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आप के झूठे और मनगढ़ंत आरोप- विधायकों को तोड़ने के लिए ऑपरेशन लोटस शुरू

दिल्ली विधानसभा चुनाव की मतगणना से पहले ही आम आदमी पार्टी (AAP) में बौखलाहट देखी जा रही है। दिल्ली के आम आदमी पार्टी केसांसद संजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए हैं | वो भी बिना किस साक्ष्य के झूठे और बेबुनियाद आरोप लगा रहे है ।संजय सिंह ने कहा कि भाजपा ने ‘ऑपरेशन लोटस’ के तहत ‘‘आप’’ के सात विधायकों और प्रत्याशियों से संपर्क किया और उन्हें 15-15 करोड़ रुपएका ऑफर दिया, ताकि वे पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो जाएं। संजय सिंह का आरोप: बीजेपी ने शुरू किया ‘ऑपरेशन लोटस‘संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि भाजपा ने दिल्ली में अपनी हार मान ली है और अब उनकी पूरी कोशिश है कि विधायकों को खरीदकरसरकार बनाई जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने आम आदमी पार्टी के सात विधायकों से संपर्क किया और उन्हें पार्टी छोड़ने के लिए 15-15 करोड़ रुपये का प्रलोभन दिया। जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश?संजय सिंह ने भाजपा के इस कदम को पार्टी की बौखलाहट के रूप में बताया और कहा कि जनता को 10 साल का समय दिया, लेकिन अरविंदकेजरीवाल सरकार ने कुछ खास काम नहीं किया। आम आदमी पार्टी की बौखलाहट इसलिए है क्योंकि विभिन्न एग्जिट पोल्स में पार्टी को हारते हुएदिखाया जा रहा है। इसके अलावा, वे आरोप लगाते हैं कि भाजपा के लोग जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रहे हैं।

भाजपा की समीक्षा बैठक के बाद वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा भाजपा 50 के लगभग सीटें जीत कर दिल्ली में सरकार बनायेगी

दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) ने आज राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एन.डी.ए.) के सभी 70 उम्मीदवारों, उनके चुनाव एजेंटों औरजिलाध्यक्षों के साथ एक समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय नेता शिव प्रकाश, दिल्ली भाजपा के चुनाव प्रभारी बैजयंतजय पांडा, सह प्रभारी अतुल गर्ग, प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा, सांसद और वरिष्ठ नेता शामिल हुए। वीरेन्द्र सचदेवा ने जताया विश्वाससमीक्षा बैठक के बाद, दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि दिल्ली की जनता अरविंद केजरीवाल की सरकार के भ्रष्टाचार, अव्यवस्था और अकर्मण्य शासन से पूरी तरह से तंग आ चुकी है। उन्होंने दावा किया कि कल दिल्ली ने विभिन्न वर्गों के लोगों ने एकजुट होकरकेजरीवाल विरोधी निर्णायक मतदान किया। सचदेवा ने आगे कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव का परिणाम अप्रत्याशित होगा, और भाजपा इस चुनाव में 50 सीटों से अधिक जीतकर सरकारबनाएगी। भा.ज.पा. ने इस बैठक के जरिए चुनावी रणनीतियों का मूल्यांकन किया और आगामी परिणामों को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया।

राहुल गांधी ने जाति जनगणना की आवश्यकता पर जोर दिया, भाजपा और आरएसएस पर गंभीर आरोप

नई दिल्ली, 5 फरवरी – कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश में जाति जनगणना करवाने की अपनी प्रतिबद्धतादोहराते हुए कहा कि इससे देश में एक नया प्रकार की राजनीति और विकास संभव होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीयजनता पार्टी (भा.ज.पा.) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) जाति जनगणना करवाने का विरोध कर रहे हैं और वे नहीं चाहते कि देश कीवास्तविक सामाजिक स्थिति सामने आए। दलितों और पिछड़ों को हक नहीं मिल रहा: राहुल गांधीराहुल गांधी ने बिहार के पटना में स्वतंत्रता सेनानी जगलाल चौधरी की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि दलितों, पिछड़ों और आदिवासियोंको अभी भी उनका हक नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि देश के बड़े संस्थानों और कंपनियों के मालिकों की सूची में इन वर्गों का नाम कहीं नहींदिखाई देता। राहुल गांधी ने यह भी बताया कि आज देश में एक विचारधारा की लड़ाई चल रही है। एक ओर आरएसएस-भा.ज.पा. है, वहीं दूसरीओर महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर और जगलाल चौधरी जैसी महान हस्तियाँ हैं, जिन्होंने दलितों और कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्षकिया। सत्ता में भागीदारी के बिना प्रतिनिधित्व का कोई मतलब नहींराहुल गांधी ने कहा कि दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों को प्रतिनिधित्व तो मिला, लेकिन सत्ता में भागीदारी के बिना उनका प्रतिनिधित्व बेमानी है।उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी और उनकी पार्टी में वंचित समुदायों के कई विधायक और सांसद हैं, लेकिन उनकी शक्ति छीन ली गई है।कमजोर वर्गों के लोग मंत्री तो बने, लेकिन असली नियंत्रण आरएसएस के हाथों में है। प्रधानमंत्री ने जाति जनगणना पर क्यों नहीं बोला?राहुल गांधी ने बताया कि सोमवार को संसद में अपने भाषण में उन्होंने जाति जनगणना का मुद्दा उठाया, लेकिन मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेसंसद में अपने भाषण में इस पर एक शब्द भी नहीं कहा। राहुल गांधी ने इसका कारण यह बताया कि प्रधानमंत्री और भाजपा-आरएसएस जातिजनगणना नहीं करवाना चाहते क्योंकि वे नहीं चाहते कि देश की सच्चाई सामने आए। जाति जनगणना से बदलाव की उम्मीदराहुल गांधी ने कहा कि जातिगत जनगणना पहला कदम होगा जिससे यह पता चलेगा कि देश में दलित, पिछड़े, आदिवासी, अल्पसंख्यक औरसामान्य वर्ग के लोग कितने हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जाति जनगणना बिहार की तरह नहीं, बल्कि तेलंगाना की तरह की जाएगी, जिससे इनवर्गों की संस्थाओं में कितनी भागीदारी है, यह भी पता चलेगा। मोदी सरकार द्वारा अमीरों को लाभ और गरीबों की स्थितिराहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी ने देश के सबसे अमीर 25 लोगों का 16 लाख करोड़ रुपये माफ कर दिए हैं, जबकि इन अमीरों की सूची में कोई दलित, पिछड़ा या आदिवासी व्यक्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि आज भारत में जनता के टैक्स का पैसा निकालकरअरबपतियों की जेब में डाला जा रहा है। संविधान पर हमला और भाजपा-आरएसएस की रणनीतिराहुल गांधी ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा-आरएसएस के नेता आजकल अंबेडकर जी के सामने हाथ जोड़ते हैं, लेकिन वे वही लोग हैं जो अंबेडकरजी द्वारा वंचित वर्गों के लिए लड़े गए अधिकारों पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा-आरएसएस जानते हैं कि जब तक संविधान है, तब तकहिंदुस्तान के गरीबों, दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों को दबाया नहीं जा सकता, और यही कारण है कि वे संविधान को खत्म करने की कोशिश कररहे हैं। दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों के नेतृत्व की आवश्यकताराहुल गांधी ने अपने लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि वह ऐसा दिन देखना चाहते हैं जब भारत में दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों का नेतृत्व होऔर देश की शीर्ष कंपनियों में इन वर्गों के लोग मालिक बनें। उन्होंने यह भी कहा कि वह इस लक्ष्य के लिए संघर्ष करेंगे और लड़ते रहेंगे।

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए एग्जिट पोल: भाजपा को प्रचंड बहुमत, AAP और कांग्रेस को सीमित सीटें मिलने का अनुमान

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 5 फरवरी को संपन्न हो चुका है। दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों के लिए कुल 60 फीसदी से अधिकमतदान हुआ। अब सभी की नजर 8 फरवरी को घोषित होने वाले चुनाव परिणामों पर है। इस बीच, एक्सिस माय इंडिया और CNX ने दिल्लीविधानसभा चुनाव के लिए अपने एग्जिट पोल जारी कर दिए हैं, जिनमें भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलने की उम्मीद जताई गई है। आइए जानते हैं किएग्जिट पोल के अनुसार आम आदमी पार्टी (AAP), भाजपा और कांग्रेस को कितनी सीटें मिल सकती हैं। वोट प्रतिशत का अनुमानएक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल के मुताबिक, भाजपा को पुरुषों के 50 फीसदी और महिलाओं के 46 फीसदी वोट मिल रहे हैं, जबकि आमआदमी पार्टी को पुरुषों से 40 फीसदी और महिलाओं से 44 फीसदी वोट मिल रहे हैं। कांग्रेस को दोनों वर्गों से 3-3 फीसदी वोट मिलने का अनुमानहै। कुल वोट शेयर की बात करें तो भाजपा को 48 फीसदी, आम आदमी पार्टी को 42 फीसदी, कांग्रेस को 7 फीसदी और अन्य दलों को 3 फीसदीवोट मिलने का अनुमान है। भा.ज.पा को प्रचंड बहुमत मिलने का अनुमानएक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल में भाजपा और उसके सहयोगियों को 45 से 55 सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं, आम आदमी पार्टी को 15 से25 सीटें मिल सकती हैं, जबकि कांग्रेस को केवल 0 से 1 सीट मिलने की संभावना जताई गई है। अन्य दलों को भी 0 से 1 सीट मिलने का अनुमानहै। CNX एग्जिट पोल का अनुमानदूसरी तरफ, CNX के एग्जिट पोल में भी भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलने का अनुमान है। इसके अनुसार, भाजपा को 49 से 61 सीटें, आम आदमीपार्टी को 10 से 19 सीटें, कांग्रेस को 0 से 1 सीट और अन्य दलों को कोई सीट नहीं मिल सकती है। इस पोल में भाजपा को 49.05 फीसदी वोट, आम आदमी पार्टी को 41.52 फीसदी वोट, कांग्रेस को 5.37 फीसदी वोट और अन्य दलों को 4.06 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है।

टीटीडी ने 18 गैर-हिंदू कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की, ओवैसी ने उठाए सवाल

तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने हाल ही में 18 गैर-हिंदू कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इन कर्मचारियों को या तो ट्रांसफर काविकल्प दिया गया है या फिर उन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेने की सलाह दी गई है। इस कदम पर एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीनओवैसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “तेलुगू देशम पार्टी के नेता नारा चंद्रबाबू नायडू को इस पर विचार करना चाहिए। उनकी पार्टी ज्वाइंटवर्किंग कमेटी में भाजपा द्वारा पेश किए गए बिल का समर्थन करती है, जिसके तहत राज्य वक्फ बोर्ड में कम से कम दो गैर-मुस्लिम सदस्य रखने कीबात की गई है।” ओवैसी ने सवाल उठाया कि जब टीटीडी में गैर-हिंदू कर्मचारी नहीं रह सकते, तो राज्य वक्फ बोर्ड में गैर-मुसलमानों का होना भाजपा की नीति को क्योंसमर्थन मिल रहा है। उनका कहना था कि अगर टीटीडी में गैर-हिंदू का रहना गलत है, तो फिर वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिमों को रखने का निर्णय दोहरेमानकों को दर्शाता है। टीटीडी द्वारा 18 गैर–हिंदू कर्मचारियों पर कार्रवाईटीटीडी के एक बयान में कहा गया, “टीटीडी के अध्यक्ष बीआर नायडू के निर्देशों के तहत, संस्थान ने उन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है जोधार्मिक रूप से गैर-हिंदू प्रथाओं का पालन कर रहे हैं। इन कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं, जो टीटीडी के धार्मिकअनुष्ठानों में भाग लेते हुए गैर-हिंदू धार्मिक गतिविधियों में शामिल हो रहे थे।” स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति या ट्रांसफर का विकल्पबयान में यह भी उल्लेख किया गया कि इन कर्मचारियों को सरकारी विभागों में स्थानांतरित किया जाएगा या उन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने काप्रस्ताव दिया जाएगा। टीटीडी ने कहा, “यह कदम टीटीडी की आध्यात्मिक पवित्रता बनाए रखने की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।” नवंबर 2024 मेंटीटीडी ने एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसके अनुसार टीटीडी द्वारा नियुक्त गैर-हिंदू कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने या अन्य सरकारीविभागों में स्थानांतरित होने का विकल्प दिया गया था।