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दिल्ली भाजपा में मेडिकल संविदा कर्मचारियों का एकत्रीकरण, वीरेंद्र सचदेवा को आभार

नई दिल्ली, 30 जनवरी: आज दिल्ली भाजपा कार्यालय में मेडिकल संविदा कर्मचारियों का एक महत्वपूर्ण एकत्रीकरण हुआ, जिसमें दिल्ली के 25 बड़े अस्पतालों में लंबे समय से कार्यरत संविदा कर्मचारी शामिल हुए। यह सभी अपने लंबे समय से अटकी समस्याओं का समाधान कराने के लिएप्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए एकत्रित हुए।कार्यक्रम में शामिल हुए लगभग 2,000 कर्मचारी और 10,000 परिजनइस कार्यक्रम में दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों से लगभग 850 संविदा कर्मचारी शामिल हुए। यह संख्या दर्शाती है कि आज दिल्ली के मेडिकल क्षेत्रके संविदा कर्मचारियों और उनके परिजनों ने भाजपा नेतृत्व में एक नई आशा की किरण देखी है। संविदा कर्मचारियों के लिए नई उम्मीद: भाजपा का समर्थनविभिन्न अस्पतालों के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याओं और अनुभवों को साझा किया, और प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा से अनुरोध किया कि उनकीशेष समस्याओं पर भी शीघ्र समाधान कार्य शुरू किया जाए। एक कर्मचारी ने कहा, “पिछली सरकार ने हमें 10 वर्षों तक सिर्फ भ्रमित किया, लेकिन भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा नेलगातार हमारा साथ दिया। उन्होंने हमारी समस्याओं को समझते हुए समाधान की दिशा में कदम बढ़ाया। आज हमें नई उम्मीद मिली है।” भविष्य के लिए भाजपा का समर्थन संविदा कर्मचारियों ने यह संकल्प लिया कि वे भारतीय जनता पार्टी को समर्थन देकर इसे सशक्त बनाएंगे, क्योंकि उनका और उनके बच्चों काउज्जवल भविष्य केवल भाजपा के नेतृत्व में ही सुरक्षित है। वीरेन्द्र सचदेवा का नेतृत्व और संविदा कर्मचारियों का समर्थन यह कार्यक्रम दिल्ली भाजपा की मजबूत नेतृत्व क्षमता और कर्मचारियों के लिए समाधान की दिशा में पार्टी की प्रतिबद्धता का प्रतीक बन गया। अबभाजपा के नेतृत्व में ये कर्मचारी अपने मुद्दों का समाधान होने की उम्मीद कर रहे हैं और पार्टी को समर्थन देने का संकल्प लिया है।

राहुल गांधी का केजरीवाल पर हमला: यमुना नदी या नाली?

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला किया है, और यमुना नदी की खराब स्थिति को लेकरउन्हें घेरते हुए कहा कि दिल्ली में अब यमुना नदी नहीं, बल्कि एक नाली बन चुकी है। उन्होंने कहा कि यदि आप भी दिल्लीवासी हैं, तो यमुना कीदुर्दशा देख कर आपको तकलीफ तो होती ही होगी। यमुना नदी की अव्यवस्थित स्थिति: एक भयावह चित्रराहुल गांधी ने अपनी बातों में बताया कि कल सुबह वे यमुना नदी के किनारे गए थे, जहां उन्होंने स्थानीय निवासियों, नाव चालकों और एक्टिविस्टों सेचर्चा की। उनका कहना था कि यमुना में कचरा, गंदगी, दुर्गंध और सीवेज से भरी पड़ी है, और नदी का साफ पानी सीवेज ट्रीटमेंट के लिए निकालकर, फिर उसी सीवेज को नदी में डंप कर दिया जाता है। इस कारण से यमुना नदी का अस्तित्व खतरे में है। श्रद्धालु अब यमुना में डुबकी लगाने से कतराते हैंराहुल गांधी ने यह भी कहा कि पहले श्रद्धालु यमुना में डुबकी लगाने के लिए बड़ी संख्या में आते थे, लेकिन अब गिनती के लोग ही इस प्रदूषित पानीमें अपनी जान जोखिम में डालकर आते हैं। यह स्थिति दिल्ली के लिए शर्मनाक है, और यह दर्शाता है कि सरकारों ने इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान नहीं दियाहै। केजरीवाल के खोखले वादे: जनता से धोखाराहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली में सत्ता में आने के बाद से ही अरविंद केजरीवाल ने यमुना को साफ करने के वादे किए थे। उन्होंने कहा था, “मैं यमुनामें डुबकी लगाऊंगा, वरना वोट मत देना,” लेकिन आज केजरीवाल सिर्फ यमुना के पानी की बोतल लेकर बैठे हैं और आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं। उनकेवादे केवल खोखले साबित हुए हैं।मोदी और केजरीवाल की लापरवाही का परिणामराहुल गांधी ने मोदी और केजरीवाल सरकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार का भी जिक्र किया, और इसे यमुना नदी की भयावह स्थिति के लिएजिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ यमुना का अपमान नहीं है, बल्कि दिल्ली की जनता के जीवन के साथ चल रहे खिलवाड़ का परिणाम है। यमुना की हालत में सुधार की आवश्यकताराहुल गांधी का यह बयान एक गंभीर राजनीतिक संदेश है, जो दिल्लीवासियों और पर्यावरण के प्रति सरकार की लापरवाही पर सवाल उठाता है। यहइस बात को उजागर करता है कि यमुना नदी को लेकर सरकारें अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाई हैं, और अगर हालात ऐसे ही रहे, तो यहऐतिहासिक नदी पूरी तरह से खत्म हो जाएगी।

राजेन्द्र नगर की निगम पार्षद आरती चावला भाजपा में शामिल हुईं: वीरेन्द्र सचदेवा ने की सराहना

नई दिल्ली, 30 जनवरी: दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा की उपस्थिति में आज राजेन्द्र नगर से आम आदमी पार्टी (आप) की निगम पार्षदआरती चावला अपने समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल हो गईं। इस अवसर पर स्थानीय “आप” नेता रजत चावला, दीपक नागपाल और रमितअरोड़ा भी भाजपा में शामिल हुए। आरती चावला का भाजपा में शामिलवीरेन्द्र सचदेवा ने इस मौके पर कहा कि आरती चावला का भाजपा में शामिल होना आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता दुर्गेश पाठक के लिए एक बड़ाराजनीतिक तमाचा है। पाठक “आप” के दिल्ली नगर निगम के प्रभारी हैं, और आज उन्हीं की विधानसभा की पार्षद ने “आप” का हाथ छोड़कर भाजपामें अपनी जगह बनाई है। यह घटनाक्रम “आप” पार्टी के लिए एक झटका है, खासकर उन नेताओं के लिए जो पार्टी की प्रतिष्ठा और समर्थन की बातकरते हैं। आदर्श नगर से भाजपा में शामिल हुए आरडब्ल्यूए के सदस्यइससे पहले आज शाम, आदर्श नगर से भाजपा प्रत्याशी राजकुमार भाटिया के समर्थन में आरडब्ल्यूए (रेजिडेंट वेलफेयर असोसिएशन) के प्रधान विजेन्द्रशर्मा, केवल पार्क एक्सटेंशन आरडब्ल्यूए के महासचिव हरि प्रकाश शर्मा और अन्य साथी भाजपा में शामिल हुए। इस अवसर पर आदर्श नगर के वरिष्ठभाजपा नेता अनुभव धीर भी उपस्थित थे। वीरेन्द्र सचदेवा ने पार्टी में शामिल होने वालों का स्वागत कियावीरेन्द्र सचदेवा ने भाजपा में शामिल होने वाले आम आदमी पार्टी के नेताओं और आरडब्ल्यूए के साथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने पार्टीमें शामिल होने वालों को पटका पहनाकर सम्मानित किया और कहा, “दिल्ली में आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने अपनेजनप्रतिनिधियों को पूरी तरह से बंधक बना रखा है। उन्होंने जनता की सेवा करने पर रोक लगा दी है, जिससे अब भाजपा में शामिल होने वाले नेता वहलोग हैं जो दिल्ली के लिए कुछ करना चाहते हैं।”भा.ज.पा. का विस्तार जारीयह घटनाक्रम इस बात का प्रतीक है कि आम आदमी पार्टी के नेताओं के बीच भाजपा की ओर झुकाव बढ़ रहा है, और साथ ही दिल्ली में भाजपा काविस्तार भी जारी है। भाजपा का दावा है कि आम आदमी पार्टी के नेताओं को अब पार्टी के भीतर कोई लोकतांत्रिक स्वतंत्रता नहीं मिल रही है, इसलिएवे भाजपा का दामन थाम रहे हैं।

बिजवासन से ‘आप’ प्रत्याशी सुरेन्द्र भारद्वाज पर कई गंभीर आरोप: कैलाश गहलोत

नई दिल्ली, 30 जनवरी: दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री और बिजवासन से भाजपा प्रत्याशी कैलाश गहलोत ने आम आदमी पार्टी (आप) के प्रत्याशीसुरेन्द्र भारद्वाज पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सुरेन्द्र भारद्वाज के खिलाफ पहले से कई अपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें महिलाओंको डराने-धमकाने सहित अन्य आरोप शामिल हैं। इसके अलावा, एक नया मामला भी सामने आया है, जिसमें भारद्वाज पर अपने बेटे को क्रिकेटखिलाने के लिए फर्जी सर्टिफिकेट बनाने का आरोप है।फर्जी सर्टिफिकेट मामले में पुलिस ने दर्ज किया केसगहलोत ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि पालम थाने में सुरेन्द्र भारद्वाज के खिलाफ धारा 336, 337, 339 और 340 के तहत केस दर्ज किया गयाहै। यह मामला तब सामने आया जब यह खुलासा हुआ कि उन्होंने अपने बेटे को क्रिकेट खेलने के लिए पहले दिल्ली से जन्म प्रमाण पत्र और फिरअरुणाचल प्रदेश से भी फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट बनवाया। बीसीसीआई की जांच में सामने आया कि इस धोखाधड़ी के कारण उनके बेटे पर दो साल काप्रतिबंध भी लगा। आप’ के प्रत्याशी की कड़ी आलोचनाकैलाश गहलोत ने कहा कि आम आदमी पार्टी के विधायक पब्लिक की सेवा करने की बजाय अपनी पॉवर का दुरुपयोग कर रहे हैं, और इसका सबसेबड़ा उदाहरण बिजवासन से ‘आप’ के प्रत्याशी सुरेन्द्र भारद्वाज हैं। उन्होंने कहा कि यह आरोप साफ़ तौर पर यह दर्शाता है कि आप पार्टी के विधायकअपनी पोजीशन का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। अरविंद केजरीवाल से सवालगहलोत ने सवाल उठाया कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी ने 2013 में विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी चयन का आधार तीनC (क्राइम, करप्शन और करैक्टर) रखा था। गहलोत ने कहा, “क्या बिजवासन में ‘आप’ को कोई ऐसा कैंडिडेट नहीं मिला जो अपराधी न हो औरजिसका करैक्टर साफ हो?” उन्होंने यह भी पूछा कि आखिर क्यों अरविंद केजरीवाल ने ऐसे व्यक्ति को प्रत्याशी बनाया, जो पहले से ही कई अपराधोंमें लिप्त है। सुरेन्द्र भारद्वाज पर महिला से छेड़छाड़ का भी आरोपगहलोत ने यह भी बताया कि सुरेन्द्र भारद्वाज पर पहले भी एक महिला से छेड़छाड़ और धमकाने का मामला स्थानीय थाने में दर्ज हुआ था। अरविंद केजरीवाल पर उठे सवालगहलोत ने अरविंद केजरीवाल से सवाल किया कि क्या ‘आप’ पार्टी को बिजवासन से एक ईमानदार और साफ छवि वाले प्रत्याशी की जरूरत नहींथी। उनका आरोप था कि अरविंद केजरीवाल की पार्टी अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है, और इससे पार्टी की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगेहैं। पार्टी के अन्य नेता भी उपस्थित थेप्रेस वार्ता के दौरान भाजपा के मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर, मीडिया रिलेशन प्रमुख विक्रम मित्तल और प्रदेश प्रवक्ता शुभेंदु शेखर अवस्थी भीमौजूद थे।

ईमरान मसूद का अल्पसंख्यकों के लिए बड़ा ऐलान, कांग्रेस सरकार बनने पर किए कई अहम वादे

नई दिल्ली, 30 जनवरी, 2025 – उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से कांग्रेस के सांसद ईमरान मसूद ने दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय राजीव भवन मेंआयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में आगामी चुनावों के संदर्भ में अल्पसंख्यकों के लिए पार्टी की योजनाओं का विस्तार से जिक्र किया। इस मौके परकांग्रेस के प्रवक्ता अभय दूबे, कम्युनिकेशन विभाग की ज्योति सिंह, मती रश्मि सिंह मिगलानी, मती आस्मा तस्लीम और डॉ. अरुण अग्रवाल भी मौजूदथे। ईमरान मसूद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से ही देश के सभी नागरिकों के अधिकारों, सुरक्षा, सम्मान और उत्थान के लिए कटिबद्ध रही है। उन्होंनेबताया कि कांग्रेस के नेता राहुल गांधी हमेशा अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकारों, हितों और सुरक्षा के लिए देशभर में सड़क से संसद तक संघर्ष कररहे हैं। कांग्रेस के अल्पसंख्यक योजनाएंईमरान मसूद ने दिल्ली में कांग्रेस सरकार बनने पर अल्पसंख्यक समुदाय के लिए कई अहम योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारआने पर एससी/एसीटी/ओबीसी/अल्पसंख्यक और विकलांग वित्तीय एवं विकास निगम को मजबूत किया जाएगा, ताकि इन समुदायों के लोगव्यवसाय शुरू करने के लिए कम दरों पर कर्ज प्राप्त कर सकें। इसके अतिरिक्त, उर्दू, पंजाबी और भोजपुरी के शिक्षकों के खाली पदों को प्राथमिकतासे भरा जाएगा। उन्होंने बताया कि कांग्रेस पंजाब अकादमी को पुनर्जीवित करेगी और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में पंजाबी चेयर की स्थापना के लिए वित्तीयसहायता प्रदान करेगी। इसके अलावा, गुरु तेग बहादुर के नाम पर एक विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा, जिसमें संग्रहालय और डिजीटल लाइब्रेरीका भी निर्माण किया जाएगा।मदरसों का विकास और वक्फ बोर्डईमरान मसूद ने कहा कि दिल्ली के मदरसों का विकास चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। साथ ही, वक्फ बोर्ड का गठन किया जाएगा ताकि इमामऔर मुअजिनों को मिलने वाले भत्तों का समयबद्ध निस्तारण किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस यूपीए सरकार के समय लागू किए गएसचर कमेटी के 15 सूत्री कार्यक्रम को विशेष प्राथमिकता से लागू करेगी। कांग्रेस पार्टी का अल्पसंख्यकों के प्रति ऐतिहासिक योगदानसांसद ईमरान मसूद ने बताया कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा से ही अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिए काम किया है। उन्होंने 9 मार्च 2005 को यूपीएसरकार द्वारा मुस्लिम समुदाय के लिए गठित हाई लेवल सचर कमेटी का जिक्र किया, जिसकी 76 सिफारिशों में से 72 को तुरंत स्वीकार कर लियागया और 43 फैसले लिए गए। इन फैसलों के तहत 90 मुस्लिम बहुल जिलों को चिन्हित किया गया और 710 अल्पसंख्यक ब्लॉकों में इनसिफारिशों को लागू किया गया। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत शिक्षा, स्कॉलरशिप, और बैंकों तक मुस्लिम समुदाय की पहुंच को बेहतर किया गया। इसके अलावा, मुस्लिमबहुल इलाकों में आईटीआई और पॉलिटेक्निक कॉलेज की संख्या बढ़ाई गई और 234,203 अतिरिक्त सीटें दी गईं। भाजपा और आम आदमी पार्टी की आलोचनाईमरान मसूद ने भाजपा और आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि ये पार्टियां चुनाव के वक्त अल्पसंख्यकों का ध्यान रखती हैं, लेकिनसत्ता में आने पर उनकी जरूरतों को नजरअंदाज कर देती हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा और आम आदमी पार्टी ने अल्पसंख्यकों की स्कॉलरशिप बंद करदी है, और पिछले 11 वर्षों में इन दोनों पार्टियों ने अल्पसंख्यक समुदाय की पूरी तरह अनदेखी की है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन पार्टियों ने इमामों और मुअजिनों के वेतन को रोक दिया है, जबकि ये दोनों मुस्लिम और सिख अल्पसंख्यक समुदाय सेहैं। उन्होंने अरविंद केजरीवाल को “बेनकाब” बताया और कहा कि भाजपा की सोच अल्पसंख्यक समुदाय के प्रति नफरत की रही है, जिसे पूरा देशसमझ चुका है।

बिहार कांग्रेस मुख्यालय में महात्मा गांधी की 77वीं पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित

बिहार कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 77वीं पुण्यतिथि के अवसर पर एक विशेष पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजितकिया गया। इस कार्यक्रम में कांग्रेस पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी की मूर्ति पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और उनके आदर्शों को यादकिया। गांधी के विचारों की प्रासंगिकता पर जोरपुष्पांजलि कार्यक्रम के बाद, बिहार कांग्रेस के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी ने महात्मा गांधी के विचारों की अहमियत पर बात की। उन्होंनेकहा कि गांधी की हत्या करने वाले लोग आज उनके विचारों की हत्या करने पर तुले हुए हैं। कादरी ने यह भी कहा कि गांधी वैश्विक राजनीतिक संतथे, और उनके द्वारा प्रतिपादित सत्य और अहिंसा के प्रयोग को न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी अपनाया गया, जिससे वहां के नेताओं ने अपनेदेशों में सफलता हासिल की। कादरी ने यह भी बताया कि आज के दौर में गांधी के विचारों को नई पीढ़ी में फैलाने की जरूरत है, ताकि गांधीवाद केसिद्धांतों को समझा जा सके और उन्हें जीवन में उतारा जा सके। गांधीवाद से मिलती है प्रेरणापूर्व मंत्री कृपानाथ पाठक ने गांधी के विचारों को अजर-अमर बताया और कहा कि गांधी एक विचार थे और विचार कभी नहीं मरते। उनके आदर्श औरविचार आज भी पूरे विश्व में जीवित हैं। पाठक ने यह भी कहा कि गांधीवाद से अहिंसा और सत्याग्रह का सशक्त संदेश मिला, जिससे भारत ने विकासकी दिशा में कदम बढ़ाया और इस सिद्धांत को पूरी दुनिया में स्वीकारा गया। कार्यक्रम में शामिल वरिष्ठ नेतापुण्यतिथि के इस मौके पर कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता उपस्थित थे। इनमें प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी, पूर्व मंत्री कृपानाथपाठक, प्रेमचंद्र मिश्रा, कोषाध्यक्ष निर्मल वर्मा सहित अन्य वरिष्ठ कांग्रेसजन शामिल थे। सभी ने महात्मा गांधी के योगदान को याद करते हुए उनकेविचारों को आत्मसात करने की आवश्यकता पर बल दिया। इस आयोजन ने महात्मा गांधी के जीवन और उनके विचारों को एक बार फिर से जनमानस में जागरूक करने का अवसर प्रदान किया और उनके सिद्धांतोंको आज भी प्रासंगिक बनाए रखने की प्रतिबद्धता को प्रकट किया।

मंत्री नितेश राणे द्वारा बोर्ड परीक्षा के दौरान बुर्का पहनने पर पाबंदी लगाने की मांग

महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे द्वारा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा के दौरान बुर्का पहनने पर पाबंदी लगाने की मांग से राज्य की सियासत में नयाविवाद खड़ा हो गया है। राणे ने इस मुद्दे पर स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भूसे को पत्र लिखते हुए कहा था कि परीक्षा केंद्रों पर बुर्का पहनने से सुरक्षा औरनकल की समस्या पैदा हो सकती है। उनका कहना था कि बोर्ड परीक्षा देने वाली छात्राओं को बुर्का पहनने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए, और अगरइसे जरूरी समझा जाए तो महिला पुलिसकर्मी या महिला कर्मचारियों द्वारा जांच की व्यवस्था की जानी चाहिए। उनका मानना था कि यदि छात्राओंको बुर्का पहनने की अनुमति दी जाती है, तो यह सुनिश्चित करना मुश्किल हो जाएगा कि वे नकल के लिए कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या अन्य साधनका इस्तेमाल कर रही हैं। प्यारे खान का नितेश राणे पर पलटवारनितेश राणे के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र माइनॉरिटी कमीशन के अध्यक्ष प्यारे खान ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह केबयानों से सरकार की छवि खराब होती है और इसे गैर-जिम्मेदाराना बताया। प्यारे खान ने कहा कि शिक्षा विभाग में इस तरह का कोई नियम नहीं हैकि छात्राओं को किसी विशेष वेशभूषा में परीक्षा केंद्र पर आना पड़े। उनका कहना था कि यदि किसी को बुर्के से समस्या है तो सरकार स्कैनिंगउपकरणों की व्यवस्था कर सकती है, जैसे एयरपोर्ट पर होती है, ताकि नकल की संभावना को खत्म किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी व्यक्ति अपनी पसंद का वस्त्र पहन सकता है, और इसमें किसी तरह की मजबूरी नहीं होनी चाहिए। अगर बुर्के सेसमस्या हो, तो इसके लिए सरकार अन्य उपाय भी अपना सकती है, लेकिन किसी के पहनावे पर पाबंदी लगाना उचित नहीं है। RSS प्रमुख के बयान का जिक्रप्यारे खान ने नितेश राणे को यह भी याद दिलाया कि हाल ही में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने बयान दिया था कि हिंदू नेता बनने के लिए मंदिर-मस्जिद जैसे मुद्दों को छोड़कर असल काम करना पड़ता है। खान ने राणे को यह टिप्पणी करते हुए कहा कि सिर्फ भाषणों से नेता नहीं बनते, बल्किनेता बनने के लिए वास्तविक काम करना पड़ता है। इस संदर्भ में उन्होंने राणे को आईना दिखाया और कहा कि नेताओं को मुद्दों पर राजनीति करने केबजाय समाज के विकास के लिए काम करना चाहिए। महाराष्ट्र के विकास पर जोरप्यारे खान ने आगे कहा कि महाराष्ट्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में विकास की दिशा में अग्रसर हो रहा है। उन्होंनेबताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने मुस्लिम समुदाय के लिए 15 सूत्री कार्यक्रम की शुरुआत की है, जो ‘सबका साथ, सबका विकास’ की दिशा में काम कररहा है। खान ने कहा कि मुस्लिम समुदाय अब यह समझने लगा है कि किस पार्टी ने असल में विकास के कार्य किए हैं। राणे के बयान पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान सिर्फ सरकार को बदनाम करने की साजिश हैं। खान ने यह भी कहा कि कुछलोगों के बयान से कोई असर नहीं पड़ता, क्योंकि जनता जानती है कि विकास की असली दिशा क्या है। राणे से अपील: ऐसे बयानों से बचेंप्यारे खान ने नितेश राणे से अपील की कि वे ऐसे बयान देने से बचें जो समाज में दूरियां पैदा करते हों। उनका कहना था कि नितेश राणे को गैर-जिम्मेदाराना बयान देने से बचना चाहिए, क्योंकि इस तरह के बयान महाराष्ट्र के विकास के लिए शोभा नहीं देते। उन्होंने राणे को याद दिलाया कि वेजिम्मेदार पद पर हैं, और उनका कर्तव्य है कि वे ऐसे मुद्दों पर सकारात्मक और संतुलित बयान दें, जो समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सामंजस्य बनाएरखें।

यमुना में ‘जहर’ मामले में चुनाव आयोग ने केजरीवाल से पूछे कई सवाल, कल तक देना होगा जवाब

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान में अब कुछ ही दिन बाकी हैं, लेकिन चुनावी माहौल में हलचल बढ़ गई है। इस बार चुनावी तकरार के केंद्रमें दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल आ गए हैं। उनका एक हालिया बयान, जिसमें उन्होंनेयमुना नदी के पानी में ‘जहर’ मिलने की बात कही थी, अब चुनाव आयोग के लिए चिंता का विषय बन गया है। चुनाव आयोग ने इस बयान को लेकरकेजरीवाल से सवाल पूछे हैं और उन्हें जवाब देने के लिए अंतिम तिथि शुक्रवार, 31 जनवरी तक का समय दिया है। चुनाव आयोग ने क्यों भेजा नोटिस?अरविंद केजरीवाल का बयान दिल्ली में 2020 विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान सामने आया था, जब उन्होंने यमुना नदी में ‘जहर’ मिलाने काआरोप लगाया था। इस बयान को लेकर चुनाव आयोग ने उन्हें दूसरा नोटिस जारी किया है। आयोग का कहना है कि इस बयान के जरिए केजरीवाल नेन केवल झूठी सूचना फैलाने का काम किया, बल्कि इससे विभिन्न समूहों के बीच तनाव पैदा हो सकता है। इसके साथ ही, आयोग ने यह भी कहा हैकि इस बयान से चुनावी प्रक्रिया पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि यह किसी विशेष पार्टी के खिलाफ भ्रामक आरोपों को हवा देने जैसा होसकता है। चुनाव आयोग ने इस नोटिस में खासतौर पर केजरीवाल से सवाल किया है कि आखिर उन्होंने यह आरोप क्यों लगाया कि यमुना में जहर मिलाया जारहा है? आयोग ने यह भी पूछा है कि यमुना में जहर मिलाने का स्थान और तरीका क्या था, और यह कैसे साबित किया गया कि पानी में जहर था? इनसवालों का जवाब केजरीवाल को शुक्रवार तक देने का निर्देश दिया गया है। चुनाव आयोग के सवाल:1. पानी में कहां जहर मिलाया गया था?2. कौन सा जहर था, जो पानी में मिलाया गया?3. जहर के बारे में पता लगाने के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई गई?4. क्या इस आरोप को आधार बनाकर कोई कार्रवाई की गई?5. इस तरह के बयान से किसी विशेष समुदाय या वर्ग के बीच वैमनस्य क्यों बढ़ सकता है? चुनाव आयोग का कड़ा रुखचुनाव आयोग ने केजरीवाल से यह भी पूछा है कि उनके बयान से चुनावी माहौल पर क्या असर पड़ा है और इसे क्यों नहीं माना जाना चाहिए कि उनकेबयान से समाज में विभाजन हो सकता है। आयोग ने कहा कि यदि ऐसे बयान जारी होते रहे, तो यह चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है औरएक विशेष पार्टी या नेता के खिलाफ मनगढ़ंत आरोपों को फैलाया जा सकता है। चुनाव आयोग ने अपने पत्र में यह भी कहा कि केजरीवाल को इसमुद्दे पर स्पष्टीकरण देना चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनके बयान से किसी प्रकार का सार्वजनिक असंतोष उत्पन्न नहीं हुआ हो। केजरीवाल का पहले दिया गया जवाबइससे पहले, बुधवार को अरविंद केजरीवाल ने चुनाव आयोग को एक लंबा जवाब दिया था। इस जवाब में उन्होंने अपने बयान को पूरी तरह से स्पष्टकिया। उन्होंने कहा था कि उनका बयान दिल्ली में सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट से संबंधित था, खासतौर पर उस समय जब शहर के पानी की गुणवत्तापर सवाल उठ रहे थे। केजरीवाल ने दावा किया था कि उनके बयान का मकसद केवल यह था कि भाजपा शासित राज्य से आने वाले कच्चे पानी मेंअत्यधिक विषाक्तता और संदूषण का मुद्दा उजागर किया जाए, ताकि दिल्ली के लोगों को सुरक्षित पेयजल मिल सके। उन्होंने यह भी कहा था कियह बयान उनके सार्वजनिक कर्तव्य के तहत था, जिसे उन्होंने राष्ट्रीय हित में किया था। केजरीवाल ने आगे कहा कि उनका उद्देश्य किसी को बदनाम करना या चुनावी प्रचार में किसी पक्ष का समर्थन करना नहीं था, बल्कि यह बयान केवलएक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दे को उजागर करने के लिए था। उनका कहना था कि यह बयान दिल्ली की जनता के लिए स्वास्थ्य के दृष्टिकोणसे आवश्यक था, ताकि लोगों को सुरक्षित जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। क्या था केजरीवाल का बयान?अरविंद केजरीवाल ने यमुना में अमोनिया की बढ़ी हुई मात्रा का जिक्र करते हुए यह आरोप लगाया था कि दिल्ली को जो कच्चा पानी भाजपा शासितराज्यों से मिलता है, उसमें जहर मिलाया गया है। उनका कहना था कि यह पानी पीने के लिए पूरी तरह से अनुपयुक्त हो चुका था और इसके कारणदिल्ली की जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता था। उन्होंने यह भी कहा था कि यमुना नदी में जहरीला पदार्थ डालने से न केवलपर्यावरणीय संकट उत्पन्न हो सकता है, बल्कि यह दिल्लीवासियों के लिए एक तत्काल खतरा भी बन सकता था। चुनाव आयोग की भूमिका और निर्देशचुनाव आयोग की भूमिका इस मुद्दे में काफी महत्वपूर्ण हो गई है, क्योंकि आयोग का काम केवल चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाएरखना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि कोई पार्टी या उम्मीदवार चुनावी प्रचार में भ्रामक या दुर्भावनापूर्ण बयान नहीं दे। आयोग ने यहसुनिश्चित करने के लिए कि चुनावी माहौल को प्रभावित करने वाले ऐसे बयान न दिए जाएं, केजरीवाल से स्पष्टीकरण मांगा है। चुनाव आयोग ने केजरीवाल से यह भी पूछा है कि उनका यह बयान चुनावी प्रचार के दौरान क्यों दिया गया, जबकि यह विषय चुनावी मुद्दों से संबंधितनहीं था। आयोग ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि ऐसे बयान जारी किए जाते रहे तो यह निर्वाचन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं, और समाज मेंअस्थिरता भी पैदा कर सकते हैं। क्या यह मामला चुनावी प्रचार में मुद्दा बनेगा?अरविंद केजरीवाल के बयान के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह मामला चुनावी प्रचार के दौरान कोई बड़ा मुद्दा बनेगा। आम आदमी पार्टीऔर भाजपा के बीच इस वक्त दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर तीखी टक्कर चल रही है। ऐसे में भाजपा यह मुद्दा उठाने का मौका नहीं छोड़नाचाहेगी कि केजरीवाल ने चुनावी माहौल में क्या बयान दिए हैं और इसके चलते आम आदमी पार्टी को चुनावी नुकसान हो सकता है। हालांकि, चुनाव आयोग ने केजरीवाल से जवाब मांगा है, और इस मामले में यदि केजरीवाल सही साबित नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई कीजा सकती है। सुप्रीम कोर्ट का निर्णय और भविष्य के कदमइस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, यह निर्भर करेगा कि केजरीवाल चुनाव आयोग को किस तरह का जवाब देते हैं। चुनाव आयोग काफैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि वे केजरीवाल के बयान को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या यह बयान चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने केलिए था। यदि केजरीवाल का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो चुनाव आयोग उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। इस मामले में भविष्य में राजनीतिक पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रह सकता है, लेकिन यह भी देखा जाएगा कि क्या चुनाव आयोगके फैसले से दिल्ली विधानसभा चुनाव में कोई खास बदलाव आता है।

चंडीगढ़ मेयर चुनाव में भाजपा की जीत, हरप्रीत कौर बबला बनीं मेयर

चंडीगढ़ में हुए मेयर चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) ने बड़ी जीत हासिल की है। भाजपा की उम्मीदवार हरप्रीत कौर बबला ने मेयर पद परविजय प्राप्त की। उन्हें इस चुनाव में कुल 19 वोट मिले, जिसमें क्रॉस वोटिंग के कारण भाजपा को यह सफलता मिली। कांग्रेस ने जीता सीनियर डिप्टी मेयर पदवहीं, कांग्रेस के जसबीर सिंह बंटी ने सीनियर डिप्टी मेयर पद का चुनाव जीत लिया है। जसबीर सिंह बंटी को 19 वोट मिले, जबकि भाजपा कीउम्मीदवार विमला दुबे को 17 वोट मिले। हालांकि, इस चुनाव में भी क्रॉस वोटिंग हुई, जिससे आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस गठबंधन कोनुकसान हुआ, लेकिन इसका भाजपा को कोई फायदा नहीं हुआ। पार्टी वितरण और वोटिंग की स्थितिचंडीगढ़ नगर निगम में भाजपा के सदस्यों की संख्या अब 16 हो गई है, जबकि कांग्रेस के पास 6 और आम आदमी पार्टी के पास 13 सदस्य हैं।चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी को भी नगर निगम में पदेन सदस्य के रूप में मतदान करने का अधिकार प्राप्त था। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच मेयर पद, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के लिए कई दावेदार थे। मतदान सीक्रेट बैलेट के जरिए हुआथा, और यदि 3 पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग की होती, तो भाजपा को यह फायदा मिल सकता था। हालांकि, क्रॉस वोटिंग के बावजूद भाजपा ने मेयर पदपर विजय प्राप्त की। क्रॉस वोटिंग और गठबंधन की मुश्किलेंकांग्रेस और AAP के गठबंधन को इस चुनाव में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अगर कुछ और क्रॉस वोटिंग होती, तो भाजपा को फायदा होसकता था, जिससे न केवल मेयर पद, बल्कि सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव भी प्रभावित हो सकते थे। सुप्रीम कोर्ट ने नियुक्त किया था पर्यवेक्षकचंडीगढ़ में हुए पिछले मेयर चुनाव के विवाद को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस बार चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए पंजाब और हरियाणा उच्चन्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जयश्री ठाकुर को पर्यवेक्षक नियुक्त किया था। कोर्ट ने चुनाव कार्यवाही को पर्यवेक्षक की उपस्थिति में करने औरचुनाव की वीडियोग्राफी कराने का आदेश भी दिया था। इस चुनाव के परिणाम से यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा ने चंडीगढ़ नगर निगम में अपनी स्थिति मजबूत की है, और आगामी दिनों में भाजपा की बढ़तदेखने को मिल सकती है।

आम आदमी पार्टी का भाजपा पर तीखा हमला: फर्जी गाड़ी से बदनाम करने की साजिश का आरोप

आम आदमी पार्टी (AAP) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय सिंह ने कहा कि भाजपाने बुधवार को एक फर्जी गाड़ी का इस्तेमाल करके आम आदमी पार्टी, पंजाब सरकार और पंजाब भवन को बदनाम करने की साजिश रची। उन्होंने कहाकि दिल्ली में पंजाब भवन के सामने एक हुंडई क्रेटा गाड़ी खड़ी की गई, जिस पर पंजाब की नंबर प्लेट लगी थी और उसमें “आप” के पर्चे, पोस्टर औरपैसे भी दिखाए गए थे। संजय सिंह ने दावा किया कि यह गाड़ी पंजाब सरकार की नहीं थी, और इसके फर्जी नंबर प्लेट पर सेना के एक अधिकारी कानाम रजिस्टर्ड था। भाजपा पर सेना के अधिकारी को बदनाम करने का आरोपसंजय सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा और दिल्ली पुलिस के संरक्षण के बिना एक फर्जी नंबर प्लेट वाली गाड़ी का दिल्ली की सड़कों पर घूमनासंभव नहीं है। उन्होंने कहा, “भाजपा इस साजिश के जरिए एक सेना के अधिकारी को बदनाम कर रही है।” उन्होंने बताया कि इस गाड़ी का नंबरपीबी35एई1342 था और जब पंजाब सरकार ने इस गाड़ी के बारे में जांच की, तो पता चला कि यह गाड़ी पठानकोट के आर्मी डेंटल मेडिकल कॉलेजके मेजर अनुभव शिवपुरी के नाम पर रजिस्टर्ड थी, जो फिलहाल पुणे में तैनात हैं। संजय सिंह का चुनाव आयोग से सवालसंजय सिंह ने चुनाव आयोग से सवाल करते हुए कहा, “क्या चुनाव आयोग दिल्ली में इस तरह का चुनाव करा रहा है? क्या वह देख रहा है कि दिल्ली में फर्जी नंबर प्लेट वाली गाड़ी का इस्तेमाल हो रहा है?” उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर भाजपा इस तरह की साजिशें रचने में लगी है, तो वह भविष्य में अन्य राज्यों के […]