Skip to main content

NEWS अब तक

दिल्ली की हार का असर पंजाब पर भी: विपक्ष ने मान सरकार को घेरा

दिल्ली विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी (AAP) की हार के बाद पंजाब में विपक्षी दलों ने मान सरकार पर हमला बोल दिया है। विपक्षीनेताओं का कहना है कि दिल्ली में मिली हार के बाद पंजाब में भी आम आदमी पार्टी का भविष्य संकट में है। विपक्ष का यह भी मानना है कि दिल्ली मेंभाजपा की शानदार वापसी ने पंजाब में भी आप के पतन की शुरुआत कर दी है। AAP को लगा दोहरा झटकादिल्ली में भाजपा ने आम आदमी पार्टी (AAP) को करारी शिकस्त दी, जिससे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। यह पार्टी केलिए दूसरा बड़ा झटका है, क्योंकि इससे पहले लोकसभा चुनाव में पंजाब में AAP को भारी नुकसान हुआ था। लोकसभा चुनावों में पंजाब में AAP केवल 3 सीटें जीत सकी थी, जबकि उसने 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में 92 सीटें जीती थीं। विपक्ष ने किया वादों के खिलाफ आरोपविपक्षी दलों ने शनिवार को मान सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि दिल्ली में AAP को मिली हार ने इस पार्टी के झूठ और धोखेबाजी कोउजागर कर दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा, “अब पंजाब में AAP में अंदरूनी सत्ता संघर्ष होगा।” उन्होंने यह भी आरोपलगाया कि दिल्ली में हार के बाद भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल के बीच मतभेद गहरे हो सकते हैं। कांग्रेस और भाजपा का हमलाकांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने कहा कि दिल्ली की हार “नकली क्रांतिकारियों की हार” है, जो अपने वादों से मुकर गए थे। वहीं भाजपा ने भीAAP के विकास मॉडल को पूरी तरह खारिज कर दिया है। भाजपा के पंजाब इकाई के महासचिव सुभाष शर्मा ने कहा, “यह अरविंद केजरीवाल केझूठ और धोखेबाजी की हार है।” भाजपा के उपाध्यक्ष अरविंद खन्ना ने कहा कि दिल्ली की जनता ने AAP के तथाकथित विकास मॉडल को नकारदिया है। रवनीत बिट्टू का बयानकेंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने भी इस हार पर प्रतिक्रिया दी और कहा, “दिल्ली में इतिहास फिर से लिखा गया है। 27 साल बाद भाजपा को शानदारजनादेश मिला है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण को स्वीकार किया गया है।”

CM नीतीश ने दिल्ली में जीत पर BJP को दी बधाई, पीएम मोदी के नेतृत्व को सराहा

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) की शानदार जीत के बाद, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा कोबधाई दी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए दिल्ली की जनता के विश्वास को सलाम किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर नीतीश कुमार ने लिखा, “दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की भारी बहुमत से जीत पर बधाई एवं शुभकामनाएँ।दिल्ली की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व पर अपना पूर्ण विश्वास व्यक्त किया है। इस ऐतिहासिक जीत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी जी को बहुत-बहुत बधाई।” दिल्ली में भाजपा का शानदार प्रदर्शनदिल्ली विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 70 में से 48 सीटों पर जीत हासिल करके एक ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इसके साथ ही आमआदमी पार्टी (AAP) की 10 साल से चली आ रही सत्ता का अंत हो गया है, और वह केवल 22 सीटों तक सिमट कर रह गई। वहीं, कांग्रेस पार्टी कोइस चुनाव में लगातार तीसरी बार कोई सीट हासिल नहीं हुई। भाजपा ने न केवल अपनी परंपरागत ताकत दिखाई, बल्कि आम आदमी पार्टी के बड़ेनेताओं को भी हराया। भा.ज.पा. के सहयोगी दलों को मिली हारभा.ज.पा. के सहयोगी दलों, जैसे कि जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और लोक जनशक्ति पार्टी-रामविलास (लोजपा-आरवी) को दिल्ली विधानसभाचुनाव में हार का सामना करना पड़ा। जदयू के उम्मीदवार शैलेन्द्र कुमार को बुराड़ी सीट से आम आदमी पार्टी के मौजूदा विधायक संजीव झा ने20,601 वोटों के अंतर से हराया। वहीं, लोजपा-आरवी के दीपक तंवर को देवली सीट पर आम आदमी पार्टी के प्रेम चौहान ने 36,680 वोटों केअंतर से हराया।

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025: मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन और सौरभ भारद्वाज को किन नेताओं ने हराया?

दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे 8 फरवरी को घोषित किए गए, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 48 सीटों के साथ 27 साल बाद दिल्लीमें सत्ता में वापसी की। वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) को इस बार बड़ा झटका लगा और वह केवल 22 सीटों पर सिमट गई। इस चुनाव में AAP के प्रमुख और कई वरिष्ठ नेता हार का सामना करने के बावजूद, भाजपा के उम्मीदवारों ने उन्हें कड़ी टक्कर दी। आइए जानते हैं कि बीजेपी के किनउम्मीदवारों ने AAP के प्रमुख नेताओं को हराया। AAP के दिग्गज नेताओं को मिली हारअरविंद केजरीवालसीट: नयी दिल्लीहारने वाले उम्मीदवार: भाजपा के प्रवेश वर्मामतों का अंतर: 4,089 वोटों से हार मनीष सिसोदियासीट: जंगपुराहारने वाले उम्मीदवार: भाजपा के तरविंदर सिंह मारवाहमतों का अंतर: 675 वोटों से हार सौरभ भारद्वाजसीट: ग्रेटर कैलाशहारने वाले उम्मीदवार: भाजपा की शिखा रॉयमतों का अंतर: 3,188 वोटों से हार सत्येंद्र जैनसीट: शकुर बस्तीहारने वाले उम्मीदवार: भाजपा के करनैल सिंहमतों का अंतर: 20,998 वोटों से हार सोमनाथ भारतीसीट: मालवीय नगरहारने वाले उम्मीदवार: भाजपा के सतीश उपाध्यायमतों का अंतर: 2,131 वोटों से हार दुर्गेश पाठकसीट: राजिंदर नगरहारने वाले उम्मीदवार: भाजपा के उमंग बजाजमतों का अंतर: 1,231 वोटों से हारAAP के इन मंत्रियों ने हासिल की जीतबीजेपी के सामने इस बार AAP के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने जीत भी हासिल की, जिनमें से प्रमुख मंत्री और प्रमुख चेहरों ने अपनी सीट बरकरार रखी: गोपाल रायसीट: बाबरपुरहारने वाले उम्मीदवार: भाजपा के अनिल कुमार वशिष्ठमतों का अंतर: 18,994 वोटों से जीत मुकेश अहलावतसीट: सुल्तानपुर माजराहारने वाले उम्मीदवार: भाजपा के करम सिंह कर्मामतों का अंतर: 17,126 वोटों से जीत इमरान हुसैनसीट: बल्लीमारानहारने वाले उम्मीदवार: भाजपा के कमल बागड़ीमतों का अंतर: 29,823 वोटों से जीत आतिशीसीट: कालकाजीहारने वाले उम्मीदवार: भाजपा के रमेश बिधूड़ीमतों का अंतर: 3,521 वोटों से जीत

मिल्कीपुर उपचुनाव में बीजेपी की बड़ी जीत, चंद्रभानु ने सपा को 61,639 मतों से हराया

मिल्कीपुर उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रत्याशी अजीत प्रसाद को 61,639 मतों से हराकर एक बड़ीजीत दर्ज की है। यह जीत न केवल बीजेपी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि सपा को भी एक बड़ा झटका देती है, खासकर उन परिणामों के बादजब सपा के अवधेश प्रसाद ने लोकसभा चुनाव में बीजेपी के लल्लू सिंह को हराकर अयोध्या की सीट को सपा के पक्ष में किया था। लोकसभा चुनाव में सपा की जीत का जवाब दियाचार जून 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा के अवधेश प्रसाद ने अयोध्या की सीट से बीजेपी के लल्लू सिंह को 54,567 मतों से हराया था। यहपरिणाम न केवल बीजेपी के लिए एक बड़ा झटका था, बल्कि पूरे देश में हलचल मचा दी थी। सपा और विपक्ष ने इसे सेकुलरिज्म की जीत के रूप मेंप्रचारित किया, और इसके बाद कई जगहों पर चर्चा होने लगी कि मथुरा और काशी से अधिक महत्वपूर्ण यह जीत थी। लेकिन मिल्कीपुर उपचुनाव मेंबीजेपी ने अपनी ताकत दिखाई और सपा के दावे को नकारते हुए इस सीट पर बड़ी जीत हासिल की। बीजेपी की रणनीति ने किया रंग, चंद्रभानु की धमाकेदार जीतमिल्कीपुर उपचुनाव में बीजेपी ने अपनी रणनीति को पूरी तरह से बदलते हुए लोकसभा चुनाव के अनुभव से सीख लिया। पहले के चुनाव में सपा केमुकाबले हारने के बाद बीजेपी ने स्थानीय कार्यकर्ताओं के फीडबैक पर ध्यान केंद्रित किया और एक ऐसे प्रत्याशी को मैदान में उतारा, जो पार्टी केलिए मजबूत स्थिति बना सके। चंद्रभानु पासवान को बीजेपी ने अपना उम्मीदवार बनाया और उन्होंने सपा के प्रत्याशी अजीत प्रसाद को भारी मतों सेहराया, और पार्टी की हार का बदला ले लिया। सपा की कई गलतियां बनीं हार का कारणसपा के खिलाफ इस जीत का एक महत्वपूर्ण कारण पार्टी की अंदरूनी गलतियां रही। पार्टी द्वारा उम्मीदवार के चयन में की गई गलतियां और अतिउत्साह ने बीजेपी के लिए जीत की राह आसान कर दी। बीजेपी ने लोकसभा चुनाव से सबक लेते हुए अपने प्रचार और रणनीति को सुधारा और इसेमैदान में उतारा। निष्कर्ष: बीजेपी की मजबूत वापसीमिल्कीपुर उपचुनाव में बीजेपी की यह जीत न केवल सपा के लिए एक बड़ा संदेश है, बल्कि बीजेपी के लिए आत्मविश्वास और मजबूती का प्रतीकबनकर उभरी है। इस जीत ने यह साबित कर दिया कि सपा की लोकसभा चुनाव में मिली जीत महज एक संयोग थी, और अब बीजेपी ने पूरी तरह सेहिसाब बराबर कर लिया है।

दिल्ली विधानसभा चुनाव: भाजपा की शानदार जीत, अरविंद केजरीवाल को मिली चौतरफा हार

दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की जीत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी परजनता के विश्वास, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह के कुशल नेतृत्व, और भाजपा कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रमका परिणाम है। केजरीवाल के शासन को जनता ने किया नकारावीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि दिल्ली की जनता ने आज आम आदमी पार्टी (AAP) और अरविंद केजरीवाल के शासन को पूरी तरह से नकार दिया है।इस चुनाव में दिल्ली ने भाजपा को एक बड़ा जन समर्थन दिया है, जो दिल्ली के विकास की दिशा में एक नई शुरुआत का संकेत है। उन्होंने यह भीस्पष्ट किया कि दिल्ली की जनता ने अरविंद केजरीवाल के भ्रष्टाचार, आराजकता और अकर्मण्यता से भरे शासन को नकारते हुए भाजपा पर विश्वासप्रकट किया है। 27 वर्षों बाद भाजपा को मिला ऐतिहासिक जन समर्थनवीरेन्द्र सचदेवा ने बताया कि लगभग 27 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद दिल्ली की जनता ने भारतीय जनता पार्टी को अभूतपूर्व समर्थन दिया। दिल्लीविधानसभा चुनाव में भाजपा को यह जनादेश मिला है, जो विकास के प्रति दिल्लीवासियों की आस्था का प्रतीक है। सभी प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं का धन्यवादसचदेवा ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, अन्य मुख्यमंत्रियों और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के सघन प्रचारके लिए आभार व्यक्त किया, जिन्होंने दिल्ली में भाजपा के लिए सकारात्मक राजनीतिक वातावरण तैयार किया। उनका समर्थन पार्टी के लिएनिर्णायक साबित हुआ। केजरीवाल की ईमानदारी पर जनता ने उठाया सवालसचदेवा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल लगातार यह दावा करते रहे कि वे ईमानदार हैं और दिल्ली की जनता भाजपा से बदला लेकर उन्हें जेल भेजेगी।लेकिन आज दिल्ली की जनता ने केजरीवाल को एक बड़ी चौतरफा हार देकर यह स्पष्ट कर दिया है कि जनता मानती है कि केजरीवाल भ्रष्ट हैं। जनता का निर्णय: भ्रष्टाचार के दोषियों को मिली हारवीरेन्द्र सचदेवा ने यह भी कहा कि आज का जनमत एक निर्णायक जनमत है। दिल्ली की जनता ने दिल्ली सरकार के अकूत भ्रष्टाचार के प्रमुख दोषियोंअरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, सत्येन्द्र जैन, सौरभ भारद्वाज और दुर्गेश पाठक को हराकर यह साबित कर दिया कि अब भ्रष्टाचार को बर्दाश्तनहीं किया जाएगा। नवीन दिल्ली में भाजपा की जीत: एक नई शुरुआतनई दिल्ली, 8 फरवरी: दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने दिल्ली की जनता का आभार व्यक्त करते हुए इस ऐतिहासिक जीत को पार्टी के लिएएक नई शुरुआत और दिल्ली के विकास की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

2025 दिल्ली विधानसभा चुनाव: अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी पर जनमत संग्रह

2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए जनमत संग्रह से ज्यादा कुछनहीं हैं। जबकि 2015 और 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता अपने चरम पर थी, तब भी AAP ने दिल्ली में निर्णायक जीत हासिल कीथी। इससे यह सवाल उठता है कि क्या ये नतीजे वाकई प्रधानमंत्री की नीतियों पर मुहर हैं, या फिर अरविंद केजरीवाल की राजनीति के एक औरअध्याय की शुरुआत है। अरविंद केजरीवाल की राजनीति और उनकी ‘उपलब्धियों’ की सच्चाईदिल्ली चुनाव परिणामों को अगर गहराई से देखा जाए तो ये जनादेश अरविंद केजरीवाल की राजनीति को खारिज करता है। उनके द्वारा किये गएछल, कपट और उपलब्धियों के अतिशयोक्तिपूर्ण दावों को अब जनता ने नकार दिया है। अरविंद केजरीवाल ने अपनी सरकार में कई योजनाओं औरबदलावों के वादे किए, लेकिन उनकी वास्तविकता जनता के सामने है। कांग्रेस पार्टी की भूमिका और भविष्य का अनुमानकांग्रेस पार्टी ने इस चुनाव में अरविंद केजरीवाल के शासन में हुए विभिन्न घोटालों को उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कांग्रेस ने लगातारAAP के भ्रष्टाचार को लेकर लोगों को सचेत किया और दिल्ली के मतदाताओं को आम आदमी पार्टी के बारह वर्षों के कुशासन पर अपना फैसलासुनाने के लिए प्रेरित किया। हालांकि कांग्रेस इस चुनाव में चुनावी जीत हासिल नहीं कर पाई, लेकिन इसने अपने वोट शेयर में वृद्धि की है। पार्टी का चुनाव अभियान शानदार थाऔर दिल्ली में उसकी मजबूत उपस्थिति बनी हुई है। लाखों कांग्रेस कार्यकर्ताओं के निरंतर प्रयासों से पार्टी का आधार और भी मजबूत हो रहा है।कांग्रेस का विश्वास है कि 2030 में दिल्ली में फिर से कांग्रेस सरकार बनेगी। कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद और भविष्य की राजनीतिकांग्रेस ने अपनी रणनीति में कई सुधार किए हैं, और पार्टी के नेताओं का मानना है कि आने वाले चुनावों में पार्टी की स्थिति मजबूत होगी। दिल्ली केमतदाताओं ने भले ही इस बार AAP को वोट दिया हो, लेकिन कांग्रेस का भविष्य दिल्ली में और भी मजबूत दिख रहा है। 2030 में दिल्ली में कांग्रेसकी वापसी की उम्मीद और पार्टी के कार्यकर्ताओं का उत्साह उसे भविष्य में और अधिक बल प्रदान करेगा।