मध्य प्रदेश में आदिवासी महिला से हैवानियत पर कांग्रेस का हमला: विक्रांत भूरिया ने उठाए कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल

ऑल इंडिया आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया ने दिल्ली में एक प्रेस वार्ता में कहा कि यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि इंसानियतको शर्मसार करने वाली घटना है। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश के एक गांव में 45 वर्षीय आदिवासी महिला के साथ गैंगरेप किया गया, उसे बेरहमीसे पीटा गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया कि उसकी आंखें तक निकाल दी गई थीं। महिला की 16 साल कीबेटी जब मां को देखने पहुंची, तो वह बेसुध हो गई। दिल्ली में होता है तो मीडिया गरजता है, गांव में होता है तो सन्नाटा क्यों?डॉ. भूरिया ने कहा कि जब दिल्ली में कोई वारदात होती है तो मीडिया से लेकर सरकार तक सब हिल जाते हैं, लेकिन जब यही अपराध गांवों में, खासकर आदिवासी महिलाओं के साथ होते हैं, तो सब चुप क्यों हो जाते हैं?उन्होंने साफ कहा – “यह अपराध बढ़ते जा रहे हैं क्योंकि सरकार सो रही है, प्रशासन चुप बैठा है।”शराब माफियाओं का राज और आदिवासी महिलाओं की असुरक्षाउन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में शराब माफिया खुलेआम कानून को चुनौती दे रहे हैं। जहां शराबबंदी का कानून होना चाहिए, वहांधड़ल्ले से शराब बिक रही है। औरतें डर में जी रही हैं, लेकिन सरकार आंखें मूंदे हुए है। कांग्रेस की मांगेंकांग्रेस ने इस मामले में केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है:मध्य प्रदेश को एक पूर्णकालिक गृह मंत्री मिले।फास्ट ट्रैक कोर्ट बनें ताकि पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सके।आदिवासी क्षेत्रों में शराब की बिक्री पर सख्ती से रोक लगे।आदिवासी महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष योजना लाई जाए। राजनीति नहीं, न्याय चाहिएडॉ. भूरिया ने कहा कि यह वक्त राजनीति का नहीं, इंसाफ का है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि जब वह 31 मई को भोपाल आएं, तो पीड़ितोंकी बहनों के दर्द को भी महसूस करें। उन्होंने कहा – “किसी भी सभ्य समाज में ऐसी घटनाओं की जगह नहीं होनी चाहिए। अब बहुत हुआ।”
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सरकार की जातीय जनगणना की सराहना, कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के दो पुराने वीडियो पर कसा तंज

रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार के जातीय जनगणना के फैसले की सराहना की थी अब सोमवार को कांग्रेस ने इस पर तंज कसा औरप्रधानमंत्री के दो पुराने वीडियो साझा कर दिए, जिनमें प्रधानमंत्री विपक्ष की जातीय जनगणना की मांग की आलोचना करते नजर आ रहे हैं. रविवारको प्रधानमंत्री मोदी ने एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उप-मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। इसी बैठक में पीएम मोदी ने जातीय जनगणनाके फैसले की तारीफ की. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जातीय जनगणना उन वर्गों को मुख्यधारा में लाने की कवायद है, जो पीछे छूट गए हैं. उन्होंनेजोर देकर कहा कि उनकी सरकार जातिगत राजनीति में विश्वास नहीं करती, लेकिन पिछड़ों को सशक्त बनाना उनका उद्देश्य है. एनडीए के मुख्यमंत्रियोंऔर डिप्टी सीएम की इस बैठक में दो प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमें से एक में ऑपरेशन सिंदूर में सशस्त्र सेनाओं की बहादुरी और पीएम मोदी केनेतृत्व में मजबूत फैसले लेने की सराहना की गई तो दूसरे प्रस्ताव में अगली जनगणना के साथ ही जातीय जनगणना कराने के फैसले की तारीफ कीगई. कांग्रेस महासचिव और मीडिया प्रभारी जयराम रमेश ने पीएम मोदी के दो पुराने वीडियो साझा किए, जिनमें पीएम मोदी जातीय जनगणना कीविपक्ष की मांग की आलोचना करते दिखाई दिए. जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर की पोस्टजयराम रमेश ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि ’30 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बीच प्रधानमंत्री नेअचानक से जातीय जनगणना का एलान कर दिया. कल, जैसा कि उम्मीद थी प्रधानमंत्री ने एनडीए के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में जातीय जनगणनाका पूरा श्रेय ले लिया. जयराम रमेश ने दो वीडियो को साझा करते हुए लिखा कि ‘लेकिन जरा सुनिए पूर्व में प्रधानमंत्री ने क्या कहा- एक. 2 अक्तूबर2023 को, जब बिहार में जातीय सर्वे के नतीजे जारी किए गए थे और दूसरा. 28 अप्रैल 2024 को जब कांग्रेस ने जातीय जनगणना की मांग की थी. पहली वीडियो में प्रधानमंत्री कहते सुनाई दिए कि वे (विपक्ष) जाति के आधार पर समाज को बांटना चाहता है और अपने पापों को आगे भी जारीरखना चाहता है. दूसरी वीडियो में प्रधानमंत्री कहते सुनाई दे रहे हैं कि कांग्रेस का जातीय जनगणना की मांग करना शहरी नक्सलवाद की मानसिकताहै. केंद्र सरकार ने बीते महीने ही जातीय जनगणना कराने का एलान किया था जनगणना के साथ ही जातीय जनगणना भी कराई जाएगी. देश कीआजादी के बाद पहली बार होगा, जब जनगणना में जातिगत जानकारी को भी शामिल किया जाएगा. कांग्रेस पार्टी देशभर में जातीय जनगणना कीमांग उठा रही थी. बिहार, तेलंगाना और कर्नाटक जैसे राज्यों में विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने जातीय जनगणना को अपना प्रमुख मुद्दा बनायाथा और इसके चलते पार्टी को फायदा भी पहुंचा था.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न का उठाया मुद्दा, पाकिस्तान सरकार के वेतन पर करती थी काम जानें क्या है पूरा मामला

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने एक बार फिर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न का मुद्दा उठाया है सरमा ने दावाकिया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रिपुन बोरा ने माना है कि एलिजाबेथ वास्तव में पाकिस्तान सरकार के वेतन पर काम करती थी. अगर इस बात मेंसच्चाई है तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत ही चिंताजनक सवाल है. सरमा ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, कल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रिपुन बोरा नेएक चौंकाने वाली बात कबूली. उन्होंने माना कि सांसद गौरव गोगोई की ब्रिटिश पत्नी वास्तव में पाकिस्तान सरकार के वेतन पर काम करती थी. अगरयह सच है, तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत ही चिंताजनक सवाल है. मुख्यमंत्री ने कहा, एक शत्रु विदेशी राज्य से जुड़े व्यक्ति की निरंतर मौजूदगीभारत की संस्थाओं की अखंडता के लिए एक गंभीर और अस्वीकार्य खतरा है. हमें पहले इस चौंकाने वाली जानकारी के बारे में पता नहीं था। अब जबयह खुलासा हुआ है, तो मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता हम बोरा का बयान दर्ज करेंगे औरइस मामले में आगे की कार्रवाई करेंगे. भाजपा की आईटी सेल मुझ पर झूठे आरोप लगाती है- गौरव गोगोईइससे पहले लोकसभा क्षेत्र जोरहाट के मजुली में गौरव गोगोई ने ‘पाकिस्तान कनेक्शन’ के आरोप पर कहा था, ‘जब भाजपा की आईटी सेल मुझ परझूठे आरोप लगाती है, तो कोई हैरानी नहीं होती. लेकिन जब एक राज्य का मुख्यमंत्री कुछ कहता है, तो हम उम्मीद करते हैं कि वह अपने आरोपों कोसाबित भी करेगा मुख्यमंत्री और ट्रोल में कुछ तो फर्क होना चाहिए. मुख्यमंत्री सरमा और भाजपा लगातार यह आरोप लगाते रहे हैं कि कांग्रेस सांसदगोगोई और उनकी पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से संबंध है. सरमा ने यहां तक कहा था कि गोगोईआईएसआई के बुलावे पर पाकिस्तान गए थे, वहां ट्रेनिंग ली थी और वहां की सरकार से मिलकर काम किया था. गौरव गोगोई ने इन आरोपों को’बेबुनियाद, बेतुका और बकवास’ करार दिया. उन्होंने कहा कि उनका पाकिस्तान दौरा भारत सरकार की जानकारी में था और इसमें कुछ भी गुप्त नहींथा. गोगोई ने कहा,’पहले दिन से ही हम सबूत मांग रहे हैं. लेकिन मुख्यमंत्री की तरफ से कोई प्रमाण नहीं आया है. यही उनकी कमजोरी है अगर सबूतनहीं दिए गए, तो जनता का विश्वास भी उन पर से उठ जाएगा. जब मुख्यमंत्री के इस बयान पर गौरव गोगोई से सवाल किया गया कि ‘सारे सबूत 10 सितंबर तक जनता के सामने रखे जाएंगे’, तो कांग्रेस सांसद ने तंज करते हुए कहा, ‘क्या हम कोई फिल्म देख रहे हैं, जिसमें रिलीज डेट पहले से तयहोती है? यह ‘सिंघम 1’ या ‘सिंघम 2′ नहीं है।’ गौरव गोगोई ने यह भी कहा कि कांग्रेस मुख्यमंत्री सरमा की बातों को ज्यादा महत्व नहीं देती. उन्होंनेकहा, ‘हम उनके शब्दों को महत्व नहीं देते, हम जनता की बातों को महत्व देते हैं.
बिहार में इस साल की अंतिम तिमाही में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज, सभी दल एकसाथ आने को लेकर लगे प्रतिबद्धता जुटाने में

बिहार में इस साल की अंतिम तिमाही में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हैं. जहां सत्तासीन एनडीए में शामिल भारतीय जनतापार्टी (भाजपा), जनता दल यूनाइटेड (जदयू), लोकजनशक्ति पार्टी (लोजपा) समेत सभी दल एकसाथ आने को लेकर प्रतिबद्धता जता चुके हैं, वहींविपक्षी महागठबंधन में भी गठबंधन को लेकर बातचीत जारी है. कुछ समय पहले नई दिल्ली में राजद और कांग्रेस की आखिरी बैठक में लोकसभा मेंनेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से मुलाकात की। बताया जाता है कि इसबैठक में दोनों पार्टियों के बीच सीट साझा करने पर चर्चाएं हुईं, हालांकि कुछ भी ठोस नहीं कहा गया. तेजस्वी ने बैठक के बाद कहा कि बिहार में इसबार एनडीए की सरकार नहीं बनने जा रही. वहीं, सांसद मनोज झा ने कहा था कि विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंध पूरी तरह तैयार है. कुछ ऐसीही बैठक 5 मई को भी हुई है. पटना में हुई इस बैठक की अध्यक्षता तेजस्वी यादव ने की इस बैठक की खास बात यह रही कि तेजस्वी यादव नेमहागठबंधन का नाम लेने की जगह पूरे इंडिया गठबंधन को लोगों के बीच जाकर नीतीश सरकार की नाकामी बताने को कहा. इतना ही नहीं उन्होंने17 महीने तक चली जदयू-राजद सरकार की उपलब्धियों को अलग से गिनाने की बात कही. वहीं, कांग्रेस ने भी इंडिया गठबंधन दलों के साथ एकताबनाते हुए चुनाव की तैयारी का आह्वान किया. मजबूत पार्टी के तौर पर उभरी कांग्रेसआजादी के बाद से ही कांग्रेस सिर्फ देश ही नहीं बल्कि राज्यों में भी मजबूत पार्टी के तौर पर उभरी. बिहार में तो कांग्रेस के बेरोकटोक शासन काआलम यह था कि 1947 से लेकर 1967 तक कांग्रेस लगातार शासन में रही. इस दौरान पार्टी के श्रीकृष्ण सिन्हा लगातार 13 साल तक मुख्यमंत्रीपद पर रहे. हालांकि, 1961 में उनके निधन के बाद अगले छह साल में बिहार ने कांग्रेस के तीन और मुख्यमंत्री देखे. 1967 से 1968 का छोटा दौरछोड़ दें तो कांग्रेस 1977 तक बिहार पर राज करती रही 1977 ही वह साल था, जब जनता पार्टी का उदय हुआ और पहली बार कांग्रेस को कर्पूरीठाकुर के नेतृत्व से चुनौती मिली. हालांकि, इस दौर में भी अपनी तीखी राजनीति के जरिए कांग्रेस वापसी में कामयाब रही और मार्च 1990 तकशासन में सफल रही. जगन्नाथ मिश्र बिहार में कांग्रेस के आखिरी मुख्यमंत्री साबित हुए. उनके बाद न तो बिहार में कभी कांग्रेस अपना मुख्यमंत्री बनासकीऔर न ही कभी कांग्रेस अन्य दलों के मुकाबले ज्यादा सीटें हासिल कर पाई. बिहार में कांग्रेस के 1990 के चुनाव में हारने की सबसे बड़ी वजह1989 में भागलपुर में हुए दंगों को बताया जाता है. दंगे नें हुई सैकड़ो लोगों की मौतदरअसल, इस दंगे में सैकड़ों लोगों की मौत हुई थी बिहार में तब कांग्रेस की सरकार थी अपनी राजनीति को धार देने में लगे लालू प्रसाद यादव ने इनदंगों का इस्तेमाल कांग्रेस को घेरने के लिए शुरू किया. 1990 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर लालू यादव की जनता दल सत्ता में आई 1988 में अलग-अलग दलों के विलय से बना जनता दल 1990 में 324 सीटों में से 122 जीतने में सफल रहा. वहीं, कांग्रेस 71 सीटों पर सिमट गई। यहांतक कि भाजपा को इस चुनाव में 39 सीटें मिलीं. लालू ने मुख्यमंत्री बनने के बाद बिहार में मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू कर दिया औरअपनी राजनीतिक जमीन मजबूत कर ली. मुस्लिम और यादव उनके वोटबैंक का अहम हिस्सा बन गए लालू के इस कदम की काट कांग्रेस फिर नहीं ढूंढपाई और राज्य में चुनाव दर चुनाव लगातार यह वोट बैंक उससे दूर ही रहा. 1990 के बाद से हुए चुनावों की ही बात कर लें तो कांग्रेस के प्रदर्शन मेंलगातार गिरावट हुई और उसे सरकार बनाने का मौका तक नहीं मिला.
देश में बढंते जा रहे है कोरोना के मामले, नए 752 मामले आए है सामने “जानें कहां कितने नए मामले आए है सामने”

India Covid-19 Case: देश में कोरोना के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं बीते एक हफ्ते में देश में कोरोना के 752 नए मामले सामने आए हैं इसदौरान 305 लोगों ने कोरोना संक्रमण को मात दी. चिंता की बात यह है कि बीते सात दिनों में कोरोना से जान गंवाने वालों का आंकड़ा सात दर्ज कियागया है. मरने वालों महाराष्ट्र के चार, केरल के दो और कर्नाटक का एक शख्स शामिल है. नए मामलों की बात करें तो बीते एक हफ्ते में (19 मई केबाद) सबसे ज्यादा 335 मामले केरल, 153 महाराष्ट्र, 99 दिल्ली, 76 गुजरात और 34 कर्नाटक में आए हैं. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय केमुताबिक, 26 मई को सुबह 8:00 बजे देश में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 1009 है. कुल केसों की बात करें तो केरल में कोरोना के सबसेज्यादा 403 मामले दर्ज किए गए हैं. मुंबई में 209 और दिल्ली में अब तक 104 मामले दर्ज किए गए हैं इन शहरों के बाद आता है गुजरात का नंबरइन शहरों के बाद गुजरात का नंबर आता है, जहां 83 मामले दर्ज किए गए हैं. कर्नाटक में 47, उत्तर प्रदेश में 15 और पश्चिम बंगाल में 12 मामले दर्जकिए गए हैं केंद्र सरकार की एजेंसी इंडियन SARS-CoV-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (Insacog) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, नए कोरोनासंक्रमणों में वृद्धि के बीच दो नए वेरिएंट के मामले सामने आए हैं. पश्चिम बंगाल में चार और लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है. अब यहां सक्रियमामलों की संख्या 11 हो गई है स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सांस संबंधी समस्याओं वाले मरीजों का सरकारी और निजीअस्पतालों में इलाज चल रहा है. इनमें से ज्यादातर मामले कोलकाता और उसके उपनगरों से सामने आए हैं 19 मई तक बंगाल में कोरोना का सिर्फएक सक्रिय मामला था. बिहार में सोमवार को कोविड-19 की मौजूदा लहर का पहला मामला सामने आया. पटना के 31 वर्षीय एक व्यक्ति मेंसंक्रमण की पुष्टि हुई। निजी अस्पताल में इलाज करा रहे मरीज का हाल ही में राज्य से बाहर यात्रा करने का कोई इतिहास नहीं है.
बिहार में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सभी राजनीतिक दलों ने कसी कमर, लालू यादव चुनाव की तैयारियों केबीच अपने अहम मसले को लेकर उलझे जानें क्या है पूरा मामला

बिहार में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सभी राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है. हालांकि, राजद के मुखिया लालू प्रसादयादव चुनाव की इन तैयारियों के बीच अपने परिवार के एक अहम मसले को लेकर उलझे हुए हैं. यह मामला है उनके बड़े बेटे तेज प्रताप यादव कीओर से अपने एक नए रिश्ते के खुलासे को लेकर। वैसे तो तेज प्रताप का दावा है कि वे करीब 12 साल से रिलेशनशिप में हैं, लेकिन इस खुलासे नेलालू परिवार के साथ-साथ राष्ट्रीय जनता दल (राजद) तक में हलचल मचा दी है. दरअसल, शनिवार शाम तेज प्रताप यादव के सोशल मीडिया(फेसबुक) अकाउंट से एक पोस्ट वायरल हुआ था. इसमें तेज प्रताप एक लड़की के साथ दिख रहे थे इसमें लिखा गया था कि “मैं तेज प्रताप यादवऔर मेरे साथ इस तस्वीर में जो दिख रही हैं उनका नाम है हम दोनों पिछले 12 सालों से एक दूसरे को जानते हैं और प्यार भी करते हैं। हमलोग पिछले12 सालों से एक रिलेशनशिप में रह रहे हैं. मैं बहुत दिनों से आपलोगों से यह बात कहना चाहता था पर समझ नहीं आ रहा था कैसे कहूं….? पोस्ट के माध्यम से रखी अपनी बातइसलिए आज इस पोस्ट के माध्यम से अपने दिल का बात आप सब के बीच रख रहा हूं! आशा करता हू आपलोग मेरी बातों समझेंगे. यह पोस्ट देखतेही देखते वायरल हो गई. सोशल मीडिया पर लोग इस पोस्ट को खूब शेयर करने लगे हालांकि, यह पोस्ट तेज प्रताप यादव के अकाउंट से डिलीट करदिया गया. लेकिन, सियासी गलियारे से लेकर आम युवाओं के बीच यह चर्चा का विषय बन गया. तेज प्रताप के इस पोस्ट के वायरल होने के कुछघंटों बाद ही उन्होंने एक्स पर अपने सोशल मीडिया अकाउंट हैक होने की जानकारी दी. उन्होंने कहा, “मेरे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म को हैक एवं मेरीतस्वीरों को गलत तरीके से एडिट कर मुझे और मेरे परिवार वालों को परेशान और बदनाम किया जा रहा है. मैं अपने शुभचिंतको और फॉलोवर्स सेअपील करता हूं कि वे सतर्क रहें और किसी भी अफ़वाह पर ध्यान न दें. तेज प्रताप के पिता और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने इसके बाद एक्सपर एक पोस्ट कर तेजप्रताप को पार्टी से निकाले जाने की जानकारी दी.लालू यादव ने बताई नैतिक मूल्यों की अवेहलनालालू ने कहा, “निजी जीवन में नैतिक मूल्यों की अवहेलना करना हमारे सामाजिक न्याय के लिए सामूहिक संघर्ष को कमजोर करता है. ज्येष्ठ पुत्र कीगतिविधि, लोक आचरण तथा गैर जिम्मेदाराना व्यवहार हमारे पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों के अनुरूप नहीं है. अतएव उपरोक्त परिस्थितियों केचलते उसे पार्टी और परिवार से दूर करता हूं अब से पार्टी और परिवार में उसकी किसी भी प्रकार की कोई भूमिका नहीं रहेगी. उसे पार्टी से छह साल केलिए निष्कासित किया जाता है. लालू के अलावा उनकी बेटी और तेज प्रताप की बहन रोहिणी आचार्य ने भी इससे जुड़ा एक पोस्ट किया. अपने पितालालू प्रसाद यादव के पोस्ट को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, “जो परिवेश, परंपरा, परिवार और परवरिश की मर्यादा का ख्याल रखते हैं उन पर कभीसवाल नहीं उठते हैं, जो अपना विवेक त्याग कर मर्यादित आचरण व् परिवार की प्रतिष्ठा की सीमा को बारम्बार लांघने की गलती-धृष्टता करते हैं, वोखुद को आलोचना का पात्र खुद ही बनाते हैं. हमारे लिए पापा देवतुल्य हैं, परिवार हमारा मंदिर व् गौरव और पापा के अथक प्रयासों – संघर्षों से खड़ीकी गयी पार्टी व सामाजिक न्याय की अवधारणा हमारी पूजा इन तीनों की प्रतिष्ठा पर किसी की वजह से कोई आंच आए ये हमें कदापि स्वीकार्य नहीं.
सीमापार आतंकवाद के मुद्दे पर आज संसदीय समिति की हुई बैठक, सरकार ने सीमापार आतंकवाद को लेकर साझा की अपनी रणनीति

सीमापार आतंकवाद के मुद्दे पर आज संसदीय समिति की बैठक हुई. इस बैठक में सरकार ने सीमापार आतंकवाद को लेकर अपनी रणनीति साझा की, जिसमें कूटनीतिक पहल और अन्य कोशिशों की पूरी जानकारी दी. सरकार ने संसद की सलाहकार समिति के साथ बैठक में बताया कि पाकिस्तान मेंस्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जो आतंकवाद का केंद्र थे। इससे पाकिस्तानी सेना के मनोबल पर चोट लगी है क्योंकि वह आतंकीशिविरों की रक्षा नहीं कर सकी. सरकार ने बताया कि आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में भारत को वैश्विक स्तर पर समर्थन मिला है वहीं पाकिस्तानको तीन देशों को छोड़कर- तुर्किये, अजरबैजान और चीन को छोड़कर किसी का समर्थन नहीं मिला। बैठक में कांग्रेस ने विदेश मंत्री द्वारा पाकिस्तान कोकथित तौर पर हमले की सूचना दिए जाने के विवाद को उठाया. सरकार ने किया था स्पष्टजिस पर सरकार ने स्पष्ट किया कि ‘भारत और पाकिस्तान के बीच डीजीएमओ स्तर के अलावा किसी भी तरह की कोई बातचीत नहीं हुई, और वह भीहमलों के बाद ही हुई थी. पहले आतंकी ठिकानों पर हमला हुआ, फिर PIB ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की। इसके बाद भारत के डीजीएमओ नेपाकिस्तानी डीजीएमओ से संपर्क किया. विदेश मंत्री ने कांग्रेस द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को बेईमानी और घटनाओं का गलत चित्रणबताया. सिंधु जल समझौते को लेकर संसदीय समिति ने सरकार से पूछा कि क्या वह सिंधु जल समझौते का स्थगन बरकरार रखेगी या सिर्फ सरकार नेप्रतीकात्मक तौर पर यह कदम उठाया है. इस पर सरकार ने कहा कि फिलहाल सिंधु जल समझौता स्थगित है और भविष्य में जो भी कदम उठायाजाएगा, उसके बारे में संसद को जानकारी दे दी जाएगी. विदेश मंत्रालय ने संसदीय समिति से राष्ट्रीय एकता बनाए रखने की अपील की और बतायाकि इसी के तहत सर्वदलीय सांसदों के प्रतिनिधिमंडल विभिन्न देशों के दौरे पर भेजे गए हैं. बैठक में सांसदों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावेको लेकर सवाल किया, जिस पर सरकार ने बताया कि अमेरिका और अन्य देशों ने भारत को पाकिस्तान के साथ बातचीत की सलाह दी थी, लेकिनउन्हें बता दिया गया कि आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकतीं.
रुस ने बीती रात यूक्रेन पर किया हमला, इससे पहले रुसी कमांडर ने किया था दावा

रूस ने बीती रात यूक्रेन पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, करीब 355 ड्रोन और नौ क्रूज मिसाइल रूसकी तरफ से कीव और अन्य क्षेत्रों में दागे गए. इस रूसी हमले की जानकारी देते हुए यूक्रेनी वायु सेना के संचार विभाग के प्रमुख यूरी इहनात ने बतायाकि रूसी बमबारी में 355 ड्रोन शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि कुछ नागरिक घायल हुए हैं किसी की मौत की तत्काल सूचना नहीं मिली. वहींइससे पहले शनिवार की रात को, यूक्रेनी राजधानी कीव और अन्य क्षेत्रों में रूस के ड्रोन और मिसाइलों के संयुक्त हमले में कम से कम 12 लोग मारेगए और दर्जनों घायल हो गए. यूक्रेनी अधिकारियों ने इसे युद्ध के दौरान रूस का सबसे बड़ा हवाई हमला बताया फिलहाल रूसी अधिकारियों की ओरसे इस हमले पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई. इससे पहले रुसी कमांडर ने किया था दावाइससे पहले रूसी सेना के कमांडर ने दावा किया है कि 20 मई को रूस के कुर्स्क क्षेत्र के दौरे के समय यूक्रेन ने रूसी राष्ट्रपति के हेलीकॉप्टर पर ड्रोनहमला किया. उस दौरान राष्ट्रपति पुतिन का हेलीकॉप्टर ही हमले के केंद्र में था रूसी सेना की एयर डिफेंस डिवीजन के कमांडर यूरी दाशकिन ने यहदावा किया है दाशकिन ने रूसी मीडिया से बातचीत में बताया कि ‘राष्ट्रपति पुतिन के हेलीकॉप्टर की सुरक्षा के लिए हमने लगातार हवाई सुरक्षा कीलड़ाई लड़ी. यूक्रेन के ड्रोन हमले का निशाना राष्ट्रपति का हेलीकॉप्टर ही था’ कमांडर ने दावा किया कि राष्ट्रपति पुतिन के हेलीकॉप्टर पर 46 ड्रोन सेहमला किया गया.
पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार हरियाणा की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा का एक और वीडियो आया सामने, जानें क्या है पूरा मामला

पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार हरियाणा की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा का एक और वीडियो सामने आया है. इसमें वह लाहौर केअनारकली बाजार में घूमते समय छह एक-47 राइफल से लैस सुरक्षाकर्मियों से घिरी हुई नजर आ रही हैं इसी दौरान स्कॉटलैंड के एक यूट्यूबर कैलममिल भी पाकिस्तान में ही थे सुरक्षाकर्मियों के बीच घिरा देख कैलम ने पूछा कि इतनी सुरक्षा की जरूरत क्यों पड़ी? कैलम मिल का यूट्यूब चैनल’कैलम अब्रोड’ है वह मार्च में पाकिस्तान गए थे। अनारकली बाजार में शूट किए गए उनके वीडियो में कई बंदूकधारी लोग दिख रहे हैं, जिनकी जैकेटपर ‘नो फियर’ लिखा हुआ है उसी वीडियो में ज्योति मल्होत्रा भी दिखती हैं जो खुद भी वीडियो बना रही होती हैं कैलम खुद को स्कॉटिश यूट्यूबरबताते हैं। ज्योति पूछती हैं कि क्या यह उनकी पहली पाकिस्तान यात्रा है कैलम जवाब देते हैं- नहीं, यह पांचवी बार है फिर ज्योति पूछती हैं कि क्यावे भारत भी गए हैं और खुद को भारतीय कहकर पहचान देती हैं . जब कैलम पूछते हैं कि पाकिस्तान की मेहमाननवाजी कैसी लगी, तो ज्योति कहतीहैं- बहुत अच्छी है. कैलम ने दी जानकारीदरअसल जैसे ही वे आगे बढ़ते हैं, कैलम महसूस करते हैं कि बंदूकधारी लोग ज्योति के ही साथ हैं फिर कैलम कहते हैं, ‘यह वही हैं जिनके साथ सारेसुरक्षाकर्मी हैं मुझे समझ नहीं आता इतनी बंदूकों की क्या जरूरत है देखो, छह बंदूकधारी उसके आसपास चल रहे हैं वीडियो में कुछ और लोग भीदिखते हैं जो पर्यटकों जैसे लग रहे हैं और वे भी ज्योति के साथ हैं. इस वीडियो को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि जब स्कॉटलैंड का यूट्यूबर अकेले घूमरहे थे, तो ज्योति मल्होत्रा के साथ इतनी सुरक्षा क्यों थी? वे कौन लोग थे जो ज्योति के साथ घूम रहे थे? बंदूकधारी वर्दी में नहीं थे. हालांकि, वे सादेकपड़ों में सुरक्षा हो सकते हैं. यह वीडियो शक को और बढ़ा रहा है कि ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान में इतना वीआईपी ट्रीटमेंट क्यों दिया गया. खबरों के मुताबिक, वह वहां हाई-प्रोफाइल पार्टियों में शामिल हुईं, जहां वह कथित तौर पर पाकिस्तान के सुरक्षा और खुफिया अधिकारियों से मिली. पुलिस का कहना है कि वह भारत लौटने के बाद भी उनके संपर्क में रही. पुलिस अभी ज्योति डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है, ताकि यह पतालगाया जा सके कि उसने पाकिस्तान को क्या जानकारी दी . इसके अलावा, ज्योति की वित्तीय स्थिति भी जांच के दायरे में है पुलिस ने पाया है किउनकी जीवनशैली उनकी आमदनी से मेल नहीं खाती है. वह हमेशा फर्स्ट क्लास में सफर करती थीं, महंगे होटलों में ठहरती थीं और लग्जरी रेस्तरां मेंखाना खाती थीं.
भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद बोले भारत चाहता है शांति और सौहार्द, फ्रांस भारत का बेहद भरोसेमंद साथी

भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि भारत शांति और सौहार्द चाहता है, लेकिन निर्दोष भारतीयों की कीमत पर नहीं और जहां तक बर्बर राज्यप्रायोजित आतंकवाद का सवाल है, दुनिया को एक स्वर में बोलना चाहिए. यह बात उन्होंने पेरिस में अपने नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के छहदेशों के यूरोप दौरे की शुरुआत के अवसर पर कही है. बता दें कि, ये नौ सदस्यीय दल फ्रांस में अपनी यात्रा के पहले चरण में सीनेट और नेशनलअसेंबली के सदस्यों, थिंक टैंक और प्रवासी भारतीयों के एक समूह से मुलाकात करेगा. विदेश मामलों के क्षेत्र में फ्रांसीसी सांसदों के साथ भी बैठकेंनिर्धारित हैं, क्योंकि प्रतिनिधिमंडल पहलगाम में हुए क्रूर आतंकवादी हमलों के मद्देनजर आतंकवाद पर भारत के शून्य-सहिष्णुता के रुख कोदोहराएगा. इन बैठकों से पहले रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘हमारा पूरा ध्यान बहुत स्पष्ट है भारत शांति और सौहार्द चाहता है, लेकिन हमारे निर्दोषभारतीयों के जीवन की कीमत पर नहीं. आतंकवाद एक वैश्विक खतरा है, एक वैश्विक कैंसर है. फ्रांस भारत का बेहद भरोसेमंद साथीइस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री एम. जे. अकबर ने कहा कि ‘प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई का अगुआ बन चुकाहै. जब यह आतंकवाद परमाणु हथियारों से लैस सैन्य राष्ट्र से आता है, तब यह पूरी दुनिया के लिए गंभीर खतरा बन जाता है. वहीं पूर्व उप राष्ट्रीयसुरक्षा सलाहकार पंकज सरन ने भारत-फ्रांस के मजबूत रिश्तों की सराहना की. उन्होंने कहा, ‘सुरक्षा, रक्षा और खुफिया जानकारी के क्षेत्र में फ्रांस भारतका बेहद भरोसेमंद साथी है. इस प्रतिनिधिमंडल में भाजपा, कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव गुट) सहित कई दलों के नेता शामिल हैं. जिसमें दग्गुबातीपुरंदेश्वरी, प्रियंका चतुर्वेदी, गुलाम अली खताना, डॉ. अमर सिंह, सामिक भट्टाचार्य, एम. थम्बीदुरई, एम. जे. अकबर (पूर्व मंत्री), पंकज सरन (पूर्वडिप्टी NSA).फ्रांस के बाद यह दल ब्रिटेन, जर्मनी, यूरोपीय संघ, इटली और डेनमार्क का दौरा करेगा. यह भारत की कूटनीतिक पहल का हिस्सा हैजिसके तहत सात अलग-अलग दल 33 देशों की राजधानियों में जाकर पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क और भारत की कड़ी नीति को उजागर करेंगे.