भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के रूप में महेंद्र भट्ट दूसरी बार निर्विरोध चुने गए, राष्ट्रीय परिषद में आठ वरिष्ठ नेता निर्वाचित

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पद पर महेंद्र भट्ट का लगातार दूसरी बार चुना जाना गया है. प्रदेश अध्यक्ष पद पर नामांकन की प्रक्रिया में केवल भट्ट का हीनामांकन हुआ था. राष्ट्रीय परिषद सदस्य के लिए पूर्व सीएम डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, त्रिवेंद्र सिंह रावत, तीरथ सिंह समेत आठ वरिष्ठ नेताओं काचुना गया है। आज मंगलवार को प्रांतीय परिषद की बैठक में केंद्रीय चुनाव अधिकारी हर्ष मल्होत्रा भट्ट के प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद के सदस्योंके निर्वाचित होने का औपचारिक ऐलान किया. सोमवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद सदस्य के लिए नामांकन कीप्रक्रिया शुरू हुई थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में महेंद्र भट्ट ने प्रदेशअध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन पत्र प्रदेश चुनाव अधिकारी खजान दास को सौंपा. कल्पना समेत कई नेताओं ने किया नामांकनइस पूरी संगठन चुनाव प्रक्रिया के दौरान सह चुनाव अधिकारी पुष्कर काला, मीरा रतूड़ी, राकेश गिरी के साथ सरकार में दायित्वधारी ज्योति गैरोला, सुभाष बड़थ्वाल, कुलदीप कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश कोली,प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान समेत बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवंवरिष्ठ कार्यकर्ता मौजूद रहे. नामांकन प्रक्रिया संपन्न होने के बाद चुनाव अधिकारी खजान दास ने कहा कि पांच सेटों में दाखिल उनके नामांकन पत्र पर10 अलग-अलग प्रस्तावकों ने हस्ताक्षर किए थे. जिसमें सभी सेटों के मुख्य प्रस्तावक मुख्यमंत्री पुष्कर धामी, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, राष्ट्रीयमीडिया प्रभारी एवं गढ़वाल लोकसभा सांसद अनिल बलूनी, नैनीताल सांसद अजय भट्ट व अल्मोड़ा सांसद व केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा शामिलहुए. अन्य प्रस्तावक के रूप में प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार, पूर्व सीएम डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कल्पनासैनी, टिहरी लोकसभा सांसद महारानी माला राज्यलक्ष्मी शाह, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवंविधायक बिशन सिंह चुफाल, विधायक विनोद चमोली, उमेश शर्मा काऊ, विनोद कंडारी, राम सिंह कैड़ा, महंत दिलीप सिंह रावत व बृजभूषण गैरोलाप्रमुख थे. राष्ट्रीय परिषद सदस्य के लिए कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा, पूर्व सीएम डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, त्रिवेंद्रसिंह रावत, तीरथ सिंह रावत, अजय भट्ट, माला राज्य लक्ष्मी शाह व कल्पना सैनी ने नामांकन किया था. चुनाव में विजय मिली संगठन का हुआ विस्तारइन सभी नेताओं का राष्ट्रीय परिषद के लिए चुना गया. महेंद्र भट्ट के अध्यक्ष बनने के बाद हमें सभी चुनाव में विजय मिली संगठन का विस्तार हुआसामान्य कार्यकर्ता से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तक की यात्रा में उनका लंबा राजनीतिक अनुभव रहा है. उन्होंने सबको साथ लेकर संगठन को गति देने मेंबड़ा योगदान दिया है। सभी वरिष्ठ नेताओं ने आज उनके नामांकन का प्रस्ताव किया था. लगातार दूसरी बार वह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चुने गए हैं।आज भाजपा का संगठन पर्व चल रहा है. भाजपा देश की अकेली ऐसी पार्टी है जहां सबसे निचली इकाई से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष तक चुनाव कीप्रक्रिया अपनाई जाती है. चुनाव में प्रत्येक सक्रिय व आम कार्यकर्ता भाग ले सकता है. प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय परिषद सदस्य पद के लिए आजघोषणा कर दी गई है.
एलजी मनोज सिन्हा ने बालटाल आधार शिविर का किया दौरा, सुरक्षा और व्यवस्थाओं की ली उच्चस्तरीय समीक्षा

अमरनाथ यात्रा 2025 की सुरक्षा और निर्बाध संचालन सुनिश्चित करने के लिए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को सोनमर्ग में बालटाल आधारशिविर का दौरा किया और सुरक्षाबलों और नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा की।जानकारी के अनुसार इस दौरानएलजी मनोज सिन्हा ने जमीनी स्तर की व्यवस्था का जायजा लिया और विभिन्न सुरक्षा और प्रशासनिक एजेंसियों के बीच तैयारियों और समन्वय काआकलन करने के लिए विस्तृत चर्चा की अध्यक्षता की. बालटाल पवित्र अमरनाथ गुफा के दो प्राथमिक मार्गों में से एक है जो हर साल लाखों यात्रियोंके लिए एक महत्वपूर्ण पारगमन और आधार बिंदु के रूप में कार्य करता है। इस दौरान सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, चिकित्सा सुविधाओं की स्थापना, निगरानी बुनियादी ढांचे की स्थापना और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल पर चर्चा हुई।उन्होंने कहा कि प्रशासन और श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने इस साल की अमरनाथ यात्रा के लिए काफी बेहतर व्यवस्था की है. एजेंसियों के आपसी समन्वय की भी सराहनाउन्होंने श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और सुगम तीर्थयात्रा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के आपसी समन्वय की भी सराहना की. बैठक में वरिष्ठप्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियों के अलावा सभी विभागों के अधिकारी मौजूद थे. बालटाल में समीक्षा के बाद पत्रकारों से बात करते हुए एलजीमनोज सिन्हा ने कहा कि पिछली चार यात्राओं को खुद मैंने देखा है. इस बार प्रशासन ने श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के साथ मिलकर काफी बेहतरइंतजाम किए हैं. एलजी ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों ने भी सुरक्षा के बहुत ही चाक चौबंद इंतज़ाम किए हैं. आपस में उनका समन्वय बहुत अच्छा है मैंउम्मीद करता हूं कि यात्रा इस बार पहले की तुलना में अधिक सफलतापूर्वक कर सकेंगे. जो भी देश भर से श्रद्धालु आएंगे वो एक बेहतर अनुभव लेकरके यहां से वापस जाएंगे. एलजी ने सुरक्षाबलों और नागरिक प्रशासन के बीच तालमेल पर संतोष व्यक्त किया और सभी हितधारकों को यात्रा अवधिके दौरान उच्च स्तर की सतर्कता और समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया. उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बालटाल आधार शिविर का दौरा करअमरनाथ यात्रा 2025 की सुरक्षा और व्यवस्थाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की. उन्होंने कहा कि इस बार की यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए आरामदायक होगी.
भारत-अमेरिका संबंधों को चीन के नजरिये से जोड़ना भ्रामक, बोले विदेश मंत्री एस. जयशंकर जानें क्या कुछ कहा

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर चीन के नजरिये के बारे में स्पष्ट जवाब दिया. उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिकासंबंधों को चीन की नजर से देखना बेहद सरलीकरण और भ्रामक है हमारे संबंधों में कई और भी चीजें हैं. मैनहट्टन में 9/11 स्मारक के पास वन वर्ल्ड ट्रेडसेंटर में न्यूजवीक के मुख्यालय में न्यूजवीक के सीईओ देव प्रसाद के साथ बातचीत के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर से पूछा गया कि वे भारतअमेरिका संबंधों को लेकर चीन के रुख के बारे में क्या सोचते हैं? इस पर विदेश मंत्री ने कहा कि मुझे लगता है कि चीन के नजरिये से भारत-अमेरिकाको जोड़ना बहुत बड़ा सरलीकरण है. गेम चेंजर होगा साबितयह कई बार भ्रामक भी है भारत-अमेरिका संबंध कई अन्य चीजों से भी जुड़े हैं जैसे अमेरिका में विशाल भारतीय समुदाय जो यहां में महत्वपूर्ण योगदानदेता है. उन्होंने कहा कि यह गेम चेंजर साबित होगा. इसका चीन से कोई लेना-देना नहीं है. वॉशिंगटन और दिल्ली के बीच बहुत मजबूत आर्थिक संबंधहैं. हमारे व्यापार के आंकड़ों को देखें और उस व्यापार की हमारी संबंधित अर्थव्यवस्थाओं के लिए प्रासंगिकता को देखें. हमारे प्रौद्योगिकी संपर्क कोदेखें. हम वैश्विक शिपिंग के लिए अरब सागर को सुरक्षित रखने के लिए काम करते हैं. जयशंकर ने कहा कि यह तथ्यों को तोड़ मरोड़कर पेश करने कायुग है. मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप इसमें न पड़ें मुझे लगता है कि दुनिया बहुत अधिक छोटी है। यह बहुत अधिक बहु-कारण वाली है. हमारेपास सिर्फ एक देश से ज्यादा कई हित हैं मैं निश्चित रूप से यह मानना चाहूंगा कि रिश्ते अच्छे चल रहे हैं क्योंकि हमारे अंदर बहुत योग्यता है. अमेरिका के साथ है अच्छे संबंधइस परिदृश्य की कुछ वास्तविकताएं हैं और उनमें से एक यह है कि अमेरिका और चीन के बीच संबंध पहले जैसे नहीं रहे. बल्कि अब उनमें प्रतिस्पर्धाबढ़ गई है. विदेश मंत्री ने कहा कि जहां तक हमारा सवाल है हम इन दोनों देशों को देखते हैं. उनमें से प्रत्येक ने इस बारे में अपना मन बना लिया है किवे दूसरे को किस तरह देखते हैं. जाहिर है इसमें रणनीति का तत्व भी होगा. उनके पास एक दूसरे के बारे में एक बड़ा रणनीतिक दृष्टिकोण है. हम पूरीईमानदारी से यह देखना चाहते हैं कि इन सबके बीच हमारे हितों को किस तरह आगे बढ़ाया जा रहा है? उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि कई मायनोंमें आप देख सकते हैं कि संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ हमारे बहुत मजबूत संबंध हैं. साथ ही हम चीन के सबसे बड़े पड़ोसी हैं हम एक भूमि सीमासाझा करते हैं हम चीन के साथ स्थिर संबंध चाहते हैं. बीजिंग एक बहुत बड़ा व्यापार साझेदार भी है, भले ही यह एक असंतुलित व्यापार है. उन्होंनेकहा कि चीन के साथ संबंधों को कैसे स्थिर किया जाए, एक संतुलन कैसे बनाया जाए जो हमारे लिए उचित हो (और) साथ ही, आप संयुक्त राज्यअमेरिका के साथ अभिसरण कैसे काम करते हैं और इसका अधिकतम लाभ कैसे उठाते हैं। हम इस पर काम करेंगे.