
यमुना किनारे रहने वाले लाखों लोगों के सामने खड़ा हुआ बड़ा संकट
नई दिल्ली, 25 जून 2026।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और बुराड़ी से विधायक संजीव झा ने यमुना बाढ़ क्षेत्र में बनी कॉलोनियों और गांवों को लेकर आए हाईकोर्ट के आदेश के बाद भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा लंबे समय से लोगों को यह भरोसा दिलाया जा रहा था कि किसी का घर नहीं टूटेगा और किसी को उजाड़ा नहीं जाएगा, लेकिन अब अदालत के आदेश के बाद सच्चाई सबके सामने आ गई है। संजीव झा ने कहा कि दिल्ली के हजारों नहीं बल्कि लाखों परिवारों के सामने अब अपने घर और भविष्य को लेकर चिंता पैदा हो गई है। जिन लोगों को बार-बार आश्वासन दिया गया था कि उनके घर सुरक्षित हैं, वे आज खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
संजीव झा ने सोशल मीडिया पर साझा किया हाईकोर्ट का आदेश
संजीव झा ने हाईकोर्ट के आदेश को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए कहा कि यह आदेश भाजपा सरकार और उसके नेताओं के दावों की वास्तविकता सामने लाता है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता लगातार लोगों के बीच जाकर यह कहते रहे कि किसी भी परिवार को बेघर नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता को भरोसा दिलाने के लिए बड़े-बड़े वादे किए गए, लेकिन अब अदालत के आदेश के बाद उन वादों की सच्चाई सामने आ गई है। उन्होंने कहा कि लोगों को भ्रम में रखने के बजाय सरकार को पहले से स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए थी।
मुख्यमंत्री से सांसद तक देते रहे आश्वासन
संजीव झा ने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री से लेकर भाजपा के सांसदों तक सभी सार्वजनिक मंचों से यह कहते रहे कि यमुना किनारे की कॉलोनियों को राहत दी जाएगी। लोगों को बार-बार भरोसा दिलाया गया कि उनके घरों को कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कई इलाकों में भाजपा नेताओं ने जाकर लोगों से मुलाकात की और कहा कि एक भी ईंट नहीं टूटेगी। लेकिन आज जब हाईकोर्ट का आदेश सामने आया है तो वही लोग अपने भविष्य को लेकर चिंता में हैं। संजीव झा ने कहा कि जनता अब यह सवाल पूछ रही है कि यदि घर नहीं टूटने थे तो फिर ऐसी स्थिति क्यों बनी और यदि यह संभावना पहले से थी तो लोगों को सही जानकारी क्यों नहीं दी गई।
यमुना किनारे की कॉलोनियों और गांवों में बढ़ी चिंता
संजीव झा ने कहा कि यमुना किनारे बसे गांवों और कॉलोनियों में रहने वाले परिवार इस समय बेहद चिंतित हैं। इन इलाकों में वर्षों से लोग अपने परिवारों के साथ रह रहे हैं। कई लोगों ने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी लगाकर घर बनाए हैं। उन्होंने कहा कि इन इलाकों में रहने वाले लोगों की आजीविका भी इसी क्षेत्र से जुड़ी हुई है। बहुत से लोग छोटे व्यवसाय करते हैं, दुकानें चलाते हैं, मजदूरी करते हैं या आसपास के क्षेत्रों में काम करते हैं। यदि उन्हें यहां से हटाया जाता है तो केवल उनका घर ही नहीं बल्कि उनका रोजगार भी प्रभावित होगा।
लाखों लोगों का भविष्य दांव पर
संजीव झा ने कहा कि यह केवल मकानों का मुद्दा नहीं है बल्कि लाखों लोगों के भविष्य का सवाल है। यदि परिवारों को उनके घरों से हटाया जाता है तो उनके बच्चों की पढ़ाई, रोजगार, सामाजिक जीवन और रोजमर्रा की व्यवस्था पर भी असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने वर्षों की मेहनत से अपना आशियाना बनाया है, उनके सामने अब अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई है। यही कारण है कि सरकार को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
प्रभावित परिवारों के पुनर्वास पर सरकार दे जवाब
संजीव झा ने कहा कि अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि लोगों को हटाया जाता है तो उन्हें बसाया कहां जाएगा। उन्होंने भाजपा की केंद्र और दिल्ली सरकार से मांग की कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की स्पष्ट और ठोस योजना जनता के सामने रखी जाए। उन्होंने कहा कि केवल बयान देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। सरकार को यह बताना चाहिए कि जिन लोगों के घर प्रभावित होंगे, उनके लिए क्या व्यवस्था की जाएगी। क्या उन्हें वैकल्पिक आवास मिलेगा? क्या उनके रोजगार की सुरक्षा की जाएगी? क्या बच्चों की शिक्षा प्रभावित नहीं होगी? इन सभी सवालों का जवाब सरकार को देना चाहिए।
लोगों को भरोसा दिलाने की जरूरत
संजीव झा ने कहा कि वर्तमान स्थिति में सबसे अधिक जरूरत प्रभावित लोगों को भरोसा देने की है। हजारों परिवार अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और उन्हें स्पष्ट जानकारी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को आगे आकर पूरी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी परिवार के साथ अन्याय न हो। साथ ही प्रभावित लोगों के अधिकारों और उनकी जरूरतों का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।
भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
संजीव झा ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं ने लोगों से बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन अब अदालत के आदेश के बाद वे वादे सवालों के घेरे में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि जनता को केवल आश्वासन नहीं बल्कि वास्तविक समाधान चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी केवल घोषणा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन घोषणाओं को जमीन पर लागू करना भी उतना ही जरूरी है। यदि लोगों को घर बचाने का भरोसा दिया गया था तो अब सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
पुनर्वास योजना जल्द घोषित करने की मांग
संजीव झा ने अंत में कहा कि यमुना किनारे रहने वाले लाखों लोगों के मन में इस समय कई सवाल हैं और सरकार को जल्द से जल्द उनका जवाब देना चाहिए। उन्होंने मांग की कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, आवास और रोजगार को लेकर एक विस्तृत योजना सार्वजनिक की जाए। उन्होंने कहा कि लोगों के जीवन, घर और भविष्य से जुड़ा यह विषय बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए ऐसा समाधान निकालना चाहिए जिससे किसी भी परिवार को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और उनके भविष्य को सुरक्षित रखा जा सके।