
नई दिल्ली, 10 अगस्त 2026।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक सोमनाथ भारती ने मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में हुए होटल अग्निकांड को लेकर भाजपा नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोमनाथ भारती ने कहा कि भाजपा नेता अपनी सरकार की नाकामी छिपाने के लिए उन पर और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज पर झूठे आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि होटल बनाने, होटल चलाने या होटल को लाइसेंस देने से उनका कोई संबंध नहीं है। इसके बावजूद दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और भाजपा विधायक हरीश खुराना ने इस मामले में उनका नाम लेकर गलत बयान दिए हैं। सोमनाथ भारती ने इन आरोपों को लेकर भाजपा नेताओं को मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है। उन्होंने साफ कहा कि भाजपा नेता अपने आरोपों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें, नहीं तो उन्हें अदालत में कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
होटल को लाइसेंस कब मिला, सोमनाथ भारती ने बताया
सोमनाथ भारती ने कहा कि भाजपा नेताओं का सबसे बड़ा दावा ही गलत है। उनके अनुसार, जिस होटल में आग लगी थी, उसे 3 मई 2024 को लाइसेंस दिया गया था। उन्होंने बताया कि 16 मार्च 2024 को लोकसभा चुनाव की घोषणा हो चुकी थी और देश में चुनाव आचार संहिता लागू थी। लोकसभा चुनाव 19 अप्रैल से 1 जून 2024 तक हुए और 4 जून को चुनाव परिणाम घोषित किए गए।
सोमनाथ भारती ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब 3 मई 2024 को होटल को लाइसेंस दिया गया, उस समय चुनाव आचार संहिता लागू थी। ऐसे में भाजपा नेताओं को यह बताना चाहिए कि आखिर लाइसेंस किस विभाग और किस प्रक्रिया के तहत जारी हुआ था।
“मेरा होटल बनाने या चलाने से कोई संबंध नहीं”
सोमनाथ भारती ने कहा कि उनका होटल बनाने, उसे चलाने या उसका लाइसेंस देने में कोई रोल नहीं था। उन्होंने कहा कि किसी विधायक का काम किसी होटल को लाइसेंस देना नहीं होता। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद भाजपा नेताओं ने उनका नाम इस मामले से जोड़ने की कोशिश की। सोमनाथ भारती ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में लंबे समय तक जनता की सेवा की है और उनके खिलाफ इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगाना पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि उनका राजनीतिक जीवन बेदाग रहा है और जनता उनके काम को अच्छी तरह जानती है।
“23 लोगों की मौत बेहद दुखद और गंभीर घटना”
सोमनाथ भारती ने कहा कि 3 जून 2026 को मालवीय नगर विधानसभा के हौज रानी इलाके में होटल में आग लगने की घटना बेहद दुखद थी। इस हादसे में 23 लोगों की जान चली गई। उन्होंने कहा कि यह केवल एक हादसा नहीं था, बल्कि इससे कई गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उनका आरोप है कि समय पर राहत और बचाव व्यवस्था बेहतर होती तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी। सोमनाथ भारती ने कहा कि स्थानीय लोगों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की मदद की। उन्होंने बताया कि आसपास के लोगों ने गद्दे और रजाइयां नीचे बिछाकर तथा लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद करके कई जानें बचाईं।
“फायर स्टेशन पास था, फिर भी देरी क्यों हुई?”
सोमनाथ भारती ने कहा कि घटनास्थल से लगभग ढाई मिनट की दूरी पर उनके विधायक कार्यकाल के दौरान फायर स्टेशन बनवाया गया था। इसके बावजूद उनके अनुसार आग लगने की सूचना के बाद फायर ब्रिगेड को पहुंचने में काफी समय लगा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब घटनास्थल के पास फायर स्टेशन मौजूद था तो राहत और बचाव दल को पहुंचने में इतनी देरी क्यों हुई। सोमनाथ भारती ने कहा कि भाजपा को इस मामले में विपक्ष पर आरोप लगाने के बजाय अपनी व्यवस्था और जिम्मेदारी पर सवालों का जवाब देना चाहिए।
भाजपा सरकार की जिम्मेदारी पर उठाए सवाल
सोमनाथ भारती ने कहा कि जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय दिल्ली में भाजपा की सरकार को सत्ता में आए एक साल से ज्यादा समय हो चुका था। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस केंद्र सरकार के अधीन हैं और एमसीडी की जिम्मेदारी भी भाजपा के पास रही है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े हादसे के बाद भाजपा को आगे आकर घटना की जिम्मेदारी तय करनी चाहिए थी। इसके बजाय भाजपा नेता पुराने समय के नेताओं और पूर्व सरकार पर आरोप लगाकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
“आचार संहिता लागू होने के बाद सरकार की भूमिका सीमित हो जाती है”
सोमनाथ भारती ने कहा कि उनका विधायक के तौर पर कार्यकाल तकनीकी रूप से 8 फरवरी 2025 को समाप्त हुआ, लेकिन चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद 7 जनवरी 2025 से ही आचार संहिता लागू थी। उन्होंने कहा कि आचार संहिता लागू होने के बाद सरकार और सरकारी विभागों के कामकाज में निर्वाचित प्रतिनिधियों की भूमिका पहले जैसी नहीं रहती। इसलिए भाजपा नेताओं को किसी भी सरकारी लाइसेंस या अनुमति के लिए सीधे पूर्व विधायकों और मंत्रियों को जिम्मेदार ठहराने से पहले पूरे तथ्य सामने रखने चाहिए।
हर्ष मल्होत्रा और हरीश खुराना पर लगाए गंभीर आरोप
सोमनाथ भारती ने दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी सरकार को बचाने के लिए सौरभ भारद्वाज पर होटल को लाइसेंस देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक हरीश खुराना ने भी इस घटना के लिए सोमनाथ भारती और सौरभ भारद्वाज को जिम्मेदार बताने की कोशिश की। सोमनाथ भारती ने भाजपा नेताओं से सवाल किया कि अगर उन्हें इस मामले में पूर्व मंत्रियों और विधायकों की भूमिका दिखाई देती है तो वे उसके ठोस दस्तावेज और प्रमाण जनता के सामने क्यों नहीं रखते।
“23 लोगों की मौत पर राजनीति नहीं, जवाब चाहिए”
सोमनाथ भारती ने कहा कि इस हादसे में 23 लोगों की जान गई है और ऐसी घटना पर राजनीति करने के बजाय जिम्मेदारी तय करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मृतकों में विदेशी नागरिक भी शामिल थे और ऐसी घटनाओं से देश की छवि पर भी असर पड़ता है। इसलिए सरकार को इस मामले में गंभीरता से जांच करानी चाहिए और यह पता लगाना चाहिए कि हादसे के पीछे कौन-कौन सी लापरवाहियां जिम्मेदार थीं।
सौरभ भारद्वाज के साथ मिलकर भेजा मानहानि नोटिस
सोमनाथ भारती ने कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों को देखते हुए उन्होंने अपनी और सौरभ भारद्वाज की ओर से कानूनी मानहानि नोटिस भेजा है। उन्होंने कहा कि नोटिस में भाजपा नेताओं से पूछा गया है कि उन्होंने किस आधार पर यह आरोप लगाया कि होटल का लाइसेंस सौरभ भारद्वाज के कार्यकाल में दिया गया था। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को अपने आरोपों के प्रमाण देने होंगे। केवल राजनीतिक बयान देकर किसी व्यक्ति की छवि खराब करने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी।
“माफी मांगें, नहीं तो कोर्ट में सामना होगा”
सोमनाथ भारती ने भाजपा नेताओं को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि वे अपने झूठे और गैर-जिम्मेदाराना बयानों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा नेता माफी नहीं मांगते हैं तो यह मामला अदालत में जाएगा और वहीं तय होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। सोमनाथ भारती ने कहा कि “होटल बनाने, चलाने या लाइसेंस देने से मेरा दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। इसके बावजूद मुझे और सौरभ भारद्वाज को इस मामले में घसीटने की कोशिश की गई। भाजपा को अपनी नाकामी छिपाने के बजाय हादसे की जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।”
भाजपा से सोमनाथ भारती के सवाल
सोमनाथ भारती ने भाजपा नेताओं से कई सवालों के जवाब मांगे। उन्होंने पूछा कि 3 मई 2024 को होटल का लाइसेंस किस विभाग ने जारी किया, उस समय चुनाव आचार संहिता लागू होने के बावजूद लाइसेंस किस प्रक्रिया से जारी हुआ और होटल की सुरक्षा व्यवस्था की जांच किस स्तर पर हुई। उन्होंने कहा कि इन सवालों का जवाब देने के बजाय विपक्षी नेताओं पर आरोप लगाना आसान रास्ता है। लेकिन जनता अब पूरे मामले की सच्चाई जानना चाहती है।
“जनता के सामने पूरी सच्चाई आनी चाहिए”
सोमनाथ भारती ने कहा कि इस पूरे मामले में राजनीति से ज्यादा जरूरी है कि 23 लोगों की मौत के लिए जिम्मेदारी तय हो और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को आरोप-प्रत्यारोप से बाहर निकलकर यह बताना चाहिए कि हादसे के समय प्रशासनिक और राहत व्यवस्था में क्या कमियां थीं और उन कमियों को दूर करने के लिए क्या कदम उठाए गए। उन्होंने दोहराया कि होटल के लाइसेंस और संचालन से उनका कोई संबंध नहीं था और भाजपा नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब अब कानूनी तरीके से दिया जाएगा।