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दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025: नांगलोई जाट में भाजपा प्रत्याशी मनोज शौकीन के समर्थन में रैली

दिल्ली विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है, और नांगलोई जाट विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी मनोज शौकीन के समर्थन में एक विशालरैली का आयोजन किया गया। इस रैली में उत्तर पश्चिमी दिल्ली के सांसद योगेन्द्र चांदोलिया और भाजपा की प्रसिद्ध नेता रूबी फोगाट यादव भीशामिल हुईं। रैली पीरागढ़ी गाँव में आयोजित की गई, जहां भारी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी।जन सैलाब ने बढ़ाया उत्साहमनोज शौकीन के समर्थन में आयोजित रैली में क्षेत्रीय नागरिकों का अपार समर्थन देखने को मिला। रैली में जुटी भीड़ ने भाजपा के प्रति अपना समर्थनजताते हुए उत्साहपूर्ण नारेबाजी की और अपनी आस्था व्यक्त की। इस रैली का उद्देश्य नांगलोई जाट विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष मेंसमर्थन जुटाना था, ताकि मनोज शौकीन को विधायक बनाकर विधानसभा में भेजा जा सके।योगेन्द्र चांदोलिया ने की मनोज शौकीन के पक्ष में अपीलरैली के दौरान उत्तर पश्चिमी दिल्ली के सांसद योगेन्द्र चांदोलिया ने जोर देकर कहा कि मनोज शौकीन को विधायक बनाकर दिल्ली विधानसभा मेंभेजना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में वर्षों से विकास कार्य ठप पड़े हुए हैं, और यदि मनोज शौकीन को विधायक बनाया जाता है तोवह इन कार्यों में तेजी लाएंगे और नांगलोई जाट क्षेत्र का समग्र विकास करेंगे।रूबी फोगाट यादव का समर्थनभा.ज.पा. की प्रमुख नेता और पहलवान रूबी फोगाट यादव ने भी रैली में अपना समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी मनोज शौकीन कीईमानदारी और समर्पण की सराहना की और कहा कि उनका चुनावी संघर्ष इस क्षेत्र के विकास में एक नया मोड़ लेकर आएगा।विकास कार्यों में तेजी लाने का वादाइस मौके पर मनोज शौकीन ने कहा कि यदि वह विधायक बनते हैं तो वह क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने रैली में उपस्थित जनसमूह सेवादा किया कि वह इस क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में आवश्यक बदलाव लाएंगे।नांगलोई जाट विधानसभा क्षेत्र में भाजपा का चुनावी मोर्चामनोज शौकीन के नेतृत्व में भाजपा नांगलोई जाट विधानसभा क्षेत्र में मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है। पार्टी का दावा है कि इस बार भाजपा चुनावीमोर्चे पर पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरी है, और जनता का समर्थन भाजपा के पक्ष में है। दिल्ली विधानसभा चुनाव के इस रोमांचक मुकाबले मेंभाजपा की उम्मीदें बढ़ चुकी हैं, और रैली में उमड़ी भीड़ इस बात का स्पष्ट संकेत देती है कि जनता भाजपा की नीतियों को समर्थन दे रही है।

मनरेगा मजदूरों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने योगी सरकार पर उठाए सवाल

लखनऊ: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री श्री अजय राय ने प्रदेश के मनरेगा मजदूरों की परेशानियों को उजागर किया। उन्होंने आरोपलगाया कि राज्य सरकार ने 26 नवम्बर 2024 के बाद से मनरेगा जॉब कार्ड धारकों को उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं किया है। राय ने कहा कि इसदेरी के कारण प्रदेश के लाखों मजदूरों को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।मनरेगा योजना का उद्देश्य मनरेगा योजना, जो कांग्रेस सरकार के तहत 2009 में लागू हुई थी, ग्रामीण इलाकों में रोजगार प्रदान करने के लिए बनाई गई थी। इसके अंतर्गतसड़कों, नहरों, तालाबों और जल संचयन जैसी परियोजनाओं पर काम कराकर ग्रामीणों को रोजगार मिलता है। यह योजना खासतौर पर भूमिहीनमजदूरों के लिए वरदान साबित हुई थी। हालांकि, राय के अनुसार, भाजपा सरकार ने इस योजना को कमजोर करने का काम किया है। उन्होंने कहा किन तो उत्तर प्रदेश में मजदूरों को पर्याप्त काम मिलता है, और न ही समय पर उनकी मजदूरी का भुगतान किया जाता है।मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा I अजय राय ने बताया कि मनरेगा अधिनियम के अनुसार, मजदूरों को उनकी मेहनत की मजदूरी 15 दिन के भीतर उनके खाते में डाल दी जानी चाहिए।यदि भुगतान में देर होती है, तो ब्याज के साथ उन्हें रकम देनी होती है। लेकिन उत्तर प्रदेश में ये नियम अक्सर नजरअंदाज किए जाते हैं, और मजदूरों कोन समय पर पैसा मिलता है, न ही ब्याज दिया जाता है।मजदूरी का भुगतान न मिलने से भूखमरी की स्थिति राय ने कहा कि जब प्रयागराज में महाकुंभ महोत्सव हो रहा है, और देश-विदेश से श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए आ रहे हैं, वहीं प्रदेश का गरीब मजदूरअपनी मजदूरी न मिलने की वजह से इस पावन अवसर का लाभ नहीं उठा पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरी में देरी के कारण प्रदेश केकरोड़ों लोग भुखमरी की कगार पर पहुंच चुके हैं, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई है।मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जल्द समाधान की मांग इस गंभीर समस्या पर ध्यान दिलाते हुए राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने मांग की है कि मनरेगा मजदूरों और कर्मियोंके खाते में उनका बकाया भुगतान ब्याज सहित किया जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर संघर्ष जारी रखेगी और मजदूरों केअधिकारों की रक्षा करेगी।

केशव प्रसाद मौर्य ने मिल्कीपुर उपचुनाव में सपा पर किया हमला, भाजपा प्रत्याशी के लिए मांगे वोट

लखनऊ: प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुएसमाजवादी पार्टी (सपा) और उसके परिवारवाद पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि सपा का एकमात्र एजेंडा अपने अध्यक्ष अखिलेश यादव केपरिवारवाद को बढ़ावा देना है, लेकिन मोदी सरकार के परिवारवाद के खिलाफ कड़े कदमों से उनका यह सपना कभी पूरा नहीं होगा।सपा के परिवारवाद पर मौर्य का हमलाकेशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी अब एक समाप्तवादी पार्टी बनती जा रही है, क्योंकि इसका पूरा फोकस परिवारवाद पर है। उन्होंनेसपा के “पीडीए” (परिवार डेवलेपमेंट एजेंसी) पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सपा का एजेंडा सिर्फ अपराधियों, माफियाओं और भ्रष्टाचारियों का समर्थनकरना है। इस पार्टी ने कभी समाज के गरीब, दलित, महिलाओं और युवाओं के भले की कोई कोशिश नहीं की। उनका कहना था कि सपा केपरिवारवाद को अब जनता की हताशा का शिकार बनते देखा जाएगा, और भाजपा के प्रत्याशी चंद्रभान पासवान भारी बहुमत से विजयी होंगे, जबकिसपा की जमानत जब्त होगी।भाजपा सरकार के विकास कार्यों की तारीफउपमुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी-योगी सरकार के नेतृत्व में देश और प्रदेश में हुए अनगिनत विकास कार्यों का असर अब मिल्कीपुर और अयोध्या क्षेत्र मेंसाफ देखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि भाजपा गठबंधन को हाल ही में हुए विधानसभा उपचुनावों में 7 सीटों पर जीत मिली है और यह जीतआगामी मिल्कीपुर उपचुनाव में भी जारी रहेगी। उनका कहना था कि लोकसभा चुनाव में सपा ने जनता को धोखा दिया, लेकिन अब लोकतांत्रिकतरीके से इसका जवाब देने का समय आ गया है।अयोध्या में हो रहे विकास की सराहनामौर्य ने कहा कि अयोध्या और मिल्कीपुर क्षेत्र में जब से डबल इंजन की सरकार आई है, तब से विकास के कई बड़े काम हुए हैं। उन्होंने यह भी कहाकि अयोध्या में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या और रोजगार के अवसरों के कारण इलाके की अर्थव्यवस्था को भी बड़ा फायदा हुआ है। इसके विपरीत, सपा के समय में इस क्षेत्र का ध्यान नहीं रखा गया और सपा का इतिहास रामभक्तों के खिलाफ रहा है।महाकुंभ पर सपा की चुप्पी पर मौर्य का सवालमौर्य ने प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारतीय संस्कृति का एक बेहतरीन उदाहरण है, जहां सभी धर्मों के संतमिलकर आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव यह सब देख नहीं पा रहे हैं। मौर्य ने यह भी आरोप लगाया किसपा के शासन में महाकुंभ और अयोध्या जैसे धार्मिक स्थल कभी विकसित नहीं हो सकते थे, क्योंकि पार्टी का ध्यान सिर्फ अपने राजनीतिक एजेंडे परथा।जनता से अपील: भाजपा को जिताएं, सपा की जमानत जब्त कराएंमौर्य ने अंत में जनता से अपील की कि वे भाजपा प्रत्याशी चंद्रभान पासवान को भारी बहुमत से जीत दिलाएं और सपा की जमानत जब्त कराएं।उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को भी “मेरा बूथ सबसे मजबूत” के नारे के तहत प्रत्येक बूथ पर काम करने का आह्वान किया, ताकि भाजपा की विजयसुनिश्चित हो सके।

निघत अब्बास: एक नई दिशा में कांग्रेस में शामिल हुईं मजबूत आवाज

बीजेपी की प्रवक्ता और महामंत्री निघत अब्बास ने हाल ही में कांग्रेस पार्टी जॉइन की। उनका यह कदम राजनीतिक दृष्टिकोण में एक महत्वपूर्णबदलाव को दर्शाता है, जो उनके समाजसेवा के प्रति समर्पण और जनता के लिए किए गए संघर्ष को और भी मजबूत करेगा। निघत अब्बास, जोपहले बीजेपी में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रही थीं, ने बताया कि पार्टी के भीतर उन्हें काफ़ी समय से नज़रअंदाज़ किया जा रहा था,कई बार उन्हेंजनता की भलाई के लिए काम करने में रुकावटें आईं। इसके चलते, उन्होंने कांग्रेस से जुड़ने का फैसला किया, ताकि वे बिना किसी बंधन के समाजकी सेवा कर सकें। महिला सशक्तिकरण और युवा कल्याण में निघत का योगदाननिघत अब्बास ने हमेशा महिला सशक्तिकरण के लिए काम किया है। उन्होंने न सिर्फ महिलाओं को आवाज दी, बल्कि उनके लिए कई योजनाओं कासमर्थन किया, ताकि वे समाज में बराबरी के हक से रह सकें। इसके अलावा, उन्होंने छात्रों के लिए भी कई योजनाओं का समर्थन किया, ताकि शिक्षाके माध्यम से वे बेहतर भविष्य की ओर बढ़ सकें। उनका यह मानना है कि एक सशक्त महिला और शिक्षित युवा समाज के विकास के लिए बेहदमहत्वपूर्ण हैं। कोरोना महामारी और फ्लड में लोगों के लिए उनकी सेवाकोरोना महामारी के दौरान निघत अब्बास ने संकट में फंसी जनता के लिए कई तरह की मदद पहुंचाई। यमुना किनारे बसी झुग्गियों और मयूर विहार केआसपास बसी झुग्गियों में रहने वाले विस्थापितों को फ्लड के दौरान खाद्य पैकेट और अन्य जरूरी चीजें उपलब्ध कराईं। इसके साथ ही, उन्होंनेलगातार जरूरतमंदों की मदद करने के लिए कई राहत कार्यों में भाग लिया। निघत की यह कार्यशैली उनकी समाजसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शातीहै और उनके व्यक्तित्व का अहम हिस्सा है। बीजेपी में रहते हुए रुकावटें और कांग्रेस से जुड़ने का निर्णयनिघत अब्बास ने बीजेपी में रहते हुए महसूस किया कि पार्टी में कई मुद्दों पर उनके प्रयासों को नजरअंदाज किया जा रहा था और उन्हें जनता की भलाईके लिए काम करने में कई बार रोका जाता था। उनका मानना है कि बीजेपी में रहते हुए उनके लिए विकास और समाज की भलाई के लिए काम करनामुश्किल हो गया था। यही कारण था कि उन्होंने कांग्रेस से जुड़ने का निर्णय लिया, ताकि वे राहुल गांधी के विचारों के साथ मिलकर समाज के हर वर्ग, खासकर गरीब और पिछड़े वर्ग के लिए काम कर सकें। राहुल गांधी से प्रेरणा और कांग्रेस में उनका भविष्यनिघत अब्बास ने बताया कि राहुल गांधी के विचार और उनके नेतृत्व से प्रभावित होकर ही उन्होंने कांग्रेस पार्टी जॉइन की। राहुल गांधी ने हमेशागरीबों, पिछड़े वर्गों और समाज के कमजोर तबकों के लिए काम किया है, जो निघत को काफी प्रेरित करता है। उनका यह मानना है कि राहुल गांधीकी नीतियां समाज के हर वर्ग को समान अवसर देने की दिशा में काम करती हैं और इसीलिए वे कांग्रेस के साथ अपने प्रयासों को और भी आगे बढ़ानाचाहती हैं।

अली अनवर अंसारी: एक समर्पित नेता, जिन्होंने समाज की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया

पूर्व राज्यसभा सदस्य और वरिष्ठ जदयू नेता अली अनवर अंसारी ने मंगलवार को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का दामन थाम लिया। इस अवसर पर कांग्रेसके मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा और बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने उन्हें पार्टी में स्वागत किया। अंसारी का यहकदम कांग्रेस के विचारों और राहुल गांधी के नेतृत्व से प्रभावित होकर उठाया गया, जिससे राज्य में भाजपा और जदयू के बीच हलचल मच गई है। राहुल गांधी के नेतृत्व में बिहार में एक नई उम्मीदअली अनवर अंसारी का कांग्रेस में शामिल होना केवल एक राजनीतिक बदलाव नहीं है, बल्कि यह समाज के वंचित वर्गों, खासकर दलितों, आदिवासियों, अति पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और पसमांदा मुसलमानों के लिए एक नई उम्मीद का संकेत है। अंसारी ने कहा, “राहुल गांधी के विचारों सेबिहार में भाजपा और जदयू में खलबली मच गई है। उनकी बातें राज्य के विभिन्न वर्गों में उत्साह और विश्वास का संचार कर रही हैं।” इस बदलाव कोलेकर उनकी भावनाओं में स्पष्ट रूप से यह नजर आता है कि वे राहुल गांधी के नेतृत्व में एक ऐसी राजनीतिक दिशा को देख रहे हैं, जो समाज के हरवर्ग को समान अवसर प्रदान करती है। महिलाओं का सशक्तिकरण और युवाओं के लिए रोजगार के अवसरअली अनवर अंसारी का राजनीतिक करियर न केवल एक नेता के रूप में बल्कि एक समाजसेवी के रूप में भी महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने हमेशामहिलाओं के सशक्तिकरण और युवाओं को रोजगार देने के मुद्दों को अपनी प्राथमिकताओं में रखा। राज्यसभा सदस्य रहते हुए उन्होंने महिला कल्याणके लिए कई पहल कीं, जिससे लाखों महिलाओं को सम्मानजनक जीवन जीने का मौका मिला। इसके अलावा, उन्होंने बिहार के युवाओं को सरकारीयोजनाओं और रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। बुजुर्गों की सेवा और सरकारी योजनाओं का लाभअली अनवर अंसारी ने अपने राजनीतिक करियर में बुजुर्गों की सेवा के लिए भी कई महत्वपूर्ण कार्य किए। उन्होंने राज्य सरकार की योजनाओं का लाभबुजुर्गों तक पहुँचाया, जिससे उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं और पेंशन जैसी सुविधाएँ मिल सकीं। अंसारी का मानना था कि समाज के कमजोर वर्गों के लिएयोजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन ही उनकी असल मदद कर सकता है। लड़कियों के लिए विशेष सहायता और संरक्षणअली अनवर अंसारी ने खासतौर पर लड़कियों के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं पर काम किया। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा केक्षेत्रों में लड़कियों को विशेष लाभ दिलवाने के लिए कई योजनाओं को लागू किया। उनके प्रयासों से राज्य में लड़कियों के लिए विभिन्न सरकारीयोजनाओं और सहायता का विस्तार हुआ, जिससे उनकी स्थिति में सुधार हुआ।

सीएम नीतीश कुमार ने पूर्णिया में 587 करोड़ रुपए की योजनाओं का उद्घाटन, विकास की नई राह

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी प्रगति यात्रा के दौरान पूर्णिया में 587 करोड़ 80 लाख रुपए की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यासकिया। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा भी की, जो जिले के विकास में अहम भूमिका निभाएंगी। इन योजनाओं में पर्यटन, सड़क निर्माण, खेलकूद और शिक्षा से जुड़े कई अहम प्रोजेक्ट शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने की योजनाओं की घोषणामुख्यमंत्री ने पूर्णिया में कई महत्वाकांक्षी योजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें शामिल हैं: -पुरण देवी मंदिर और मां कामाख्या मंदिर का विस्तार: पर्यटन विभाग द्वारा इन मंदिरों के आसपास पर्यटकों के आकर्षण को बढ़ाने के लिए विकासकार्य किए जाएंगे।– भोटहा मोर से 9 किलोमीटर बाईपास निर्माण: इस बाईपास से शहर की ट्रैफिक समस्या कम होगी और यात्रियों को सुविधा होगी।-अंतरराज्यीय बस टर्मिनल निर्माण: एक नया बस टर्मिनल बनवाकर यात्री सुविधाओं को बेहतर किया जाएगा।-रंगभूमि मैदान में स्पोर्ट्स कंपलेक्स: यह नया खेल परिसर में सिंथेटिक ट्रैक और स्विमिंग पूल सहित आधुनिक सुविधाएं प्रदान करेगा।– काझा कोठी का विकास: इस स्थल को मिथिलांचल की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जिससे स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पूर्णिया में समीक्षा बैठकमुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने दौरे के दौरान पूर्णिया समाहरणालय में अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। इस बैठक में बिहार सरकार केविभिन्न विभागों के सचिवों के अलावा उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मंत्री विजय चौधरी, और लेसी सिंह भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने बैठक में योजनाओंकी प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों से आगामी कार्यों के बारे में जानकारी ली। कामाख्या मंदिर में पूजामुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान पूर्णिया के भवानीपुर पंचायत के मजरा गांव स्थित मां कामाख्या मंदिर में पूजा अर्चना की। इसके बाद, उन्होंने जलजीवन हरियाली के तहत बने तालाबों और जीविका के स्टॉलों का भी निरीक्षण किया। यहां तीन दर्जन से अधिक स्टॉल लगाए गए थे, जो स्थानीयउत्पादों और योजनाओं को प्रदर्शित कर रहे थे। स्पोर्ट्स कंपलेक्स का शिलान्याससीएम नीतीश कुमार ने पूर्णिया के रंगभूमि मैदान में स्पोर्ट्स कंपलेक्स का शिलान्यास भी किया। इसमें सिंथेटिक ट्रैक और स्विमिंग पूल जैसी सुविधाएंहोंगी, जो जिले के खेल प्रेमियों के लिए एक बड़ा तोहफा साबित होंगी। यह स्पोर्ट्स कंपलेक्स क्षेत्र के खेल स्तर को ऊंचा करने में मदद करेगा औरयुवाओं को बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा।

भारत का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू, राष्ट्रपति मुर्मू करेंगी दोनों सदनों को संबोधित

भारत का संसद बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होने जा रहा है। इस महत्वपूर्ण सत्र की शुरुआत 31 जनवरी को होगी, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दोनोंसदनों – लोकसभा और राज्यसभा – को संबोधित करेंगी। इसके बाद, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2025 को देश का केंद्रीय बजटपेश करेंगी। बजट सत्र के दो भागलोकसभा सचिवालय की ओर से एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है, जिसमें बजट सत्र की विस्तृत जानकारी दी गई है। इस अधिसूचना मेंबताया गया है कि बजट सत्र का पहला भाग 31 जनवरी 2025 से 13 फरवरी 2025 तक चलेगा। इसके बाद, सत्र का दूसरा भाग 10 मार्च 2025 से 4 अप्रैल 2025 तक होगा। इस पूरे सत्र में कुल 27 बैठकें आयोजित की जाएंगी। *सत्र में विशेष आयोजन*31 जनवरी से 13 फरवरी तक के पहले भाग में कुल 9 बैठकें होंगी। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव काजवाब देंगे। इसके बाद, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पर चर्चा का जवाब देंगी। सत्र के इस हिस्से के बाद संसद कुछ समय के लिएअवकाश पर जाएगी। सत्र के दूसरे भाग में, 10 मार्च से विभिन्न मंत्रालयों द्वारा अनुदान की मांग पर चर्चा की जाएगी और बजट प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। दूसरा भाग 4 अप्रैल को समाप्त होगा, और इस प्रकार पूरे बजट सत्र में कुल 27 बैठकें होंगी। 30 जनवरी को सर्वदलीय बैठकबजट सत्र के पहले 30 जनवरी को सर्वदलीय बैठक बुलाई जाएगी। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने इस बैठक की जानकारी दी है औरविपक्षी दलों से सदन में सुचारू चर्चा के लिए सहयोग की अपील की है। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक संतुलितऔर कारगर बजट पेश करेंगी, जो देश की आर्थिक स्थिति को बेहतर करने में सहायक होगा।

अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी, मिडिल क्लास और किसानों के लिए टैक्स में राहत की मांग

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक चिट्ठी लिखकर मिडिल क्लास और किसानों कोटैक्स के बोझ से राहत देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि देश में अमीरों के कर्ज माफ करने के बजाय, सरकार को किसानों और मिडिल क्लास कीसहायता करनी चाहिए। उनका कहना था कि मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ बढ़ता जा रहा है, और अगर सरकार कर्ज माफ करना ही चाहती है, तोअरबपतियों के बजाय, मिडिल क्लास और किसानों के कर्ज माफ किए जाएं। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा की केंद्र सरकार सरकारी खजाने का अधिकांश हिस्सा अमीरों के कर्ज माफ करने में खर्च कर रही है, जबकिगरीब और मिडिल क्लास लगातार महंगाई और बेरोजगारी के बोझ तले दबे हुए हैं। अरबपतियों के कर्ज माफी पर सवालिया निशानकेजरीवाल ने कहा कि पिछले 5 वर्षों में सरकार ने लगभग 400 से 500 अरबपतियों के 10 लाख करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए हैं। इसके साथ हीउन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में एक अरबपति का 46 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया गया, जबकि सरकार ने केवल 400 करोड़ रुपये कीलागत से दिल्ली में महिलाओं की बस यात्रा मुफ्त की। अरविंद केजरीवाल ने यह सवाल उठाया कि जब दिल्ली सरकार ने महिलाओं के लिए बस यात्रा को मुफ्त करने पर 400 करोड़ रुपये खर्च किए, तोकेंद्र सरकार एक ही अरबपति के कर्ज को माफ करने में इतनी बड़ी रकम खर्च कर रही है। उन्होंने इसे एक “घोटाला” करार दिया और प्रधानमंत्री सेअपील की कि ऐसे कर्ज माफ करने की प्रक्रिया को बंद किया जाए। मिडिल क्लास पर टैक्स का भारी बोझअरविंद केजरीवाल ने मिडिल क्लास के लोगों की स्थिति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक सामान्य मिडिल क्लास व्यक्ति, जो साल में 12 लाख रुपये कमाता है, उस पर कई तरह के टैक्स लगाए जाते हैं। इसमें जीएसटी, इनकम टैक्स, सर्विस टैक्स, प्रॉपर्टी टैक्स, एजुकेशन सेस, कैपिटलगेन टैक्स और रोड टैक्स शामिल हैं। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि मिडिल क्लास के लोग अपनी आधी आमदनी टैक्स के रूप में देते हैं, लेकिनबदले में उन्हें कोई भी सुविधा नहीं मिलती। उनका कहना था कि मिडिल क्लास का व्यक्ति यह देखता है कि उसके द्वारा दिए गए टैक्स का पैसा अरबपतियों के कर्ज माफ करने में खर्च किया जारहा है, जो उसे बहुत दुख पहुंचाता है। सरकारी खजाना क्यों अमीरों को दिया जा रहा है?अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री से अपील की कि सरकार को किसी भी अरबपति के कर्ज माफ करने की प्रक्रिया को पूरी तरह से बंद करना चाहिए।उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा धोखा है, और इससे देश की जनता बहुत नाराज है। उनका यह भी कहना था कि यदि कर्ज माफ करने की प्रक्रिया कोजारी रखना ही है, तो यह मिडिल क्लास और किसानों के कर्जों को माफ करने के रूप में किया जाना चाहिए। केजरीवाल ने यह भी कहा कि एक मिडिल क्लास व्यक्ति, जो महीने में 1 लाख रुपये कमाता है, उसकी 60-70 हजार रुपये की ईएमआई जाती है, लेकिन सरकार उनकी सहायता करने के बजाय, अमीरों के कर्ज माफ करती है। मिडिल क्लास को राहत देने का तरीकाअरविंद केजरीवाल ने सुझाव दिया कि यदि सरकार अरबपतियों को कर्ज देने और उन्हें माफ करने की प्रक्रिया बंद कर दे, तो मिडिल क्लास को बड़ीराहत मिल सकती है। उन्होंने कहा कि इससे आयकर की दरें आधी की जा सकती हैं, टैक्स योग्य आय की सीमा दोगुनी की जा सकती है और जीएसटीदरें भी कम की जा सकती हैं। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि सभी आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी को पूरी तरह से माफ किया जा सकता है। उनकी ये मांगें हैं:अरबपतियों के कर्ज माफ करने की प्रक्रिया बंद होनी चाहिए।मिडिल क्लास के कर्ज माफ किए जाएं, जिनमें होम लोन और व्हीकल लोन शामिल हों।किसानों के कर्ज माफ किए जाएं।अगर अरबपतियों के कर्ज माफ करने की प्रक्रिया बंद की जाती है, तो आयकर की दरें आधी की जा सकती हैं।टैक्स योग्य आय की सीमा दोगुनी की जा सकती है।सभी आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी को माफ किया जा सकता है। सरकार से बदलाव की उम्मीदकेजरीवाल ने प्रधानमंत्री से उम्मीद जताई कि वह इन मांगों पर गंभीरता से विचार करेंगे। उनका कहना था कि यदि इन सुधारों को लागू किया जाए, तोदेश की जनता को काफी राहत मिलेगी। मिडिल क्लास और किसानों को इस तरह की राहत से न केवल उनके कर्ज का बोझ कम होगा, बल्कि देशकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह समय है जब केंद्र सरकार को मिडिल क्लास और किसानों के हित में कदम उठाने चाहिए, न कि केवल अरबपतियों के हितमें। उनके मुताबिक, इस कदम से सरकार का खजाना भी सही दिशा में इस्तेमाल होगा और देश की आम जनता को भी राहत मिलेगी।

केजरीवाल ने बीजेपी पर हरियाणा से दिल्ली आ रहे पानी में जहर मिलाने का आरोप, हरियाणा सरकार ने खंडन किया

दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणासरकार यमुना के पानी में जहर मिला रही है, जो दिल्ली की जल आपूर्ति में आ रहा है। केजरीवाल का आरोप है कि बीजेपी देश की राजनीति को गंदाकर रही है और अगर दिल्ली के लोग बीजेपी को वोट नहीं दे रहे हैं तो क्या उन्हें जहर मिलाकर मारा जाएगा? केजरीवाल का आरोप और पानी की गुणवत्ता पर चिंताअरविंद केजरीवाल ने हरियाणा सरकार पर यह आरोप लगाया कि यमुना के पानी में अमोनिया की अधिकता है, जिसे दिल्ली के जल उपचार संयंत्र भीसाफ नहीं कर सकते हैं। उन्होंने इसे जहर बताते हुए कहा कि अगर यह पानी दिल्ली के जल आपूर्ति में मिल जाता, तो यह सामूहिक नरसंहार जैसा होसकता था। केजरीवाल ने दिल्ली जल बोर्ड के इंजीनियरों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने तुरंत पानी की गुणवत्ता को सुधारने के लिए कदमउठाए हैं। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की और कहा कि चुनाव आयोग दिल्ली के लोगों को इस त्रासदी से बचाए। हरियाणा सरकार का खंडनहरियाणा के उपमुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने केजरीवाल के आरोपों का खंडन किया। सैनी ने कहा कि आरोप लगाना और फिर भाग जाना केजरीवालकी आदत बन गई है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने खुद अपने मुख्य सचिव को पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए भेजा था और वह हरियाणा केअधिकारियों से सोनीपत में पानी की गुणवत्ता की जांच करवाएंगे। सैनी ने केजरीवाल को काम करने की सलाह दी और कहा कि दिल्ली में पानी कीआपूर्ति में कोई समस्या नहीं है, बल्कि वितरण प्रणाली में समस्या हो सकती है। निर्वाचन आयोग ने मांगी रिपोर्टदिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को निर्वाचन आयोग से हरियाणा से आपूर्ति किए जाने वालेपानी में अमोनिया के उच्च स्तर को लेकर शिकायत की। उन्होंने कहा कि अमोनिया के कारण पानी की आपूर्ति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और यहचुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। निर्वाचन आयोग ने हरियाणा के अधिकारियों से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगते हुए कहा कि वे अगले दिन दोपहर12 बजे तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

रामदास आठवले का तगड़ा हमला, बोले- दिल्ली चुनाव में कांग्रेस को नहीं मिलेगी एक भी सीट

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने सोमवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पर जोरदार हमला किया। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव मेंकांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिलेगी और अगले 25 वर्षों तक पार्टी का सत्ता में आना नामुमकिन होगा। आठवले ने इस दौरान राहुल गांधी और कांग्रेसके नेतृत्व पर भी सवाल उठाए। कांग्रेस के सत्ता में आने की उम्मीदों पर तंजरामदास आठवले ने कहा, “राहुल गांधी कहते हैं कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई तो वे कई बदलाव करेंगे, लेकिन यह संभव नहीं है। अगले 25 सालों तक कांग्रेस को सत्ता में आना बहुत मुश्किल है। जब तक मोदी जी और मैं साथ हैं, यह असंभव है।” दिल्ली चुनाव पर बात करते हुए आठवले नेकहा कि कांग्रेस दिल्ली में चुनावी प्रयास कर रही है, लेकिन पार्टी को एक भी सीट नहीं मिलेगी। संविधान को लेकर राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रियाकेंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी के संविधान खतरे में होने वाले बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी कहते हैं कि संविधान खतरे में है, लेकिन संविधान को कोई खतरा नहीं है। संविधान को बदलने का अधिकार किसी को नहीं है। संसद को पुराने कानूनों में संशोधन करने का अधिकारहै, और सरकार को भी यह अधिकार है।” उन्होंने यह भी कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर का नाम लेने से काम नहीं चलता, और राहुल गांधी ऐसे बयानदेकर अपनी पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे हैं। पीएम मोदी पर विश्वास जताते हुए की तारीफरामदास आठवले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि वह संविधान को मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और अन्य नेतासंविधान के खिलाफ राजनीतिक दुष्प्रचार कर रहे हैं। इसके अलावा, आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा हटाने और जाति आधारित जनगणना के मुद्देपर पूछे गए सवाल पर आठवले ने राहुल गांधी से सवाल किया, “जब आपकी सरकार 2014 तक सत्ता में थी, तो आपने इसे क्यों नहीं बढ़ाया?”