ट्रंप से डरते हैं मोदी, लेकिन बनना चाहते हैं ‘विश्वगुरु’ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का तीखा हमला

कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी खुद को ‘विश्वगुरु’ कहलवाना चाहते हैं, लेकिन जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 17 बार यह दावा किया कि उन्होंने हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच युद्धरुकवाया, तब भी प्रधानमंत्री मोदी एक बार भी इसका खंडन नहीं कर पाए। खड़गे ने तंज कसते हुए कहा – नरेंद्र मोदी ट्रंप से डरते हैं, लेकिन ‘अबकीबार ट्रंप सरकार’ जैसे नारे लगाकर उनके प्रचारक बन जाते हैं। जिसने कुछ किया नहीं, वो बनना चाहता है हीरो – कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मोदी जिस शख्स के सामने मौन साध लेते हैं, वही शख्स दुनिया केसामने खुद को महान बना लेता है। उन्होंने सवाल उठाया कि–जिसके अंदर इतने अवगुण हैं, वो भी हीरो बनने की होड़ में है। RSS ने कभी नहीं माना संविधान -श्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने संविधान के प्रति भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की नीयत पर भीसवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने न देश की आज़ादी के संघर्ष में भाग लिया और न ही संविधान निर्माण में कोई योगदान दिया, आज वहीलोग संविधान की रक्षा की बात कर रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया RSS ने रामलीला मैदान में संविधान की प्रतियां जलाई थीं। उन्होंने नेहरू, गांधी औरबाबा साहेब अंबेडकर का पुतला फूंका था। उनका कहना था कि इस संविधान में मनुस्मृति के तत्व नहीं हैं, इसलिए वे इसे नहीं मानते. ‘संविधान बचाओ आंदोलन’ से घबराई BJP – कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि जब राहुल गांधी देशभर में संविधान की रक्षा को लेकर यात्रा निकालरहे हैं और लोगों में जागरूकता बढ़ रही है, तब भाजपा ‘आपातकाल’ की बातें दोहराकर लोगों का ध्यान असल मुद्दों से भटका रही है। उन्होंने आरोपलगाया कि ये सरकार नाकाम हो चुकी है। महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट से जूझ रहे देश में आज सिर्फ कुछ उद्योगपतियों को फायदापहुंचाया जा रहा है। यह है ‘Undeclared Emergency’ – मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी सरकार को एक अघोषितआपातकाल(Undeclared Emergency) बतातेहुए कहा कि जिस देश में आम आदमी की आवाज़ को दबाया जाए, संविधान को कमजोर किया जाए और केवल कुछ अमीरों के लिए ही व्यवस्थाचलाई जाए – वो लोकतंत्र नहीं बल्कि छिपी हुई तानाशाही है। मोदी सरकार अपनी नाकामी छिपा रही है – खड़गे ने कहा कि मोदी सरकार अपनी नाकामी और कमजोरी छुपाने के लिए जनता का ध्यान भटकाने मेंलगी हुई है। उन्होंने कहा जब राहुल गांधी देश को संविधान की ताकत समझा रहे हैं, तब मोदी जी देश को ‘ड्रामा’ दिखा रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमल्लिकार्जुन खड़गे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश को संविधान बचाने की लड़ाई की ज़रूरत है और कांग्रेस इस जिम्मेदारी को निभा रही है। वहीं, भाजपा और नरेंद्र मोदी सरकार अपनी असफलता छिपाने के लिए केवल दिखावटी मुद्दों को हवा दे रही है।
दिल्ली सरकार का ऐतिहासिक कदम व्यापारियों के लिए बना दिल्ली व्यापारी कल्याण बोर्ड-मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

दिल्ली के व्यापारिक वर्ग के लिए एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी पहल करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने “दिल्ली व्यापारी कल्याण बोर्ड” के गठनकी घोषणा की है। सरकार के मात्र चार महीने के कार्यकाल में यह बड़ा और दूरदर्शी कदम, सरकार की व्यापारियों के प्रति प्रतिबद्धता औरसंवेदनशीलता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रेस वार्ता में कहा, यह बोर्ड दिल्ली के व्यापारियों की आवाज़ बनेगा। अब तक ऐसा कोई मंचनहीं था जहाँ व्यापारी वर्ग संगठित होकर अपनी समस्याएं रख सके। हम उन्हें अब एक सशक्त मंच दे रहे हैं। क्या है दिल्ली व्यापारी कल्याण बोर्ड? – यह बोर्ड एक वैधानिक निकाय होगा, जिसे सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के तहत पंजीकृत कियाजाएगा। इसका गठन व्यापारिक हितों की रक्षा, कल्याण योजनाओं का संचालन और समस्याओं के समाधान के लिए किया गया है। मुख्यमंत्री नेबताया कि यह सिर्फ एक राजनीतिक घोषणा नहीं, बल्कि एक व्यावहारिक और स्थायी ढांचा है, जो दिल्ली के लाखों व्यापारियों के जीवन को बेहतरबनाएगा। फंडिंग और कार्ययोजना- रेखा गुप्ता ने जानकारी दी कि दिल्ली सरकार ने इस बोर्ड के लिए पहले ही ₹10 करोड़ का ट्रेडर्स वेलफेयर फंड बजट मेंनिर्धारित कर दिया है। यह राशि निम्नलिखित कार्यों में उपयोग की जाएगी. व्यापारियों के लिए कल्याणकारी योजनाएं (Welfare Schemes) –मेंटॉरशिप प्रोग्राम्स और कौशल विकास, व्यापारिक सहायता पोर्टल का निर्माण, ग्राउंड-लेवल समस्याओं का समाधान यह फंड सिर्फ कागज़ों में नहींरहेगा, बल्कि ज़मीन पर दिखेगा — इससे योजनाएं चलेंगी, समाधान निकलेगा और व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा, – रेखा गुप्ता ईज़ ऑफ डूइंगबिज़नेस की दिशा में एक और कदम – मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार “Ease of Doing Business” को लेकर गंभीर है और अबSingle Window System की दिशा में तेज़ी से कार्य हो रहा है। हम दिल्ली में व्यापार करना आसान बनाएंगे — कम फॉर्म, कम चक्कर, ज़्यादा सहूलियत, उन्होंने जोड़ा। राजनीति नहीं, प्रतिबद्धता की मिसाल – मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि यह कोई चुनावी वादा या राजनीतिक नौटंकी नहीं है, बल्कि यह सरकारकी संवेदनशीलता और व्यापारिक समुदाय के योगदान को सम्मान देने का प्रयास है। दिल्ली व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन के साथ ही राजधानी के व्यापारियों को एक सशक्त मंच और संरचना मिल गई है, जो वर्षों से उनकी मांग रहीहै। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के इस फैसले को व्यापारिक जगत ने बेहद सकारात्मक कदम बताया है। यह पहल न केवल व्यापारियों को मजबूती देगी, बल्कि दिल्ली की आर्थिक रीढ़ को और मज़बूत करेगी।
अंतरिक्ष में नई उड़ान ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने रचा इतिहास, माता-पिता की आंखों में गर्व के आंसू

वायुसेना के ग्रुप कैप्टन व भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के माता-पिता अपने बेटे की उपलब्धि पर भावुक हो गए. वो कानपुर रोड स्थितसीएमएस के एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे शुभांशु 41 वर्ष पहले लगातार आठ दिन पृथ्वी के चक्कर लगाने वाले राकेश शर्मा के बादअंतरिक्ष में रवाना होने वाले दूसरे भारतीय बने. एक्सिओम-4 मिशन ने अंतरिक्ष के लिए उड़ान भर दी है लॉन्चिंग के दौरान शुभांशु के माता-पिता कीआंखों में आंसू थे. उन्होंने कहा कि पूरे देश को उन पर नाज है इस मौके पर एसआईए इंडिया के अध्यक्ष डॉ. सुब्बा राव पावुलुरी ने कहा, ‘हमारे अंतरिक्षयात्री शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष में जा रहे हैं यह भारत के लिए एक महान दिन है. एक्सिओम मिशन का हिस्सा रहे भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टनसुभांशु शुक्ला के बारे में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि आज अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखा जाएगा मैं उन्हेंऔर उनके पूरे परिवार को बधाई देता हूं. सभी के लिए है गर्व का क्षणग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की मां आशा शुक्ला ने कहा कि यह हमारे और सभी के लिए गर्व का क्षण है जगह-जगह पोस्टर लगाए जा रहे हैं सभी कोखुशी है कि इस देश का इस त्रिवेणी नगर का एक लड़का इतनी ऊंचाई पर पहुंचने जा रहा है. हम उसे अपनी शुभकामनाएं और आशीर्वाद भेज रहे हैंउसे हमारी बहू का पूरा समर्थन है उसके बिना यह संभव नहीं हो सकता था उसने यहां सबसे बड़ी भूमिका निभाई है. ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के पिताशंभू दयाल शुक्ला ने कहा कि उसका मिशन दोपहर 12 बजे के आसपास लॉन्च होने वाला है। हम उसके मिशन के लॉन्च को देखने के लिए बहुतउत्सुक हैं. हम बहुत खुश हैं हमारा आशीर्वाद उसके साथ है और हम भगवान से भी प्रार्थना करते हैं कि उसका मिशन अच्छे से पूरा हो. वह पूरी तरह सेतैयार है उसके लिए लगाए गए सभी पोस्टर देखकर बहुत अच्छा लग रहा है वह लखनऊ, राज्य और हमारे देश का नाम रोशन कर रहा है हमें उस परगर्व है.
तानाशाही के खिलाफ संघर्ष की दास्तान लॉन्च हुई ‘द इमरजेंसी डायरीज’, पीएम मोदी ने साझा किए अनुभव

Dellhi News: देश के लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला माने जाने वाले आपातकाल के दौर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न केवल अपने जीवन का बड़ासबक बताया. बल्कि इसे लोकतंत्र की ताकत समझने का अहम मौका भी करार दिया. आपातकाल के अनुभवों पर आधारित पुस्तक ‘द इमरजेंसीडायरीज’ बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथों लॉन्च होने जा रही है.प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा कि यह किताब उनके आपातकालके दिनों की यात्रा को समेटे हुए है. इसे पढ़कर 1975 से 1977 तक के काले दिनों की यादें ताजा हो गईं. उन्होंने देशवासियों से अपील की कि जोलोग उस दौर को याद करते हैं या जिनके परिवार उस समय अत्याचार के शिकार हुए वे सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा करें. असलियत समझने का मिला मौकाइससे आज की युवा पीढ़ी को आपातकाल की असलियत समझने का मौका मिलेगा.पीएम मोदी ने कहा कि वह उस समय एक युवा आरएसएसप्रचारक थे और आपातकाल के खिलाफ चले आंदोलन ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया. इस आंदोलन ने लोकतांत्रिक व्यवस्था को बचाने की अहमियतसमझाई. मोदी ने कहा कि इस दौरान उन्होंने विभिन्न राजनीतिक विचारधारा वाले लोगों से मिलकर बहुत कुछ सीखा. यह अनुभव आज उनके नेतृत्व मेंझलकता है. ब्लूक्राफ्ट डिजिटल फाउंडेशन द्वारा प्रकाशित इस किताब की भूमिका पूर्व प्रधानमंत्री और आपातकाल विरोधी आंदोलन के दिग्गज नेताएचडी देवगौड़ा ने लिखी है. पीएम मोदी ने इसके लिए उन्हें धन्यवाद देते हुए कहा कि यह किताब न सिर्फ उनके व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करती हैबल्कि लोकतंत्र की रक्षा के संघर्ष की भी दास्तान है. तानाशाही के खिलाफ झोंकी पूरी ताकतब्लूक्राफ्ट ने बताया कि यह किताब उन लोगों की सच्ची कहानियों पर आधारित है जिन्होंने उस समय युवा नरेंद्र मोदी के साथ काम किया. इसमें उनarchival दस्तावेजों और अनुभवों को शामिल किया गया है जो दिखाते हैं कि कैसे एक युवा नेता ने तानाशाही के खिलाफ अपनी पूरी ताकत झोंकदी. किताब बताती है कि नरेंद्र मोदी के राजनीतिक और वैचारिक गठन की नींव उन्हीं संघर्षों में पड़ी। ब्लूक्राफ्ट ने कहा कि ‘द इमरजेंसी डायरीज’ उनतमाम साहसी लोगों को समर्पित है, जिन्होंने आपातकाल के दौर में तानाशाही के आगे झुकने से इनकार कर दिया. यह किताब लोकतंत्र की रक्षा केलिए दिए गए संघर्ष की प्रेरणा है और नरेंद्र मोदी जैसे नेताओं के शुरुआती दिनों की झलक पेश करती है. जिन्होंने लोकतंत्र की मजबूती के लिए अपनाजीवन समर्पित किया.
रेखा गुप्ता और मनोहर लाल ने किया ‘आपातकाल प्रदर्शनी’ का उद्घाटन,भाजपा कर रही है “देशभर में संविधान हत्या दिवस का आयोजन”

Dellhi Latest News: देश में आपातकाल 25 जून 1975 को लगा था जिसके 50 वर्ष पूरे होने के मौके पर बुधवार को भाजपा देशभर मेंसंविधान हत्या दिवस का आयोजन कर रही है. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने सेंट्रल पार्क में 1975 आपातकाल परएक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया. आपातकाल के 50 साल पूरे होने पर भाजपा संविधान हत्या दिवस मना रही है. इस मौके पर भाजपा के राष्ट्रीयअध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी कांग्रेस पर तंज कसा है. नड्डा ने कहा कि 25 जून 1975 की आधी रात को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आंतरिकअशांति का बहाना बनाकर भारत पर आपातकाल थोपा और देश के संविधान की हत्या कर दी थी. नीयत आज भी तानाशाही वाली50 वर्ष बाद भी कांग्रेस उसी मानसिकता के साथ चल रही है. उसकी नीयत आज भी तानाशाही वाली है. भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस कामानना है कि देश पर शासन करने का अधिकार केवल एक परिवार को है. कांग्रेस अभी भी नरेंद्र मोदी जैसे साधारण पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति कोप्रधानमंत्री बनाने के विचार को स्वीकार नहीं कर पा रही है.जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्षी पार्टी ने अभी तक आपातकाल के लिए माफी नहीं मांगी है. आपातकाल जून 1975 से मार्च 1977 के बीच का 21 महीने का काल था. जिसके दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने विपक्षी नेताओं कोजेल में डाल दिया था प्रेस पर सेंसरशिप लगा दी थी और नागरिक स्वतंत्रता को निलंबित कर दिया था. आज से ठीक 50 साल पहले 25 जून 1975 की रात को देश में आपातकाल लगाया गया था.इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने आज देशभर में ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में कार्यक्रमआयोजित किए.दिल्ली के सेंट्रल पार्क, कनॉट प्लेस में एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन किया मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता औरकेंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने.
लीड्स में भारत को 5 विकेट से हार, शुभमन गिल ने बताई टीम की कमजोरियाँ

भारत को लीड्स में खेले गए पहले टेस्ट में इंग्लैंड से पांच विकेट से शिकस्त झेलनी पड़ी. 371 रन के लक्ष्य को इंग्लिश टीम बेन डकेट के शतक औरजैक क्राउली और जो रूट के अर्धशतक के दम पर पांच विकेट गंवाकर हासिल कर लिया.मैच के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने हार का ठीकराअपने खिलाड़ियों पर फोड़ा. पहले तो गिल ने अपने खिलाड़ियों की तारीफ की लेकिन जैसे-जैसे आगे उनसे सवाल पूछे गए, वह गलतियां गिनाते गए. भारतीय कप्तान ने ऋषभ पंत समेत कैच छोड़ने वाले खिलाड़ियों को लपेटे में लिया. हालांकि उन्होंने अपने गेंदबाजों की तारीफ की उन्होंने रवींद्र जडेजाकी सबसे ज्यादा तारीफ की. भारत के निचले क्रम में बल्लेबाजीमैच के बाद प्रजेंटेशन सेरेमनी में गिल ने कहा मुझे लगता है कि यह शानदार टेस्ट मैच था. हमारे पास मौके थे हमने कैच छोड़े और हमारे निचले क्रम नेपर्याप्त योगदान नहीं दिया. लेकिन टीम पर गर्व है और कुल मिलाकर एक अच्छा प्रयास है. चौथे दिन हम सोच रहे थे कि हम लगभग 430 प्राप्त करनेजा रहे हैं और पारी की घोषणा करेंगे. दुर्भाग्य से हमारे आखिरी छह विकेट केवल 20-25 रन के आसपास गिर गए जो कभी भी अच्छा संकेत नहीं है. इंग्लैंड को जब दूसरी पारी में अच्छी ओपनिंग मिली. तब भी मुझे लगा कि हमारे पास मौका है लेकिन इस मैच का नतीजा हमारे पक्ष में नहीं गया. भारत के निचले क्रम के बल्लेबाज इस मैच की दोनों पारियों में फेल रहे। इस पर गिल ने कहा’यह कुछ ऐसा था जिसके बारे में हमने बात की थी. लेकिन जब आप मैच के बीच में होते हैं तो यह बहुत जल्दी होता है और सोचना या बात करने का समय नहीं मिलता. आगामी मैचों में करना होगा सुधारमुझे लगता है कि यह उन चीजों में से एक होगी जिन्हें हमें आगामी मैचों में सुधारना होगा. हां निश्चित तौर पर मौके आसानी से नहीं मिलते विशेषकरइस तरह के विकेटों पर और हमने कुछ कैच छोड़े लेकिन मुझे लगता है कि हमारी टीम युवा है और हमें अब भी सीखने वाली टीम मिली है और उम्मीदहै कि अगले मैचों में हम इन पहलुओं में सुधार करने में सफल रहेंगे.यह पूछे जाने पर कि क्या वे कुछ अलग कर सकते थे? गिल ने कहा, ‘मुझे नहींलगता है. मुझे लगता है कि पहले सत्र में हमने जो गेंदबाजी की थी हम काफी सही थे हमने बहुत अच्छी गेंदबाजी की इतने रन नहीं दिए. लेकिन आपजानते हैं कि एक बार गेंद पुरानी हो जाने के बाद रन को रोकना बहुत मुश्किल होता है और आपको खेल में बने रहने के लिए विकेट लेते रहना होता है. दुर्भाग्य से जिन गेंदों ने बल्ले का किनारा लिया या तो वो फील्डर तक नहीं पहुंच सके, या फिर छूट गए और हमारे पक्ष में नहीं गए. लेकिन मुझे लगताहै कि गेंद पुरानी होने के बाद इंग्लैंड ने सच में अच्छी बल्लेबाजी की. उन्होंने अपने मौके लिए और उनकी शुरुआती साझेदारी ने खेल को हमसे दूर करदिया.
संविधान हत्या दिवस पर सियासी संग्राम, कांग्रेस बोली नफरत, डर और दमन का दौर जारी “जानें क्या है पूरा मामला”

कांग्रेस ने बुधवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि बीते 11 वर्षों से देश में अघोषित आपातकाल लागू है. भारतीयलोकतंत्र पर व्यवस्थागत और खतरनाक तरीके से पांच गुना ज्यादा हमला किया जा रहा है. जिसे अघोषित आपातकाल कहना सही होगा कांग्रेस नेदावा किया कि देश में बेलगाम नफरती भाषण दिए जा रहे हैं और नागरिक अधिकारों का दमन किया जा रहा है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश नेएक बयान जारी कर कहा कि ‘सरकार के आलोचकों को बदनाम किया जा रहा है। सत्ता में बैठे लोगों द्वारा नफरत और कट्टरता फैलाई जा रही है. प्रदर्शन करने वाले किसानों को खालिस्तानी करार दिया जा रहा है और जाति जनगणना की मांग करने वालों को शहरी नक्सली बताया जा रहा है. जयराम रमेश ने कहा कि ‘महात्मा गांधी के हत्यारों का महिमामंडन किया जा रहा है. हाशिए पर पड़े वर्गों पर साधा जा रहा है निशानाअल्पसंख्यक डर में जी रहे हैं दलित और अन्य हाशिए पर पड़े वर्गों पर निशाना साधा जा रहा है मंत्री नफरती भाषण दे रहे हैं और उसके बदले उन्हेंपुरस्कृत किया जा रहा है.कांग्रेस का यह बयान ऐसे समय आया है. जब केंद्र सरकार ‘संविधान हत्या दिवस’ मना रही है आज देश में आपातकाल लागूहुए पूरे 50 साल बीत गए हैं. इंदिरा गांधी ने साल 1975 में देश में आपातकाल लगाया था भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, ‘कांग्रेसपार्टी ने देश में आपातकाल लगाने के लिए आधिकारिक तौर पर माफी नहीं मांगी है. अगर तानाशाह गांधी-वाड्रा परिवार में जरा भी लोकतांत्रिक मूल्यबचा है तो उन्हें 50 साल पहले आपातकाल लगाने के लिए देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए. गांधी-वाड्रा परिवार ने इस देश के संविधान कीहत्या की लोकतंत्र को खत्म किया और बुनियादी अधिकारों को छीना. यह सब अपनी सत्ता को बचाने के लिए किया गया. शिवसेना (यूबीटी) सांसदसंजय राउत ने कहा कि ‘संविधान का पूरा सम्मान करते हुए इंदिरा गांधी ने उस समय आपातकाल लगाया था. आपातकाल को है संवैधानिक मान्यता प्राप्तलोकतंत्र में आपातकाल को संवैधानिक मान्यता प्राप्त है इसलिए आप इसे संविधान हत्या दिवस नहीं मान सकते। इंदिरा गांधी जोड़-तोड़ करके, पैसेका इस्तेमाल करके चुनाव जीत सकती थीं. लेकिन इंदिरा गांधी ने ऐसा नहीं किया इंदिरा जी लोकतंत्र की चौकीदार थीं पिछले 11 साल से देश मेंअघोषित आपातकाल है.सपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि ‘जब आपातकाल लगाया गया और उसके बाद संघर्ष हुआ, तो यह दूसरास्वतंत्रता संग्राम बन गया. मैं भी एक राजनीतिक कार्यकर्ता हूं और उस संघर्ष में सक्रिय था मैंने इसे देखा। देश की स्थिति भयावह थी. कोई बोल यालिख नहीं सकता था प्रेस पर पूरी तरह से सेंसरशिप थी. वर्तमान स्थिति उस पिछली स्थिति से काफी मिलती-जुलती है आज अघोषित आपातकाल हैअभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पूर्ण नहीं है सरकार के खिलाफ बोलने वाले किसी भी व्यक्ति पर मुकदमा चलाया जाता है. मनगढ़ंत मुकदमे चलाए जाते हैंऔर उसे गिरफ्तार किया जाता है आज भी सच्ची राजनीतिक स्वतंत्रता का अभाव है. स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान स्थापित मूल्यों और भारत कीस्वतंत्रता के उद्देश्य की अवहेलना की जाती है.
मुख्यमंत्री मोहन यादव का ऐलान मध्यप्रदेश बनेगा देश की डेयरी कैपिटल, गौ-पालन को मिलेगा नया विस्तार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को देश की डेयरी केपिटल बनाएंगे. पशुपालन एवं डेयरी विभाग का नाम पशुपालन, डेयरी औरगौपालन विभाग होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास परिसर में राज्य स्तरीय गौशाला सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. सम्मेलन में प्रदेश भर से आए गौ-पालकों और गौ-शाला संचालकों ने उत्साह से भागीदारी की. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौ-शालाओं को 90 करोड़ रुपए की अनुदान राशि अंतरित सिंगल क्लिक से की। इस अवसर पर भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तीन हितग्राहियों को प्रतीकस्वरूप ऋण स्वीकृति आदेश भी दिए गए.मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को देश की दुग्ध राजधानी बनाना है. राज्य शासन द्वारा इसके लिए अनेक कदम उठाए जा रहे हैं.मध्यप्रदेशनदियों का मायका है. पूरा प्रदेश वनों से आच्छादित है वर्ष 2002-03 तक पशुपालन विभाग का बजट सिर्फ 300 करोड़ था. दूध है सम्पूर्ण आहारजो बढ़कर अब 2600 करोड़ हो गया है. किसी समय प्रदेश में फैट मात्रा के अनुसार दूध खरीदने की व्यवस्था लागू की गई थी राज्य सरकार ने अमृतसमान गौ-माता का दूध खरीदने का निर्णय लिया है ताकि गौ-पालकों तक लाभ पहुंचे.मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गाय का दूध सम्पूर्ण आहार है. राज्य में हाईटैक गौशालाएं संचालित हो रही हैं। सरकार का अर्थ ही यह है कि गरीबों के जीवन से कष्टों का नाश हो और सुख का मार्ग प्रशस्त हो. राज्य सरकार ने गौशाला संचालन के लिए अनुदान राशि 20 रुपए से बढ़कर 40 रुपए प्रति गाय प्रतिदिन की गई है. राज्य सरकार ने राष्ट्रीय डेयरीविकास बोर्ड से अनुबंध किया है प्रदेश का दूध उत्पादन पांच गुना करने का लक्ष्य है। वर्तमान में प्रदेश में साढ़े पांच करोड़ लीटर दूध उत्पादित होता हैऔर इसमें से लगभग आधा घरेलू उपयोग और शेष मार्केट तक पहुंचता है. फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित कर प्रदेश में दुग्ध से समृद्धि के लिए नईयोजनाएं बना रहे हैं. दुग्ध उत्पादन और संकलन के कार्य को व्यवस्थित बनाने के लिए समितियों की संख्या भी 9 हजार से बढ़कर 26 हजार करने कासंकल्प है.मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पशुपालन विभाग का नाम बदल कर अब इसे पशुपालन के साथ गोपालन विभाग भी कहा जाएगा. कल्याणकारी योजनाएं की जाएगी संचालिगौ- माता को सम्मान देते हुए इस विभाग के माध्यम से कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जाएंगी. डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना में गायके पालन के लिए अनुदान दिया जा रहा है। गाय के गोबर से किसान खाद बनाएं, सरकार प्राकृतिक खाद से उत्पादित अनाज का ज्यादा भाव देगी. वर्तमान में इंदौर, देवास, रीवा एवं कुछ अन्य जिलों में गौ-शालाओं के माध्यम से सीएनजी गैस का उत्पादन किया जा रहा है. किसानों को रसायन मुक्तप्राकृतिक और जैविक खाद उपलब्ध हो रही है बड़ी गौशाला खोलने के लिए राज्य सरकार 125 एकड़ जमीन प्रदान करेगी. वर्तमान बजट में इसकेलिए प्रावधान भी किया गया है अगले तीन साल में गौ-पालन के क्षेत्र में प्रदेश का परिदृश्य बदलेंगे. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज 7 गौ-शालाएं पुरस्कृत हुई हैं और गौ सेवी भी सम्मानित हुए हैं. यह भोपाल, दमोह, अनूपपुर, रायसेन, छिंदवाड़ा, हरदा और विदिशा जिलों के हैं। कार्यक्रम में73 गौशालाओं को पंजीकरण प्रमाण पत्र प्रदान किए गए.
दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला व्यापारियों के लिए बनेगा ‘दिल्ली व्यापारी कल्याण बोर्ड’, 10 करोड़ का फंड मंजूर

Dellhi Latest News: दिल्ली सरकार ने आज व्यापारियों के लिए बड़ी घोषणा की है दिल्ली के व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए दिल्लीव्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन किया जाएगा. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी. इसके लिए सरकार ने 10 करोड़ रुपये काफंड भी आवंटित किया है 15 सदस्यीय समिति इस बोर्ड में शामिल होगी. सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली सरकार ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड का गठनकरने जा रही है. इस प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है यह बोर्ड दिल्ली के व्यापारियों के कल्याण के लिए बनाया जा रहा है ये बोर्ड दिल्ली केव्यापारियों की हर तरह से चिंता करेगा इस बोर्ड के माध्यम से व्यापारियों को हर सम्भव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. विकास को दिया बढ़ावादिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि व्यापारी देश के विकास में बढ़ावा देते हैं. ऐसे में सरकार और समाज की जिम्मेदारी है कि वे इस वर्ग कोआवश्यक सम्मान और सुविधाएं दें. दिल्ली सरकार ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड का गठन करने जा रही है इस प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है. इसकेलिए सरकार ने 10 करोड़ रुपये का फंड भी आवंटित किया है 15 सदस्यीय समिति इस बोर्ड में शामिल होगी. मुख्यमंत्री ने बताया कि बोर्ड के गठन केलिए सरकार ने 10 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया है और इसमें 15 सदस्यीय समिति शामिल होगी. जो व्यापारियों से जुड़े सभी मुद्दों पर कामकरेगी. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा व्यापारी वर्ग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. सरकार की यह ज़िम्मेदारी बनती है कि उन्हें सम्मान, सुरक्षा औरआवश्यक सहायता प्रदान की जाए. यह बोर्ड उनके हितों की रक्षा करेगा और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने में सहायक बनेगा.
गुजरात-पंजाब उपचुनाव में AAP की जीत, केजरीवाल बोले देश को भाजपा से मुक्ति दिलाएगी आम आदमी पार्टी

गुजरात और पंजाब के विधानसभा उपचुनाव में मिली जीत के बाद आम आदमी पार्टी ने दावा किया कि राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल एक बारफिर से राष्ट्रीय राजनीति में वापस आ गए हैं. वहीं अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि देश को भाजपा से मुक्ति केवल आम आदमी पार्टी ही दिलासकती है.उन्होंने बताया कि पंजाब की जनता ने बताया कि आप सरकार के काम से खुश हैं वहीं गुजरात की जनता बदलाव चाहती है. दोनों जगह भाजपा-कांग्रेस ने मिलकर आप को हराना चाहा लेकिन जनता ने इन दोनों पार्टियों को ही हरा दिया. सोमवार को पार्टी मुख्यालय में केजरीवाल ने लुधियाना पश्चिम से जीते संजीव अरोड़ा और विसावदर से जीते गोपाल इटालिया को बधाई दी.उन्होंने कहा कि गुजरात में आप एक विकल्प के तौर पर उभर रही है. 2022 के चुनाव में गुजरात में कांग्रेस को 17 सीट मिली थी और आम आदमी पार्टी को 5 सीट मिली थी. 3 विधायत हुए भाजपा में शामिलपिछले 3 साल में गुजरात के पांच विधायक छोड़कर भाजपा में चले गए, जबकि आप का 5 में से एक विधायक भाजपा में गया. कांग्रेस को छोड़करभाजपा में गए विधायकों की सीटों पर पिछले साल उपचुनाव हुए थे और कांग्रेस पांचों सीट हार गई. सारी सीट भाजपा के पास चली गई। भाजपा नेविसावदर से आप विधायक की चोरी की थी. आज हम उस सीट को भाजपा से वापस छीन कर ले आए हैं.अरविंद केजरीवाल ने राज्यसभा जाने कीसारी अटकलों को खारिज कर दिया उन्होंने कहा कि राज्यसभा से कौन जाएगा, यह पार्टी की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी तय करेगी, लेकिन मैंराज्यसभा नहीं जा रहा हूं.आप के वरिष्ठ नेता व दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि गुजरात की विसावदर सीट पर आप ने भाजपा कोहराकर एक बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है.आप के वरिष्ठ नेता व पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि इस जीत से पंजाब के कार्यकर्ताओं कामनोबल बढ़ा है. इस काम से पंजाब के लोग खुश हैं. आम आदमी पार्टी ने पंजाब में सेमीफाइनल जीत लिया है अब फाइनल की बारी है. वहीं गुजरातकी जीत इस बात संकेत है कि लोगों ने अरविंद केजरीवाल की काम की राजनीति पर भरोसा जताया है.