प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका पॅाडकास्टर फ्रिडमैन से की बातचीत, भारत के इतिहास समेत बचपन की बातों पर की गई चर्चा

प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका पॅाडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन से बातचीत की है आज इस बातचीत का प्रसारण किया जाएगा. दोनों के बीच बातचीत केदौरान पीएम मोदी ने बचपन पर भी बातें हुई. इसके अलावा फ्रीडमैन ने प्रधानमंत्री से उनके हिमालय प्रवास और पहाड़ो में बिताए दिनों पर भी चर्चाकी गई.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका के जानेमाने पॅाडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन से लंबी बातचीत हुई है.इस एपिक पॅाडकास्ट का प्रसारण रविवार16 मार्च को शाम 5:30 बजे होगा.इसमें पीएम मोदी की बचपन से लेकर सार्वजनिक जीवन की यात्रा समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई है यह बातचीतभारत के साथ ही दुनिया भर के दर्शकों के लिए पीएम मोदी के व्यक्तित्व और विचारधारा को समझने का अवसर प्रदान करेगी.पीएम मोदी ने खुदसोशल मीडिया पोस्ट में इस बातचीत की जानकारी साझा की है उन्होनें लिखा लेक्स फ्रिडमैन के साथ बातचीत वास्तव में शानदार रही इसमें मेरेबचपन की यादों,हिमालय में बिताए गए समय और सार्वजनिक जीवन की यात्रा सहित विविध विषयों पर चर्चा हुई आप भी इस संवाद का हिस्सा बने. इससे पहले फ्रिडमैन ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 3 घंटे की एपिक पॅाडकास्ट बातचीत की. यह मेरे जीवनकी सबसे दमदार बातचीत में से एक थी.इतिहास सहित कई मुद्दों पर हुई बातचीतगौरतलब है कि फ्रिडमैन पिछले महीने पीएम मोदी का साक्षात्कार लेने से लिए भारत आए थे. अपनी यात्रा से पहले उन्होनें भारत के इतिहास सहितकई विषयों पर घंटो पीएम मोदी के साथ बातचीत करने की खुशी और उत्सुकता व्यक्त की थी.उन्होनें यह भी कहा था कि पीएम मोदी उनके अब तकपढ़े गए सबसे आकर्षक इंसानों में से एक है. पीएम मोदी ने कहा कि वही लोग जिंदगी में असफल होते है जिन्हें जिंदगी में कम्फर्ट जोन में रहने कीआदत होती है उन्होनें कहा कि वह कभी कम्फर्ट जोन में नहीं रहे है.और जोखिम उठाने की उनकी क्षमता का अभी तक पूरा उपयोग नहीं किया गया है. पीएम मोदी ने कहा कि यह मेरी किस्मत है कि मैनें अपनी जिंदगी कभी कम्फर्ट जोन में नहीं बिताई है.क्योकिं में कम्फर्ट जोन से बाहर था मुझे पता थाकि मुझे क्या करना है. शायद में आराम के लिए नहीं बना हूं. मैनें जिस तरह की जिंदगी जी, अब तो मुझे छोटी-छोटी चीजें भी संतुष्टी देती है.
गृह मंत्री अमित शाह ने 7 वर्षीय बालिका को उपहार में दिया गिटार, बोले भारत का यही प्रेम है हमें एक दूसरे से जोड़ने की वजह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्वोत्तर की अपनी यात्रा के दौरान शनिवार को सात वर्षीय मिजोरम की प्रतिभाशाली बालिका एस्तेर लालदुहावमीहनमते को एक गिटार उपहार में दिया. दरअसल उन्हें आइजोल में वंदे मातरम् का भावपूर्ण प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया. गृह मंत्री अमित शाहने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि भारत के प्रति प्रेम हमी सभी को एक करता है मिजोरम की अद्भुत बच्ची एस्तेर लालदुहावमी हनामते को आजआइजोल में वंदे मातरम गाते हुए सुनकर में बहुत प्रभावित हुआ हूं.दरअसल यह सात वर्षीय बच्ची को भारत माता के प्रति प्रेम उसके गीत में झलकरहा है जिससे उसे सुनना एक अद्भुत अनुभव बन गया.मिजोरम की युवा गायिका हंमटे ने पहली बार 2020 में देशभर में तब ध्यान आकर्षित किया जबउनका माँ तुझे सलाम गाने का वीडियो वायरल हुआ उनकी दमदार आवाज और देशभक्ति की भावना में उन्हें व्यापक प्रशंसा दिलाई. उन्हें मिजोरमसरकार की कई पुरस्कार मिले. जिसमें राज्यपाल की ओर से विशेष प्रशंसा भी शामिल है. गृह मंत्री अमित शाह 14 मार्च को असम के तीन दिवसीयदौरे पर है. शानिवार को 15 मार्च को वे मिजोरम गए. जहां उन्होनें असम राइफल्स की जमीन मिजोरम सरकार को हस्तांतरित किए जाने के भूमिहस्तांतरण समारोह में भाग लिया था. असम राइफल्स की गृह मंत्री अमित शाह ने की प्रशंसादरअसल इस कार्यक्रम में बोलते हुए अमित शाह ने लोगों की सेवा के लिए असम राइफल्स की प्रशंसा की.शाह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा किअसम राइफल्स ने भाईचारे के माध्यम से सुरक्षा के मार्गदर्शक सिद्दांत के माध्यम से मिजोरम के लोगों की सेवा की है आज बल ने लोगों के लाभ केलिए अपनी जमीन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा राज्य सरकार को सौंपकर लोगों के प्रति प्रतिबद्धता का एक अनुकरणीय मानक स्थापित किया है.सभा मेंसंबोधित करते हुए शाह ने इस बात पर प्रकाश डालते हुए कहा कि असम राइफल्स मुख्यालय को मध्य आइजोल से जोखावसांग सें स्थानांतरित करनामिजोरम के विकास के लिए भारत सरकार की प्रतिबध्दता में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है.शाह ने यह भी उल्लेख किया कि पिछले दस सालों मेंमोदी सरकार ने पर्यटन, तकनीक,कृषि और उघमिता जैसे विभिन्न क्षेत्रों में पूर्वोत्तर को बदलने का काम किया है जिससे इस क्षेत्र में विकास और एकताको बढ़ावा मिला है एस्थर जैसे युवा प्रतिभाशाली युवा बच्चों की बदौलत ही तो देश में देशभक्ति की भावना भी मजबूत हो रही है. एस्थर लालदुहावमीहनामते की यह कहानी न केवल उनकी प्रतिभा को दर्शाती है.बल्कि यह भी दिखाती है कि छोटी सी उम्र में कोई भी बड़ा बदलाव ला सकता है अमितशाह का यह उपहार उनके उज्जवल भविष्य के लिए एक प्रेरणा है.