन बच्चों की सीमा और बिजली खपत की शर्त पर भी जताई आपत्ति
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि योजना में तीन से अधिक बच्चे होने पर लाभ नहीं मिलेगा। इसके साथ ही वार्षिक बिजली खपत की सीमा भी तय की गई है। उनका कहना था कि दिल्ली में गर्मियों के दौरान सामान्य परिवारों की बिजली खपत काफी बढ़ जाती है और ऐसे में कई परिवार केवल बिजली की शर्त के कारण योजना से बाहर हो सकते हैं। उन्होंने राशन कार्ड की अनिवार्यता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई जरूरतमंद परिवारों के राशन कार्ड अभी तक नहीं बन पाए हैं।
सौरभ भारद्वाज का आरोप- योजना का लाभ बहुत कम महिलाओं तक सीमित रह जाएगा
सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि सरकार ने योजना की जो पात्रता तय की है, उसके कारण बहुत कम महिलाएं इसका लाभ उठा पाएंगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में करोड़ों की संख्या में महिलाएं हैं, लेकिन कड़ी शर्तों के कारण लाभार्थियों की संख्या काफी सीमित रह सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान किए गए वादे और वर्तमान योजना की शर्तों में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है।
आम आदमी पार्टी ने सरकार से शर्तों पर पुनर्विचार की मांग की
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली सरकार को योजना की सभी शर्तों की समीक्षा करनी चाहिए ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव के समय हर महिला से वादा किया गया था तो योजना भी उसी भावना के अनुरूप लागू की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी और महिलाओं के हितों से जुड़े सवालों पर सरकार से जवाब मांगती रहेगी।