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आरजेडी विधायक के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी, 85 करोड़ रुपये के गबन और धन शोधन का आरोप

बिहार के आरजेडी विधायक और पूर्व मंत्री आलोक कुमार मेहता से जुड़े ठिकानों पर शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापेमारी की। सूत्रों केअनुसार, यह कार्रवाई वैशाली स्थित शहरी विकास सहकारी बैंक (वीएसवी) से जुड़ी धोखाधड़ी और धन शोधन के मामले में की गई है। आलोकमेहता इस बैंक के प्रमोटर हैं, और उन पर और उनके सहयोगियों पर 85 करोड़ रुपये के कथित गबन और धन शोधन का आरोप है। ईडी का आरोप: फर्जी दस्तावेज और धोखाधड़ीईडी अधिकारियों के मुताबिक, यह धोखाधड़ी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर की गई थी, जिसमें जाली गोदाम और जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की रसीदों का इस्तेमाल किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान यह सामने आया कि बैंक के कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों नेआलोक मेहता और उनके सहयोगियों के साथ मिलकर इस अपराध को अंजाम दिया। इन लोगों ने अपराध की आय को हड़पने की साजिश रची औरधोखाधड़ी को बढ़ावा दिया, जिससे उन्हें अवैध लाभ हुआ। ईडी ने इस छापेमारी का उद्देश्य मामले से जुड़े अतिरिक्त सबूत जुटाना और अवैध धन की स्थिति पर नज़र रखना बताया। छापेमारी के दौरान कईदस्तावेज़ और प्रमाण मिले, जो जांच में मददगार साबित हो सकते हैं। आलोक मेहता का राजनीतिक कद और उनका कनेक्शनआलोक मेहता बिहार की उजियारपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं और वे राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के वरिष्ठ नेता हैं। वे लालू प्रसाद यादव केकरीबी माने जाते हैं और इससे पहले बिहार सरकार में राजस्व और भूमि सुधार मंत्री भी रह चुके हैं। उनके खिलाफ चल रही इस जांच को लेकर विपक्षने उन्हें घेरने की कोशिशें तेज कर दी हैं, हालांकि आलोक मेहता ने अभी तक इस मामले पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। इस मामले में ईडी की कार्रवाई ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है, और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़ी घटनाएं सामने आ सकतीहैं।

कानपुर: सपा विधायक नसीम सोलंकी को धमकी देने वाले बीजेपी नेता धीरज चड्ढा की गिरफ्तारी

कानपुर में सीसामऊ से सपा विधायक नसीम सोलंकी को धमकी देने वाले बीजेपी नेता धीरज चड्ढा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिसअधिकारियों ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है। इस घटना के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने रात को थाने जाकर हंगामा किया था और आरोपित धीरज कीगिरफ्तारी की मांग की थी। इसके बाद पुलिस ने धीरज के घर पर देर रात छापेमारी की और उसे गिरफ्तार किया। विधायक नसीम सोलंकी ने पुलिस कमिश्नर से की मुलाकातइस बीच, नसीम सोलंकी और कानपुर कैंट से सपा विधायक हसन रूमी ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात की और उन्हें कार्रवाई के लिए धन्यवाद दिया।नसीम सोलंकी ने बताया कि उन्होंने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात के दौरान आरोपित धीरज चड्ढा के खिलाफ नई धाराएं जोड़ने का प्रार्थना पत्र भीदिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी। विधायक ने जताई जान का खतरानसीम सोलंकी ने यह भी कहा कि अगर धीरज चड्ढा जेल से बाहर आता है, तो वह उनके ऊपर हमला कर सकता है। उन्होंने अपनी और अपने परिवारकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए कहा, “मेरे बच्चों को भी खतरा हो सकता है।” विधायक ने पुलिस कमिश्नर से इस संबंध में बात की औरअधिकारियों ने उन्हें कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। धीरज चड्ढा के खिलाफ सपा कार्यकर्ताओं की शिकायतविधायक हसन रूमी ने आरोप लगाया कि धीरज चड्ढा ने नसीम सोलंकी और उनकी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को गालियाँ दीं और फोन पर धमकाया।इसके साथ ही, उसने सीसामऊ के मतदाताओं को भी अपमानित किया। इस आरोप के बाद, सपा ने धीरज के खिलाफ नई धाराओं के तहत कार्रवाईकी मांग की है। कानपुर में यह घटना एक गंभीर राजनीतिक विवाद का रूप ले चुकी है, और अब पुलिस की ओर से कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

CM योगी ने प्रयागराज में ‘मां की रसोई’ का उद्घाटन, 9 रुपये में मिलेगा भरपेट भोजन

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को प्रयागराज में सामुदायिक रसोई ‘मां की रसोई’ का उद्घाटन किया। इस पहल के तहत, केवल9 रुपये में लोगों को भरपेट भोजन प्रदान किया जाएगा। यह विशेष रसोई आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए शुरू की गई है, जिसमें वेआसानी से पौष्टिक और सस्ता भोजन प्राप्त कर सकेंगे। सामुदायिक रसोई का संचालन नंदी सेवा संस्थान द्वारा किया जाएगा और यह स्वरूप रानी नेहरूअस्पताल में स्थित होगी। क्या होगा 9 रुपये की थाली में?मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अस्पताल का दौरा कर ‘मां की रसोई’ की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और वहां मौजूद लोगों को भोजन परोसा।सरकार के मुताबिक, 9 रुपये में मिलने वाली थाली में दाल, चार रोटियां, सब्जियां, चावल, सलाद और मिठाई शामिल होगी। यह प्रयास उन गरीबऔर जरूरतमंद लोगों को ध्यान में रखते हुए किया गया है, जो इलाज के लिए अस्पताल आते हैं और भोजन की व्यवस्था को लेकर चिंतित रहते हैं। सीएम ने किचन का किया निरीक्षणमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने रसोई के किचन का भी निरीक्षण किया। किचन में खाना बनाने कीप्रक्रिया और सफाई व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया गया। मुख्यमंत्री ने भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता मानकों और अन्य व्यवस्थाओं की सराहनाकी। इस मौके पर औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता और जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी उपस्थित थे, साथ ही प्रमुख सचिव गृह संजयप्रसाद और जगदगुरु महामंडलेश्वर संतोष दास ने भी इस पहल का समर्थन किया। ‘मां की रसोई’ का महत्वनंदी सेवा संस्थान के मुताबिक, ‘मां की रसोई’ उन लोगों के लिए एक बड़ी मदद साबित होगी जो अपने परिवार के किसी सदस्य का इलाज कराने केलिए अस्पताल में आते हैं, लेकिन भोजन की व्यवस्था के लिए चिंतित रहते हैं। इस योजना से न केवल अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों को राहतमिलेगी, बल्कि समाज के सबसे कमजोर वर्ग को भी एक सस्ता और पौष्टिक भोजन उपलब्ध होगा। इस पहल से योगी सरकार ने एक बार फिर यह साबित किया है कि वह समाज के हर वर्ग की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है, खासकर उन लोगों कीजिनके पास अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए साधन नहीं हैं।

पीएम मोदी का पहला पॉडकास्ट: ‘मैं सेटबैक पर रोने वाला इंसान नहीं’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पहले पॉडकास्ट में कई अहम मुद्दों पर खुलकर बातचीत की। ज़ेरोधा के सह-संस्थापक निखिल कामथ के साथ इसपॉडकास्ट में मोदी ने अपनी राजनीतिक यात्रा, सरकार की योजनाओं और भविष्य के लक्ष्यों पर चर्चा की। पहले कार्यकाल से तीसरे तक का सफरपॉडकास्ट में मोदी ने अपने पहले कार्यकाल के बारे में कहा कि उस समय लोग उन्हें समझने की कोशिश कर रहे थे, जबकि वह खुद दिल्ली और केंद्रसरकार को समझने की कोशिश कर रहे थे। दूसरे कार्यकाल के दौरान उन्होंने कहा कि वह अतीत के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए सोचते थे। तीसरे कार्यकाल के बारे में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सोच अब बदली है। उनका उद्देश्य 2047 तक भारत को पूरी तरह से विकसित बनाना है, और इसके लिए वह सभी समस्याओं का समाधान चाहते हैं। मोदी ने यह भी कहा कि उनका मनोबल अब ऊंचा है और उनकी योजना सरकारीयोजनाओं की 100% डिलीवरी सुनिश्चित करने की है। उनके अनुसार, यह ही असली सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता है, और इसे ‘Aspiring India’ से प्रेरणा मिलती है। सेटबैक पर रोने वाला इंसान नहींपॉडकास्ट में मोदी ने अपने अपयश के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि वह सेटबैक पर रोने वाले इंसान नहीं हैं। मोदी ने कहा, “मैं अपयश से नहींडरता, मुझे प्रधानमंत्री बनने का दायित्व मिला और मैं इसे निभा रहा हूं। राजनीति में हर पल रिस्क लेना पड़ता है और मुझे रिस्क लेने वाले इंसानों कासाथ चाहिए।” उन्होंने युवाओं से कहा कि उन्हें कुछ पाने की इच्छा से राजनीति में नहीं आना चाहिए, बल्कि राजनीति को प्रतिष्ठा देने के लिए कामकरना चाहिए। आलोचना पर पीएम मोदी का जवाबविपक्ष की आलोचनाओं पर मोदी ने अपने अहमदाबाद से होने की बात करते हुए कहा, “मैं अहमदाबादी हूं, गाली दे रहे हैं ना, तो कुछ लेकर तो नहींजा रहे?” इस बयान के जरिए उन्होंने अपनी आलोचना का बहुत हल्के और आत्मविश्वासी अंदाज में जवाब दिया। आत्मविश्वास और नित नए प्रयोगप्रधानमंत्री मोदी ने इस पॉडकास्ट के जरिए अपनी राजनीति और जीवन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें साझा की। उनका यह बयान यह भी दर्शाता है किवह अपने कार्यकाल में न केवल देश की तरक्की के लिए काम करना चाहते हैं, बल्कि युवा पीढ़ी को राजनीति में आने और जोखिम लेने के लिए प्रेरितकरना चाहते हैं।

राहुल गांधी को वीर सावरकर पर बयान देने के मामले में मिली जमानत, 25 हजार के मुचलके पर छोड़ा गया

कांग्रेस नेता राहुल गांधी को वीर सावरकर पर दिए गए बयान के मामले में पुणे की विशेष MP/MLA अदालत से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हेंजमानत दे दी, और राहुल गांधी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए थे। यह मामला सावरकर के ग्रैंड नेफ्यू सात्यकि सावरकर द्वारा दर्ज कराएगए एक मानहानि केस से जुड़ा हुआ है, जिसमें राहुल गांधी के बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। क्या था विवाद?राहुल गांधी ने ब्रिटेन में एक बयान में वीर सावरकर के हिंदुत्व पर टिप्पणी की थी। उन्होंने सावरकर के हिंदुत्व विचारधारा पर आलोचनात्मक रुखअपनाया और यह दावा किया था कि सावरकर ने अपनी किताबों में इसे लिखा था। हालांकि, सावरकर के परिवार ने राहुल गांधी के इस बयान कोगलत बताते हुए आपत्ति जताई। सावरकर के ग्रैंड नेफ्यू सात्यकि सावरकर ने इसे लेकर पुणे की अदालत में मानहानि का मामला दर्ज कराया था। अदालत ने राहुल गांधी को दी जमानतपुणे की विशेष MP/MLA अदालत ने इस मामले की सुनवाई करते हुए राहुल गांधी को 25 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी। कोर्ट नेइस दौरान राहुल गांधी को एक महत्वपूर्ण निर्देश भी दिया है। अदालत ने कहा कि जब तक यह मामला चल रहा है, राहुल गांधी सावरकर के बारे मेंकोई बयान नहीं देंगे। इस फैसले के बाद राहुल गांधी के लिए यह राहत की खबर है क्योंकि यह मामले उनके खिलाफ राजनीतिक विवादों और कानूनी उलझनों का हिस्साबन चुके थे। अदालत में पेशी और जमानत की प्रक्रियाराहुल गांधी पुणे की विशेष अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए थे, जहां उन्होंने अपना पक्ष रखा। अदालत ने इस मामले पर गौर करतेहुए उन्हें जमानत दी और उन पर कुछ शर्तें भी लगाई, जिनका पालन करना होगा। कोर्ट का यह कदम इस बात का संकेत है कि मामले की सुनवाईआगे भी जारी रहेगी, और राहुल गांधी को इसे लेकर आगे भी कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। इस फैसले के बाद सावरकर परिवार और राहुल गांधी के समर्थकों के बीच बयानबाजी जारी रह सकती है। यह मामला एक राजनीतिक विवाद बनचुका है, और इसकी कानूनी जटिलताएं भी बढ़ सकती हैं। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी की ओर से इस फैसले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभीतक नहीं आई है, लेकिन यह मामला राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक, उम्मीदवारों की नई लिस्ट जल्द जारी होने की संभावना

दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के मुख्यालय पर केंद्रीय चुनाव समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई शीर्ष नेता उपस्थित थे। यह बैठक दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर बेहद अहममानी जा रही है, क्योंकि इसमें पार्टी के शेष उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की गई और उम्मीद जताई जा रही है कि इस बैठक के समाप्त होने के बादबीजेपी दिल्ली की बची हुई सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर सकती है। बीजेपी पहले ही दिल्ली की 77 विधानसभा सीटों में से 29 सीटों पर उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर चुकी है। अब पार्टी के भीतर चर्चा हो रही हैकि बाकी बची 41 सीटों के लिए नामों का चयन लगभग पूरा हो चुका है और इस पर फैसला जल्द ही लिया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीयचुनाव समिति की बैठक में इन 41 सीटों पर उम्मीदवारों के नामों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। हालांकि, कुछ सीटों पर अंतिम निर्णय नहींहो पाया है, लेकिन अधिकांश सीटों पर उम्मीदवारों के नाम फाइनल हो चुके हैं। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली बीजेपी के नेताओं को चुनावी तैयारियों के लिए अतिरिक्त मेहनत करने का सुझाव दिया। उन्होंने पार्टीके कार्यकर्ताओं को इस चुनावी जंग में ज्यादा सक्रियता और समर्पण के साथ काम करने के लिए प्रेरित किया। मोदी ने कार्यकर्ताओं को यह भी बतायाकि पार्टी को दिल्ली में मजबूत स्थिति में लाने के लिए हर एक कार्यकर्ता की मेहनत और समर्पण जरूरी है। बीजेपी के केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में शामिल प्रमुख नेता: इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्षजेपी नड्डा, दिल्ली संगठन के महामंत्री हर्ष मल्होत्रा, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, इकबाल सिंह लालपुरा, बीजेपी राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े, दुष्यंतगौतम, पवन राणा, बीजेपी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष वनथी श्रीनिवासन, दिल्ली बीजेपी सह प्रभारी अतुल गर्ग, सत्यनारायण जटिया और सुधायादव समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इन नेताओं ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों के चयन और चुनावी रणनीतियों पर गहनचर्चा की। कुल मिलाकर, इस बैठक के जरिए दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी की रणनीति को अंतिम रूप दिया गया है। अब ध्यान इस बात पर है किपार्टी जल्द ही अपनी उम्मीदवारों की पूरी सूची जारी करे, ताकि दिल्ली के मतदाताओं तक यह संदेश पहुंच सके और चुनावी प्रचार में तेजी लाई जासके। बीजेपी की पूरी उम्मीद है कि इस बार दिल्ली में अच्छा प्रदर्शन करेगी और विधानसभा चुनावों में मजबूती से उतरेगी।