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Sonia Gandhi and Rahul Gandhi Meet Progressive International Delegation at 10 Janpath

New Delhi: Senior Congress leader Sonia Gandhi and Leader of Opposition in the Lok Sabha Rahul Gandhi met a delegation from the Progressive International at 10 Janpath, New Delhi, on Monday. Discussions focused on a wide range of global issues concerning democracy, social justice, and progressive collaborations. Focus on Strengthening Global Progressive AlliancesProgressive International, an […]

आईपीएल 2025 पहुंचा रोमांचक मोड़ पर, अब खेले गए 46 मैच “प्लेऑफ के लिए है दिलचस्प जंग”

IPL 2025: आईपीएल 2025 अब रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है 46 मैच खेले जा चुके हैं और प्लेऑफ के लिए जंग दिलचस्प हो चुकी है. आठटीमों के बीच चार स्थानों के लिए लड़ाई है, राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स इस रेस से बाहर हो चुकी है हालांकि इस पूरे सीजन में काफीउतार चढ़ाव देखने को मिले हैं. कुछ टीमों ने अच्छी शुरुआत की लेकिन दूसरे हाफ में उसे बरकरार रखने में कामयाब नहीं हो पाए हैं. वहीं एक टीम हैजिसका पहले हाफ में खराब प्रदर्शन रहा था अब दूसरे हाफ में उन्होंने जबरदस्त वापसी की है. वहीं दो टीमें ऐसी हैं जिन्होंने शुरू से लेकर अभी तकअपने कंसिस्टेंट प्रदर्शन को बरकरार रखा है.आरसीबी की टीम अंक तालिका में शीर्ष पर है उसके 10 मैचों में सात जीत और 14 अंक हैं। वहीं, गुजरात12 अंक लेकर दूसरे स्थान पर है. मुंबई और दिल्ली के भी 12-12 अंक हैं लेकिन नेट रन रेट में गुजरात से पीछे है. एमआई तीसरे और दिल्ली चौथेस्थान पर है पंजाब किंग्स 11 अंक लेकर पांचवें लखनऊ सुपर जाएंट्स 10 अंक लेकर छठे स्थान पर है. तीन बार की चैंपियन कोलकाता नाइट राइडर्ससात अंक लेकर सातवें 2016 की चैंपियन सनराइजर्स हैदराबाद छह अंक लेकर आठवें स्थान पर है. पंजाब ने की थी शानदार शुरुआतराजस्थान और चेन्नई के चार-चार अंक हैं इस सीजन दिल्ली और पंजाब ने शानदार शुरुआत की थी. दिल्ली ने अपने शुरुआती छह में से पांच मैचजीते थे. टीम एक वक्त अंक तालिका में शीर्ष पर थी हालांकि छठे मैच के बाद इस टीम के प्रदर्शन में गिरावट आई और टीम अगले तीन में से सिर्फएक मैच जीत पाई है. वहीं पंजाब ने अपने शुरुआती सात में से पांच मैच जीते. हालांकि अगले दो मैच उनके पक्ष में नहीं रहे और टीम अंक तालिका मेंलुढ़क गई.आरसीबी के खिलाफ हार और एक मैच बारिश की वजह से धुलने से पंजाब को नुकसान हुआ है. अब जब प्लेऑफ की जंग रोमांचक होचली है ऐसे में इन दोनों टीमों को एड़ी चोटी का जोर लगानी होगी. अगर 16 अंक को क्वालिफिकेशन मार्क माना जाए तो दिल्ली को बाकी बचे पांचमें से कम से कम दो मैच जीतने होंगे. जबकि पंजाब को बाकी बचे पांच में से कम से कम तीन मैच जीतने होंगे. राह है काफी कठिनवहीं कोलकाता और सनराइजर्स के लिए अब प्लेऑफ में जगह बनाने की राह काफी कठिन है. हालांकि क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है लेकिन फिरभी जो समीकरण बन रहे हैं. उसमें इन्हें खुद की जीत के साथ-साथ अन्य टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना होगा. केकेआर को अब पांच में से पांच मेंजीत की जरूरत है. वहीं सनराइजर्स को भी पांच में से पांच मैच जीतने हैं इसके बावजूद केकेआर अधिकतम 17 अंक और सनराइजर्स 16 अंक तकपहुंच सकेगी. इसके बाद इन्हें अन्य टीमों के नतीजों पर निर्भर रहना होगा. लखनऊ सुपर जाएंट्स ने भी सीजन की शुरुआत अच्छी की थी. लेकिन जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ा टीम की कमजोरियां सामने आने लगी हैं. टीम के अगर शुरुआती तीन बल्लेबाज नहीं चलते हैं तो पूरी टीम ढह जाती है. अबअगर लखनऊ को प्लेऑफ में पहुंचना है तो उन्हें बाकी बचे चार में से कम से कम तीन मैच जीतने ही होंगे. एक भी हार से उन पर तलवार लटकजाएगी.

पहलगाम आतंकी हमले पर टिप्पणी को लेकर रॅाबर्ट वाड्रा ने दी सफाई, बोले मेरे इरादों को समझा गया गलत

वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के पति जानेमाने कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा ने पहलगाम आतंकी हमले पर अपनी हालिया टिप्पणी पर सफाई दी. उन्होंने सोमवार को कहा कि उनके इरादों को गलत समझा गया जिसे स्पष्ट करना उनकी जिम्मेदारी है. वाड्रा ने यह भी कहा कि वह पहलगाम हमले कीकड़ी निंदा करते हैं और भारत के साथ खड़े हैं.कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ट वाड्रा ने फेसबुक पर एक पोस्ट में लिखा, ‘चूंकि मेरेइरादों का मतलब निकाला गया, इसलिए मैं समझता हूं कि उन्हें स्पष्ट करना मेरी जिम्मेदारी है. मैं ईमानदारी पारदर्शिता और सम्मान के साथ खुद कोस्पष्ट करने के लिए प्रतिबद्ध हूं. मैंने कुछ दिनों तक मौन रहने का फैसला किया है. लेकिन इसे उदासीनता या देशभक्ति की कमी के रूप में नहीं समझाजाना चाहिए. वास्तव में यह मेरे देश के प्रति मेरे गहरे प्रेम, सत्य के प्रति मेरे गहरे सम्मान और समर्पण के प्रति मेरी प्रतिबद्धता के कारण है कि मैंनेबोलने से पहले चिंतन करने का समय लिया. मौन वह चरण है जहां जिम्मेदारी परिपक्व होती है भावनाएं शांत होती हैं और शब्दों को आवेगपूर्ण तरीकेसे चुनने के बजाय सावधानी से चुना जा सकता है.उन्होंने आगे लिखा मैं अपने विचारों के बारे में स्पष्ट होना चाहता हूं. पहलगाम हमले को लेकर करती हूं कड़ी निंदा-प्रियंका गांधीमैं पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता हूं जिसने निर्दोष लोगों की जान ले ली और उनके परिवारों को तोड़ दिया. मैं भारत के साथखड़ा हूं और हमेशा ऐसा ही करूंगा इस हमले को रोकने के लिए कोई राजनीतिक, धार्मिक या वैचारिक तर्क नहीं है. उन्होंने कहा निर्दोष और निहत्थेलोगों के खिलाफ हिंसा को माफ नहीं किया जा सकता है.उन्होंने आगे कहा कि आतंकवाद किसी भी रूप में हो मानवता की आत्मा पर हमला है औरमनुष्य के बिना किसी भय के जीने के मौलिक अधिकार का हनन करता है. वाड्रा ने हमले में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की और सभी सेमहात्मा गांधी की अहिंसा का पालन करने की शिक्षाओं को याद रखने का आग्रह किया.उन्होंने कहा’कोई भी कारण, कोई भी तर्क निर्दोष लोगों के खूनबहाने को सही नहीं ठहरा सकता। मैं उन सभी के लिए शोक व्यक्त करता हूं जिनके जीवन खो गए जिनका भविष्य छीन लिया गया जिनके दिलअकल्पनीय दुख से भर गए और मैं सभी से महात्मा गांधी की शिक्षाओं को याद रखने का आग्रह करता हूं.उन्होंने कहा कि अहिंसा साहसी विकल्प है. रॉबर्ट वाड्रा ने पहलगाम हमले को दिया था कायरतापूर्ण करारहमारे देशवासियों की पीड़ा हमारी अपनी पीड़ा है. आज इस दुख की घड़ी में मैं एक ऐसी दुनिया बनाने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करता हूं.जहां कोईभी बच्चा कोई भी परिवार कोई भी समुदाय आतंक के साये में न रहे इससे पहले 23 अप्रैल को रॉबर्ट वाड्रा ने पहलगाम हमले को कायरतापूर्ण करारदिया था. उन्होंने कहा था कि इस तरह के हमले किसी भी वैध उद्देश्य को पूरा करने में विफल रहे हैं यह केवल सामाजिक विभाजन को गहरा करते हैं मैंइस घटना की निंदा करता हूं. ऐसी घटनाएं किसी मुद्दे को नहीं उठाती हैं नागरिकों पर हमला करके मुद्दों को उठाना कायरतापूर्ण तरीका है. धर्म औरराजनीति को अलग-अलग रहना चाहिए आतंकवादियों ने लोगों की पहचान की जांच करने के बाद उन्हें मार डाला क्योंकि उन्हें लगता है कि मुसलमानोंको दबाया जा रहा है.

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने नए स्टार्टअप को लेकर दिया जोर, कहा नौकरी की तलाश करने की बजाय उद्यमी बनना पसंद करे रहे है आज के युवा

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने स्टार्टअप पर जोर दिया उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में भारत की युवा पीढ़ी कीमानसिकता बदली है. अब युवा बहुराष्ट्रीय कंपनियों (एमएनसी) में नौकरी की तलाश करने के बजाय उद्यमी बनना पसंद कर रहे हैं. वॉशिंगटन डीसी मेंभारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और अमेरिका-भारत सामरिक भागीदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ) द्वारा आयोजित अमेरिका-भारत आर्थिक मंचमें अपने भाषण में गर्वनर संजय मल्होत्रा ने कहा कि जब मैंने कॉलेज छोड़ा तो एमएनसी में नौकरी करना मेरा पसंदीदा विकल्प था. किसी ने भी अपनाखुद का उद्यम शुरू करने के बारे में नहीं सोचा था हाल के वर्षों में बड़ी संख्या में इंजीनियरिंग और प्रबंधन स्नातक उद्यमिता और स्टार्ट-अप की ओर रुखकर रहे हैं.उन्होंने कहा कि उद्यमिता की इस बढ़ती संस्कृति ने भारत को एक मजबूत स्टार्ट-अप इकोसिस्टम बनाने में मदद की है. सरकारी पहलों का समर्थन है प्राप्तदेश में लगभग 150,000 मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप हैं जिन्हें स्टार्ट-अप इंडिया, डिजिटल इंडिया और अटल इनोवेशन मिशन जैसी सरकारी पहलों कासमर्थन प्राप्त है. आरबीआई गर्वनर ने कहा कि भारत में अब दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी संख्या में यूनिकॉर्न हैं जिनमें से कई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फिनटेक और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे उच्च तकनीक क्षेत्रों से उभर रहे हैं. भारत ने वैश्विक नवाचार सूचकांक में भी अपनी स्थिति में सुधार किया है यह2015 के 81वें स्थान से चढ़कर 2024 में 39वें स्थान पर आ गया है निम्न-मध्यम आय वाले देशों में भारत अब पहले स्थान पर है.उन्होंने कहा कि यहजानकर खुशी होती है कि भारत तेजी से नौकरी चाहने वालों की बजाय नौकरी देने वालों का देश बनता जा रहा है. सार्वजनिक वितरण प्रणाली कोआधार से जोड़ने जैसी विभिन्न योजनाओं के डिजिटलीकरण से भारी बचत हुई है. राज्य सरकारों को समय पर धन मिलने से केंद्र सरकार को अपनेनकदी प्रवाह को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने में भी मदद मिली है. सरकारी खर्च की दक्षता में किया गया काफी सुधारदरअसल उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) जैसी पहलों ने सरकारी खर्च की दक्षता में काफी सुधार किया है जिससे मार्च2023 तक लगभग 40 बिलियन अमेरिकी डॉलर की बचत हुई है.उन्होंने कहा कि भारत में महिलाओं की श्रमबल में भागीदारी अंतरराष्‍ट्रीय औसत कीतुलना में काफी कम है। इस फासले को कम करने के लिए लड़कियों की शिक्षा कौशल विकास, कार्यस्थल पर सुरक्षा और सामाजिक बाधाएं दूरकरने की दिशा में प्रयास करने होंगे. आरबीआई गवर्नर ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मझोली इकाइयों (एमएसएमई) का पांचवां हिस्सा महिलाओं केनियंत्रण में होने के बावजूद महिला उद्यमियों को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है.

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के रुख को लेकर डरा पाकिस्तान, लेकिन अभी भी दे रहा गीदड़धमकी

पहलगाम आतंकी हमले को लेकर भारत के रुख को लेकर पाकिस्तान डरा हुआ है पाकिस्तान लगातार युद्ध की गीदड़भभकी तो दे रहा लेकिन मन हीमन वहां भारत की कार्रवाई को लेकर दहशत है. अब पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ ने अपने छोटे भाई और पाकिस्तान के पीएम शहबाजशरीफ को नसीहत दी है. पूर्व पीएम नवाज ने शहबाज शरीफ से कहा है कि वे कूटनीतिक तरीके से तनाव को कम करने पर जोर दें.रविवार कोपाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अपने बड़े भाई और पूर्व पीएम नवाज शरीफ से मिलने के लिए उनके आवास पर पहुंचे. शहबाज ने नवाजशरीफ को भारत की ओर से लगाए गए कड़े प्रतिबंधों की दी जानकारी दी. साथ ही पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (एनएससी) की बैठक में लिएगए फैसलों के बारे में भी बताया. इस दौरान पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज भी मौजूद थीं. शहबाज ने अपने बड़े भाई को किसी भी आक्रमणका जवाब देने की तैयारियों के बारे में जानकारी दी.शहबाज ने कहा कि पहलगाम क्षेत्र में अस्थिरता पैदा करने के लिए आतंकी हमला भारतीयों नेकिया है.युद्ध के खतरों को दिया बढ़ावहीं सिंधु जल संधि को निलंबित करने के भारत के एकतरफा फैसले ने क्षेत्र में युद्ध के खतरे को बढ़ा दिया है. पाकिस्तान शांति के लिए प्रतिबद्ध हैलेकिन देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता. इस पर नवाज शरीफ ने कहा कि सरकार शांति बहाल करने के लिए सभी उपलब्धराजनयिक संसाधनों का इस्तेमाल करे. कूटनीतिक तरीके से तनाव कम करने पर जोर दिया जाए.इससे पहले पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ नेपहलगाम हमले की अंतरराष्ट्रीय जांच में चीन और रूस की भागीदारी की बात की. उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि रूस या चीन या यहां तक किपश्चिमी देश इस संकट में बहुत ही सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं. वे एक जांच दल भी गठित कर सकते हैं जिसे जांच का काम सौंपा जाना चाहिएकि भारत झूठ बोल रहा हैं या सच उन्होंने कहा कि एक अंतरराष्ट्रीय दल को इस बात का पता लगाने दें.पहलगाम हमले को लेकर भारत लगातारपाकिस्तान पर आरोप लगा रहा है.भारत ने पाकिस्तान पर सिंधू समेत लगाए कई प्रतिबंधभारत ने पाकिस्तान पर सिंधु जल संधि पर रोक समेत कई प्रतिबंध लगाए हैं वहीं पाकिस्तान हमले में संलिप्तता से इनकार कर रहा है. पाकिस्तान नेभारत के विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है.बीती 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित लश्कर ए तैयबा केसंगठन टीआरएफ के आतंकियों ने 26 निर्दोष पर्यटकों की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस घटना के बाद भारत सरकार ने सख्त कदम उठाते हुएसिंधु जल समझौता स्थगित कर दिया. साथ ही पाकिस्तान के साथ कूटनीतिक संबंध भी कम कर लिए हैं. भारत ने पाकिस्तान के उच्चायुक्त को एकहफ्ते में देश छोड़ने का निर्देश दिया है. आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना भी अलर्ट पर है.