ऋतुराज ने बताया हार का कारण,राहुल 23 रन बनाने के बाद भी रहे फेल “जानें क्या है पूरा मामला”

चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अपनी टीम के प्रदर्शन से नाखुश हैं आईपीएल के 18वें संस्करण मेंरविवार को चेन्नई की टीम को लगातार दूसरी हार मिली.183 रनों का पीछा करते हुए सीएसके ने रचिन रवींद्र का विकेट शून्य पर खो दिया था. जबकि राहुल त्रिपाठी पावरप्ले के बाद आउट हो गए थे. राहुल 23 रन बना सके और लगातार तीसरे मैच में फेल रहे राजस्थान से पहले टीम रॉयलचैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ चेन्नई को अपने घर में हार का सामना करना पड़ा था. अब कप्तान ऋतुराज ने हार के लिए खराब शुरुआत और खराबफील्डिंग को जिम्मेदार ठहराया है.नीतीश राणा और वानिंदु हसारंगा की मदद से राजस्थान रॉयल्स ने रविवार को बारसापारा स्टेडियम में खेले गएमुकाबले में छह रन से जीत दर्ज की. 183 रनों का पीछा करते हुए सीएसके ने रचिन रवींद्र का विकेट शून्य पर खो दिया था जबकि राहुल त्रिपाठीपावरप्ले के बाद आउट हो गए थे.राहुल 23 रन बना सके और लगातार तीसरे मैच में फेल रहे.मैच के बाद ऋतुराज ने कहा ‘हमें अच्छी शुरुआत नहींमिल रही है. लेकिन एक बार जब हम ऐसा करेंगे. तो चीजें अलग होंगी हमने खराब फील्डिंग की वजह से आठ से 10 रन अतिरिक्त दिए और यह ऐसीचीज है जिसमें हमें सुधार करने की जरूरत है. गायकवाड़ की 63 रनों की साहसी पारी ने सीएसके के लिए उम्मीद जगाई थी लेकिन नियमित अंतरालपर विकेट गिरने के कारण टीम जीत हासिल नहीं कर सकी. चेन्नई के कप्तान ने बताया नियोजित रणनीतिनंबर तीन पर बल्लेबाजी करने का कारण पूछे जाने पर चेन्नई के कप्तान ने बताया कि यह एक पूर्व नियोजित रणनीति थी. उन्होंने इसके लिए अजिंक्यरहाणे और अंबाती रायुडू का उदाहरण भी दिया.इसको लेकर ऋतुराज ने कहा पिछले कुछ साल अजिंक्य ने नंबर तीन पर बल्लेबाजी की थी जबकिरायुडू ने बीच के ओवरों को संभाला था हमने सोचा कि अगर मैं बाद में बल्लेबाजी करूं तो बेहतर होगा.जबकि त्रिपाठी शुरुआत में आक्रमण कर सकतेहैं. यह नीलामी के दौरान ही तय किया गया था.एक समय में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फिनिशर रहे महेंद्र सिंह धोनी टीम को जीत नहीं दिला सके. पिछलेमैच में नौवें नंबर पर उतरने के बाद इस मैच में वह सातवें नंबर पर क्रीज पर आए. तब चेन्नई को 12 गेंद में 39 रन की जरूरत थी. उन्होंने तुषार देशपांडेको चौका और छक्का लगाया. हालांकि आखिरी ओवर में जीत के लिए चाहिए 20 रन सीएसके की टीम नहीं बना सकी. धोनी आखिरी ओवर मेंसंदीप शर्मा की गेंद पर विकेट गंवा बैठे शिमरोन हेटमायेर ने बाउंड्री के पास आगे की ओर डाइव लगाकर उनका कैच लपका. उन्होंने 11 गेंद में 16 रनबनाए जडेजा 22 गेंद में 32 रन बनाकर नाबाद रहे.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और युक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की बीच हुई तीखी बहस,कहा युक्रेन कभी नहीं बन सकता नाटो का सदस्य

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच बहस हो गई थी इसके बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति ने गलती मानी और समझौते परबातचीत दोबारा करने की पेशकश की। माना जा रहा है यूक्रेन के नाटो सदस्यता के लिए एंसा किया है. हालांकि ट्रंप ने इसे खारिज कर दिया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर खनिज समझौते और नाटो सदस्यता को लेकर यूक्रेन के इरादे जाहिर किए. उन्होंने कहा कि अगर यूक्रेनके राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की समझौते से पीछे हटने की कोशिश करते हैं तो उनको बड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है. उन्होंने यह भी कहाकि यूक्रेन कभी नाटो का सदस्य बनने वाला नहीं है.यूक्रेन के समझौते पर बातचीत फिर से शुरू करने के पीछे नाटो सदस्यता पाने की मंशा को ट्रंप नेखारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि जेलेंस्की एक सौदा करना चाहते हैं लेकिन मैं देख रहा हूं कि वह खनिज समझौते से पीछे हटने की कोशिश कर रहेहैं. अगर वह ऐसा करते हैं तो कुछ बड़ी समस्याएं पैदा हो सकती हैं हमने दुर्लभ खनिज समझौता किया है. जेलेंस्की ने फिर से बातचीत की पेशकश कीहै. नाटो के बनना चाहते है सदस्यवह नाटो का सदस्य बनना चाहते है वैसे वह कभी भी नाटो का सदस्य नहीं बनने वाले. वह इसे समझते हैं.वहीं पुतिन के साथ संबंधों को लेकर ट्रंप नेकहा कि हम हमेशा से अच्छे से साथ हैं. मुझे नहीं लगता कि वे अपनी बात से पीछे हटने वाले हैं। मैं उनको लंबे समय से जानता हूं. इससे पहलेअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन को चेतावनी दी कि अगर यूक्रेन के साथ युद्धविराम समझौता नहीं हुआ तो वह रूस परद्वितीयक प्रतिबंध लगाएंगे। सभी प्रकार के तेल पर 25 से 50 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा. उन्होंने कहा जो भी रूस से तेल खरीदेगा वह अमेरिका मेंकेवल तेल ही नहीं बल्कि अपना कोई भी उत्पाद नहीं बेच सकेगा. हालांकि उन्होंने इस बात को दोहराया कि उनके और पुतिन के संबंध बहुत अच्छेहैं.ट्रंप और पुतिन ने 18 मार्च को फोन पर बात की थी. अपने चुनाव अभियान के दौरान, ट्रंप ने यूक्रेन में युद्ध को हल करने की कसम खाई थी. इसेअपनी पहली विदेश नीति प्राथमिकता बताया था वहीं पिछले हफ्ते रूस और यूक्रेन युद्धविराम पर सहमत हुए थे जिससे काला सागर में सुरक्षित मार्गउपलब्ध हो सकेगा और एक दूसरे के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों को रोका जा सकेगा.
मोनालिसा को फिल्म ऑफर करने वाले निर्देशक सनोज मिश्रा को किया गया गिरफ्तार,लगाया गया गंभीर आरोप

महाकुंभ 2025’ में वायरल हुई मोनालिसा को अपनी फिल्म में भूमिका ऑफर करने वाले निर्देशक सनोज मिश्रा को बलात्कार के आरोप में गिरफ्तारकिया गया है. दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा उनकी जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद यह गिरफ्तारी हुई है. निर्देशक पर एक महिला ने आरोपलगाया है कि उन्होंने कई वर्षों तक उसका शारीरिक शोषण किया.पिछले साल 30 मार्च को 45 वर्षीय सनोज मिश्रा को गाजियाबाद से दिल्लीपुलिस ने गिरफ्तार किया था. जिसके बाद नबी करीम पुलिस ने उन्हें हिरासत में रखा निर्देशक पर एक 28 वर्षीय महिला ने आरोप लगाया कि उसकेसाथ चार साल तक सनोज ने रेप किया. फिल्म अभिनेत्री बनने की ख्वाहिश रखने वाली महिला ने दावा किया कि वह मिश्रा के साथ मुंबई में लिव-इनरिलेशनशिप में थी. महिला के अनुसार शोषण के दौरान निर्देशक ने उसे तीन बार गर्भपात कराने के लिए भी मजबूर किया.पीड़िता ने पुलिस को दिएबयान में कहा कि पहले तो सनोज मिश्रा ने शादी का वादा करके उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए. फिल्मों में लालच और दी गई धमकीइसके बाद उसे फिल्मों में काम करने का लालच और धमकी देकर चुप रहने को कहा. बाद में वह शादी के वादे से भी मुकर गए दिल्ली पुलिस केमुताबिक इस मामले में 6 मार्च 2024 को निर्देशक के खिलाफ बलात्कार, मारपीट, गर्भपात कराने और धमकी देने सहित कई धाराओं में एफआईआरदर्ज की गई.अब निर्देशक को जिस मामले में गिरफ्तार किया गया है वह 18 फरवरी 2025 को हुई। जब आरोपी कथित तौर पर पीड़िता को नबीकरीम के होटल शिवा में लेकर आया. निर्देशक सनोज मिश्रा पर आरोप है कि इस दौरान उन्होंने महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाए और फिर उसेछोड़ दिया. साथ ही उसे धमकी दी कि अगर उनसे शिकायत दर्ज कराई तो वह उसके अश्लील वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करदेंगे. इसके बाद पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई पहले से इस मामले को देख रहे दिल्ली उच्च न्यायालय ने मिश्रा की जमानत याचिका को खारिज करदिया जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई है.‘महाकुंभ 2025’ के दौरान वायरल हुई मोनालिसा को सनोज मिश्रा ने अपनी फिल्म ऑफर की. इस घोषणाके बाद से ही वह सुर्खियों में आ गए सोशल मीडिया पर निर्देशक के ऊपर लगे पहले से आरोपों को भी खूब उछाला गया और उनकी आलोचना कीगई.
औरंगजेब की कब्र को लेकर उठे विवाद को लेकर राज ठाकरे ने दी प्रतिक्रिया,कहा व्हाट्सएप पर इतिहास पढ़ना करें बंद

राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में औरंगजेब के नाम पर हो रहे विवाद के बीच प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा मुगल शासक औरंगजेब ने “शिवाजी की विचारधाराको खत्म करने की कोशिश की लेकिन वह इसमें विफल रहा और अंत में महाराष्ट्र में ही मारा गया.महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरेने रविवार को औरंगजेब की कब्र को लेकर सांप्रदायिक तनाव भड़काने के प्रयासों की निंदा की. उन्होंने कहा कि इतिहास को जाति और धर्म के चश्मे सेनहीं देखना चाहिए. उन्होंने लोगों से व्हाट्सएप पर भेजे गए संदेशों के आधार पर इतिहास को समझने से बचने की सलाह दी और सही ऐतिहासिकतथ्यों को जानने के लिए किताबों को पढ़ने की अपील की. ठाकरे ने कहा कोई देश धर्म के आधार पर प्रगति नहीं कर सकता. उन्होंने तुर्किये काउदाहरण देकर कहा धर्म आपके घर की चारदीवारी के भीतर ही रहना चाहिए. जब मुसलमान सड़कों पर उतरते हैं या दंगे होते हैं तभी हिंदू अलग तरीकेसे पहचाने जाते हैं. ऐसा नहीं होने पर हिंदू जातियों के आधार पर विभाजित होते हैं.शिवाजी पार्क में अपनी वार्षिक गुढ़ी पड़वा रैली को संबोधित करतेहुए ठाकरे ने कहा कि मुगल शासक औरंगजेब ने “शिवाजी नामक विचारधारा” को खत्म करने की कोशिश की. राज ठाकरे का आया बयानलेकिन वह इसमें विफल रहा और अंत में महाराष्ट्र में ही मारा गया.उन्होंने कहा कि बीजापुर के सेनापति अफजल खान को प्रतापगढ़ किले के पासदफनाया गया था और यह छत्रपति शिवाजी महाराज की अनुमति के बिना संभव नहीं था.राज ठाकरे का यह बयान ऐसे समय आया है जब दक्षिणपंथीसंगठनों द्वारा छत्रपति संभाजीनगर जिले में स्थित औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग की जा रही है. इस मुद्दे को लेकर नागपुर में इस महीने कीशुरुआत में हिंसा भी भड़क उठी थी. उन्होंने कहा क्या हम दुनिया को यह नहीं बताना चाहते कि इन लोगों ने मराठों को खत्म करने की कोशिश की. लेकिन इसके बजाय वे खुद खत्म हो गए. व्हाट्सएप पर इतिहास पढ़ना बंद करें और इतिहास की किताबों को पढ़ें. लोगों से विचलित न होने काआग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि शिवाजी से पहले और शिवाजी के बाद के युगों में सामाजिक-राजनीतिक स्थितियां अलग थीं.राज ठाकरे ने कहा किहम अपनी मौजूदा समय की असली समस्याओं को भूल गए हैं। ठाकरे ने हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘छावा’ का जिक्र करते हुए कहा कि वे हिंदू जोसिर्फ एक फिल्म देखकर जागरूक होते हैं. वे किसी काम के नहीं हैं. उन्होंने लोगों से पूछा कि क्या आपको संभाजी महाराज का बलिदान विक्कीकौशल की फिल्म से पता चला और औरंगजेब के बारे में अक्षय खन्ना की वजह से मालूम पड़ा. उन्होंने कहा कि औरंगजेब का जन्म गुजरात के दाहोदमें हुआ था. उन्होंने कहा कि जो लोग अपनी स्वार्थी राजनीतिक आकांक्षाओं के लिए लोगों को भड़काते हैं. उन्हें इतिहास से कोई सरोकार नहीं है.
पीएम मोदी को भेजा गया ज्ञापन, वक्फ बोर्ड को खत्म करने की गई मांग “दिल्ली में दक्षिणपंथी संगठनों की हुई महापंचायत”

दिल्ली में दक्षिणपंथी संगठनों ने महापंचायत कर वक्फ बोर्ड को खत्म करने और उसकी संपत्तियों के राष्ट्रीयकरण की मांग उठाई. इन संगठनों ने वक्फकानून को भेदभावपूर्ण बताया और राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को ज्ञापन भेजकर वक्फ बोर्ड की संपत्तियों के अधिग्रहण की मांग की. राष्ट्रीयराजधानी में रविवार को कई दक्षिणपंथी संगनों ने एक महापंचायत आयोजित कर वक्फ बोर्ड को पूरी तरह खत्म करने की मांग की. इन संगठनों नेवक्फ (संशोधन) विधेयक का आंशिक समर्थन किया, लेकिन वक्फ की पूर्ण समाप्ति और इसकी संपत्तियों के राष्ट्रीयकरण की मांग उठाई.जनसंख्यासमाधान फाउंडेशन की ओर से जारी बयान के मुताबिक, इन संगठनों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कोएक ज्ञापन भेजा और वक्फ बोर्ड की संपत्तियों के राष्ट्रीयकरण की मांग की। यह महापंचायत जनसंख्या समाधान फाउंडेशन के आह्वान पर आयोजितकी गई थी. जिसमें राष्ट्रीय हिंदू मोर्चा सहित कई दक्षिणपंथी संगठन शामिल हुए. महापंचायत में देशभर से आए संगठनबयान के मुताबिक महापंचायत में देशभर से आए विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं और आम जनता ने एकमत होकर वक्फ बोर्ड को समाप्त करने कीमांग की. इसी को लेकर प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया. महापंचायत को संबोधित करते हुए जनसंख्या समाधान फाउंडेशन केअध्यक्ष अनिल चौधरी ने कहा कि विभाजन के बाद 1954 में पाकिस्तान गए मुसलमानों की संपत्तियां उस समय की भारत सरकार ने यहां केअल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों को दे दी थीं.चौधरी ने कहा कि 1955, 1995 और 2013 में वक्फ कानून में संशोधन के कारण वक्फ बोर्ड कोसंपत्तियों पर दावा करने के असीमित अधिकार मिल गए। इसके कारण देशभर में अन्य धर्मों के अनुयायियों की जमीनों पर वक्फ बोर्ड द्वारा अवैधकब्जों की बाढ़ आ गई.महापंचायत ने वक्फ अधिनियम को बताया भेदभावपूर्णबयान में कहा गया कि महापंचायत ने वक्फ अधिनियम को भेदभावपूर्ण पाया और इसे संविधान द्वारा प्रदत्त समानता के अधिकार का गंभीर उल्लंघनबताया। इसीलिए महापंचायत ने सर्वसम्मति से फैसला लिया कि वक्फ बोर्ड को समाप्त किया जाए और उसकी सभी संपत्तियों को भारत सरकारअपने कब्जे में ले. चौधरी ने कहा कि जहां तक मुसलमान समुदाय की तथाकथित ऐतिहासिक संपत्तियों के प्रबंधन की बात है तो ऐसी संपत्तियों केसंरक्षण और देखरेख के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) जैसी सरकारी संस्था पहले से मौजूद है। उन्होंने कहा भारत में पहले से ही भारतीयसोसायटी अधिनियम और भारतीय ट्रस्ट अधिनियम लागू हैं. जिनके जरिये शिक्षा, स्वास्थ्य आदि जैसी सामाजिक सेवा गतिविधियों के लिए धन औरसंपत्ति का उपयोग किया जा सकता है.
तीन वर्ष की तबादले की नीति पूरी तरह नहीं की जा रही लागू, टैक्स प्लानिंग हो सकती है पहले से आसान

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बजट में कई महत्वपूर्ण आयकर संशोधन किए गए हैं. एक अप्रैल से नई कर व्यवस्था लागू होने के बाद करदाताओं कोदिमागी कसरत से राहत मिलेगी और टैक्स प्लानिंग भी पहले से आसान हो जाएगी.संसद की एक समिति ने कहा कि किसी मंत्रालय में अधिकारियों केलंबे समय तक पद पर बने रहने से भ्रष्टाचार बढ़ता है. यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि अधिकारी किसी भी मंत्रालय में निर्धारित समय सीमा सेअधिक समय तक तैनात न रहें. इसके लिए तुरंत कदम उठाया जाना चाहिए.समिति ने कहा कि पहले से तय नीति के अनुसार सभी तबादले किए जानेचाहिए. किसी भी अधिकारी को किसी भी मंत्रालय में निर्धारित समय सीमा से अधिक नहीं रखना चाहिए. कार्मिक, लोक शिकायत, विधि एवं न्यायविभागों से संबंधित संसद की स्थायी समिति ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) से संबंधित अनुदान मांगों (2025-26) पर 27 मार्च कोसंसद में पेश 145वीं रिपोर्ट में कहा कि अधिकारियों के तबादले की एक रोटेशनल नीति है. केंद्रीय का मुख्य आधारलेकिन इसे पूरी तरह लागू नहीं किया जा रहा.समिति ने यह टिप्पणी केंद्रीय सचिवालय सेवाओं (सीएसएस) और केंद्रीय सचिवालय आशुलिपिकसेवाओं (सीएसएसएस) के कामकाज की समीक्षा के बाद की है. यह दोनों सेवाएं केंद्रीय सचिवालय के कामकाज का मुख्य आधार हैं.रिपोर्ट में कहागया है कई अधिकारी विशेष रूप से आर्थिक और संवेदनशील मंत्रालयों में 8-9 वर्षों से अधिक समय से तैनात हैं. संगठनों के प्रमुखों को चार-पांचबार बदले जाने के बावजूद ये अपने पद पर जमे हुए हैं. इसका आकलन किया जाना चाहिए ऐसे उदाहरण हैं. जहां अधिकारियों ने अपनी पोस्टिंग इसतरह से करवाई कि उनका पूरा कॅरिअर एक ही मंत्रालय में बना रहा.समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा हमारे संज्ञान में लाया गया है कि विशेष रूप सेसीएसएस और सीएसएसएस में सभी राजपत्रित अधिकारियों का संवेदनशील और गैर-संवेदनशील पोस्टिंग के आधार पर रोटेशन किया जाता है. संवेदनशील स्थानों पर तैनात अधिकारियों को 3 साल के कार्यकाल के बाद बदल दिया जाता है. इसी तरह मंत्रालयों को भी आर्थिक और गैर-आर्थिकके रूप में बांटा गया है.
राष्ट्रपति -उपराष्ट्रपति समेत कई दिग्गजों ने दी ईद की बधाईयाँ, कहा समाज में सद्भाव और भाईचारे के बंधन को और मजबूत करेगा ईदमुबारक

देशभर में ईद का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है अलग-अलग ईदगाहों में लोग नमाज पढ़ने जुटे. इस मौके पर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति से लेकरप्रधानमंत्री तक सभी देशवासियों को ईद की बधाई दी.राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथसिंह समेत तमाम दिग्गज नेताओं ने देशवासियों को ईद का बधाई दी. सभी ने सोमवार को लोगों को ईद-उल-फितर की शुभकामनाएं दीं और कामनाकी कि यह त्योहार समाज में आशा, सद्भाव और दयालुता की भावना को बढ़ाए. ईद-उल-फितर रमजान के पाक महीने के समापन का प्रतीकहै.राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत तमाम दिग्गज नेताओं ने देशवासियों कोईद का बधाई दी. सभी ने सोमवार को लोगों को ईद-उल-फितर की शुभकामनाएं दीं और कामना की कि यह त्योहार समाज में आशा, सद्भाव औरदयालुता की भावना को बढ़ाए. ईद-उल-फितर रमजान के पाक महीने के समापन का प्रतीक है.राष्ट्रपति मुर्मू ने ‘एक्स’ पर लिखा ईद-उल-फितर केमुबारक मौके पर सभी देशवासियों विशेष रूप से मुस्लिम भाइयों और बहनों को बधाई. उपराष्ट्रपति समेत रक्षा मंत्री ने दी ईद की बधाइयाँयह त्योहार भाईचारे की भावना को मजबूत बनाता है तथा करुणा-भाव और दान की प्रवृत्ति को अपनाने का संदेश देता है. मैं कामना करती हूं कि यहपर्व सभी के जीवन में शांति, समृद्धि और खुशियां लेकर आए तथा सबके दिलों में नेकी के रास्ते पर आगे बढ़ने के जज्बे को मजबूत बनाए.उपराष्ट्रपतिने सोशल मीडिया पर लिखा ‘ईद-उल-फितर पर मैं देश के सभी नागरिकों को हार्दिक बधाई देता हूं. ईद हमें अपनी सांस्कृतिक विविधता और हमेंएकजुट करने वाले साझा बंधनों से मिलने वाली शक्ति की याद दिलाती है. इस पवित्र दिन का सार केवल उत्सव मनाने से कहीं बढ़कर है. यह एकताकरुणा और आपसी सम्मान के संवैधानिक आदर्शों का प्रतीक है. जो हमारे विविध लोकतंत्र की आधारशिला हैं. ईद की भावना हमें उन मूल्यों के प्रतिखुद को फिर से प्रतिबद्ध करने के लिए प्रेरित करे. जो हमारे आगे के मार्ग को रोशन करते हैं और हमें एक उल्लेखनीय लचीले राष्ट्र के रूप में बांधतेहैं.माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा’ईद-उल-फितर की बधाई. यह त्योहार हमारे समाज में आशा सद्भाव और दयालुताकी भावना को बढ़ाए आपके सभी प्रयासों में खुशी और सफलता मिले ईद मुबारक.रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा ईद-उल-फितर की हार्दिकशुभकामनाएं. यह त्योहार सभी के लिए सुख,शांति और समृद्धि लेकर आए. आशा है कि यह दिन पूरे समाज में सद्भाव और भाईचारे के बंधन को औरमजबूत करेगा ईद मुबारक.
इंदौर से मिला सलमान खान को हिंदू धर्म अपनाने का निमंत्रण,जानें क्या है पूरा मामला

ये सारा विवाद सलमान खान के हाथ में बंधी घड़ी का है. इस घड़ी में अयोध्या राम मंदिर का चित्रण किया गया है जिस पर सोशल मीडिया परविभिन्न प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. इंदौर के महामंडलेश्वर राम गोपाल दास जी महाराज ने सलमान खान को हिंदू धर्म अपनाने का निमंत्रण दिया है. ईद केमौके पर फिल्म अभिनेता सलमान खान अपनी नई फिल्म ‘सिकंदर’को लेकर चर्चा में है. उनकी फिल्म एक बार फिर उनके प्रशंसकों के लिए उत्साहलेकर आई है. फिल्म रिलीज के साथ ही सलमान खान एक बार फिर विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं. ऐसा तो हो नहीं सकता कि चर्चा शुरू हो औरविवाद न खड़ा हो. इस बार विवाद की वजह बनी है सलमान खान के हाथ में बंधी घड़ी. देशभर सलमान की घड़ी चर्चा का विषय बनी हुई है. इतना हीनहीं भोपाल से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी इस पर कड़ी टिप्पणी की है वहीं अब इस घड़ी की वजह से सलमान खान को हिंदू धर्म अपनाने कानिमंत्रण भी मिल गया है.दरअसल अभिनेता सलमान खान हर बार उनकी कोई फिल्म की रिलीज के दौरान किसी न किसी कारण से सुर्खियों में आजाते हैं. अयोध्या से जुड़ी घड़ी को लेकर है मामलादरअसल यह ताजा मामला उनके हाथ में बंधी अयोध्या से जुड़ी घड़ी को लेकर है. उनके हाथ पहनी गई घड़ी राम मंदिर का चित्रण करती है. इसकेबाद सोशल मीडिया पर लोग अपने अपने विचार लिख रहे हैं. इस बीच मध्य प्रदेश के इंदौर के महामंडलेश्वर श्री राम गोपाल दास जी महाराज नेसलमान को हिंदू धर्म अपनाने का निमंत्रण दिया है. महामंडलेश्वर ने कहा कि अगर वो हिंदू धर्म अपनाते हैं तो राजवाड़ा में उनके सम्मान में भव्यकार्यक्रम रखा जाएगा. बता दें कि सलमान खान का जन्म इंदौर में हुआ है उनका इंदौर से काफी गहरा नाता है.महामंडलेश्वर राम गोपाल दास ने कहाकि सलमान खान इंदौर के है. अगर वो हिंदू धर्म अपनाते हैं तो राजवाड़े पर श्री रामचंद्र जी के फोटो के सामने उनका स्वागत किया जाएगा. उनकीअगुवाई में एक बड़ा आयोजन भी किया जाएगा. आप आइए हिंदू धर्म स्वीकार कीजिए सनातनी बनिए. अभी तो हाथ में घड़ी पहनी है हम गले में भीराम नाम का दुपट्टा ओढ़ाएंगे.वहीं दूसरी ओर इस घड़ी की वजह से सलमान खान की ऑल इंडिया मुस्लिम जमात ने आलोचना की है. राम मंदिर कीतस्वीर वाली एक घड़ी पहनने पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने सलमान को शरियत का गुनहगार बतायाहै. बता दें कि सलमान की ये घड़ी काफी महंगी है जिसकी कीमत लगभग 34 लाख है. इस घड़ी के दुनियाभर में सिर्फ 49 पीस हैं.
अगर आपका मोबाइल नंबर हो गया है बंद, तो बंद हो जाएंगी यूपीआई की सेवाएं “बदल रहे नियम”

नया वित्त वर्ष कल यानी एक अप्रैल से शुरू हो रहा है वित्त वर्ष के पहले दिन से कई बड़े बदलाव हो रहे हैं इनका सीधा असर लोगों की जेब परपड़ेगा.आजकल लगभग सभी लोग अपने रोजमर्रा के काम में यूपीआई का इस्तेमाल कर रहे हैं. कल से इससे जुड़े नियमों में भी बड़े बदलाव हो रहेहैं.नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने यूपीआई लेनदेन की सुरक्षा और प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए नए नियम जारी किए हैं. यह नियम एक अप्रैल से लागू हो रहे हैं. इसके मुताबिक अगर आप अपने मोबाइल नंबर का 90 दिनों तक इस्तेमाल नहीं करते हैं तो दूरसंचार कंपनीवह नंबर किसी दूसरे व्यक्ति को दे सकती है.इसका मतलब है कि अगर आपने पुराने मोबाइल नंबर से यूपीआई लिंक किया है और वह नंबर बंद होगया है. तो आपकी यूपीआई आईडी भी काम नहीं करेगी. यानी आप यूपीआई सेवाओं का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे.एक अप्रैल से बैंक और यूपीआईएप ग्राहकों के मोबाइल नंबर रिकॉर्ड को सप्ताह में कम-से-कम एक बार जांचेंगे और अपडेट करेंगे. ताकि बदले गए मोबाइल नंबरों के कारण गलतलेनदेन न हो.इसमें खासतौर पर इन नए नियमों के तहत अगर आप अपने मोबाइल नंबर का 90 दिनों तक इस्तेमाल नहीं करते हैं. तो टेलीकॉम कंपनीउस नंबर को किसी दूसरे व्यक्ति को दे सकती है.इसे मोबाइल नंबर रिसाइकलिंग भी कहते हैं. यूपीआई से नहीं किया लिंक तो नंबर हो जाएगा बंदयानी अगर आपने अपने पुराने नंबर को अभी भी यूपीआई से लिंक नहीं किया है और वो नंबर बंद हो गया है. या 90 दिनों से अधिक दिनों तक नंबर काइस्तेमाल नहीं किया है तो आपकी UPI ID भी काम नहीं करेगी. वहीं बैंक से लिंक नंबर अगर आपका बंद हो जाता है तो आपको बाद में यूपीआईसर्विस इस्तेमाल करने में परेशानी आ सकती है.नए नियमों में क्या-क्या जोड़ा गया है ये आप चेक कर सकते है.इसके अलावा मोबाइल नंबर रिवोकेशनलिस्ट को भी तैयार करना होगा. ये एक ऐसी लिस्ट होती है जिसमें उन मोबाइल नंबर का रिकॉर्ड रखना होगा जिन्हें यूपीआई ट्रांजैक्शन से हटा दियागया है. यानी अगर कोई व्यक्ति अपने किसी मोबाईल नंबर से यूपीआई का इस्तेमाल नहीं करता है तो इस लिस्ट में उसे डाल दिया जाएगा.बैंक औरपेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को हर हफ्ते अपने डेटा को अपडेट करना होगा ताकि उनके पास लेटेस्ट जानकारी रहे और यूजर्स को पूरी ट्रांसजैक्शन सुरक्षा भीदी जा सके. इसके अलावा यूपीआई में पर्सनल लेन-देन के लिए कलेक्ट रिक्वेस्ट की लीमिट को भी 2000 रुपये कर दिया है. यूपीआई कलेक्टरिक्वेस्ट कोई भी यूपीआई यूजर एक अन्य यूपीआई यूजर को भेजकर पेमेंट के लिए रिक्वेस्ट कर सकता है.
यूपी के मुरादाबाद में नमाज को लेकर हुआ जमकर हंगामा,”पुलिस से हुई नोकझोंक”,लगाए गए धार्मिक नारे,संभल में बढ़ाई गई चौकसी

UP EID Festival: देश में आज ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जा रहा है इस मौके पर लोग अलग-अलग मस्जिदों और ईदगाहों में ईद कीनमाज अदा करने का समय भी अलग-अलग है. वहीं यूपी में सड़क पर नमाज पढ़ने से रोक के बाद पुलिस-प्रशासन अलर्ट पर है. बता दें मुरादाबाद मेंईद की नमाज को लेकर अलर्ट मोड जारी किया है. पुलिस लोगों को सड़क पर ईद की नमाज न पढ़ने की सलाह दे रही है. इसके लिए माइक सेपुलिसकर्मी सड़क पर नमाज अदा न करने की अपील कर रहे हैं. वहीं ईदगाह में जगह फुल होने के बाद कई लोगों को रोका गया है. बता दें इस्लामिकसेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने सड़क पर नमाज न पढ़ने की अपील की है. मुरादाबाद में ईदगाह मैदान मेंनमाजियों को जाने से रोकने पर हंगामा हो गया. लोगों के विरोध जताने पर उनकी पुलिस से नोकझोंक हो गई पुलिस ने बताया कि ईदगाह के भर जानेके कारण सुरक्षा के लिहाज से लोगों को रोका गया. हंगामे को देखते हुए मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने लोगों को समझा कर शांत करवाया.इसकेबाद दोबारा नजाम अदा करवाई गई एसएसपी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे मामले का जायजा लिया. प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखनेकी अपील की है. उधर, ईद की नमाज के लिए ईदगाह पर सुरक्षा के बेहद कड़े बंदोबस्त किए गए हैं. सड़क से लेकर छत तक किया गया पुलिस कर्मियों को तैनातसड़क से लेकर छत तक पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है.संभल में ड्रोन से पूरे एरिया की निगरानी की जा रही है. पूरे इलाके में अतिरिक्तपुलिसकर्मियों की ड्यूटियां लगाई गई हैं.ईद की नमाज के मद्देनजर शहर में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त करने के साथ ही यातायात पुलिस ने रूट डायवर्जनप्लान तैयार किया है. सोमवार दोपहर बारह बजे तक शहर में रोडवेज बस समेत सभी तरह के भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा. वहीं ईदगाह रोडऔर उसके आसपास की सड़कों पर सभी तरह के वाहनों के संचालन पर भी प्रतिबंध रहेगा. एसपी यातायात सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि रूटडायवर्जन सोमवार सुबह छह बजे से लागू कर दिया गया है. वाहनों को रोकने के लिए शहर में जगह-जगह बैरियर लगाकर पुलिसकर्मियों की ड्यूटीलगाई गई है. संभल चौराहे से लोग पैदल ही ईदगाह की ओर जा सकेंगे। दोपहर 12 बजे के बाद यातायात सामान्य हो जाएगा.ईद की नमाज केमद्देनजर यातायात पुलिस ने रूट डायवर्जन प्लान लागू कर दिया है. सोमवार दोपहर 12 बजे तक शहर में रोडवेज बसों और अन्य भारी वाहनों का प्रवेशप्रतिबंधित रहेगा. ईदगाह रोड और आसपास की सड़कों पर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी. सुबह 6 बजे से जगह-जगह बैरिकेडिंगकर पुलिस बल की तैनाती की गई है। संभल चौराहे से लोग केवल पैदल ही ईदगाह जा सकेंगे.