डिजिटल इंडिया के 10 साल एक ईमानदार भारत बनाम भ्रष्ट मॉडल की लड़ाई -प्रवीणभंडारी

आज भारत उस ऐतिहासिक दिन को मना रहा है, जब दस साल पहले एक दूरदर्शी नेता ने देश को डिजिटल युग में प्रवेश कराया था। प्रधानमंत्री श्रीनरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया डिजिटल इंडिया मिशन आज न केवल भारत को तकनीकी रूप से सशक्त बना चुका है, बल्कि करोड़ों आम लोगों कोभी अधिकार और आत्मनिर्भरता का नया अहसास दिला चुका है। डिजिटल क्रांतिगांव से लेकर गलियारे तक – डिजिटल इंडिया का सपना केवल डेटा और इंटरनेट तक सीमित नहीं था यह सपना था डिजिटल समानताका।आज गांव की महिलाएं ऑनलाइन कुटीर उद्योग चला रही हैं,युवा अपने मोबाइल पर सरकारी नौकरियों के फॉर्म भर रहे हैं,किसान ऐप पर मंडी केभाव देख रहे हैं,पेंशनधारी बिना लाइन में लगे सीधे खाते में पैसे पा रहे हैं-यह सब संभव हुआ है जनधन-आधार-मोबाइल की ताकत से। जब ईमानदारी बनती है नीति याद कीजिए वो समय जब देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने कहा था सरकार एक रुपया भेजती है, तो जनता तककेवल 15 पैसा पहुंचता है।आज मोदी युग में 100 पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंच रहा है। बिना बिचौलियों, बिना घोटालों और बिना राजनीतिक दलालों के। विपक्ष का मॉडल भ्रष्टाचार और परिवारवाद का जाल लेकिन क्या आज पूरा देश इस ईमानदार बदलाव का हिस्सा है? नहीं।क्योंकि आज भी कुछ राज्य और राजनीतिक दल ऐसे हैं जो पुराने भारत को दोहराना चाहते हैं जहां भ्रष्टाचार नीति है, परिवारवाद नेतृत्व है औरतुष्टिकरण राजनीति का एजेंडा। हिमाचल में एक सरकारी कर्मचारी को राहुल गांधी के करीबी पीटते हैं। कर्नाटक में योजनाओं में लूट चल रही है औरसत्ता की कुर्सी को लेकर अंदरूनी लड़ाई जारी है। जनता की सेवा करने की बजाय ये नेता अपने वंश और वोटबैंक की चिंता में डूबे हैं। इनके लिएयोजनाएं नहीं, घोषणाएं और घोटाले ज़्यादा ज़रूरी हैं।भारत को तय करना है रास्ता आज भारत के सामने दो मॉडल हैंमोदी सरकार का मॉडल विपक्ष का मॉडलडिजिटल ट्रांसपेरेंसी भ्रष्टाचार की राजनीतिडायरेक्ट ट्रांसफर बिचौलियों का बोलबालान्यू इंडिया पुराना, फेल हुआ भारतसेवा और सुशासन सत्ता और स्वार्थ10 साल बाद, एक सवाल सीधा है भारत को आगे बढ़ाने के लिए सिर्फ तकनीक नहीं, नीयत और नीति भी चाहिए। डिजिटल इंडिया की 10वीं वर्षगांठ पर यह तय करना जनता का कामहै कि वह उस भारत को चुनती है जो तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, या उस राजनीति को चुनती है जो घोटालों, हमलों और हंगामों में उलझी हुई है।डिजिटल भारत अब रुकने वाला नहीं है। यह मिशन अब केवल मोदी का नहीं, हर भारतीय का है क्योंकि जब डेटा चलता है, तो देश बदलता है।
ईमानदारी की सज़ा -घोटाले का पर्दाफाश करने वाले राजीव भाटिया की कहानी और डॉ. अजय कुमार द्वारा उजागर किया गया मोदी सरकार का ‘अमृत काल’

भारत की नवरत्न कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड) में हुआ करोड़ों रुपये का घोटाला यह दर्शाता हैकि किस प्रकार एक ईमानदार अधिकारी को भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाने पर दंडित किया जाता है। इस लेख में हम जानेंगे कि किस प्रकारराजीव भाटिया जैसे अधिकारी, जिन्होंने देशहित में घोटाले का खुलासा किया, उन्हें ही भ्रष्ट करार देकर बलपूर्वक स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति दी गई। घोटाले का खुलासा और ईमानदार अधिकारी का निलंबन – राजीव भाटिया, जो स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड में महाप्रबंधक पद पर थे, नेकंपनी में हो रहे करोड़ों के भ्रष्टाचार का खुलासा किया। उन्होंने दो बार देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सूचना दी, लेकिन इसके जवाब मेंउन्हें निलंबित कर दिया गया। और तो और, उनकी स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति में यह झूठा आरोप जोड़ दिया गया कि वे स्वयं भ्रष्टाचार में शामिल हैं। जांच की शुरुआत और फिर सब कुछ पहले जैसा – राजीव भाटिया ने केंद्रीय सतर्कता आयोग को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई। इसके बादजांच शुरू हुई और 26 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। लेकिन जैसे ही लोकसभा चुनाव समाप्त हुए, सभी निलंबित अधिकारियों को उनकेपदों पर बहाल कर दिया गया। यह दर्शाता है कि कार्रवाई केवल दिखावे की थी। भ्रष्टाचार की जड़ – कंपनियों को कैसे दिया गया अनुचित लाभ- स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड का नियम है कि वह बुनियादी ढांचे कीपरियोजनाओं के लिए सस्ती दरों पर स्टील बेचती है। लेकिन इस नीति का गलत फायदा उठाकर कुछ कंपनियों ने करोड़ों का लाभ कमाया। उदाहरणके लिए, ‘वेंकटेश इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कंपनी को मात्र 10 दिन के भीतर 1.5 लाख टन स्टील का ठेका दे दिया गया, जिसकी कीमत लगभग 750 करोड़ रुपये थी। यह कंपनी 1 अक्टूबर 2020 को अस्तित्व में आई और 12 अक्टूबर को ही उसे यह बड़ा अनुबंध मिलगया।राजनीतिक संरक्षण और मीडिया की चुप्पी – जिस कंपनी ने भारतीय जनता पार्टी को 30 करोड़ रुपये का दान दिया, उसे कई परियोजनाओं का ठेकामिला, लेकिन किसी एजेंसी ने उससे पूछताछ नहीं की। न ही कंपनी के मालिक को गिरफ्तार किया गया। मीडिया ने भी इन मुद्दों पर चुप्पी साध लीहै।‘अमृत काल’ में भ्रष्टाचार की वास्तविकता – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित ‘अमृत काल’ में जनता के साथ जो अन्याय हो रहे हैं, वे निम्नलिखित हैंगरीबों के मकान बुलडोज़र से गिरा दिए जाते हैं।मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री की गाड़ी में पानी भर दिया जाता है।शव ले जा रही एंबुलेंस को रोका जाता है लेकिन विधायक की गाड़ी को रास्ता दिया जाता है।सांसद और विधायक सरकारी अधिकारियों को मारते हैं।सार्वजनिक पुल 90 डिग्री के कोण पर बना दिए जाते हैं।सूरत और पुणे जैसे शहरों में जलभराव होता है लेकिन मीडिया कुछ नहीं दिखाती।जांच एजेंसियों का दुरुपयोग- प्रवर्तन निदेशालय (प्रवर्तन निदेशालय) ने विपक्ष के 25 नेताओं पर छापे मारे, जिनमें से 23 नेता बाद में भारतीय जनतापार्टी में शामिल हो गए और उनके मामले समाप्त हो गए। अन्य गंभीर मुद्दे मणिपुर में लगातार हिंसा हो रही है।आदिवासी समुदाय के साथ अत्याचार हो रहे हैं।राम मंदिर निर्माण के नाम पर घोटाला किया गया है।केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) और प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी 95 प्रतिशत विपक्ष के नेताओं पर होती है।बलात्कार के आरोपी नेताओं को पार्टी टिकट मिलते हैं।रेल दुर्घटनाएं लगातार हो रही हैं लेकिन कोई रिपोर्ट नहीं आती।बॉम्बे लोकल ट्रेनों में 11 वर्षों में 29,000 लोगों की मृत्यु हो चुकी है, लेकिन उस पर कोई चर्चा नहीं होती। राजीव भाटिया जैसे ईमानदार अधिकारियों की कहानी यह बताती है कि नरेंद्र मोदी सरकार में भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करना कितना कठिन है। जोसच्चाई बोलता है, उसे सज़ा दी जाती है और जो भ्रष्ट है, उसे पुरस्कार मिलता है। यह ‘अमृत काल’ वास्तव में लोकतंत्र और न्याय की हत्या का युग बनगया है।
डॉक्टर्स डे पर सीएम रेखा गुप्ता का संदेश -सेवा को सलाम, समर्पण को सम्मान

हर साल 1 जुलाई को मनाया जाने वाला राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि उन सभी चिकित्सकों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है, जो जीवन और मृत्यु के बीच खड़े होकर हर दिन मानवता की रक्षा करते हैं। इस विशेष अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी केसमर्पित डॉक्टरों को हार्दिक बधाई दी और उनकी निःस्वार्थ सेवा को सच्चे मन से सलाम किया।प्रेम भाव ही सबसे बड़ा सम्मान है सीएम रेखा गुप्ता ने अपने संदेश में कहा, डॉक्टर्स की सेवा का कोई मोल नहीं चुकाया जा सकता, लेकिन हम उनकेलिए अपने मन से भरे प्रेम और आदर के भाव जरूर अर्पित कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टर सिर्फ एक प्रोफेशननहीं, बल्कि एक मिशन का हिस्सा हैं। जहां प्राइवेट संस्थान अक्सर संसाधनों और सुविधाओं से परिपूर्ण होते हैं, वहीं सरकारी डॉक्टर्स विकटपरिस्थितियों में भी सेवा का संकल्प नहीं छोड़ते।सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की ज़मीनी सच्चाई – मुख्यमंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि दिल्ली के सरकारी अस्पतालों की स्थिति चिंताजनक रही है।उन्होंने कहा जब मैं पहली बार हॉस्पिटल के हॉस्टलों का निरीक्षण करने गई, तो हालत देखकर हैरान रह गई। इतने सालों तक स्वास्थ्य को सिर्फभाषणों में प्राथमिकता दी गई, ज़मीनी स्तर पर नहीं। उन्होंने बताया कि दिल्ली में आज भी हर 1000 नागरिकों पर एक बेड तक उपलब्ध नहीं है, औरयह स्थिति देश की राजधानी के लिए शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि अब यह हालात बदलेंगे। कोरोना काल की यादें और डॉक्टरों की वीरता – कोरोना महामारी के दौरान, जब देश भय, अनिश्चितता और संकट में डूबा था, तब दिल्ली के डॉक्टरों नेअपने कर्तव्यों से मुंह नहीं मोड़ा। मुख्यमंत्री ने कहा पिछली सरकार ने केवल 95 मौतों को रिकॉर्ड में दर्शाया, लेकिन असलियत कहीं अधिक दर्दनाकथी। उन हालात में डॉक्टरों ने दिन-रात एक करके जो सेवा दी, वो इतिहास में दर्ज होनी चाहिए। अब डॉक्टरों के साथ खड़ी है सरकार – सीएम रेखा गुप्ता ने यह विश्वास दिलाया कि अब दिल्ली के हेल्थ वर्कर्स अकेले नहीं हैं। दिल्ली के डॉक्टरों केलिए अब आपकी अपनी सीएम और सरकार मजबूती से खड़ी है। उन्होंने यह भी बड़ी घोषणा की कि 6 जुलाई को 1500 नर्सों को परमानेंट नियुक्तिपत्र सौंपे जाएंगे। यह फैसला 16 सालों में पहली बार लिया गया है, जो स्वास्थ्य व्यवस्था में स्थायित्व और सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है। अस्पतालों में बदलाव की शुरुआतमुख्यमंत्री ने बताया कि अब हर सरकारी अस्पताल में संसाधनों की समीक्षा हो रही है, और उन सभी जरूरी चीज़ों को उपलब्ध कराने पर ज़ोर दिया जारहा है जो एक मानक अस्पताल में होनी चाहिए। इससे डॉक्टरों को काम करने का बेहतर वातावरण मिलेगा और मरीज़ों को अधिक गुणवत्ता वालीसेवाएं।डॉक्टर सिर्फ इलाज नहीं करते, वे उम्मीद जिंदा रखते हैं,इस डॉक्टर्स डे पर सीएम रेखा गुप्ता का संदेश न सिर्फ एक राजनीतिक बयान है, बल्कि डॉक्टरोंके प्रति उनकी संवेदनशीलता और सम्मान का प्रमाण है। दिल्ली अब एक नई दिशा की ओर बढ़ रही है,जहां सेवा को सैल्यूट, समर्पण को सम्मान औरस्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। आज डॉक्टरों को सिर्फ धन्यवाद नहीं, साथ और संरचना की ज़रूरत है-और अब दिल्ली सरकार वहनिभाने को तैयार है।
साउथ कलकत्ता गैंगरेप मामला में TMC नेताओं की बयानबाज़ी से मचा सियासी तूफान, पार्टी ने झाड़ा पल्ला

पश्चिम बंगाल के साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज गैंगरेप मामले के बाद पूरे देश में राजनीति तेज है. इस बीच टीएमसी ने अपने ही सांसद कल्याण बनर्जीऔर विधायक मदन मित्रा द्वारा दिए गये बयानों से किनारा कर लिया है इसके साथ ही टीएमसी ने अपने दोनों नेताओं के बयानों को निजी करारा दियाहै और कहा कि पार्टी ऐसे बयान की निंदा करती है. टीएमसी ने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट भी किया है. उधर सांसदकल्याण बनर्जी ने एक एक्स पोस्ट में अपनी पार्टी के बयान से असहमति जताई है. उन्होंने अपने पोस्ट में यह तक पूछा कि क्या टीएमसी उन नेताओंका समर्थन कर रही है जो इन अपराधियों को बचा रहे हैं?सांसद कल्याण बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि मैं तृणमूल कांग्रेसद्वारा की गई टिप्पणी से पूरी तरीके से असहमत हूं. क्या वे अप्रत्यक्ष रूप से उन नेताओं का समर्थन कर रहे हैं जो इन अपराधियों को बचा रहे हैं? जबतक सीधे तौर पर जिम्मेदार नेताओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक केवल अकादमिक बयानों से कोई वास्तविक बदलाव नहींआएगा. अपराधों के सवालों के घेरे मेंइससे भी अधिक दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि 2011 के बाद उभरे कुछ नेता खुद ऐसे अपराधों में सवालों के घेरे में हैं.उन्होंने आगे लिखा कि मैं उन लोगोंसे भी खुद को स्पष्ट रूप से दूर रखना चाहता हूं जो इन अपराधियों को प्रोत्साहित या संरक्षण दे रहे हैं। मेरे शब्दों और बयानों के पीछे के इरादे को सहीमायने में समझने के लिए, एक निश्चित स्तर की नैतिक और बौद्धिक एकता की आवश्यकता है- जो दुर्भाग्य से गायब लगती है. तृणमूल कांग्रेस नेसांसद कल्याण बनर्जी के बयान से पार्टी ने किनारा कर लिया है. पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज मेंहुए जघन्य अपराध के बारे में सांसद कल्याण बनर्जी और विधायक मदन मित्रा द्वारा की गई टिप्पणी उनकी निजी हैसियत से की गई थी. पार्टी उनकेबयानों से खुद को अलग करती है और इसकी कड़ी निंदा करती है. ये विचार किसी भी तरह से पार्टी की स्थिति को नहीं दर्शाते हैं। पोस्ट में आगे लिखागया कि हमारा रुख दृढ़ है; महिलाओं के खिलाफ अपराधों के लिए हमारी कोई सहिष्णुता नहीं है और हम इस जघन्य अपराध में शामिल सभी लोगोंके लिए सख्त से सख्त सजा की मांग करते हैं
तेजस्वी यादव पर भाजपा का तीखा हमला ‘नमाजवादी’ ‘मौलाना’ और संविधान विरोधी तक बताया “जानें क्या है पूरा मामला”

Bihar politics: बिहार में इस साल के अंत तक विधानसभा के चुनाव होने है इसको लेकर राजनीतिक पार्टियां अपनी-अपनी तैयारी भी तेज कर चुकीहै. इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और बिहार विधानसभा में नेता विपक्षतेजस्वी यादव पर जमकर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि तेजस्वी खुद को समाजवादी कहते हैं, असल में वे नमाजवादी हैं। भाटिया ने आरोप लगायाकि ये लोग बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के बनाए संविधान को नहीं मानते, बल्कि शरीयत कानून लागू करना चाहते हैं. भाजपा नेता ने आगे पूरेइंडिया गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि ये लोग सिर्फ एक समुदाय को ताकत देना चाहते हैं न कि पिछड़े वर्गों, दलितों और महिलाओं कोजैसा प्रधानमंत्री मोदी चाहते हैं. शरीयत का फैसला जनता के हाथ मेंभाटिया ने कहा कि भाजपा संविधान की बात करेगी ये लोग शरीयत की फैसला जनता को करना है कि वो किसके साथ हैं. तेजस्वी यादव ने तो यहांतक कह दिया कि वो संसद से पास हुए वक्फ संशोधन बिल को कूड़ेदान में फेंक देंगे. गौरव भाटिया ने आगे तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहाकि क्या किसी राज्य की सरकार संसद और राष्ट्रपति द्वारा पास किए गए कानून को खारिज कर सकती है? क्या तेजस्वी संविधान से ऊपर हो गए हैं? साथ ही भाटिया ने तेजस्वी को मौलाना तेजस्वी यादव बताते हुए कहा कि वे केवल तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं और खुद कभी संविधान को पढ़ाभी नहीं होगा. उन्होंने कहा कि यह मामला इस समय सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और अदालत ने अभी फैसला सुरक्षित रखा है. ऐसे में तेजस्वी कैसे कहसकते हैं कि कानून असंवैधानिक है?इसके साथ ही तेजस्वी की तरफ से 20 महीने का समय मांगे जाने पर गौरव भाटिया ने कहा कि बिहार की जनताने यादव परिवार को 10 साल से ज्यादा का वक्त दिया लेकिन क्या मिला? कानून-व्यवस्था तबाह हो गई, जनता परेशान रही. मुख्यमंत्री की कुर्सी नहीं दी परिवार से बाहरआज ये लोग युवाओं की बात करते हैं जबकि अब तक अपनी पार्टी में कोई भी पद या मुख्यमंत्री की कुर्सी अपने परिवार से बाहर नहीं दी. उन्होंनेतेजस्वी यादव पर वंशवाद, अराजकता और जंगलराज को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और कहा कि बिहार को फिर से उसी अंधेरे में ले जाया जारहा है जहां कभी लालू यादव शासन हुआ करता था.गौरतलब है कि सोमवार को वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ इंडिया गठबंधन के नेता पटना केगांधी मैदान एक जुट हुए थे. इस दौरा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि उत्तर से दक्षिण हिन्दुस्तान का एक-एक इंच और हर पन्ना चीख-चीखकर कह रहा है कि हिन्दू, मुसलमान समेत सभी धर्मों के लोगों ने मिलकर स्वतंत्रता संग्राम में अपना योगदान दिया था. सबलोगों ने इस देश की आजादीके लिए कुर्बानी दी यह देश किसी के बाप का नहीं है. यह हमलोगों का देश है. लेकिन, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप सभी का हक छीना जारहा है. अब भाजपा सत्ता से जा रही है इसलिए गरीब, दलित, पिछड़े, अति पिछड़े और अल्पसंख्यकों का हक छीनना चाहती है.
स्पीकर के पोडियम पर चढ़े नाना पटोले किसानों के मुद्दे पर किया हंगामा, एक दिन के लिए विधानसभा से निलंबित

कांग्रेस विधायक नाना पटोले को महाराष्ट्र विधानसभा से निलंबित कर दिया गया है उन्हें एक दिन के लिए विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा न लेपाने की सजा दी गई है. दरअसल नाना पटोले कार्यवाही के दौरान विधानसभा स्पीकर के पोडियम पर चढ़ गए. इसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई कीगई इससे पहले महाराष्ट्र विधानसभा में मंगलवार को मानसून सत्र के दौरान जमकर हंगामा हुआ. इस वजह से विधानसभा की कार्यवाही को कई बारटालनी भी पड़ी. इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कांग्रेस विधायक नाना पटोले को दिनभर के लिए विधानसभा से निलंबित कर दिया. किसानों के मुद्दो पर हुई बातनाना पटोले ने शक्तिपीठ हाईवे योजना और किसानों के मुद्दे पर बोल रहे थे. इस दौरान स्पीकर पोडियम पर चढ़ने की कोशिश की और विधानसभाअध्यक्ष के पास रखे राजदंड को हांथ लगाया. इस वजह से उन्हें सस्पेंड किया गया विपक्ष ने आरोप लगाया कि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया गया. दरअसल प्रश्नकाल के तुरंत बाद पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पटोले ने किसानों का अपमान करने के लिए भाजपा विधायक बबनराव लोनिकर और कृषिमंत्री माणिकराव कोकाटे के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. वे आसन के पास आए और अध्यक्ष राहुल नार्वेकर से बहस करते देखे गए. इसके बादसदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी गई। जब कार्यवाही फिर से शुरू हुई. तो मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाना पटोले कीआलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता आक्रामक तरीके से अध्यक्ष की ओर बढ़े, जो सही नहीं है और उनसे ऐसी उम्मीद नहीं की जाती. उन्होंने कहाकि नाना पटोले को माफी मांगनी चाहिए. सदन से किया निलंबितहालांकि पटोले फिर से अध्यक्ष के आसन के करीब आ गए और लोनिकर कोकाटे के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. इसके बाद अध्यक्ष ने पटोले कोपूरे दिन के लिए सदन से निलंबित कर दिया.लोनकियार ने हाल ही में जालना जिले में अपने विधानसभा क्षेत्र परतुर में किसानों की एक सभा में कहाकि जो लोग उनकी पार्टी और सरकार की आलोचना करते हैं उन्हें पता होना चाहिए कि उन्हें कपड़े, जूते, मोबाइल, योजनाओं का लाभ और बुवाई केलिए पैसे हमारी वजह से मिल रहे हैं. वहीं कोकाटे ने दावा किया था कि किसानों ने कर्जमाफी के पैसे शादियों पर खर्च कर दिए. कृषि मंत्री ने कहा किएक रुपया ऐसी चीज है जिसे भिखारी भी स्वीकार नहीं करते लेकिन सरकार उस राशि का फसल बीमा दे रही है जिसका कुछ लोग दुरुपयोग कर रहे हैं. महाराष्ट्र में कांग्रेस विधायक नाना पटोले को एक दिन के लिए विधानसभा से बाहर कर दिया गया है। नाना पटोले शक्तिपीठ महामार्ग और किसानों केमुद्दे पर बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने स्पीकर के आसन के करीब जाने का प्रयास किया और स्पीकर के पास रखे राजदंड को हाथ लगाया। इस वजहसे उन्हें निलंबित कर दिया गया.
शिवसेना की जीत का दावा तीन भाषा नीति वापस, 5 जुलाई को मनाएंगे ‘मराठी विजय दिवस’ ठाकरे बंधु पहली बार मंच करेंगें साझा

महाराष्ट्र सरकार ने विपक्ष के दबाव के बाद तीन भाषा नीति को वापस ले लिया है शिवसेना यूबीटी इसे अपनी जीत के तौर पर पेश कर रही है. शिवसेना यूबीटी ने 5 जुलाई को मराठी विजय दिवस मनाने का एलान किया है. इस दिन शिवसेना यूबीटी मुंबई में रैली का आयोजन करेगी संजयराउत ने बताया कि 5 जुलाई की रैली में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे भी शामिल होंगे. शिवसेना यूबीटी सांसद ने दोनों भाइयों के साथ आने की पुष्टिभी की. राउत ने भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति सरकार पर लोगों को गुमराह करने का भी आरोप लगाया. दरअसल सीएम देवेंद्र फडणवीस ने दावाकिया है कि उद्धव ठाकरे की सरकार ने डॉ. रघुनाथ माशेलकर समिति की सिफारिश मानते हुए तीन भाषा नीति पेश की थी. संजय राउत ने मांगे सबूतजिसके तहत पहली कक्षा से 12वीं तक हिंदी पढ़ाने की तैयारी थी. फडणवीस ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने तीन भाषा नीति लागू करने के लिए एकसमिति भी गठित की थी. फडणवीस के दावे पर संजय राउत ने सबूत दिखाने को कहा और बोले कि अगर ऐसा कोई सरकारी प्रस्ताव था तो उसेसार्वजनिक तौर पर जलाएं.शिवसेना यूबीटी सांसद ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मराठी राज्य में हिंदी थोपने की कोशिश कर रही है. राउत नेकहा कि ‘5 जुलाई की रैली में बताया जाएगा कि मराठी लोग हिंदी थोपे जाने के खिलाफ हैं. हमने दिल्ली को दिखा दिया है कि टाइगर अभी जिंदाहै. उन्होंने कहा कि ‘इस बात में कोई शक नहीं होना चाहिए कि दोनों ठाकरे भाई साथ आएंगे हमने अन्य राजनीतिक पार्टियों को भी आमंत्रित किया है. व्यक्ति विशेष के खिलाफ लड़ाईराउत ने कहा कि बाला साहब ठाकरे ने हमें सिखाया है कि पाप को मारो, पापी को नहीं. यह किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ लड़ाई नहीं है बल्कियह महाराष्ट्र विरोधी नीतियों के खिलाफ लड़ाई है.राउत ने कहा कि ‘हर बार जब भी मराठी लोगों को दबाया जाता है. तो हम ज्यादा ताकत के साथवापस आते हैं पीएम मोदी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और देवेंद्र फडणवीस को पता चल गया होगा कि इनका जिस महाराष्ट्र से पाला पड़ा है वह चुपनहीं रहता.डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि तीन भाषा नीति की सिफारिश उद्धव ठाकरे सरकार के समय डॉ. रघुनाथ माशेलकर समिति ने कीथी और उसी के तहत यह नीति लाई जा रही थी. उन्होंने यह भी दावा किया कि उस सरकार ने इसके लिए एक समिति का गठन भी किया था.
डॉ. राजीव बिंदल तीसरी बार हिमाचल भाजपा अध्यक्ष तय, नामांकन में अकेले उम्मीदवार मंगलवार को औपचारिक घोषणा

हिमाचल भाजपा का डॉ. राजीव बिंदल को तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाएगा. सोमवार को राजधानी शिमला के चक्कर स्थित भाजपा प्रदेशमुख्यालय दीपकमल में डॉ. बिंदल का इकलौता नामांकन पत्र ही दाखिल हुआ. नेता विपक्ष जयराम ठाकुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद अनुराग ठाकुरव पूर्व मंत्री गोविंद ठाकुर की ओर से तीन अलग-अलग सेट देकर डॉ. बिंदल के नाम का अध्यक्ष पद के लिए प्रस्ताव रखा गया. अब मंगलवार सुबह11 बजे होटल पीटरहॉफ में डॉ. बिंदल को अध्यक्ष बनाने की केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह विधिवत घोषणाकरेंगे. आठ नेताओं ने किया चयनइनके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय परिषद के सदस्य पद के लिए भी आठ नेताओं का चयन कर लिया गया है. सदस्य के आठ पदों के लिए भी आठनामांकन ही हुए. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चुनाव प्रक्रिया के तहत दीपकमल चक्कर में नामांकन प्रक्रिया दोपहर 12:00 बजे से दो बजे तक चली. नामांकन प्रक्रिया के दौरान चुनाव अधिकारी डॉ राजीव भारद्वाज के अलावा पर्यवेक्षक के रूप में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह उपस्थित रहे. भाजपा प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा एवं सह प्रभारी संजय टंडन विशेष रूप में उपस्थित रहे. सह चुनाव अधिकारी के रूप में संजीव कटवाल एवं डॉराजीव सहजल कार्यरत रहे। करीब साढ़े 12 बजे डॉ. बिंदल ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. आठ पदों पर किया नामांकनचुनाव अधिकारी राजीव भारद्वाज ने बताया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के नामांकन के लिए डॉ. राजीव बिंदल के एक ही नाम के तीन सेट प्राप्त हुए. नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने विधायक दल की ओर से, पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने समस्त लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों एवं पूर्व प्रदेशअध्यक्षों की ओर से तथा पूर्व मंत्री गोविंद ठाकुर ने भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों की ओर से डॉ. बिंदल के नाम का अनुमोदन किया. डॉ. राजीवभारद्वाज ने बताया कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, सांसद अनुराग ठाकुर, सुरेश कश्यप, कंगना रनौत, राजीव भारद्वाज, इंदु गोस्वामी, डॉ सिकंदरकुमार और हर्ष महाजन राष्ट्रीय परिषद के पदेन सदस्य निर्वाचित किए गए हैं. राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के लिए पूर्व मंत्री गोविंद ठाकुर, महामंत्री बिहारीलाल शर्मा, महामंत्री त्रिलोक कपूर, पवन काजल, रश्मिधर सूद, पायल वैद्य, डॉ. राजीव सहजल एवं संजीव कटवाल का चयन किया गया. आठ पदोंके लिए इन आठ ने ही नामांकन किया.
झुग्गियों को लेकर गोपाल राय का विवादित बयान “पीएम आवास पर कर लेंगे कब्ज़ा”, BJP ने बताया राष्ट्रविरोधी और अराजक सोच

आम आदमी पार्टी नेता गोपाल राय ने यह कहकर नया विवाद खड़ा कर दिया है कि यदि दिल्ली की झुग्गियां तोड़ी जाती हैं तो लोग प्रधानमंत्रीआवास पर कब्जा कर लेंगे. वे जंतर-मंतर पर दिल्ली में झुग्गियों को तोड़ने के मामले में आयोजित एक प्रदर्शन को संबोधित कर रहे थे. भाजपा ने इसेअराजक और राष्ट्रद्रोही सोच का प्रमाण बताया है और कहा है कि इस तरह की आक्रामक और उग्र बयानबाजी से किसी भी नेता को बाज आनाचाहिए. गोपाल राय ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनावों में झुग्गी वालों को आवास देने की बात कही थी लेकिन आज उनके आवास तोड़े जा रहेहैं. उन्होंने कहा कि इससे भाजपा की असलियत सामने आ गई है और यह साफ हो गया है कि वह गरीब जनता के साथ नहीं बल्कि कुछ अमीर लोगोंके साथ खड़ी है. अधिकार छीनने का लगा आरोपराय ने दिल्ली सरकार पर गरीबों का अधिकार छीनने का आरोप लगाया. दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि एक लोकतंत्र मेंकिसी राजनीतिक दल के द्वारा इस तरह की अपील किया जाना लोकतंत्र के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि गोपाल राय ने भीड़ को जिस तरह प्रधानमंत्रीआवास में घुसने और उस पर हमला करने की बात कही है. यह आपत्तिजनक है और आम आदमी पार्टी नेताओं की राष्ट्रद्रोही सोच को दिखाता है. प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने दस बजे जनसभा बुलाई थी जिसमें दिल्ली की झुग्गी-झोपड़ियों से कोई आदमी नहीं पहुंचा। आमआदमी पार्टी के कुछ कार्यकर्ता दो बजे के करीब पहुंचे जिसके बाद केजरीवाल और गोपाल राय ने अपनी झुंझलाहट निकालते हुए आपत्तिजनकबयानबाजी कर डाली. भाजपा नेता ने दावा किया कि केजरीवाल की इन हरकतों के बाद भी जनता उनका साथ नहीं देगी. उन्होंने कहा कि भाजपादिल्ली की जनता से किया गया अपना हर वादा निभाएगी. आम आदमी पार्टी नेता गोपाल राय ने कहा कि यदि दिल्ली की झुग्गियां तोड़ी गईं तो लोगपीएम आवास पर कब्जा कर लेंगे. इतना ही नहीं राय ने भाजपा पर गरीबों से वादा तोड़ने और अमीरों के पक्ष में काम करने का आरोप भी लगाया. भाजपा ने राय के इस बयान पर पलटवार किया साथ ही इसे अराजक और राष्ट्रविरोधी बताते हुए कड़ी आलोचना की है
मोदी सरकार ने ₹1.07 लाख करोड़ की ELI स्कीम, ₹1 लाख करोड़ की RDI योजना और खेल नीति 2025 को दी मंजूरी

मोदी सरकार ने देश में रोजगार और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि केंद्रीय कैबिनेट ने1.07 लाख करोड़ रुपये के एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इन्सेंटिव (ईएलआई) स्कीम को मंजूरी दे दी है. यह योजना खासतौर पर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर परफोकस करेगी। सरकार का मानना है कि इन योजनाओं से देश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती मिलेगी और शोध को भीबढ़ावा मिलेगा. केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि इस योजना के दो हिस्से होंगे। पहला हिस्सा उन लोगों के लिए होगा जो पहली बार रोजगार शुरू कररहे हैं. वहीं दूसरा हिस्सा लगातार रोजगार देने वाली कंपनियों को समर्थन देने के लिए होगा. इसके अलावा सरकार ने 1 लाख करोड़ रुपये के रिसर्चडेवलेपमेंट और इनोवेशन स्कीम, राष्ट्रीय खेल नीति 2025 और परमकुडी-रामनाथपुरम नेशनल हाईवे के चार लेन बनाने के लिए 1,853 करोड़ रुपयेकी मंजूरी भी दी है. कर्मचारियों को दिया जाएगा प्रोत्साहनसरकार ने मंगलवार को रोजगार सृजन कौशल बढ़ाने और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना(Employment Linked Incentive Scheme) को मंजूरी दी है. इस योजना के तहत ₹1.07 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है जिसकाविशेष फोकस निर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र पर रहेगा. यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया. इस बारे में जानकारी सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी. इस योजना का उद्देश्य दो वर्षों में देश में 3.5 करोड़ से अधिक नए रोजगार केअवसर सृजित करना है. इसके साथ ही योजना के अंतर्गत पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारियों को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा. प्रत्येक नएकर्मचारी के लिए ₹3,000 प्रति माह तक की प्रोत्साहन राशि दो वर्षों तक दी जाएगी. यह प्रोत्साहन उन नियोक्ताओं को मिलेगा जो ऐसे कर्मचारियोंको नियुक्त करेंगे जिनका वेतन 1 लाख रुपए प्रतिमाह तक है. निर्माण क्षेत्र के लिए यह प्रोत्साहन तीसरे और चौथे वर्ष तक भी जारी रहेगा.सरकार नेदेश में शोध नवाचार और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए बड़े फैसले लिए हैं. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को जानकारी दी किकेंद्रीय कैबिनेट ने रिसर्च डेवलपमेंट और इनोवेशन (RDI) स्कीम को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत देश में शोध को प्रोत्साहित किया जाएगा. 1 लाख करोड़ रुपये का बजट किया तैयारइस योजना के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है. अश्विनी वैष्णव ने बताया कि रिसर्च, डेवलपमेंट और इनोवेशन वाली योजना कोतैयार करने से पहले अनुसंधान राष्ट्रीय शोध फाउंडेशन (ANRF) ने दुनिया के कई देशों के सफल शोध मॉडलों का अध्ययन किया. इनमें अमेरिका, इजरायल, सिंगापुर और जर्मनी जैसे देशों के मॉडल शामिल हैं. इन देशों में शोध से लेकर प्रोडक्ट बनाने तक की जो मजबूत व्यवस्था है. उसी से सीखलेते हुए भारत में यह नई योजना तैयार की गई है। सरकार का मानना है कि इससे देश में न केवल शोध को बढ़ावा मिलेगा. बल्कि इनोवेशन के जरिएनए उद्योगों को भी मजबूती मिलेगी. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को एक व्यापक खेलो भारत नीति, 2025 को मंजूरी दे दी है. जिसका उद्देश्य 2047 तक भारत को शीर्ष पांच खेल राष्ट्रों में से एक बनाना है. कैबिनेट द्वारा लिए गए निर्णयों के बारे में जानकारीदेते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलों पर ध्यान केंद्रित किया है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं को आगे लानेके लिए प्रयास किए हैं. उन्होंने कहा कि नई नीति इसी प्रयास का हिस्सा है मंत्री ने कहा कि दूसरा मुख्य उद्देश्य खेलों को “जन आंदोलन” बनाना है.